1972 Munich Olympic Basketball Final: USA vs USSR

1972, म्यूनिख, पश्चिमी जर्मनी: USA और USSR (सोवियत संघ) के बीच ओलिम्पिक फाइनल मैच ओलिम्पिक इतिहास की सबसे नाटकीय घटनाओं में से एक है।

उल्लेखनीय है कि यह शीत युद्ध का दौर था। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और सोवियत संघ (USSR) एक दूसरे को मिसाइलों की धमकियाँ देते रहते थे। इस मैच से साढ़े तीन महीने पहले ही 26 मई 1972 को US प्रेसिडेंट Richard Nixon और USSR की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी Leonid Breznev के बीच क्रेमलिन में SALT 1 (Strategic Arms Limitation Talks) संधि हुई थी।

1936 में बर्लिन में जब पहली बार बास्केटबॉल को ओलिम्पिक्स में शामिल किया गया, तब से लेकर अबतक USA ने एक भी मैच नहीं हारा था और लगातार 7 स्वर्ण पदक (1936, 1948, 1952, 1956, 1960, 1964, 1968) जीते थे वो भी तब जब NBA खिलाड़ियों को ओलिम्पिक्स में खेलने की अनुमति नहीं थी। USA की टीम में आमतौर पर कॉलेज स्तर के खिलाड़ी ही होते थे। 1972 में म्यूनिख गई अमेरिकी टीम अबतक की सबसे युवा अमेरिकी टीम थी। सोवियत संघ की टीम भविष्य के हॉल ऑफ फेमर Sergei Belov के नेतृत्व में खेल रही थी। USA की टीम के पास मात्र 12 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का अनुभव था तो वहीं सोवियत टीम के पास चार सौ से अधिक मैचों का।

40 मिनट के इस मैच में 10 सेकेंड से भी कम का खेल शेष था और सोवियत टीम 49-48 से आगे थी, तभी केविन जॉयस ने एक सोवियत पास को Deflect किया। डग कॉलिन्स ने यह पास कलेक्ट किया और बास्केट की ओर बढ़े पर एक सोवियत खिलाड़ी ने फ़ाउल किया और कॉलिंस को दो फ्री थ्रो दिए गए। कॉलिन्स का सिर रिम से टकराया था और कुछ क्षण के लिए वे होश में नहीं थे। कोच Hank Iba ने कहा यदि कॉलिंस केवल चल भी सकते हैं तब भी वे दोनों फ्री थ्रो शूट करेंगे।

3 सेकेंड शेष थे, कॉलिंस ने दोनों फ्री थ्रो सफलतापूर्वक शूट करके दो पॉइंट प्राप्त किए और USA को 50-49 से बढ़त दिला दी। अमेरिकन समर्थक स्टैंड्स में नाचने गाने लगे। समय समाप्त हो चुका था और अमेरिकी खिलाड़ियों ने लगातार 8वें स्वर्ण पदक का जश्न मनाना आरम्भ कर दिया था। अमेरिकन समर्थक कोर्ट पर भी आ चुके थे लेकिन FIBA (अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल महासंघ) के ब्रिटिश सेक्रेटरी जनरल डॉ. विलियम जोन्स ने Game Clock को Re-Set करके मैच में 3 सेकेंड का समय शेष कर दिया। (जोन्स ने बाद में स्वीकार किया कि उनके पास ऐसा करने की अथॉरिटी नहीं थी।)

Re Set किए जाने के बाद पहले 3 सेकेंड में स्कोर में कोई परिवर्तन न हुआ, इसके बाद ये 3 सेकेंड फिर से खेले गए, यह कहकर कि Game Clock ठीक से Re Set नहीं हुई। इन 3 सेकेंड में सोवियत खिलाड़ी इवान इदेश्को ने सेंटर ऐलेक्जैंडर बेलोव को एक Court Length पास किया और बेलोव ने दो US डिफेंडरों जिम फ़ोर्ब्स और केविन बॉयस को छकाते हुए एक Lay-Up शूट करके 2 निर्णायक पॉइंट प्राप्त किए। इन 2 पॉइंट ने USSR को 51-50 की बढ़त और विजय दिला दी।

इस बार यह परिणाम अंतिम था। अमेरिकी टीम ने विरोध करते हुए अपील की। Jury में 5 लोग थे, जिनमें से 3 कम्युनिस्ट देशों सोवियत संघ, क्यूबा और पोलैंड से थे। (ध्यान रहे यह शीत युद्ध का कालखंड था, इसलिए Jury के निर्णय का FIBA के नियमों से कम और शीत युद्ध की राजनीति से अधिक लेना देना था।) तीनों ने सोवियत संघ के पक्ष में निर्णय दिया और USA की टीम 3-2 से यह अपील हार गई। अमेरिकन्स क्रोध में थे। कप्तान केनी डेविस ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया, “William Jones felt it was stifling international basketball for the Americans to keep winning.”

मैच के स्कोरर Hans Tenschert ने कहा कि जब मैच रोका गया तो मात्र एक सेकेंड का समय शेष था, रेफरी ने “Judge’s Table” पर उपस्थित तीनों लोगों से बात की थी और किसी ने नहीं कहा था कि 3 सेकेंड फिर से खेले जाएँ।

अपील की सुनवाई के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकन टीम के असिस्टेंट मैनेजर Herbert Mols और अपील कमिटी के प्रेसिडेंट हंगरी के Ferenc Hepp के बीच काफी कहासुनी हुई।

अमेरिकी टीम के पास सामने अब दो मार्ग थे या तो अपनी निराशा और आत्मसम्मान को भूलकर रजत पदक स्वीकार कर लें या पदक लेने जाएँ ही नहीं। उन्होंने बाद वाला विकल्प चुना। यह पहली बार था जब ओलिम्पिक पोडियम पर एक जगह खाली रह गई थी।

इस मैच ने ओलिम्पिक्स में USA का लगातार 63 मैचों में विजय और 7 स्वर्ण पदक का क्रम तोड़ दिया था।

USA के कप्तान केनी डेविस ने तो अपनी वसीयत में भी लिख दिया कि उनके परिवार से कोई ये रजत पदक स्वीकार न करे। “I devise and bequeath at my death that my wife, Rita, and children Jill and Bryan never accept a silver medal from the 1972 Games in West Germany.”

सोवियत के लिए मैच विनिंग Lay Up स्कोर करने वाले ऐलेक्जैंडर बेलोव का 1978 में मात्र 26 वर्ष की आयु में निधन हो गया, उन्हें उनके गोल्ड मेडल के साथ दफनाया गया।

2002 में विंटर ओलिम्पिक्स में “Skating Scandal” की जाँच के बाद IOC (इंटरनेशनल ओलिम्पिक्स कमिटी) ने दो कनैडियन खिलाड़ियों को सिल्वर की बजाय डुप्लिकेट गोल्ड मेडल जारी किए। इसी को आधार बनाकर टॉम मैक्मिलन ने (जो USA टीम का हिस्सा रहे थे और बाद में US कांग्रेस के सदस्य भी बने) 2002 में इंटरनेशनल ओलिम्पिक्स कमिटी के समक्ष 1972 के परिणाम में सुधार करने की अपील की और USA को सह-विजेता घोषित करने की घोषित करने की माँग की कहा पर IOC ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

1972 के बाद USA बास्केटबॉल ने इस टीम के खिलाड़ियों से क़ई बार पुनर्विचार करते हुए सिल्वर मेडल स्वीकार करने को कहा पर टीम ने कभी विचार नहीं बदला। 2012 के री-यूनियन में इस टीम के कप्तान केनी डेविस ने कहा, “बास्केटबॉल में केवल एक विजेता होता है और नियमों के अनुसार हम जीते थे।”

The Greek Freak

फुटप्रिंट सेंटर, फीनिक्स, ऐरिज़ोना। NBA Finals Series के पहले दो मैच हारने के बाद Giannis Antetekounmpo (यानिस अन्टेटेकुम्पो) और उनकी Milwaukee Bucks को राइट ऑफ कर दिया गया था। 36 वर्ष के Chris Paul का NBA में यह 16वाँ सीजन था और इस महान खिलाड़ी ने Suns टीम जो पिछले 10 वर्षों से प्लेऑफ में भी नहीं पहुँची थी, उसे फाइनल जीतने की दहलीज पर खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए अधिकांश बास्केटबॉल फैन्स Chris Paul और उनकी Phoenix Suns को चैंपियनशिप जीतते देखना चाहते थे।

बात करते हैं आज के सुपरस्टार यानिस पर। “The Greek Freak” कहे जाने वाले 6 फुट 11 इंच के नाइजीरियाई मूल के ग्रीक खिलाड़ी यानिस को 2013 NBA ड्राफ्ट के पहले राउंड में Wisconsin राज्य की टीम Milwaukee Bucks ने 15वीं Draft pick का प्रयोग करके चुना। 2013-14 NBA सीजन में Bucks ने 82 रेग्युलर सीजन मैचों में से मात्र 15 जीते और 67 हारे। यह टीम NBA Eastern Conference की 15 टीमों में 15वें स्थान पर रही। 2014-15, 2016-17, 2017-18 में 50% रेगुलर सीजन मैच जीतकर Bucks ने प्लेऑफ्स में स्थान बनाया पर हर बार प्लेऑफ़्स के पहले ही राउंड में बाहर होते रहे। सितंबर 2016 में Bucks ने 21 वर्ष के यानिस को 4 वर्ष के लिए 100 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया।

2018-19, MVP Season: 4 वर्ष NBA में बिता चुके यानिस के लिए अब अगली छलांग लगाने का समय था। जेसन किड के स्थान पर अब नए कोच Mike Budenholzer आ चुके थे। 82 में से 60 रेगुलर सीजन गेम जीतकर Bucks ने Eastern Conference में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्लेऑफ़्स (Best of 7 Series) के पहले राउंड में Detroit Pistons को 4-0 से स्वीप करके और कॉन्फ्रेंस सेमीफाइनल्स में Boston Celtics को 4-1 से हराकर Bucks दशकों में पहली बार कॉन्फ्रेंस फाइनल्स में थी। लेकिन Toronto Raptors के विरुद्ध ईस्टर्न कॉन्फ्रेंस फाइनल्स में पहले दो मैच जीतने के बाद Raptors के Superstar स्मॉल फॉरवर्ड Kawhi Leonard के शानदार प्रदर्शन ने Bucks को लगातार 4 मैचों में पराजित किया और फाइनल्स में जाने से रोक दिया। (कवाई लेनर्ड कुछ दिन बाद NBA चैंपियन बने और फाइनल्स MVP अवॉर्ड भी जीते)

2019-20, Back to back MVP: Bucks ने इस बार भी रेग्युलर सीजन में Eastern Conference में पहला स्थान प्राप्त किया। यानिस ने लगातार दूसरी बार MVP अवॉर्ड जीता था। Stephen Curry के बाद बैक टू बैक रेग्युलर सीजन MVP जीतने वाले वे पहले खिलाड़ी थे। MVP के साथ साथ यानिस डिफेंसिव प्लेयर ऑफ द यर (DPOY) भी थे पर इस सीजन का अंत भी निराशाजनक रहा जब कॉन्फ्रेंस सेमीफाइनल्स में जिमी बटलर की Miami Heat ने Bucks को 4-1 से पराजित कर दिया।

यानिस जैसे सुपरस्टार के लिए निराशा बढ़ती जा रही थी। एक तो चैंपियनशिप न जीतने का दुःख ऊपर से Milwaukee जैसा Small Market छोड़कर लॉस एंजेलस, सैन फ़्रैंसिस्को, न्यू यॉर्क, माइऐमी, डैलस जैसे बड़े मार्केट में जाने का अवसर भी सामने था, उनका Bucks के साथ 4 साल का कॉन्ट्रैक्ट भी पूरा हो चुका था। यानिस ने कहा कि वे कोबी ब्रायंट, डर्क नोविट्जकी, टिम डंकन जैसे खिलाड़ियों की तरह बनना चाहते हैं, जिन्होंने पूरा करियर एक ही टीम के लिए खेला। वे मिलवॉकी को चैंपियन बनाना चाहते हैं। इस शहर ने उन्हें बहुत प्रेम और सम्मान दिया है। नवम्बर 2020 में Bucks ने यानिस को 5 वर्ष के लिए 228 मिलियन डॉलर का सुपरमैक्स कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन दिया।

2020-21: “Brooklyn Nets” की Kevin Durant (KD), James Harden और Kyrie Irving की तिकड़ी को देखकर Golden State Warriors की Steph Curry, Kevin Durant और Klay Thompson की तिकड़ी की यादें ताज़ा हो गई थीं। यह टीम एक Offensive Juggernaut थी। यह लग रहा था Brooklyn की टीम यदि इंजरी का शिकार न हुई तो इस बार की NBA चैंपियन यही होगी, क्योंकि इसके पास दो पूर्व MVP (KD और Harden जो अभी अपनी प्राइम में थे) और काइरी अर्विंग के रूप में एक ऑल स्टार स्तर का खिलाड़ी। Achilles इंजरी से वापस लौटे KD ने वापसी के साथ ही सिद्ध कर दिया था कि वे इस समय विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में एक हैं। Harden भी MVP स्तर के खेल का प्रदर्शन कर रहे थे।

इस साल रेग्युलर सीजन में 82 के बजाय 72 ही मैच खेले जाने वाले थे क्योंकि सीजन विलंब से शुरू हुआ था। 72 में से 46 रेग्युलर सीजन मैच जीतकर Bucks ईस्टर्न कॉन्फ्रेंस में Philadelphia 76ers और Brooklyn Nets के बाद तीसरे नम्बर पर रहे। Playoffs के पहले राउंड में Miami Heat को 4-0 से स्वीप करके Bucks ने पिछले सीजन का हिसाब चुकता किया। कॉन्फ्रेंस सेमीफाइनल्स में Bucks के सामने थी Brooklyn Nets. Kyrie Irving इंजरी के कारण सीरीज से बाहर हो गए थे। James Harden खेल तो रहे थे पर चोटिल थे। Nets का पूरा भार था Kevin Durant अर्थात KD पर।

Barclays Center, Brooklyn में हो रहे NBA Eastern Conference Semifinals Game 7 में 6 सेकेंड शेष थे और Bucks की टीम 109-107 से आगे थे। गेंद KD के हाथों में, PJ Tucker डिफेंड करते हुए, KD ने 3 पॉइंट लाइन से पीछे हटकर गेंद को शूट किया, जब गेंद बास्केट में गिरी तब मात्र 1 सेकेंड शेष था, पर Jumper शूट करते समय KD के स्निकर्स 3-Point लाइन को स्पर्श कर रहे थे इसलिए यह 3 पॉइंट नहीं मात्र 2 पॉइंट शॉट रहा और मैच 109-109 से बराबर रहते हुए ओवरटाइम में गया। यदि KD के जूते 1 इंच पीछे रहे होते तो Brooklyn की विजय यहीं निश्चित हो जाती। (लेकिन चैंपियन बनने के लिए भाग्य का साथ होना भी आवश्यक है, जो इस बार KD के साथ नहीं था।) यहाँ Khris Middleton के प्रदर्शन का उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है, जिन्होंने 6ठे मैच में 38 पॉइंट स्कोर करते हुए 3-3 से सीरीज बराबर की और 7वें मैच के ओवरटाइम में 40 सेकेंड शेष रहते डिफेंडर्स के बीच से एक शानदार जम्पर शूट क़िया।

KD के 48 पॉइंट्स के बावजूद ओवरटाइम में Bucks ने 115-111 से यह मैच जीतकर सीरीज 4-3 से अपने नाम कर ली और 3 वर्षों में दूसरी बार कॉन्फ्रेंस फाइनल्स में पहुँचे। यानिस ने भी इस मैच में 40 पॉइंट स्कोर किए थे। कॉन्फ्रेंस फाइनल्स में Bucks का सामना था युवा खिलाड़ी Trae Young की Atlanta Hawks से, जिसने सभी को चौंकाते हुए कॉन्फ्रेंस फाइनल्स तक का सफर तय किया था। Game 1 में Trae Young ने 48 पॉइंट स्कोर करते हुए Bucks को भी चौंकाया पर Bucks ने 6 मैच में यह सीरीज 4-2 से जीतकर 5 दशक के बाद NBA Finals में जगह बनाई। Middleton ने 6ठे मैच के तीसरे क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन किया।

The NBA Finals:
फाइनल्स में Milwaukee Bucks का सामना होने वाला था Chris Paul की Phoenix Suns से। NBA इतिहास के महानतम पॉइंट गार्ड्स में से एक क्रिस पॉल 16 वर्षों के अपने करियर में क़ई टीमों के लिए खेले थे, वे चैंपियनशिप तो नहीं जीते थे पर जिस टीम में भी गए उसे बेहतर बनाया। इस टीम में Devin Booker जैसे सुपरस्टार क्षमता वाले खिलाड़ी थे, जिन्हें क्रिस पॉल के नेतृत्व और अनुभव की आवश्यकता थी। 2009-10 के बाद अगले 10 सीजन प्लेऑफ्स तक में न पहुँच पाने वाली Suns टीम इस बार NBA फाइनल्स में थी। क्रिस पॉल स्वयं भी पहली बार NBA फाइनल्स में पहुँचे थे।

जब तीसरे और चौथे फाइनल्स मैच के लिए सीरीज Milwaukee पहुँची तबतक Suns 2-0 की बढ़त ले चुके थे। क्रिस पॉल की पहली NBA चैंपियनशिप रिंग जीतने की उल्टी गिनती आरम्भ हो गई थी। लेकिन Bucks ने कॉन्फ्रेंस सेमीफाइनल्स में Brooklyn के विरुद्ध भी 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी की थी। फाइनल्स में भी उन्होंने यही किया। Game 4 में 1:15 मिनट शेष रहते Devin Booker ने गेंद को DeAndre Ayton को Pass किया। Ayton डंक करने के किए उछले और जैसे ही वे गेंद को बास्केट में डालने को थे, यानिस ने अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमताओं का परिचय देते हुए शॉट ब्लॉक कर दिया और Suns से गेम को टाई करने का अवसर छीन लिया। यह NBA फाइनल्स इतिहास के महानतम Blocks में से एक था।

2-0 की लीड गँवाकर 3-2 से पीछे हो चुकी Phoenix Suns के पास यानिस अन्टेटेकुम्पो का कोई उत्तर नहीं था।

Game 6, A dominant performance on both ends of the floor: यानिस इस सीरीज में अबतक दो बार 40 से अधिक पॉइंट स्कोर कर चुके थे पर 6ठे मैच में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 50 पॉइंट, 14 असिस्ट और 5 ब्लॉक्स के साथ 105-98 से मैच जीतकर सीरीज को 4-2 से खत्म किया और 50 वर्षों में पहली बार Milwaukee Bucks को NBA चैंपियन बनाया। पहले हाफ में Suns ने लीड ले रखी थी पर दूसरे हाफ में यानिस ने 33 पॉइंट स्कोर करते हुए Suns को सीरीज को Game 7 तक ले जाने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने 19 में से 17 फ्री थ्रो सफलतापूर्वक शूट किए। फाइनल्स सीरीज के किसी भी मैच में 50 पॉइंट स्कोर करने वाले वे मात्र 7वें खिलाड़ी हैं। (वर्तमान खिलाड़ियों में उनके अलावा ऐसा करने वाले एकमात्र खिलाड़ी LeBron James हैं।) इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए यानिस को “Bill Russell फाइनल्स MVP” पुरस्कार दिया गया। यानिस के अतिरिक्त Khris Middleton ने 16 पॉइंट, Jrue Holiday 12 पॉइंट और 11 असिस्ट और बेंच प्लेयर Bobby Portis ने 16 पॉइंट स्कोर किए।

तीन सप्ताह पूर्व घुटने का हाइपरएक्सटेंशन झेलने वाले यानिस उस समय सोच रहे थे कि इस सीजन अब और कोई मैच नहीं खेल पाएंगे, पर वे एक सप्ताह बाद ही इंजरी से लौट आए और उन्होंने 6 मैचों की इस फाइनल्स सीरीज में 35.2 पॉइंट्स, 5 असिस्ट, 13.2 रिबाउंड्स, 1.2 Steals, 1.8 ब्लॉक प्रति गेम की औसत दर्ज की, इसके साथ साथ उन्होंने फील्ड से 61.8% शूटिंग भी की।

26 वर्ष के यानिस अपने 8 साल के करियर में 2 बार MVP, एक बार फाइनल्स MVP, एक बार डिफेंसिव प्लेयर ऑफ द यर, 5 बार के ऑल स्टार, एक बार ऑल स्टार गेम के MVP हो चुके हैं। Dallas Mavericks को 2010-11 सीजन में चैंपियन बनानेवाले जर्मन खिलाड़ी डर्क नोविट्जकी के बाद यानिस फाइनल्स MVP जीतने वाले पहले गैर अमेरिकी खिलाड़ी हैं। अभी उनका सर्वश्रेष्ठ आना शेष है। यदि वे इंजरी से दूर रहे तो यह टीम और भी चैंपियनशिप जीत सकती है। ग्रीक लीग के सेकेंड डिवीजन से NBA फाइनल चैम्प तक की यानिस की यह यात्रा अभूतपूर्व रही है।

You can never ever count Novak Djokovic.

Never ever count out Novak Djokovic.

11 जून 2021- कोर्ट फिलिप शैत्रिए (Phillipe Chatrier) पर हो रहे दूसरे Roland Garros सेमीफाइनल में जब राफेल नडाल ने पहले सेट में 5-0 की बढ़त ले ली तब 8 महीने पहले इसी कोर्ट पर फाइनल में उनके द्वारा नोवाक जोकोविच पर प्राप्त की गई एकतरफा विजय (6-0, 6-2, 7-5) की पुनरावृत्ति की सम्भावनाएँ दिखने लगी थीं पर दूसरे सेट में नोवाक ने शानदार वापसी की।

मैच का तीसरा सेट टेनिस इतिहास में ऐतिहासिक सेटों में गिना जाएगा। डेढ़ घण्टे से ऊपर चले इस सेट में दो सुपर-ह्युमन खिलाड़ी एक एक पॉइंट के लिए जान लड़ा रहे थे, कोर्ट का एक एक इंच कवर कर रहे थे। दोनों द्वारा अद्भुत बॉल स्ट्राइकिंग। नोवाक ने पहले ब्रेक किया पर अगले ही गेम में नडाल ने ब्रेक करते हुए सेट का स्कोर 3-3 कर दिया। दोनों खिलाड़ी अबतक इस मैच में 84-84 पॉइंट जीत चुके थे। कुछ मिनट बाद 5-4 की लीड के साथ नोवाक इस सेट के लिए सर्व कर रहे थे, नडाल ने फिर से सर्व ब्रेक की और अगले गेम में अपनी सर्व होल्ड करके 6-5 की लीड ले ली।

Absolute Gladiatorial Stuff:
इस सेट के बारहवें गेम में आया मैच का “You have got to be kidding me” मोमेंट। एडवांटेज नडाल, सेट पॉइंट… नडाल का फोरहैंड रिटर्न, नोवाक ने बैकहैंड ड्रॉप शॉट खेला और नडाल की रिटर्न थोड़ी वाइड रह गई. Unreal Clutchness. (ऐसी परिस्थिति में ये शॉट ट्राई करना नोवाक के साहस और आत्मविश्वास का परिचय दे रहा था।) ड्यूस. एक पॉइंट के बाद एडवांटेज जोकोविच, नडाल का शॉट नेट में जा लगा। स्कोर 6-6, तीसरा सेट अब टाई-ब्रेकर में जा रहा था। ये टाई ब्रेकर यदि नडाल जीत जाते तो फिर यहाँ से जोकोविच के लिए उन्हें हराना बहुत कठिन हो जाता।

इस टूर्नामेंट में टाई ब्रेकर में जोकोविच का रिकॉर्ड अच्छा नहीं था। चौथे राउंड में इटैलियन खिलाड़ी लॉरेन्जो मुसेटी से दो टाई ब्रेकर हार चुके थे। क्वार्टरफाइनल में बेरेटिनी से भी एक टाई ब्रेकर हारे थे। राफ़ा के विरुद्ध भी वे  3-4 से आगे चल रहे थे, यहाँ राफ़ा ने एक आसान वॉली मिस कर दी और ब्रेक करने का अवसर गँवा दिया। अब इस सेट के लिए जोकोविच को बस 2 सर्विस गेम जीतने थे। एक Ace से उन्होंने स्कोर 6-4 किया और इसके बाद नडाल के ड्रॉप शॉट पर बहुत तेजी से आगे आकर गेंद को नडाल के फोरहैंड से काफी वाइड खेला। नडाल ये शॉट रिटर्न करने की पोजीशन में नहीं आ सके और उनका फोरहैंड शॉट लाइन से काफी बाहर चला गया। नोवाक जोकोविच ने 7-4 से यह टाई ब्रेकर जीत लिया था और इसी के साथ और तीसरा सेट भी।

पेरिस में रात के 11 बज चुके थे और नाइट कर्फ्यू का समय हो चुका था पर स्टेडियम में उपस्थित लगभग पाँच हज़ार दर्शकों में से शायद ही कोई यह मैच छोड़कर घर जाना चाहता होगा। अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक मैच को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को रुकने की आज्ञा दे दी। (तीन वर्ष पहले विम्बलडन सेमीफाइनल में नाइट कर्फ्यू के कारण राफ़ा और नोवाक का मैच तीसरे सेट के बाद स्थगित करना पड़ा था।)

चौथे सेट के पहले ही गेम में 13 बार के फ्रेंच ओपन चैंपियन राफेल नडाल ने जोकोविच की सर्व ब्रेक कर दी और दूसरे गेम में सर्व होल्ड करते हुए 2-0 की बढ़त ले ली थी। जोकोविच ने तीसरे गेम में लव-होल्ड के साथ स्कोर 2-1 किया और अगले गेम में ब्रेक वापस पाते हुए स्कोर 2-2. जोकोविच अब एक अलग ज़ोन में थे और इसके बाद उन्होंने राफ़ा को कोई अवसर नहीं दिया। सेट में तीसरी बार राफ़ा की सर्व ब्रेक करते हुए जोकोविच ने डिफेंडिंग चैम्प पर विजय प्राप्त की। 3-6, 6-3, 7-6, 6-2. [यह 8वीं बार (Open Era में सर्वाधिक) था जब जोकोविच ने ग्रैंड स्लैम में डिफेंडिंग चैंपियन को हराया।]

नोवाक के अनुसार यह Roland Garros में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और उनके टॉप 3 मैचों में से एक। स्पोर्ट्स में सबसे कठिन चुनौती है राफेल नडाल को Roland Garros में हराना। जोकोविच की उपलब्धि का अनुमान इस बात से लगाइए कि इस मैच से पूर्व Roland Garros में राफ़ा का रिकॉर्ड 105-2 था और Roland Garros सेमीफाइनल में 13-0.

क्ले कोर्ट के महानतम खिलाड़ी से चार घण्टे से अधिक का मैच खेलने के बाद 40 घण्टे के अंदर जोकोविच के सामने एक और बड़ी चुनौती थी। कोर्ट फिलिप शैत्रिए पर फाइनल मैच में नोवाक के सामने थे टेनिस की अगली पीढ़ी के एक चमकते सितारे ATP रैंकिंग में नम्बर 5  पर स्थित 22 वर्षीय ग्रीक खिलाड़ी Stefanos Tsisipas, जो अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे। स्टेफानोस पिछले वर्ष इसी कोर्ट पर जोकोविच को सेमीफाइनल में 5 सेट तक ले गए थे। पहला सेट टाईब्रेक में जीतने के बाद स्टेफ ने अगले सेट में नोवाक जोकोविच की सर्व दो बार ब्रेक करके 6-2 से सेट जीत लिया। जोकोविच के लिए अब हर सेट डू ऑर डाई था।

जोकोविच ने अपने करियर में इससे पहले 5 बार पहले दो सेट गँवाने के बाद वापसी करके मैच जीता था। ग्रैंड स्लैम “फाइनल” में उन्होंने अबतक 5 फाइव सेटर मैच खेले थे, 4 जीते थे और मात्र 1 बार हारे थे, ऐंडी मरे के विरुद्ध 2012 US ओपन फाइनल में। इस मैच में भी वे पहले दो सेट हारे थे, अर्थात पहले 2 सेट गँवाने के बाद उन्होंने ग्रैंड स्लैम “फाइनल” कभी नहीं जीता था।

इतिहास की बात करें तो आजतक मात्र 5 बार ऐसा हुआ था जब ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहले 2  सेट गँवाने के बाद कोई खिलाड़ी मैच जीत गया हो। इन 5 में से 4 बार ये कार्य Roland Garros में ही सम्पन्न हुआ।

इतिहास की बात हो ही रही है तो इस बात का उल्लेख करना भी आवश्यक है कि आजतक जिसने भी राफेल नडाल को फ्रेंच ओपन में हराया था, उसे फाइनल में हार ही मिली थी, 2009 में रॉबिन सोडरलिंग को फाइनल में रॉजर फेडरर ने हराया था, वहीं 2015 में नोवाक जोकोविच को फाइनल में स्टैन वावरिंका से पराजय मिली थी।

महान खिलाड़ी असम्भव सी परिस्थितियों को सफल होने के लिए अवसर के रूप में देखते हैं।  जोकोविच का पूरा करियर ऐसे मैचों से भरा पड़ा है जहाँ उन्होंने एकदम हारा हुआ मैच वापस खींच लिया हो। “Calamities create warriors.” 

तीसरे सेट में चौथे गेम में  ब्रेक करते हुए नोवाक ने 3-1 की बढ़त ले ली और मैच में अपनी वापसी की घोषणा कर दी। 11 मिनट तक चले इस गेम में स्टेफानोस ने 4 ब्रेक पॉइंट बचाए पर सर्व होल्ड करने में असफल रहे। 6-3 से तीसरा सेट जीतने के बाद चौथे सेट में भी जोकोविच ने दो बार स्टेफानोस की सर्व ब्रेक की और अपनी प्रत्येक सर्व होल्ड करते हुए यह सेट भी 6-2 से जीतते हुए मैच को निर्णायक सेट में पहुँचा दिया। (चौथे सेट में जोकोविच ने अपनी “फर्स्ट सर्व” पर 86% प्रतिशत पॉइंट जीते।)

Decider: स्टेफानोस के लिए यह महत्वपूर्ण था कि तीसरे और चौथे सेट की तरह वे नोवाक जोकोविच को जल्दी ब्रेक करने का अवसर न दें पर इस बार भी सेट के तीसरे ही गेम में नोवाक ने स्टेफ की सर्व ब्रेक करके 2-1 की बढ़त ले ली। अंतिम सेट के 7वें गेम में स्टेफानोस ने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर सर्व होल्ड की पर वे एक बार जोकोविच की सर्व ब्रेक नहीं कर सके और वर्ल्ड नम्बर 1 ने 5वाँ सेट 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया। पूरे ग्रैंड स्लैम करियर में यह 6ठी बार और ग्रैंड स्लैम “फाइनल” में पहली बार था जब नोवाक ने पहले 2 सेट गँवाने के बाद वापसी करके मैच जीता हो।

यह नोवाक जोकोविच का 19वाँ ग्रैंड स्लैम था और दूसरा फ्रेंच ओपन। हर ग्रैंड स्लैम दो बार जीतने वाले वे Open Era के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 36 बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट जीते हैं और प्रत्येक मास्टर्स 1000 दो बार जीतने वाले वे विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं।  ग्रैंड स्लैम में यह उनकी 32वीं 5-सेटर जीत थी (रॉजर 30, सैम्प्रस 29)। यह मैच उनकी फिटनेस, आत्मविश्वास और मेंटल टफनेस का एक और उदाहरण था। उन्होंने एक बार पुनः सिद्ध कर दिया है कि मैच में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, You can never ever count out Novak Djokovic.

Flashback: Brian Lara returns to form to stun the Aussies.

सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी 1998-99 के दूसरे टेस्ट में सिक्का उछालने से पूर्व ब्रायन चार्ल्स लारा ने स्टीव वॉ से कहा, “This could be the last time I’ll be doing this.” वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड (WICB) और कप्तान ब्रायन लारा के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। बोर्ड ने उन्हें श्रृंखला के 4 में से पहले दो 2 टेस्ट मैचों के लिए ही कप्तान बनाया था और कहा था कि उन्हें अपनी नेतृत्व क्षमता में बड़े सुधार करने की आवश्यकता है।

1998 में वेस्ट इंडीज़ 5 टेस्ट और 7 एकदिवसीय मैचों के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने वाली थी। दक्षिण अफ्रीका पर से अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटने के उपरांत यह वेस्ट इंडीज़ का पहला दक्षिण अफ्रीका दौरा था, इस कारण यह ऐतिहासिक भी था।

“Cricket’s Greatest” नामक डॉक्यूमेंट्री सीरीज में कर्टली ऐम्ब्रोस कहते हैं कि इस समय WICB और वेस्ट इंडीज़ के खिलाड़ियों के बीच मैच फीस और कॉन्ट्रैक्ट राशि को लेकर विवाद चल रहा था। लारा और उनकी टीम London में एक होटल में रुकी थी और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जबतक ये विवाद चल नहीं होते तबतक खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं निकलेंगे। विवाद इतना बढ़ चुका था कि WICB ने लारा को कप्तानी से हटाकर एक वैकल्पिक टीम दक्षिण अफ्रीका भेजने का विचार कर लिया था पर अंत में खिलाड़ियों के विद्रोह की आशंका से यह बोर्ड को पीछे हटना पड़ा।

Disastrous SA Tour:
दक्षिण अफ्रीका ने वेस्ट इंडीज़ को टेस्ट श्रृंखला में 5-0 से वाइटवॉश और एकदिवसीय मैचों में 6-1 से पराजित किया। लारा ने 5 टेस्ट मैचों में 31 की औसत से मात्र 310 रन बनाए थे। उनकी कप्तानी संकट में थी।

वापस आते हैं सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी पर। इस श्रृंखला में टेस्ट क्रिकेट की दो महान टीमें अपनी अपनी Dynasty के इतिहास के विपरीत ध्रुवों पर खड़ी थीं, अर्थात टेस्ट क्रिकेट में वेस्ट इंडीज़ के “Glory Years” समाप्त हो रहे थे तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के आरम्भ हो रहे थे। पोर्ट ऑफ स्पेन में हुए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट इंडीज़ को 312 रनों से पराजित किया, अंतिम पारी में वेस्ट इंडीज़ मात्र 51 पर ऑल आउट हो गई थी। ऐसा लग रहा था इस श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया पूरी तरह भारी रहेगी।

जमैका में हो रहे दूसरे टेस्ट में ब्रायन लारा ने सिक्का उछाला और चैन की सांस ली कि वे ये काम अंतिम बार कर रहे हैं। स्टीव वॉ ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया, ऑस्ट्रेलिया 256 पर ऑल आउट हो गई, लेकिन शाम तक वेस्ट इंडीज़ के 4 विकेट 37 रन पर गिर चुके थे। नाइट वॉचमैन पेड्रो कॉलिंस के साथ ब्रायन लारा 7 रन पर नॉट आउट वापस लौट रहे थे और टॉस के समय स्टीव वॉ से कही गई बात सत्य होने की सम्भवनाएँ प्रबल हो गईं थीं।

14th March 1999: पेड्रो कॉलिंस दूसरे दिन कुछ देर तक लारा के साथ खेले पर ग्लेन मक्ग्रा की गेंद पर रिटायर्ड हर्ट होकर उन्हें वापस जाना पड़ा। इसके बाद जब लारा ने जिमी ऐडम्स के साथ मिलकर ग्लेन मक्ग्रा और जेसन गिलेस्पी के स्पेल निकाल लिए तब कप्तान स्टीव वॉ ने लेग स्पिनर स्टुअर्ट मैक्गिल को लगाया। मैक्गिल की पहली गेंद फुलटॉस थी, लारा ने उपहार को सहर्ष स्वीकार किया और मिडविकेट बाउंड्री के बाहर भेज दिया। इसके बाद मैक्गिल की ऑफ स्टंप के बाहर की गई फ्लाइटेड गेंद को घुटनों पर बैठकर कवर ड्राइव कर दिया।

शेन वॉर्न गेंदबाजी आक्रमण पर लगाए जा चुके थे। वॉर्न की गेंद को मिडविकेट पर खेलकर लारा ने 140 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। अबतक वो बहुत सम्भलकर खेल रहे थे, पर अर्धशतक पूरा होने के बाद उन्होंने आगे निकलकर वॉर्न की गेंद को Cow Corner के ऊपर से 6 रनों के लिए भेज दिया। यह इस पारी में उनका पहला आक्रामक शॉट था। लारा की लय में वापसी के संकेत मिलने लगे थे और लारा ने वॉर्न की लय बिगाड़ने का निश्चय कर लिया था। गिलेस्पी की शॉर्ट गेंद को पॉइंट और कवर के बीच से उठाकर खेला और इसी के साथ टेस्ट क्रिकेट में अपने 5 हज़ार रन पूरे कर लिए, ऐसा करने वाले वे वेस्ट इंडीज़ के 8वें बल्लेबाज बने।

Brian Lara at his imperious best:
60वें ओवर में स्टुअर्ट मैक्गिल की फ्लाइटेड गेंद को लारा ने पुनः कवर बाउंड्री के बाहर भेज दिया। यह टिपिकल ब्रायन लारा कवर ड्राइव थी। हाई बैकलिफ्ट, अगला पैर थोड़ा सा आगे, शक्तिशाली प्रहार और सुंदर फॉलो थ्रू। पुराने ब्रायन लारा वापस आ चुके थे और आज उन्हें रोकने की क्षमता किसी गेंदबाज में नहीं थी। मैक्गिल के इस ओवर में 3 चौके आए और लारा नाइंटीज में जा पहुँचे।

गिलेस्पी की गेंद पर सिंगल लेकर लारा ने अपना 11वाँ टेस्ट शतक पूरा किया। नॉन-स्ट्राइकर छोर पर जस्टिन लैंगर की डायरेक्ट हिट लगी, मामला तीसरे अंपायर तक गया पर उससे पहले ही सबाएना पार्क में उपस्थित दर्शक मैदान में घुस आए और लारा को बधाई देने लगे। सुरक्षाकर्मियों को बहुत प्रयास करना पड़ा, उन्हें वापस दर्शक दीर्घा में पहुँचाने में। उधर तीसरे अंपायर का निर्णय आया, 7 टेस्ट मैचों से चल रहा ब्रायन लारा के शतकों का सूखा समाप्त हो चुका था।

महान कॉमेंटेटर टोनी कोजियर लिखते हैं, “Lara was seemingly touched by some magic wand that transformed the timidity one had seen in South Africa into the assertive self-belief that had been his hallmark.”

Brain Lara show just goes on:
चायकाल तक वेस्ट इंडीज़ का स्कोर था 227/4 और लारा 113 पर खेल रहे थे। चायकाल के बाद लारा ने और आक्रामक रूप धारण किया। ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर (256) को पार उन्होंने स्टुअर्ट मैक्गिल को आगे निकलकर दो लगातार छक्के लगाए। पहला लॉन्ग ऑन और दूसरा मिडविकेट के ऊपर से। मैक्गिल की ही गेंद पर एक रन के साथ उन्होंने अपने 150 रन पूरे किए।

लारा के बल्ले से निकली गेंदें मैदान की हर दिशा में बाउंड्री के लिए जा रही थीं। कप्तान स्टीव वॉ ने ग्लेन मक्ग्रा को आक्रमण पर लगाया। लारा पूरी तरह तैयार थे। मक्ग्रा की एक गेंद को उन्होंने स्लिप और गली के बीच से रास्ता दिखा दिया और उसी ओवर में एक आगे फेंकी हुई गेंद पर मैच का सबसे दर्शनीय शॉट खेला, कवर ड्राइव, ऑन द राइज़। कॉमेंट्री कर रहे डेविड हुक्स के शब्द थे, “That’s probably the most stunning piece of batting we have seen today. Glenn McGrath can only shake his head and wonder.”

Stunning Double Hundred:
ग्रेग ब्लूवेट को लगातार चार चौके लगाकर ब्रायन लारा 183 से 199 पर जा पहुँचे। चारो चौके मैदान के अलग अलग हिस्सों में, पहला चौका मिडविकेट की ओर, दूसरा थर्डमैन की ओर, तीसरा मिड ऑफ के ऊपर से और चौथा बिल्कुल सीधा, अंपायर के बगल से। 199 पर आकर शेन वॉर्न की गेंद को लारा ने कलाइयों का प्रयोग करते हुए मिड ऑन और मिडविकेट के बीच से निकाला और रन के लिए दौड़ पड़े। गेंद बाउंड्री के बाहर पहुँचने ही वाली थी कि दर्शक पुनः मैदान में घुस गए, एक ने तो गेंद को बाउंड्री पार करने से पूर्व ही उठा लिया और सभी लारा को शाबाशी देने के लिए दौड़ पड़े। बिचारे लारा को शतक पूरा करने के बाद हुई घटना याद थी, वे भी सरपट ड्रेसिंग रूम की ओर भागने लगे लेकिन दर्शकों ने उन्हें बाउंड्री के पास घेर लिया और पर्याप्त बधाई देने के बाद ही छोड़ा।

स्टम्प्स के समय वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 105 ओवर में 377/4, दिन के खेल में 340 रन बने थे बिना किसी विकेट के। लारा 212 और जिमी ऐडम्स 88 पर खेल रहे थे। लारा इस पारी में अबतक 29 चौके और 3 छक्के लगा चुके थे। अपनी टीम को संकट से निकालने के साथ साथ उन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था।

जो मैच एक दिन पहले पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में था, लारा की इस पारी ने उसे वेस्टइंडीज़ के पाले में डाल दिया था। अगले दिन लारा अपने स्कोर में मात्र 1 रन जोड़कर आउट हो गए और वेस्ट इंडीज़ 175 रनों की बढ़त के साथ 431 पर ऑल आउट हो गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम मात्र 177 रन बना सकी और वेस्ट इंडीज़ को 3 रनों का लक्ष्य मिला जिसे मात्र 3 गेंदों में पूरा करके 10 विकेट से यह मैच जीत लिया।

ब्रायन लारा ने बारबेडस में हुए अगले टेस्ट में चौथी पारी में 153 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली जो रन चेज में क्रिकेट की महानतम पारी मानी जाती है (जिसपर चर्चा कभी और), पर जमैका में खेली गई 213 रनों की यह पारी उनकी निजी फेवरेट है, क्योंकि इस मैच में उनपर जैसा दबाव था वैसा दबाव वेस्ट इंडीज़ के किसी कप्तान ने नहीं झेला।

Mike Coward ने अपनी Wisden रिपोर्ट में लिखा: “Lara seduced the people of a bankrupt nation, resurrected his career as a batsman of rare gifts and reignited cricket throughout the Caribbean.”

(चित्र: Getty Images)

When Laxman and Dravid Stopped The Aussie Juggernaut.

आज से ठीक दो दशक पूर्व, 13 मार्च 2001-

वेंकटेश प्रसाद और वी.वी.एस लक्ष्मण अभी पवेलियन में लौटे ही थे। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 60 ओवरों के अंदर 171 पर ऑल आउट करके फॉलो-ऑन दिया था। लक्ष्मण आउट होने वाले अंतिम बल्लेबाज थे और पैड उतारने के लिए बैठे थे कि तभी उनके कंधे पर किसी ने हाथ रखा और कहा, “Don’t take your pads off Lax.” यह कोच जॉन राइट के शब्द थे। लक्ष्मण को अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था, उन्होंने प्रश्न किया, “‘Oh! Why, John?” जॉन का उत्तर था, “‘You are going in at No. 3.”

लक्ष्मण को यह स्वप्न जैसा लग रहा था, कोच के शब्द उनके कानों के लिए मानो संगीत थे। उनकी प्रसन्नता का पारावार न था। नम्बर 3 लक्ष्मण का सबसे प्रिय बल्लेबाजी क्रमांक था। वे रणजी ट्रॉफी में पिछले 5 वर्षों से इसी क्रमांक पर खेल रहे थे पर भारतीय टीम में राहुल द्रविड़ इस क्रमांक पर खेलते थे और सफलतापूर्वक अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे थे।

स्टीव वॉ की विश्वविजयी ऑस्ट्रेलिया ने पिछले 16 टेस्ट मैच लगातार जीते थे, वानखेड़े स्टेडियम में हुआ पिछला टेस्ट मात्र 3 दिन में 10 विकेट से जीत लिया था और ईडन गार्डन्स में हो रहे इस दूसरे टेस्ट में पहली पारी में 274 रनों की बढ़त ले ली थी। ऑस्ट्रेलिया के पास एक सशक्त गेंदबाजी आक्रमण था, ग्लेन मक्ग्रा, जेसन गिलेस्पी, शेन वॉर्न और माइकल कैस्प्रोविच। श्रृंखला की पहली तीन पारियों में भारत के स्कोर थे 176, 219 और 171, अतः जब शिवसुन्दर दास और सदागोपन रमेश ने पहले विकेट के लिए 52 रन जोड़ दिए तो भारतीय ड्रेसिंग रूम में कुछ स्थिरता का वातावरण बन चुका था।

लक्ष्मण ने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में मात्र दो अवसरों पर नम्बर 3 पर बल्लेबाजी की थी, 1999-2000 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में। पहली पारी में 41 और दूसरी पारी में गोल्डन डक।

जब सदागोपन रमेश के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा तो लक्ष्मण अपने स्थान से उठे, आउट होकर लौट रहे रमेश राहुल द्रविड़ के स्थान पर लक्ष्मण को नम्बर 3 पर आता देख चौंक गए थे। दास और लक्ष्मण ने एक अच्छी साझेदारी आरम्भ की। लक्ष्मण गेंद को बड़े आराम से टाइम कर रहे थे, गेंद बल्ले के बिल्कुल मध्य में लग रही थी, विशेषकर शेन वॉर्न के विरुद्ध। पैरों की मूवमेंट भी उत्कृष्ट। इस समय पुरानी असफलताएँ लक्ष्मण के मस्तिष्क से निकल चुकी थीं। यही कारण था कि जब जल्दी जल्दी शिवसुन्दर दास और सचिन के विकेट गिरे और स्कोर 115/3 हो गया तब भी लक्ष्मण विचलित नहीं हुए।

श्रृंखला में अबतक बल्ले से असफल रहे कप्तान सौरव और लक्ष्मण ने तीसरे दिन भोजनावकाश के पश्चात शतकीय साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को कुछ कम किया, दिन के अंतिम घण्टे में जब सौरव 48 रन पर आउट हुए तब भी ऑस्ट्रेलिया 42 रनों से आगे थी। ईडन गार्डन्स के दर्शक अपने भूमिपुत्र की पवेलियन वापसी के पश्चात स्टेडियम छोड़कर जाने लगे और जबतक राहुल द्रविड़ क्रीज पर पहुँचे, आधा स्टेडियम खाली हो चुका था।

Day 4:
भारतीय टीम अभी भी 20 रन पीछे थी और 4 विकेट गिर चुके थे पर चौथे दिन सवेरे जब लक्ष्मण और द्रविड़ बल्लेबाजी के लिए आए तब ईडन के दर्शक उत्साह से भरे हुए थे। लक्ष्मण इस मैच में अबतक 8 घण्टे बल्लेबाजी कर चुके थे और थोड़े क्लान्त भी थे पर एड्रेनलिन-प्रवाह किसी भी छोटी मोटी क्लान्ति को इस समय लक्ष्मण का मार्ग रोकने की आज्ञा देने को तैयार न था।

परिस्थितियाँ अब और कठिन होने वाली थीं क्योंकि दूसरी नई गेंद का समय हो चला था। मक्ग्रा और गिलेस्पी पूर्ण रूप से तैयार थे, यहाँ अधिक स्विंग नहीं थी पर दोनों गेंदबाज अनिश्चितता के कॉरिडोर में गेंद करने की कला में दक्ष थे। लक्ष्मण की योजना थी, अधिक से अधिक “V” में खेलना और आड़े बल्ले वाले शॉट्स की संख्या अत्यल्प रखना। लक्ष्मण पुल शॉट अच्छा खेलते थे इसलिए बीच बीच में आने वाले बाउंसर के लिए भी वो तैयार थे। इस समय उनके शरीर और मस्तिष्क में ऐसा तालमेल था कि वे वह कर पा रहे थे जो उन्होंने सोच रखा था। मक्ग्रा और गिलेस्पी के स्पेल सफलतापूर्वक निकालने के बाद अब अगली परीक्षा शेन वॉर्न और कैस्प्रोविच के रूप में सामने थी। कैस्पर रिवर्स स्विंग के अच्छे गेंदबाज थे, उनकी गेंद इस प्रकार अंदर आती थी कि उनके विरुद्ध शॉट्स मिड ऑफ के दाएँ से लेकर मिडविकेट के बाएँ ही खेले जा सकते थे, मानो मैदान का शेष भाग अस्तित्व में ही न हो और शेन वॉर्न के बारे में कुछ कहने की आवश्यकता है ही कहाँ !

साझेदारी के दौरान जहाँ भी लक्ष्मण की एकाग्रता भंग होती दिखती (जैसा कोलकाता में मार्च की गर्मी में क़ई बार होता है) राहुल द्रविड़ तत्काल उनसे कहते, “Job not done.” अभी काम पूरा नहीं हुआ और बिना काम पूरा किए क्षण भर के लिए भी शिथिलता नहीं बरतनी है। “Job not done.” इस लंबी साझेदारी में सर्वाधिक प्रयोग किया जाने वाला वाक्य बनने वाला था। लक्ष्मण और द्रविड़ ने बिना स्कोरबोर्ड की ओर देखे 10-10 ओवर के छोटे छोटे लक्ष्य निर्धारित करते हुए खेल को आगे बढ़ाने का निश्चय किया। इस समय उद्देश्य विजय नहीं बल्कि मैच में बने रहना था। जितनी देर तक ऑस्ट्रेलियाई टीम से गेंदबाजी कराई जाएगी, ड्रॉ की संभावना उतनी ही प्रबल होती जाएगी।

पहले सत्र में दोनों ने 29 ओवर में 122 रन जोड़ लिए थे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि भारत की बढ़त 102 की हो चुकी थी। लक्ष्मण ने अपने पिछले दिन के स्कोर 109 में 62 रन और जोड़ लिए थे। स्कोर 376/4.

Laxman Vs Warne:
लक्ष्मण घरेलू सत्र से ही बहुत अच्छी फॉर्म में थे, अतः उन्होंने शेन वॉर्न के विरुद्ध आक्रमण किया। लक्ष्मण जानते थे कि ऐसा करते हुए उनका फुटवर्क उच्चस्तरीय होना चाहिए। जैसे ही वॉर्न गेंद को आगे फेंकते, लक्ष्मण पलक झपकते ही बाहर आ चुके होते थे और गेंद को या तो स्पिन के विरुद्ध मिड ऑन की दाईं ओर या स्पिन के साथ ऑफ साइड में ड्राइव कर रहे थे। बीच बीच में पीछे जाकर पुल शॉट भी खेल रहे थे। उद्देश्य था शेन वॉर्न को लय में न आने देना। लक्ष्मण इस उद्देश्य में सफल होते दिख रहे थे, वॉर्न जितनी अधिक गेंदबाजी करते गए उनकी गेंदों में घुमाव कम होता गया और जैसे जैसे उनका कंधा थकता गया, गेंदों की गति भी कम होती गई।

(इस पारी में वॉर्न को 34 ओवरों में साढ़े चार की औसत से 152 रन पड़े। इयन चैपल कहते हैं, लेग स्पिनर के विरुद्ध ऑन ड्राइव क्रिकेट में सबसे कठिन शॉट है। वी.वी.एस लक्ष्मण ने इस पारी में शेन वॉर्न की लेग स्पिन को जिस प्रकार खेला, लेग स्पिन के विरुद्ध इस स्तर की बल्लेबाजी उन्होंने कभी नहीं देखी। बाद में चैपल ने वॉर्न ने पूछा कि अपनी गेंदबाजी के बारे में उनका क्या कहना है, इसपर वॉर्न ने यह उत्तर दिया कि उन्होंने बुरी गेंदबाजी नहीं की। चैपल ने उनसे सहमत होते हुए कहा कि आप सही कह रहे हैं लेकिन जब कोई बल्लेबाज तीन कदम आगे निकलकर आपकी गेंद को मिड ऑन के दाएँ से चौका मार रहा है वो भी ऐसी पिच पर जिसपर पर्याप्त टर्न मिल रहा हो और यदि आप हल्की सी शॉर्ट गेंद करके चकमा देने का प्रयास करें तो पिछले पैर पर जाकर पुल कर रहा हो तो आप भला क्या कर सकते हैं! यह बुरी गेंदबाजी नहीं बल्कि उत्कृष्ट फुटवर्क है।)

शाम तक खेलेंगे तो इनकी :

चायकाल से पूर्व लक्ष्मण ने मार्क वॉ की गेंद को घुटनों पर बैठकर कवर ड्राइव करके अपना दोहरा शतक पूरा किया। इसके बाद राहुल द्रविड़ ने भी अपना शतक पूरा किया। राहुल के सेलिब्रेशन से लग रहा था कि उनके लिए इस पारी का क्या महत्व था। उन्होंने आगे निकलकर वॉर्न की गेंद को ऑन ड्राइव करके हेलमेट निकाला और गुस्से में अपने बल्ले और हेलमेट को कॉमेंट्री बॉक्स की ओर दिखाया। राहुल द्रविड़ का यह पक्ष पहले किसी ने देखा नहीं था।

दिन का खेल समाप्त होने पर जब दोनों बल्लेबाज पवेलियन में लौटे तो वहाँ अब कोई नर्वस चेहरे नहीं थे, कोई नकारात्मक विचार शेष नहीं था, अब केवल उल्लास था क्योंकि भारतीय टीम की बढ़त 300 के पार जा चुकी थी। पूरे दिन गर्मी से पार पाने के लिए दोनों ने ठंडे तौलिए गर्दन पर लपेटे हुए थे और स्टम्प्स का समय होते होते लगभग ऊर्जाहीन हो चुके थे। चेंज रूम में आते ही दोनों ने बड़ी कठिनाई से पैड उतारे और मसाज टेबल पर लेट गए। लेकिन यह सब स्वीकार था क्योंकि स्कोर था 589/4, लक्ष्मण 275, द्रविड़ 155. दिन के खेल में 315-0 रन बने थे, इसी अवधि में लक्ष्मण सुनील गावस्कर का 236 रनों का स्कोर पार करके एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने।

Day 5:
विचार यह था कि 5वें दिन एक घण्टा खेलकर पराजय की सम्भवनाएँ समाप्त की जाएँ और ऑस्ट्रेलिया से बल्लेबाजी कराई जाए। लक्ष्मण के पास पर्याप्त समय था 25 रन और जोड़कर भारत की ओर से पहला तिहरा शतक लगाने का, पर नियति को यह स्वीकार नहीं था। लक्ष्मण 281 के स्कोर पर मक्ग्रा की गेंद पर आउट हुए और लक्ष्मण और द्रविड़ के बीच चली ये 376 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी समाप्त हो गई। राहुल द्रविड़ 180 पर रन आउट हो गए और भारतीय टीम ने 657/7 पर पारी घोषित कर दी। लक्ष्मण के मन में तनिक भी दुःख नहीं था 300 न बना पाने का। उन्होंने अपनी टीम को संकट से निकालकर विजय पाने की स्थिति में पहुँचा दिया था।

ऑस्ट्रेलिया के सामने लक्ष्य था ढाई सत्र में 384 रनों का। चायकाल तक स्कोर 161 पर 3 था, मैथ्यू हेडेन और कप्तान स्टीवेन वॉ क्रीज पर थे और मैच ड्रॉ की अग्रसर दिख रहा था। चाय के बाद हरभजन को 14 गेंदें लगीं स्टीव वॉ का विकेट लेने में, रिकी पॉन्टिंग इस श्रृंखला में हरभजन के सामने वॉकिंग विकेट थे, वे मात्र 4 गेंद टिके। इसके तुरंत बाद सचिन की गेंद को स्वीप करने के प्रयास में गिलक्रिस्ट इस मैच में अपने दूसरे गोल्डन डक पर आउट हो गए। इस श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए समस्या बने हुए मैथ्यू हेडेन भी इसी प्रकार सचिन की गेंद पर आउट हुए। स्टम्प्स से कुछ मिनट पूर्व हरभजन सिंह ने ग्लेन मक्ग्रा के रूप में अपना इस पारी का छठा और मैच का 13वाँ विकेट लेकर मैच समाप्त किया।

भारतीय टीम की यह अप्रत्याशित टेस्ट विजय भारतीय क्रिकेट की लोककथाओं का हिस्सा बनने वाली थी। कोच जॉन राइट ने लक्ष्मण से कहा, “I always knew that you had the potential. I am glad you showed this to the world.”

(वी.वी.एस लक्ष्मण की आत्मकथा “281 And Beyond” से।)

Miracle in Johannesburg: The Greatest ODI of all time.

“Straight down the ground, what a victory. That is a sensational game of Cricket.” यह स्वर थे, कॉमेंट्री बॉक्स में टोनी ग्रेग के। 50वें ओवर में ब्रेट ली की 5वीं गेंद को मार्क बाउचर ने मिड ऑन के ऊपर से उठा दिया था और दक्षिण अफ्रीका ने एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी रन चेज पूरी की थी।

वॉन्डरर्स स्टेडियम,जोहानेसबर्ग में खेला जा रहा यह मैच श्रृंखला का 5वाँ और निर्णायक मैच था। इस बिल्कुल फ्लैट विकेट पर रिकी पॉन्टिंग ने जब टॉस जीता तो किसी के मन में कोई शंका नहीं थी कि वो क्या निर्णय लेंगे।

ऐडम गिलक्रिस्ट और साइमन कैटिच ने पहले विकेट के लिए 97 रन जोड़े, गिलक्रिस्ट के आउट होने के बाद क्रीज पर आगमन हुआ कप्तान रिकी पॉन्टिंग का। पॉन्टिंग ने साइमन कैटिच के साथ अगले 15 ओवरों में 119 रनों की साझेदारी की। यह मैच देख रहे भारतीय क्रिकेट समर्थकों को 3 वर्ष पूर्व इसी मैदान पर खेली गई पॉन्टिंग की 2003 विश्वकप फाइनल वाली पारी याद आने लगी थी। रिकी पॉन्टिंग इस समय विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज थे और अपनी क्षमताओं के सर्वोच्च स्तर पर थे। उन्होंने अगले 16 ओवरों में माइकल हसी के साथ 158 रन और जोड़े। हसी ने मात्र 51 गेंदों पर 81 रन बनाए।

मात्र 105 गेंदों में खेली गई रिकी पॉन्टिंग की इस 164 रनों की इस पारी में 13 चौके और 9 छक्के शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया की पारी 50 ओवरों में 434/4 के स्कोर पर समाप्त हुई। पहली बार एकदिवसीय क्रिकेट में किसी टीम ने 400 का आँकड़ा पार किया था। इस स्कोर के चेज होने की सम्भवनाएँ बहुत क्षीण थीं।

The Proteas come all guns blazing:
दक्षिण अफ्रीका ने ओपनर बोएटा डिपेनार का विकेट मात्र 3 रनों के स्कोर पर गँवा दिया और नम्बर 3 पर कप्तान ग्रैम स्मिथ का साथ देने आए हर्शल गिब्स। दक्षिण अफ्रीकी एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास की अविस्मरणीय साझेदारियों में से एक का आरम्भ हो चुका था। गिब्स ने पारी का आरम्भ बहुत तेज नहीं किया, एक समय वे 19 गेंद में 18 पर खेल रहे थे और इस गति से 435 रन बनने संभव नहीं थे। 7वें ओवर में ब्रेट ली की पहली गेंद को गिब्स ने स्क्वेयर लेग बाउंड्री के ऊपर से पुल कर दिया। 14वें ओवर में गिब्स ने 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।

“Graeme Smith on fire. Fasten your seatbelts.” – दूसरी ओर कप्तान ग्रैम स्मिथ बहुत अच्छी लय में थे और रिक्वायर्ड रेट को नियंत्रण में रखे हुए थे। 15वें ओवर में मिक लुईस को चौका लगाकर मात्र 33 गेंदों में स्मिथ ने अर्धशतक पूरा कर लिया था। 15 ओवरों के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर था 120/1. अब स्मिथ के बल्ले से हर ओवर में बाउंड्री आ रही थी। माइकल क्लार्क ऐंड्रू साइमंड्स और मिक लुइस के रूप में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की कमजोर कड़ियों पर उन्होंने पूरी तरह आक्रमण कर दिया था। साइमंड्स की गेंद को उन्होंने घुटने पर बैठकर लॉफ्टेड स्वीप द्वारा मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से दर्शक दीर्घा में पहुँचाया। अगले ओवर में माइकल क्लार्क की गेंद को आगे निकलकर Cow Corner के ऊपर से 6 रनों के लिए भेज दिया। कॉमेंट्री बॉक्स में बैरी रिचर्ड्स, “He’s too big a man, not to get it out of the park.”

22वें ओवर में स्टुअर्ट क्लार्क की अंतिम गेंद पर हर्शल गिब्स द्वारा आगे निकलकर कवर बाउंड्री के ऊपर से लगाए गए छक्के के बाद स्कोर हुआ 190/1. कप्तान स्मिथ 90(54) और गिब्स 84(73). अब ऑस्ट्रेलियाई खेमे में भी घबराहट थी। किसी ने नहीं सोचा था कि दक्षिण अफ्रीका का उत्तर ऐसा होगा। “Is South Africa going to do the unthinkable?”

Twist in the tale:
23वें ओवर में माइकल क्लार्क की पहली गेंद, स्मिथ ने बिल्कुल वही शॉट खेलने का प्रयास किया जिससे उन्होंने दो ओवर पूर्व 6 रन प्राप्त किए थे पर गेंद और बल्ले का संपर्क वैसा नहीं हुआ और गेंद Cow Corner पर खड़े माइकल हसी के हाथों में चली गई और 127 गेंदों में हुई 187 रनों की महान साझेदारी का अंत हुआ। 55 गेंदों में खेली गई 90 रनों की इस पारी में ग्रैम स्मिथ ने 13 चौके और 2 छक्के लगाए थे।

Beastmode: स्मिथ के आउट होने के बाद क्रीज पर आए एबी डिविलियर्स पर उस समय वे उस स्तर के बल्लेबाज नहीं थे जैसे भविष्य में बने। अभी तक सहायक भूमिका निभा रहे हर्शल गिब्स ने अब स्टीयरिंग अपने हाथ में ले लिया और स्मिथ के विकेट के बाद अगली ही गेंद को स्क्वेयर लेग बाउंड्री के बाहर 6 रनों के लिए भेज दिया। बैरी रिचर्ड्स के शब्द थे, “What a response after a wicket!”

24वें ओवर में स्टुअर्ट क्लार्क को लगातार दो चौके लगाकर हर्शल गिब्स ने करियर का 16वाँ शतक पूरा किया। 25वें ओवर में मिक लुइस की गेंद को गिब्स ने फ्रंट फुट रहते हुए ही पुल कर दिया। ये एक बेसबॉल शॉट था। 24वें, 25वें और 26वें ओवर में कुल 42 रन आए और स्कोर हो गया 242 पर दो, रन रेट 9.30 और रिक्वायर्ड रेट 8.04. इन तीन ओवरों में गिब्स ने 7 चौके और 1 छक्का लगाया। 29वें ओवर में लुइस को 3 चौके और एक छक्का लगाकर गिब्स ने 100 गेंदों में अपने 150 रन पूरे किए।

“Has he dropped the trophy ?”
27वें ओवर में मिक लुइस की अंतिम गेंद: फुल टॉस, गिब्स ने इसे मिड ऑफ के ऊपर से उठाने का प्रयास किया, गेंद सीधी मिड ऑफ पर नेथन ब्रैकन के हाथों में गई पर ब्रैकन ने ये बिल्कुल ही आसान कैच टपका दिया। हर्शल गिब्स इस समय 132 रन पर खेल रहे थे। कॉमेंट्री बॉक्स में टोनी ग्रेग के शब्द थे, “Could he have dropped the trophy ? Is it the case of this time the other way round ?” [हर्शल गिब्स ने 1999 विश्वकप में स्टीव वॉ का ऐसा ही आसान कैच छोड़ा था, जिसके बाद स्टीव वॉ ने नाबाद शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को विजय दिलाई थी। कथित तौर पर स्टीव वॉ ने कैच छूटने के बाद गिब्स से कहा था, “You have dropped the World Cup son.” हालाँकि गिब्स और वॉ दोनों ने इस बात का खंडन किया।]

मिक लुइस के अगले ओवर में गिब्स ने टोनी ग्रेग की बात को सत्य करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी, उन्होंने इस ओवर में 3 चौके और 1 छक्का लगाकर 18 रन प्राप्त किए और 100 गेंदों में अपने 150 रन पूरे किए।

AB डिविलियर्स और गिब्स के बीच 8.4 ओवरों में 94 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें 77 रन हर्शल गिब्स के थे जो उन्होंने मात्र 33 गेंदों में बनाए थे। 31वें ओवर में AB के आउट होने के बाद भी गिब्स नहीं रुके और अगले ओवर में साइमंड्स को दो लगातार छक्के लगा दिए। हैट्रिक लगाने के प्रयास में गिब्स का अगला शॉट लॉन्ग ऑफ पर ब्रेट ली के हाथों में चला गया। 111 गेंदों तक चली इस पारी में हर्शल गिब्स ने 21 चौकों और 7 छक्कों सहित 175 रन बनाए थे। Wisden के अनुसार गिब्स की यह पारी दशक की महानतम पारी थी। बुलरिंग में उपस्थित कोई भी दर्शक बैठा नहीं था, सभी ने गिब्स को “Standing Ovation” दी।

स्कोर 32 ओवर में 299/4. 108 गेंदों में 136 रनों की आवश्यकता पर अगले 11 ओवरों में ऑस्ट्रेलिया ने कसी हुई गेंदबाजी की और मात्र 59 रन बने और जैक कैलिस एवं जस्टिन केम्प के विकेट भी गिरे, स्कोर हो गया 43 ओवर में 358 पर 6… 7 ओवरों में 77 रनों की आवश्यकता।

विकेटकीपर मार्क बाउचर अभी भी क्रीज पर थे और उनका साथ दे रहे थे योहान वान डर वाथ, जिन्होंने 44वें ओवर में मिक लुइस को दो छक्के लगाए, पहला लॉन्ग ऑफ के ऊपर से और दूसरा कवर के ऊपर से.. धमाकेदार शॉट, कोई शीर्ष क्रम का बल्लेबाज भी इन दो शॉट्स पर गर्व कर सकता था। 45वें ओवर में ब्रैकन को एक छक्का और एक चौका लगाकर वान डर वाथ ने दक्षिण अफ्रीका को वापस मैच में ला दिया। 3 ओवर में 41 रन आ जाने के बाद अब 4 ओवर में 36 रनों की आवश्यकता थी। वॉन डर वाथ की यह पारी इस मैच की सबसे Underrated पारी थी। उन्होंने 18 गेंदों में 35 रन बनाए। वान डर वाथ ने बाद रॉजर टेलीमाकस ने 6 गेंदों में 12 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। मार्क बाउचर अभी तक एंकर की भूमिका में थे, पर 48वें ओवर में उन्होंने मिक लुइस को 2 चौके लगाए। इसी ओवर में मिक लुइस का भी शतक पूरा हुआ, रिकी पोंटिंग के बाद इस मैच में शतक बनाने वाले वे दूसरे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बने।

Another Twist: स्कोर 48 ओवर में 422/7. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल गेंदबाज रहे नेथन ब्रैकन ने 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर रॉजर टेलीमाकस के रूप में अपना 5वाँ विकेट लिया और इस ओवर में मात्र 6 रन बने। अंतिम ओवर में 7 रनों की आवश्यकता, दो विकेट शेष। गेंद ब्रेट ली के हाथों में, पहली गेंद पर सिंगल, दूसरी गेंद पर ऐंड्रू हॉल का करारा प्रहार, मिड ऑन और मिड विकेट दोनों फील्डर सर्कल में थे, गेंद चार रनों के लिए सीमारेखा के बाहर। अब 4 गेंदों में मात्र 2 रनों की आवश्यकता। टोनी ग्रेग कह रहे थे, “Now South Africa should definitely win.” पर क्या मैच में कोई नाटकीय मोड़ आना शेष था ? हाँ, ब्रेट ली की अगली गेंद पर हॉल ने अपना पिछला शॉट दोहराने का प्रयास किया पर गेंद सीधी मिड ऑन पर खड़े माइकल क्लार्क के हाथों में चली गई।

अब नम्बर 11 मखाया एंटीनी दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक ब्रेट ली का सामने थे। 3 गेंदों में 2 रनों की आवश्यकता। ब्रेट ली की एक यॉर्कर यहाँ मैच समाप्त कर सकती थी पर उन्होंने यॉर्कर नहीं फेंकी और एंटीनी ने सफलतापूर्वक गेंद को थर्ड मैन की ओर भेजकर एक रन पूरा कर लिया। स्कोर बराबर हो चुके थे।

इस मैच में दक्षिण अफ्रीका को यहाँ तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मार्क बाउचर के पास विजयी शॉट लगाने का अवसर था। ब्रेट की 5वीं गेंद, आगे पिच की हुई, “Straight down the ground, what a victory. That is a sensational game of Cricket.” टोनी ग्रेग कॉमेंट्री बॉक्स में पूरे जोश में थे। इसी के साथ मार्क बाउचर ने 43 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। यह उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में से एक थी। दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच एक विकेट से जीत लिया था और इसी के साथ ये श्रृंखला भी 3-2 से अपने नाम कर ली थी।

शॉन पॉलक इस मैच में नहीं खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब ऑस्ट्रेलिया की पारी समाप्त होने के बाद ड्रेसिंग रूम में एकदम शांति थी, सभी खिलाड़ी निराश थे तब जैक कैलिस ने कहा, “The bowlers have done their job boys – I reckon they’re 10 or 15 short.” कैलिस ने यह बात ड्रेसिंग रूम का वातावरण ठीक करने के लिए कही थी पर कुछ घण्टे बाद यह सत्य सिद्ध हुई।

इस मैच से पूर्व हर्शल गिब्स के सिर पर निलंबन की तलवार लटक रही थी क्योंकि उन्होंने नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन किया था और निलम्बन के विषय में मीटिंग इस मैच के बाद होनी थी, जो कभी नहीं हुई। मखाया एंटीनी ने मजाक में कहा, “We should let Herschelle Gibbs drink every night. He scored 175 after a night out. To do that, it’s mind-blowing.”

“As if he’d have taken the single anyway.”

विवियन रिचर्ड्स अपने करियर के अंतिम दौर में थे, लेकिन अभी भी वे क़ई बार अपने फैन्स के लिए घड़ी की सुई को पीछे ले जाया करते थे। जून 1990 में Glamorgan काउंटी के लिए हैम्पशायर काउंटी के विरुद्ध खेलते हुए विव ने यही किया।

अंतिम दिन Glamorgan को 364 रनों का लक्ष्य मिला था और चायकाल तक स्कोर था 140 पर 5, विव रिचर्ड्स क्रीज पर थे, गेंदें ब्लॉक कर रहे थे और बिल्कुल भी अच्छे मूड में नहीं थे, इसका एक कारण यह भी था कि Glamorgan के कप्तान ऐलन बूचर ने बालकनी से इशारा किया था कि मैच बचाना है। हैम्पशायर की टीम को विश्वास था कि विव आउट हों या न हों पर शेष 5 बल्लेबाज पूरा सत्र निकाल पाएंगे इसकी कोई संभावना नहीं।

चाय के बाद टिम ट्रेमलेट की पहली गेंद: विव ने अपने फॉरवर्ड डिफेंस को ही एक्सटेंड करके गेंद को हवाई यात्रा कराते हुए साइट स्क्रीन के ऊपर से सड़क पर पहुँचा दिया। हैम्पशायर के खिलाड़ियों ने एक दूसरे को देखा, “Oh my days, here we go!” इनका भय बिल्कुल सही था, अंतिम सत्र में 200 से अधिक रन चाहिए थे पर विवियन रिचर्ड्स ने निश्चय कर लिया था कि उन्हें क्या करना है। विव के बल्ले से निकले स्ट्रोक मैदान के हर कोने में जा रहे थे।

फास्ट फॉरवर्ड…. Glamorgan के 7 विकेट गिर चुके थे और टेलेंडर Colin Metson बल्लेबाजी के लिए आ चुके थे। दिन के अंतिम ओवर में चाहिए थे 14 रन। अंतिम ओवर कर रहे थे विश्व के तत्कालीन सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज मैल्कम मार्शल। विव 150 पर खेल रहे थे। हैम्पशायर के कप्तान मार्क निकलस ने सारे फील्डर बाउंड्री पर लगा दिए और मार्शल से कहा, “विव को सिंगल देकर दूसरी ओर भेजो और तुम्हारे पास शेष 5 गेंदें Metson और अन्य टेलेंडर्स के लिए हैं। हम जीत भी सकते हैं।”

मार्शल की पहली गेंद गुडलेंथ पर गिरी, जिसे विव ने एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री के बाहर भेज दिया। हैम्पशायर के दो सबसे तेज फील्डर पॉल टेरी और रॉबिन स्मिथ पॉइंट और एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री पर तैनात थे, दोनों में से किसी को हिलने का अवसर न मिला। कप्तान मार्क निकलस Long Off से ही चीखकर कह रहे थे, “Give Viv a f**king single!”

अगली गेंद: मार्शल ने एक तेज बाउंसर फेंकी, विव ने बैकफुट पर जाकर गेंद को स्क्वेयर लेग बाउंड्री के बाहर 6 रनों के लिए भेज दिया। यह गेंद कभी वापस नहीं आई।

कप्तान मार्क निकलस अब Long Off से गेंदबाज के पास आ चुके थे और कह रहे थे, “Give him a f**king single, bowl him a yorker and you’ve got three balls at Metson!”

मैल्कम मार्शल अगली गेंद लेकर दौड़े, यह यॉर्कर तो नहीं पर एक फुल लेंथ गेंद थी, विव ने इसे मिड ऑन के पास से बाउंड्री के लिए भेज दिया। गेंद ने अभी बाउंड्री पार नहीं की थी पर विव ने दस्ताने खोलकर हाथ मार्क निकलस की ओर बढ़ा दिए थे, “‘That was one helluva declaration, skipper, let’s go drink some beers.”

रात दस बजे बार में मैल्कम मार्शल ने अपने कप्तान मार्क निकलस से कहा, “As if he’d have taken the single anyway.”

(हैम्पशायर के पूर्व कप्तान और प्रसिद्ध कॉमेंटेटर मार्क निकलस की किताब “A Beautiful Game: My Love Affair With Cricket” से)

Barry Richards: A Tale Of What Could Have Been.

हैंपशायर काउंटी हो या शेफील्ड शील्ड में साउथ ऑस्ट्रेलिया, इन टीमों के लिए जब भी बैरी ऐंडरसन रिचर्ड्स क्रिकेट पिच पर उतरे, तब तब उनके प्रशंसकों के मन में एक बात अवश्य रही कि रिचर्ड्स का टेस्ट करियर कैसा हो सकता था।

21 जुलाई 1945 को Durban के Natal में जन्मे बैरी रिचर्ड्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले ही इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में ख्याति प्राप्त कर ली थी। 1968 के इंग्लिश क्रिकेट सीजन में उन्होंने हैम्पशायर के लिए खेलते हुए 2395 रन बनाए थे। जिसमें 5 शतक और 18 अर्धशतक थे। Wisden ने रिचर्ड्स की तकनीक और कौशल की बड़ी प्रशंसा की और उनकी कवर ड्राइव की तुलना इंग्लैंड के दो महान बल्लेबाजों Leonard Hutton और Walter Hammond से की। डॉनल्ड ब्रैडमैन ने बैरी रिचर्ड्स को इंग्लिश क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक जैक हॉब्स के स्तर का बल्लेबाज बताया।

1969-70: Springboks कही जाने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम आगामी क़ई वर्षों के लिए टेस्ट क्रिकेट की महान टीम बनने के लिए पूर्ण रूप से तैयार थी। जब ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया तब इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप कहा गया। बैरी रिचर्ड्स को पहली बार दक्षिण अफ्रीकी टीम में स्थान प्राप्त हुआ था।

केपटाउन में अपने डेब्यू टेस्ट में मात्र 29 और 32 के स्कोर पर आउट होने के बाद अपने होम ग्राउंड किंग्समीड-डरबन में हुए दूसरे टेस्ट में बैरी रिचर्ड्स ने अपनी क्षमताओं का परिचय दिया। पहले दिन लंच से पहले वो 94 पर खेल रहे थे। कप्तान अली बाकर ने सिंगल लेकर रिचर्ड्स को स्ट्राइक देने का प्रयास किया ताकि वो लंच से पूर्व ही शतक बना सकें, पर इस प्रयास में बाकर बोल्ड हो गए और यहीं लंच की घोषणा हो गई।

लंच के बाद नम्बर 4 पर रिचर्ड्स का साथ देने आए ग्रैम पॉलक जो टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ा नाम बन चुके थे। ESPN की सीरीज “Legends Of Cricket” में इयन चैपल कहते हैं, “उस ओवर में 3-4 गेंदें बची थीं, ग्रैम पॉलक नम्बर 4 पर आए और उन्होंने दो चौके लगाए, मैंने स्लिप्स में अपने साथ खड़े कीथ स्टैकपोल से कहा, बड़ी समस्या हो गई है यहाँ, अब यह (पॉलक) बस ये देखेगा कि बैरी ने कितने रन बनाए हैं और उसका दोगुना करेगा”

इयन चैपल आगे कहते हैं, “मैं गलत था, बैरी ने 140 बनाए और ग्रैम पॉलक ने 274”
(ग्रैम पॉलक विस्तृत चर्चा किसी अन्य पोस्ट में)

लंच के बाद अगले 60 मिनट में रिचर्ड्स और पॉलक की जोड़ी ने 103 रन जोड़े और इस एक घण्टे में जो बल्लेबाजी हुई वो दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट की लोक गाथाओं का हिस्सा बन गई। कप्तान अली बाकर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस देश ने इससे पहले कभी ऐसी बल्लेबाजी देखी है।”

दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 622 रनों का स्कोर खड़ा किया और यह टेस्ट पारी और 129 रनों से जीता।

जोहानेसबर्ग और पोर्ट एलिज़ाबेथ में हुए तीसरे और चौथे टेस्ट में बैरी रिचर्ड्स के स्कोर थे, 65, 35, 81, 126. पूरी सीरीज में उन्होंने 7 पारियों में 72.57 की औसत से 508 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से वाईटवॉश किया।

इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियन टीम अपने साथ जॉन ग्लीसन नामक “मिस्ट्री स्पिनर” लेकर आई थी। जो ऐक्शन में कोई विशेष बदलाव किए बिना ऑफ स्पिन और लेग स्पिन दोनों करते थे और यह समझ पाना कठिन था कि कौन सी गेंद लेग स्पिन होगी और कौन सी ऑफ स्पिन। अभ्यास मैचों में भी जब भी कोई प्रमुख दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज क्रीज पर आता तो ग्लीसन को आक्रमण से हटा लिया जाता था ताकि उनकी गेंदों का रहस्य बना रहे। टेस्ट सीरीज में ग्लीसन ने अपनी विविधताओं से क़ई बल्लेबाजों को तंग किया, विशेषकर कप्तान अली बाकर को।

केपटाउन टेस्ट की पहली पारी के बाद बैरी रिचर्ड्स (जो अपना पहला टेस्ट खेल रहे थे) ने टीम मीटिंग में ग्लीसन को खेलने का तरीका समझाया, उन्होंने कहा कि गेंद के टॉप को देखो, यदि केवल अंगूठा और एक उंगली दिखाई पड़ रही है तो यह लेग ब्रेक है और यदि अधिक उंगलियाँ दिख रही हैं तो ऑफ ब्रेक। बैरी रिचर्ड्स पूरी सीरीज में जॉन ग्लीसन पर भारी रहे, उन्होंने कदमों का प्रयोग करते हुए क़ई बार ग्लीसन की गेंदों पर बाउंड्री लगाई। ग्लीसन ने 4 टेस्ट में 18 विकेट लिए जिसमें ग्रैम पॉलक, एडी बारलॉ, ली अरवाइन और अली बाकर शामिल थे पर एक भी बार उन्हें बैरी का विकेट नहीं मिला।
(सोर्स: ESPN)

इस सीरीज के बाद बैरी रिचर्ड्स ने कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेली क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी सरकार की रंगभेद की नीतियों के कारण इस क्रिकेट टीम पर प्रतिबंध लग गया था। जो टीम टेस्ट क्रिकेट की अगली Dynasty हो सकती थी उसके खिलाड़ी दूसरे देशों की घरेलू क्रिकेट खेलने को विवश थे।

बैरी ने 1970 के काउंटी सीजन में हैम्पशायर के लिए 53.77 की औसत से 1667 रन बनाए। हैम्पशायर में गॉर्डन ग्रीनिज के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी काउंटी क्रिकेट की महान जोड़ियों में से एक है। 1968 से 1977 तक काउंटी क्रिकेट में बैरी रिचर्ड्स ने 51 की औसत से 15,843 रन बनाए और 1977 के अतिरिक्त हर सीजन में 1000 से अधिक रन बनाए।

नवम्बर 1970 में शेफील्ड शील्ड में साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एक दिन में 325 रन बना दिए थे। ये कोई मामूली गेंदबाजी आक्रमण नहीं था, इसमें डेनिस लिली और ग्रैम मैकेंजी जैसे गेंदबाज थे।

हज़ारों रन बनाने के बाद भी बैरी के मन में एक कसर थी कि इतने क्षमतावान बल्लेबाज होने के बाद भी वे सर्वोच्च स्तर की क्रिकेट का हिस्सा नहीं बन पा रहे थे। इस बारे में उनके हमवतन रॉबिन जैकमैन ने कहा है, “When you’re that talented you want the world to see it, not a few guys watching at Southampton.” यही कारण था कि जून के महीने में रिचर्ड्स कोई न कोई “इंजरी” खोज लेते थे ताकि आराम से विम्बलडन देख सकें। काउंटी क्रिकेट उनके लिए अब कोई चैलेंज नही थी और वो इससे बोर हो चुके थे।

1977 में बैरी रिचर्ड्स को पुनः अवसर मिला विश्वस्तर पर विश्व के टॉप क्रिकेटरों के विरुद्ध अपना दम दिखाने का। यह अवसर था केरी पैकर की “World Series Cricket (WSC)” में World XI के लिए खेलने का। WSC में बैरी रिचर्ड्स ने 5 SUPERTEST खेले और 79.14 की औसत से दो शतक सहित 554 रन बनाए।

WSC के 1977-78 सीजन के 5वें Supertest में Gloucester Park, Perth में World XI की ओर से WSC Australia XI विरूद्ध खेलते हुए बैरी रिचर्ड्स ने अपने हैम्पशायर के साथी ओपनर गॉर्डन ग्रीनिज के साथ ओपनिंग की और दोनों ने पहले विकेट के लिए 234 रन जोड़ लिए। ग्रीनिज की इंजरी के बाद क्रीज पर आए वेस्ट इंडियन सुपरस्टार विवियन रिचर्ड्स।

प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई लेखक और क्रिकेट पत्रकार Gideon Haigh अपनी किताब “The Cricket War” में लिखते हैं कि अखबारों में प्रश्न उठते थे कि इन दोनों में बेहतर रिचर्ड्स कौन है? बैरी या विव ? श्वेत या अश्वेत। दोनों में से इस समय विश्व का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कौन था, यह बता पाना कठिन था। जब विव बल्लेबाजी करने आए तो बैरी पहले ही 114 पर थे। अतः Max Walker यह मान रहे थे कि विव कम से कम दोहरा शतक तो बनाएंगे।

इस साझेदारी में बैरी की बल्लेबाजी ऐसी थी कि विव भी उनके सामने हल्के नज़र आ रहे थे। इस साझेदारी में बैरी रिचर्ड्स ने 93 रन बनाए और विव ने 41. 207 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर एक छक्का लगाने के प्रयास में Barry ने ग्रेग चैपल को कैच दे दिया। उनके 136 रन सिर्फ चौके छक्के से आए थे। (28 चौके, 4 छक्के). दिन का खेल खत्म होने तक World XI का स्कोर था 433/1. World XI ने यह मैच पारी और 73 रनों से जीता।

बैरी रिचर्ड्स की पारी देखने वाले इस बात पर विचार कर रहे थे यदि दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध न लगा होता तो बैरी रिचर्ड्स के टेस्ट रिकॉर्ड कितने शानदार होते। 1964 से 1983 तक चले प्रथम श्रेणी करियर में बैरी रिचर्ड्स ने 54.74 की औसत से 80 शतक सहित 28,358 रन बनाए। 80 में से 9 शतक उन्होंने लंच के पहले ही बना दिए।

World Series Cricket में खेलने के बारे में बैरी ने कहा, “The money was only incidental to a last opportunity to play in the company of world-class cricketers again.”

1969 के Wisden Cricket of the year रहे बैरी ऐंडरसन रिचर्ड्स मात्र 4 टेस्ट खेलने के बाद भी विश्व के महानतम बल्लेबाजों में से एक गिने जाते हैं, उन्हें 2009 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।

“Don’t wake up a sleeping Lion”

History: 1969-70 में बैरी रिचर्ड्स, ग्रैम पॉलक, माइक प्रॉक्टर, एडी बार्लो जैसे स्टार्स से सुसज्जित अली बाकर की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका ने बिल लॉरी की ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से वाइटवॉश किया था। इसके बाद लगभग अगले 5 दशक (2 दशक के प्रतिबंध को गिनते हुए) तक दक्षिण अफ्रीका कभी भी अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में पराजित नहीं कर सकी थी, ऑस्ट्रेलिया में जाकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को क़ई बार टेस्ट सीरीज हराई पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध होम टेस्ट सीरीज जीतना एक स्वप्न ही रहा था।

वर्ष 2018 में 4 टेस्ट की सीरीज के लिए जब स्टीव स्मिथ की ऑस्ट्रेलियाई टीम दक्षिण अफ्रीका में उतरी तब भी उनके पास एक शक्तिशाली टीम थी जो दक्षिण अफ्रीका में अपना रिकॉर्ड कायम रखने में पूर्णतया सक्षम थी।

ऑस्ट्रेलिया ने Kingsmead (Durban) में पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को 118 रन से पराजित करके सीरीज में मजबूत शुरुआत की। 417 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एडेन मार्क्रम की 143 रनों की शानदार पारी के बाद भी ऑस्ट्रेलिया ने यह टेस्ट 118 रनों से जीत लिया। मिचेल स्टार्क ने मैच में 9 विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच रहे।

इस मैच में कुछ और घटनाएँ भी हुईं। ऑस्ट्रेलियाई उपकप्तान डेविड वॉर्नर मैच के चौथे दिन एडेन मार्क्रम को लगातार कुछ न कुछ कहते दिखे। वॉर्नर चौथे दिन के चायकाल के दौरान पवेलियन की सीढ़ियों पर क्विंटन डी कॉक से भी झगड़ते नज़र आए। जब AB डिविलियर्स 0 पर रन आउट हुए तब भी विकेट सेलिब्रेट करने के दौरान वॉर्नर लगातार मार्क्रम को स्लेज करते रहे। (ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्मिथ और कोच डैरेन लीमन दोनों ने वॉर्नर का पूरी तरह बचाव किया।) AB जब डाइव लगाकर नीचे पड़े हुए थे तब नेथन लायन ने उन्हें रन आउट करने के बाद गेंद उनके ऊपर ड्रॉप कर दी थी।

मैच रेफरी जेफ क्रो ने नेथन लायन पर जुर्माना भी लगाया। ऑस्ट्रेलियन टीम को जो क्षति पहुँचनी थी वो पहुँच चुकी थी, 5 मार्च 2018 को यह मैच समाप्त हुआ और उसी दिन AB डिविलियर्स का ट्वीट आया “This series will be one to remember”. ऑस्ट्रेलियाई टीम की हरकतों ने एक “Sleeping Lion” को जगा दिया था।

ऑस्ट्रेलियाई टीम को अनुमान नहीं रहा होगा कि अब इस सीरीज में उनके साथ क्या होने वाला है।

2nd Test: St. George’s Park, Port Elizabeth: जब AB बल्लेबाजी करने आए तो ऑस्ट्रेलिया के 243 रनों के जवाब में दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 155 पर 3 था, जो तुरन्त 155 पर 4 हो गया और थोड़ी देर बाद 183 पर 6.

मिचेल स्टार्क को लगातार दो चौके लगाकर AB ने अपने पचास रन पूरे किए। क्विंटन के आउट होने के बाद स्कोर था 227 पर 7, अब दक्षिण अफ्रीका की टेल शुरु हो चुकी थी और अभी भी ऑस्ट्रेलिया के पास 16 रन की लीड थी। दक्षिण अफ्रीका को चौथी पारी खेलनी थी इसलिए मैच में बने रहने के लिए अच्छी लीड आवश्यक थी। अच्छी लीड दिलाने का सारा दायित्व अब अपनी अंतिम सीरीज खेल रहे AB डिविलियर्स के कंधों पर था। (इस समय सिर्फ AB को पता रहा होगा कि यह उनकी अंतिम सीरीज है)

89वें ओवर में AB ने पैट कमिन्स को दो चौके लगाए। अगले ओवर में स्टीव स्मिथ ने नई गेंद ले ली पर चौके आते ही रहे। दूसरे दिन की शाम दक्षिण अफ्रीका का स्कोर था 263/7, AB 74 (81). तीसरे दिन वर्नन फिलैंडर और AB के बीच 8वें विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी हुई। फिलैंडर ने 36 रन बनाए थे।

पैट कमिन्स की शॉर्ट गेंद को स्लिप के ऊपर से उठाकर AB ने मात्र 117 गेंदों में करियर का 22वाँ टेस्ट शतक पूरा किया। यह 13 टेस्ट मैचों में और जनवरी 2015 के बाद उनका पहला टेस्ट शतक था।

कमिन्स के अगले ओवर में AB ने इस मैच का संभवतः सर्वश्रेष्ठ स्ट्रोक खेला। यह थोड़ी शॉर्ट गेंद थी, AB क्रीज में और अंदर गए, ऑफ स्टम्प की लाइन के थोड़ा बाहर, शरीर का भार पिछले पैर पर और पुल शॉट “In front of square” डीप मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से 6 रन। Arrogant Shot, मानो गेंदबाज को अपमानित कर रहे हों।

दक्षिण अफ्रीका की पारी 382 पर समाप्त हुई, सीरीज पलट देने वाली पारी खेलकर AB 126 पर नॉट आउट लौटे और इसी के साथ तीसरे दिन लंच की घोषणा भी हो गई। यह टेस्ट क्रिकेट का शानदार सत्र था और 139 रन की बढ़त लेने के बाद अब दक्षिण अफ्रीका के पास सीरीज बराबर करने का एक सुनहरा अवसर था।

दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पास कागिसो रबाडा का कोई जवाब नहीं था। पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीका के इस “Wrecker In Chief” ने दूसरी पारी में 54 रन देकर 6 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया के 239 पर ऑल आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 101 रनों का लक्ष्य मिला जो मात्र 4 विकेट खोकर प्राप्त कर लिया गया। 32 पर 2 विकेट गिरने के बाद AB द्वारा 26 गेंदों में बनाए गए 28 रनों ने यह सुनिश्चित किया कि इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम किसी प्रकार का Comeback नहीं कर रही। (4 वर्ष पूर्व 2014 में भी इसी मैदान पर AB और जेपी डुमिनी के शतकों ने 0-1 से पीछे चल रही दक्षिण अफ्रीका को सीरीज में वापसी कराई थी पर ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम टेस्ट जीतकर सीरीज 2-1 से जीत ली थी।)

AB डिविलियर्स ने अपने ट्वीट में जो कहा था वो सीरीज का अंत होते होते 100% प्रतिशत सत्य सिद्ध हो चुका था। AB ने पोर्ट एलिज़ाबेथ में दक्षिण अफ्रीका को सीरीज में मानसिक बढ़त दिला दी थी। केपटाउन में हुए अगले टेस्ट में सैंडपेपर वाली घटना हुई। ऑस्ट्रेलियाई टीम अब मान चुकी थी बिना बेईमानी के वे इस दक्षिण अफ्रीकी टीम को नहीं हरा सकते। केपटाउन टेस्ट दक्षिण अफ्रीका ने 322 रनों और बुलरिंग (जोहानेसबर्ग) में अंतिम टेस्ट 492 रनों से जीता।

AB डिविलियर्स 427 रन बनाकर इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनानेवालों में दूसरे नम्बर (एडेन मार्क्रम के बाद) पर रहे।

T20 और एकदिवसीय क्रिकेट में AB डिविलियर्स के Heroics की चर्चा सदैव होती है पर AB एक महान टेस्ट बल्लेबाज भी रहे, उन्होंने 114 टेस्ट मैचों में 50.66 की औसत से 8765 रन बनाए और उनके बल्ले से क़ई अविस्मरणीय टेस्ट पारियाँ आई हैं। चाहे वो 2008 में पर्थ टेस्ट में 414 रनों के लक्ष्य का पीछे करते हुए मैच विनिंग शतक हो या 4 साल बाद पर्थ में ही 169 हो, एडिलेड में 220 गेंदों में खेली गई 33 रन की मैच बचाउ पारी हो या 2008 में हेडिंग्ली में 174 रन हों।

AB डिविलियर्स को जन्मदिन की शुभकामनाएँ।

(चित्र- Getty Images)

Tom Brady: The Greatest Team Sports Player of all time.

Superbowl अर्थात अमेरिकन फुटबॉल 🏈 की सबसे बड़ी लीग NFL (National Football League) का Show Piece Event. US का सबसे बड़ा Sporting Event और विश्व के सबसे बड़े स्पोर्टिंग Events में से एक। 16-16 टीमों में बँटे दो कॉन्फ्रेंस NFC अर्थात National Football Conference और AFC अर्थात American Football Conference की चैंपियन टीमें फरवरी के पहले रविवार की शाम को Vince Lombardi ट्रॉफी के लिए Superbowl में भिड़ती हैं। 1920-21 से चल रहे NFL में Superbowl Era 1966-67 में आरम्भ हुई। गत रविवार अर्थात 7 फरवरी 2021 को 55वाँ Superbowl आयोजित हुआ।

वर्ष 2000, NFL (National Football League) Draft के 6ठे राउंड में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के Quarterback Tom Brady को NFL की फ्रेंचाइज New England Patriots ने 199वें नम्बर पर चुना। किसी को अंदाज़ा नहीं रहा होगा कि जब NFL के 100 वर्ष पूरे होंगे तो ड्राफ्ट में 199वें नम्बर पर चुना गया यह खिलाड़ी न केवल NFL के इतिहास का महानतम खिलाड़ी होगा बल्कि इसकी तुलना Team Sports के Ultimate चैंपियन माइकल जेफरी जॉर्डन से की जाएगी।

New England Patriots ने इस समय अपने Starting Quarterback Drew Bledsoe को 100 मिलियन डॉलर से ऊपर का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। क्वार्टरबैक अर्थात इस खेल की सबसे महत्वपूर्ण पोजीशन। 2001-02 सीजन के पहले मैच में Drew Bledsoe को एक खतरनाक इंजरी हुई और कोच Bill Belichick ने उनके Backup Tom Brady को मैदान में उतारा। New England Patriots और NFL का इतिहास बदलने वाला था। Brady और Belichick की क्वार्टरबैक और कोच की जोड़ी Patriots को न सिर्फ Playoffs में लेकर गई बल्कि Superbowl में उस समय की “Greatest Show on Turf” कही जाने वाली NFL की Unstoppable Offensive टीम और डिफेंडिंग चैंपियन “Saint Louis Rams” को 20-17 से पराजित किया, जो Superbowl XXXVI (36) में 14 पॉइंट फेवरेट मानी जा रही थी। Tom Brady Superbowl जीतने वाले सबसे युवा क्वार्टरबैक बने और Superbowl MVP भी। यहाँ से स्पोर्ट्स जगत की संभवतः महानतम Dynasty की शुरुआत हुई, जो 20 साल तक अमेरिकन फुटबॉल पर राज करने वाली थी। New England Patriots ने अगले तीन में से दो और सुपरबोल जीत लिए।

27 वर्ष की उम्र में Tom Brady ने 3 Superbowl जीत लिए थे और 2 बार Superbowl के MVP बन चुके थे। इसके बाद भी इस समय उन्हें League का सर्वश्रेष्ठ क्वार्टरबैक नहीं माना जा रहा था, यह तमगा उस समय उनके प्रतिद्वंद्वी Peyton Manning के पास था। 2007 सीजन में Tom Brady ने इस बात को भी गलत सिद्ध कर दिया। 2007 सीजन में Patriots ने इस जेनरेशन के सर्वश्रेष्ठ Wide Receiver Randy Moss को Sqaud में शामिल किया। इस सीजन में Tom Brady और Randy Moss की जोड़ी ने NFL इतिहास के सारे Offensive Record ध्वस्त कर दिए। Tom Brady ने अपना पहला Regular सीजन MVP जीता और 16 के 16 रेगुलर सीजन गेम और 2 प्लेऑफ गेम जीतकर New England Patriots की टीम Superbowl 42 में पहुँची। NFL इतिहास की महानतम टीम बनने की दहलीज़ पर खड़ी 2007 की यह Undefeated Team Superbowl 42 में एक बड़े उलटफेर का शिकार हुई और New York Giants के हाथों 17-14 से पराजित हुई। विजयी होने पर निश्चित रूप से इस टीम की तुलना वर्ष 1996 की शिकागो बुल्स से होनी थी। 2010-11 में Tom Brady NFL के पहले Unanimous MVP बने।

सीजन 2014: 37 साल के Tom Brady ने पिछले 10 साल से Superbowl नहीं जीता था। 2011 सीजन में Superbowl में उन्हें New York Giants के हाथों एक बार पुनः पराजय मिली थी। 5 Superbowl में खेलने के बाद उनका Record अब 3-2 था और बातें चलने लगी थीं कि “Can he do it anymore?” “Is he still the same?” रेगुलर सीजन के 16 मैचों में 12-4 के रिकॉर्ड के साथ Patriots Playoffs में आए और Playoffs में Baltimore Ravens और Indianapolis Colts को हराकर Superbowl 49 में पहुँचे, जहाँ उनका सामना लीग इतिहास की सर्वश्रेष्ठ डिफेंसिव टीमों में से एक Defending Superbowl Champs Seattle Seahawks से था। मैच के चौथे क्वार्टर में 10 points से पीछे रहने के बाद Brady के दो Score (Touchdowns) के बाद Patroits ने पुनः बढ़त ली और एक अति रोमांचकारी Superbowl में विजय प्राप्त की, एक और Superbowl MVP।

Season 2016, Superbowl 51 and the greatest comeback in sports’ history: 1980s में San Francisco 49ers के महान Quarterback Joe Montana ने 4 Superbowl जीते थे। Joe Montana को अभीतक लीग इतिहास का महानतम Quarterback माना जाता था। उन्हें आदर्श माननेवाले Tom Brady भी अब इस चर्चा में आ चुके थे। इस Tie Breaker को जीतने के लिए 39 वर्ष के Brady को एक और Superbowl ट्रॉफी की आवश्यकता थी, उनकी उम्र के कारण यह एक असंभव सा लक्ष्य लगता था क्योंकि अमेरिकन फुटबॉल एक बहुत ही फिजिकल स्पोर्ट है और इस उम्र में एक इंजरी करियर समाप्त कर सकती थी। सीजन 2016 में Patriots ने 16 में से 14 रेगुलर सीजन गेम जीते और Playoffs में Houston Texans और Pittsburgh Steelers को हराकर Superbowl 51 में पहुँचे।

Houston के NRG स्टेडियम में New England Patriots और Atlanta Falcons के बीच हो रहे इस मुकाबले में तीसरे क्वार्टर में साढ़े 8 मिनट शेष थे (मैच में साढ़े 23 मिनट) और टॉम ब्रेडी की टीम 28-3 से पीछे चल रही थी, इसके बाद भी Atlanta की टीम को विश्वास नहीं था कि वो जीत रहे हैं। Atlanta के Safety (डिफेंडर) Robert Alford कहते नज़र आए, “It’s Tom Brady”

Patriots ने रेगुलर टाइम समाप्त होने से कुछ सेकेंड पहले स्कोर 28-28 से बराबर किया और Overtime में यह मैच 34-28 जीत लिया, अर्थात 31 Unanswered Points। यह उनकी और उनकी टीम की 5वीं Superbowl ट्रॉफी थी। अब वे NFL के इतिहास में महानतम क्वार्टरबैक बन चुके थे और सबसे अधिक 4 बार Superbowl MVP भी।

अगले वर्ष भी वे अपनी टीम को Superbowl में ले गए पर Superbowl में अब तक के Best Quarterback Performance के बाद भी उनकी टीम विजय नहीं प्राप्त कर सकी। लेकिन अगले वर्ष Superbowl 53 में Patriots ने Superbowl पुनः जीत लिया। 41 वर्ष के ब्रेडी 6 बार Superbowl जीतने वाले अकेले खिलाड़ी (किसी भी पोजिशन पर खेलने वाले) बन गए।

New Journey with a new team: New England Patriots के साथ 20 वर्ष बिताने और 6 चैंपियनशिप जीतने के बाद Tom Brady ने नई पारी की शुरुआत की, मार्च 2020 में उन्होंने Florida के Tampa Bay की फ्रेंचाइज Tampa Bay Buccaneers के साथ 2 वर्ष का कॉन्ट्रैक्ट किया। New England में हेड कोच और जनरल मैनेजर Bill Belichick के साथ कथित विवाद उनके नया रास्ता तलाशने का कारण बताया जा रहा था। अक्सर चर्चाएँ होती रहती थीं कि Patriots की दो दशकों की सफलता में अधिक योगदान NFL के महानतम कोच Bill Belichick का है या महानतम Quarterback Tom Brady का। इस प्रश्न का उत्तर कभी ढूंढ़ा नहीं जा सकता पर Tom Brady के मन में हो सकता है ये बात रही हो कि एक Superbowl ट्रॉफी बिना कोच Belichick के भी जीतनी है। Brady या Belichick दोनों में से किसी ने मीडिया में इस बात पर कभी कुछ नहीं कहा।

43 साल के Tom Brady एक ऐसी टीम में गए थे, जो पिछले 13 साल में प्लेऑफ में नहीं गई थी और 20 साल में एक भी प्लेऑफ मैच नहीं जीती थी, पिछले सीजन 16 में से मात्र 7 मैच जीती थी। लेकिन इस टीम के पास प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी थे, आवश्यकता थी तो एक लीडर की जो एक Winning Culture लेकर आए। हेड कोच Bruce Arians के रूप में Tom Brady को सही साथी मिला था। इसके अतिरिक्त Tom Brady अपने साथ 9 वर्ष तक New England में Tight End पोजीशन पर खेले सबसे भरोसेमंद साथी Rob Gronkowski (Gronk) को भी लेकर आए। Gronk ने एक वर्ष पहले 29 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले ली थी और WWE में चले गए थे पर Brady के साथ खेलने के लिए वे वापस आए। इसी प्रकार Tom Brady दो और ऐसे खिलाड़ियों Antonio Brown और Leonard Fournette को अपने साथ लाए, जिन्हें उनकी टीमें छोड़ चुकी थीं और कोई लेने को तैयार न था। Superbowl 55 Tampa Bay में ही होना था अर्थात यदि Tom Brady की टीम Superbowl में पहुँची तो अपने होम ग्राउंड में Superbowl खेलने वाली पहली टीम बन जाएगी।

Tampa Bay Buccaneers को Playoffs का दावेदार तो माना जा रहा था पर काफी कम आशा की गई थी वो Playoffs में कुछ आगे भी जाएंगे। 16 में से 11 रेगुलर सीजन मैच जीतकर Tom Brady की इस टीम ने Playoffs में वाइल्ड कार्ड स्थान प्राप्त किया, इसका अर्थ था कि उन्हें Superbowl से पहले कॉन्फ्रेंस चैंपियनशिप समेत 3 प्लेऑफ मैच जीतने थे और तीनों ही विपक्षी टीम के होम ग्राउंड में। इन तीन में से दो टीमें रेगुलर सीजन में Tampa Bay से बेहतर रही थीं। दोनों की दोनों Former Superbowl Champs और Future Hall of Fame क्वार्टरबैक्स की अगुआई में खेल रही थीं। प्लेऑफ के दूसरे राउंड में Drew Brees की New Orleans Saints और NFC चैंपियनशिप गेम में NFL MVP Aaron Rodgers की Green Bay Packers को पराजित करके Tampa Bay Buccaneers अपने घर में Superbowl खेलने के लिए क्वालीफाई कर गई।

Superbowl LV(55) : Tom Brady की Tampa Bay का सामना अब Defending Superbowl Champions और NFL की सर्वश्रेष्ठ टीम The Kansas City Chiefs से था। Kansas City के पास लीग के वर्तमान सर्वश्रेष्ठ Quarterback Patrick Mahomes, League के Top Wide Receivers में से एक Tyreek Hill, Travis Kelce के रूप में वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ Tight End और लेजेंडरी कोच Andy Reid। 25 वर्ष के Quarterback Patrick Mahomes ने अपने 3 साल के करियर में हर एक बार Conference Championship मैच खेला था। 3 वर्षों में यह उनका दूसरा Superbowl था, पहले साल में रेगुलर सीजन MVP थे, दूसरे में Superbowl चैंपियन और Superbowl MVP रहे थे। काफी लोगों के लिए यह मुकाबला G.O.A.T और Baby G.O.A.T के बीच था, जिसमें Tom Brady Patrick Mahomes को Torch पास करने वाले थे। NFL Network, ESPN, CBS, FOX, NBC लगभग हर चैनल के स्पोर्ट्स ऐनालिस्ट ने Kansas City को Favorite बताया था। यहाँ तक कि इन विश्लेषकों द्वारा Kansas City Chiefs को उनके पास उपलब्ध टैलेंट और कोचिंग स्टाफ के कारण NFL की अगली Dynasty मान लिया गया था।

Tampa Bay के defensive Co-ordinator Todd Bowles के गेमप्लान के सामने Kansas City Chiefs कुछ न कर सके और Half Time तक स्कोर था 21-6. Tampa Bay के युवा Defensive खिलाड़ियों ने लीग के गोल्डन बॉय Patrick Mahomes को कोई अवसर नहीं दिया। Defense के शानदार प्रदर्शन और Tom Brady के 3 Scores ने Tampa Bay Buccaneers को 4 क्वार्टर की समाप्ति के बाद 31-9 से विजय प्राप्त करा दी और Superbowl Champion बना दिया। शुरुआती दो Touchdowns (6 Point Scores) के लिए उन्होंने Rob Gronkowski के साथ कनेक्ट किया जबकि तीसरे के लिए Antonio Brown के साथ। इन दोनों को Tom अपने साथ Tampa Bay में लाए थे।

यह Tom Brady की 7वीं Superbowl Victory थी और वे 5वीं बार Superbowl MVP बने थे। किसी भी NFL टीम ने 6 से अधिक Superbowl नहीं जीते थे। दो दो टीमों के साथ Superbowl जीतने वाले वे लीग इतिहास में मात्र दूसरे Quarterback हैं। 2001-02 सीजन में वे Superbowl MVP बनने वाले सबसे युवा Quarterback थे, जबकि 2020-21 में सबसे उम्रदराज। यह तीसरी बार था जब उन्होंने Defending Superbowl चैंपियंस पर विजय पाई थी। विश्व की इस सबसे Competitive Sports League में जहाँ Free Agency और Salary Cap Restriction के कारण टीमों के लिए अपने महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को लंबे समय के लिए साथ रखना अत्यंत कठिन रहता है वहाँ 7 बार Superbowl चैंपियन बनना और 43 वर्ष की उम्र में चैंपियन बनना एक असंभव सा जान पड़ने वाला कीर्तिमान है। 40 की उम्र या इसके बाद मात्र तीन Quarterback Superbowl में खेले हैं। पहले 40 वर्षीय Tom Brady, दूसरे 41 वर्षीय Tom Brady और तीसरे 43 वर्षीय Tom Brady. कहावत है “Father Time is undefeated” पर Tom Brady अभीतक Father Time से पराजित नहीं हुए हैं। उन्होंने 34 प्लेऑफ मैच जीते हैं किसी अन्य क्वार्टरबैक ने इसके आधे भी नहीं जीते। उन्होंने 10 Superbowl खेले और 7 जीते हैं, किसी अन्य ने 5 से अधिक नहीं खेले और 4 से अधिक नहीं जीते।

Tom Brady को ये सदैव याद रहा है कि वर्ष 2000 के NFL Draft में उनसे पहले 198 और खिलाड़ी और 6 और Quarterback चुने गए थे और यह बात उन्हें सदैव प्रेरित करती रही। New England Patriots के मालिक Robert Kraft क़ई बार कह चुके हैं कि चुने जाने के बाद Tom Brady उनके ऑफिस में आए और अपना परिचय देते हुए कहा, “I’m the best decision this organization has ever made.”

Team Sports में अभीतक किसी को Michael Jordan के बराबर नहीं माना गया था। 6 NBA Championships, 6 Finals MVPs, दो बार चैंपियनशिप की हैट्रिक। 1990s में Michael Jordan स्पोर्ट्स जगत के सम्राट रहे। अन्य टीम स्पोर्ट्स में भी कोई खिलाड़ी अभीतक Michael Jordan के कद को नहीं छू सका था। लेकिन इस 7वीं Superbowl विजय के बाद Tom Brady को महानतम टीम स्पोर्ट्स प्लेयर पर होने वाली चर्चा में Michael Jordan के बराबर अवश्य खड़ा किया जा सकता है। उनके करियर को तीन बराबर हिस्सों में बाँटकर भी तीन Hall of fame Career निकल सकते हैं।

अमेरिकन स्पोर्ट्स विश्लेषक Skip Bayless के शब्दों में “There is one man in sports you do not bet against– Thomas Edward Patrick Brady Junior”

Not the biggest, not the strongest, not the fastest, not the quickest but the Greatest of all time.

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