314/8, लक्ष्य अभी भी 12 रन दूर, 13 गेंदें शेष। 18 वर्ष पूर्व जब आप ये मैच देख रहे थे तो क्या सोच रहे थे ? क्या ये भारत की लगातार 10वीं हार हो जाएगी फाइनल में या कैफ और ज़हीर ये 12 रन बनाकर इतिहास रच देंगे ?
चलते हैं कुछ घण्टे पीछे। इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन ने लॉर्ड्स के बढ़िया बैटिंग विकेट पर टॉस जीता और किसी को कोई संदेह नहीं था कि वो क्या निर्णय लेंगे। Nick Knight का विकेट जल्दी गिर जाने के बाद इस Natwest सीरीज के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे Marcus Trescothik ने कप्तान नासिर के साथ मिलकर 185 रनों की साझेदारी की। Trescothik ने 100 गेंदों में 109 रन बनाए। कप्तान नासिर ने भी 115 रनों की पारी खेली। अंत में Andrew Flintoff के तेजतर्रार 40 रनों के साथ 50 ओवरों के बाद इंग्लैंड का स्कोर था 325/5.
भारतीय टीम रन चेज के लिए वो भी फाइनल में बड़े रन चेज के लिए बिल्कुल नहीं जानी जाती थी। पिछले 9 फाइनल जो भारतीय टीम ने हारे, उनमें से 5 रन चेज करते हुए हारे थे।
टीम के ओपनर वीरेंद्र सेहवाग ने इस सीरीज में 6 पारियों में अबतक 184 रन बनाए थे। दूसरे ओपनर कप्तान सौरव गांगुली की फॉर्म और ज्यादा खराब थी। उन्होंने अपनी 6 पारियों में मात्र 89 रन बनाए थे। पिछली सात पारियों में उन्होंने केवल दो बार दहाई का आँकड़ा पार किया था, उनके अबतक के स्कोर थे- 43, 7, 0, 24, 6, 9. सबके मन में यही प्रश्न था, क्या आज वो चलेंगे ?
तीसरे ओवर में डैरेन गॉफ़ की 5वीं गेंद पर सौरव ने अपनी पारी का पहला चौका लगाया। अगले ओवर में उन्होंने रूम बनाकर Alex Tudor की गेंद को कवर बाउंड्री की ओर भेज दिया। इस शॉट से लगा कि शायद आज सौरव गांगुली इस सीरीज में अपनी खराब फॉर्म से मुक्ति से पा चुके हैं। गांगुली ने अपने अद्भुत ऑफ साइड के स्ट्रोक प्ले का प्रदर्शन शुरू कर दिया था, 7 ओवर में भारत के 50 रन पूरे हुए। गांगुली 21 में 31 और सेहवाग 28 में 15 पर थे। आमतौर पर ये आँकड़ें उल्टे होते थे, पर आज सौरव गांगुली अलग ही फॉर्म में थे। Andrew Flintoff के पहले ही ओवर में उन्होंने आगे निकलकर कवर में चौका लगाया, दो गेंद बाद उन्होंने रूम बनाया और इस बार फ्लिंटॉफ की शॉर्टपिच गेंद को कवर पॉइंट के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया। अपने अगले ओवर में फ्लिंटॉफ अराउंड द विकेट से आए, ऑफ स्टंप के बाहर ओवरपिच गेंद, गांगुली ने इसे पुनः उठा दिया, कवर के ऊपर से One Bounce Four, इस ओवर में अपने अगले चौके से सौरव गांगुली ने 35 गेंदों में इस Natwest सीरीज में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।
वीरेंद्र सेहवाग अपने कप्तान को ऐसी बल्लेबाजी करते देख कितने समय तक शांत रह सकते थे ! कप्तान ने उनसे कहा था कि शुरुआत अच्छी मिल गयी है आउट नहीं होना है। पारी के 12वें ओवर में सेहवाग ने रॉनी ईरानी की पहली गेंद को मिड ऑन और मिडविकेट के बीच से उठाकर चौका लगा दिया। कप्तान उनके पास गए और बोले, “देख वीरू, पहली गेंद पर चौका आ गया है, सिंगल सिंगल खेलता रहियो, आठ नौ आ जाएंगे ओवर में।” वीरू ने कहा “नो प्रॉब्लम”, पर वो कहाँ माननेवाले थे, उन्होंने अगली गेंद पर फिर चौका लगा दिया, इस बार पॉइंट और थर्डमैन पर खड़े फील्डरों के बीच से। कप्तान फिर उनके पास गए और बोले, “देख वीरू, अब तो दो चौके आ गए हैं, अब सिंगल लेंगे।” वीरू ने फिर “हाँ हाँ, नो प्रॉब्लम” कहा और अगली गेंद पर स्वीप किया, फिर से चौका। ये गेंद अगर बल्ले पर न लगती तो ये पक्का LBW होना था। कप्तान ने थोड़ा गरियाया और ये ढिठाई देखकर कहा, “देख अगर तू आउट हो गया न तो इस तरफ (पवेलियन की ओर) मत जाइयो, उस तरफ से सीधा होटल चले जाइयो।” सेहवाग ने इसी ओवर की पाँचवी गेंद पर ऑफ साइड की ओर ज़ाक़र गेंद को लेग साइड में मोड़ दिया, एक और चौका। इस बार कप्तान सौरव दूसरी ओर गए ही नहीं समझाने, वे जान गए थे कि ये हाँ हाँ कर देगा पर मानेगा नहीं। ये सारी बातें सौरव गांगुली ने “आजतक” चैनल के एक कार्यक्रम में कहीं।

वीरेन्द्र सेहवाग के इस आक्रमण के बाद स्कोर 13 ओवर में 98/0 हो चुका था। अगले ओवर में फ्लिंटॉफ की पहली गेंद पर कप्तान के चौके के साथ स्कोर 100 के पार हो चुका था और इस रन चेज के लिए बहुत अच्छा प्लैटफॉर्म सेट था। लेकिन भारतीय रन चेज इतनी आसान कहाँ होती थी ! 106 रन की साझेदारी के बाद 15वें ओवर में सौरव गांगुली एक बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में Alex Tudor की गेंद पर बोल्ड हो गए। 43 गेंदों में 60 की इस पारी में उन्होंने 50 रन बाउंड्री से बनाए थे, 10 चौके और एक छक्का।
भारत का चिर परिचित Batting Collapse आरम्भ हो चुका था। अगले ओवर में Ashley Giles की गेंद वीरेंद्र सेहवाग के बैट को छोड़ते हुए ऑफ स्टंप पर लगी। 19वें ओवर में दिनेश मोंगिया और 21वें ओवर में राहुल द्रविड़ के आउट होने के साथ स्कोर 21 ओवर में 133 पर 4 हो गया। ओपनिंग साझेदारी द्वारा बनाया गया प्लैटफॉर्म बर्बाद होता दिख रहा था।
स्कोर 146 पर 4, 24वें ओवर की आखिरी गेंद, लेफ्ट आर्म स्पिनर Ashley Giles की इस गेंद को रूम बनाकर खेलने के प्रयास में सचिन तेंदुलकर बोल्ड हो गए। इस पूरी सीरीज में भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे सचिन का विकेट मिलते इंग्लिश खिलाड़ियों का जश्न ऐसा था मानो वो मैच जीत चुके हैं। सौरव ने बाद में कहा 146 पर 5 होने और सचिन के पवेलियन लौटने के बाद वे स्वयं को कोस रहे थे कि क्यों उन्होंने इंग्लैंड को 300 से ज्यादा रन बनाने दिए।
106/0 से 146 पर 5.भारतीय टीम ने 40 रन में अपने 5 विकेट गँवा दिए थे। युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ, 21 और 22 साल के ये दो युवा खिलाड़ी इस समय मैदान में पिच पर एक साथ थे। अधिकांश भारतीय दर्शक भारतीय टीम के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए मैच जीतने की आशा छोड़ चुके थे। युवराज ने कुछ समय पूर्व “आजतक” के विक्रांत गुप्ता से Instagram चैट के दौरान बताया कि स्टेडियम में से भारतीय दर्शकों ने धीरे धीरे निकलना शुरू कर दिया था।
कैफ और युवराज ने पारी को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। एक-एक, दो-दो रन के साथ बीच बीच में चौके भी आ रहे थे। 33वें ओवर में दोनों के बीच पचास रनों की साझेदारी पूरी हुई। 34वें ओवर में युवराज सिंह ने Ashley Giles की गेंद पर एक लॉफ्टेड स्वीप खेला और अपनी पारी का पहला छक्का लगाया, इसके साथ टीम के 200 रन भी पूरे हो गए।

भारतीय टीम को अब 16 ओवरों में 121 रन चाहिए थे। युवराज सिंह के बल्ले से अब लगातार चौके आने शुरू हो गए थे। 38वें ओवर में Andrew Flintoff की गेंदों पर युवराज ने चौकों की हैट्रिक लगा दी। एक समय 40 गेंद में 30 रन पर खेल रहे युवराज ने अगली 15 गेंदों में 28 रन बना दिए थे। अब भारत को 12 ओवरों में 89 रन चाहिए थे।
Lockdown के दौरान कैफ और युवराज के बीच हुई Instagram चैट में युवराज ने बताया कि इस समय बालकनी में खड़े दादा ने (युवराज की फॉर्म को देखते हुए) कैफ को सिंगल खेलकर युवराज को स्ट्राइक देने का संकेत किया। कैफ को जो अगली गेंद मिली, वो शॉर्ट थी, 81.6 मील प्रति घण्टे की गति से फेंकी गई इस गेंद को कैफ ने मिडविकेट के ऊपर से पुल कर दिया, गेंद दर्शक दीर्घा में गिरी, और कैफ ने युवराज से कहा, “हम भी खेलने आए हैं।”

40 ओवर में भारत का स्कोर हो गया था 258/5, कैफ और युवराज के बीच शतकीय साझेदारी थोड़ी देर पहले ही पूरी हुई थी। आखिरी 10 ओवरों में 69 रनों की आवश्यकता, अब जीत निकट दिखाई पड़ने लगी थी। 42वें ओवर पॉल कॉलिंगवुड की गेंद पर सिंगल के साथ कैफ ने 50 गेंदों में अपने 50 रन पूरे कर लिए।
अब समय आ गया था खेल में एक और टर्निंग पॉइंट का। पॉल कॉलिंगवुड के इसी ओवर की चौथी गेंद पर फाइनल लेग पर पैडल करने के प्रयास में युवराज के बल्ले का टॉप एज लेकर गेंद हवा में उठ गई और सर्कल में फाइनल लेग पर खड़े Alex Tudor ने कैच पलड़ा लिया। इसी के साथ युवराज और कैफ के बीच 17.4 ओवर में हुई 121 रनों की साझेदारी का अंत हुआ। युवराज ने 63 गेंदों में 69 रन बनाए थे।
युवराज के विकेट के बाद अबतक सहायक भूमिका निभा रहे कैफ ने Steering अपने हाथ में लिया, कैफ ने अगली 22 गेंदों में 30 रन बना दिए और हरभजन के साथ 47 रनों की साझेदारी की।
46वें ओवर में डैरेन गॉफ़ को 11 रन पड़ने के बाद भारत को 3 ओवरों में 14 रन की आवश्यकता थी और लगने लगा था कि आज फाइनल्स में हार का क्रम टूट जाएगा, पर क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल यूँ ही नहीं है, जहाँ आप सोचते हैं, गेम खत्म है, वहीं गेम अचानक बदलकर आपको चौंका देता है। यहाँ भी यही हुआ, इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Andrew Flintoff ने 47वें ओवर में पहली 5 गेंदों में पहले हरभजन और फिर कुम्बले का विकेट लेकर इंग्लैंड की पकड़ पुनः मजबूत कर दी।
आखिरी दो ओवर में 11 रनों की आवश्यकता। 49वें ओवर में कैफ और ज़हीर ने पहली पाँच गेंदों पर भागकर 5 रन लिए, आखिरी गेंद कैफ के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के पास से चौके के लिए चली गई। 50वें ओवर में मात्र 2 रन चाहिए थे। यह ओवर फ्लिंटॉफ कर रहे थे। ज़हीर खान स्ट्राइक पर, पहली दो गेंदें डॉट रहीं। तीसरी गेंद को जहीर ने बहुत हल्के से खेला और रन के लिए भाग पड़े। कवर के फील्डर ने गेंद को पकड़ा, Striker End पर थ्रो किया, कैफ ने डाइव लगाई, गेंद विकेट पर नहीं लगी और थर्डमैन की ओर गई, स्कोर बराबर पर ओवरथ्रो में रन भागने का अवसर, कैफ फिर से उठ खड़े हुए और दूसरे रन के लिए भागे, Non-Striker End पर आने से पहले उन्हें पता चल चुका कि अब भारतीय टीम यह मैच जीत चुकी है, वे क्रीज में आने से पहले अपनी मुट्ठी हवा में लहराते आ रहे थे।

लॉर्ड्स की बालकनी में कप्तान सौरव गांगुली भी अपनी नीली जर्सी लहरा रहे थे। (आज वो इसे अपनी गलती मानते हैं) भारत ने 325 का विशाल स्कोर चेज कर लिया था और पिछले 9 फाइनल में लगातार हारने का क्रम तोड़ दिया था। 75 गेंदों में 87 नॉट आउट रन बनाने वाले कैफ मैन ऑफ़ द मैच हुए।












































