लारा लेजेंड: 1999 फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी

1995 में मार्क टेलर की ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट इंडीज़ दौरे पर 4 टेस्ट की श्रृंखला में वेस्ट इंडीज़ को 2-1 से पराजित करके सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी अपने नाम कर ली। यह 15 वर्षों में किसी भी टेस्ट श्रृंखला में वेस्ट इंडीज़ की पहली पराजय थी। कप्तान रिची रिचर्डसन के नेतृत्व पर प्रश्नचिह्न था। विश्वकीर्तिमानधारी युवा बल्लेबाज ब्रायन लारा को नेतृत्व सौंपे जाने के स्वरों ने बल पकड़ना आरम्भ कर दिया था।

दो महीने बाद वेस्ट इंडीज़ की टीम 6 टेस्ट की श्रृंखला हेतु इंग्लैंड भ्रमण पर गयी। ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में चौथे टेस्ट में पहली पारी में ब्रायन लारा के 73 और दूसरी पारी में 145 के बाद भी इंग्लैंड ने 6 विकेट से टेस्ट जीतकर श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली। दो टेस्ट शेष थे पर वेस्ट इंडीज टीम में एकता का अभाव स्पष्ट दिख रहा था। ब्रायन लारा सहित कई खिलाड़ियों का मानना था कि इस परिणाम का कारण अनुशासनहीनता है। लारा ने यह संकेत भी दिया कि इस अनुशासनहीनता में कप्तान रिची रिचर्डसन भी सम्मिलित हैं। रिचर्डसन ने प्रत्युत्तर में संकेत दिया कि लारा की दृष्टि कप्तानी पर है इसलिये वे ऐसा कह रहे हैं। टीम के सदस्य जिमी ऐडम्स का कहना था कि समस्या रिची की ओर से नहीं बल्कि टीम प्रबंधन की ओर से थी। खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच समस्याएँ तब से थीं जब वर्ष (1995) के आरंभ में से कोच रोहन कन्हाई और प्रबंधक डेविड होल्फर्ड को हटाया गया।

चौथे टेस्ट से पूर्व लारा इतने तनाव में थे कि उन्होंने अपने पूरे परिवार को ट्रिनिडाड से इंग्लैंड बुला दिया था ताकि उनके साथ समय व्यतीत करके वे अपना मानसिक तनाव कम कर सकें। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि कदाचित यह लारा की अंतिम श्रृंखला हो सकती है। वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पीटर शॉर्ट ने लारा के साथ आपातकालीन बैठक की और यह निर्धारित हुआ कि प्रबंधक एवं टूर कमिटी टीम में चल रही समस्याओं का समाधान करेंगे। [ऐसा हुआ नहीं और इसके परिणाम 4 महीने बाद दिखाई पड़े।] लारा ने श्रृंखला के अंतिम 3 टेस्ट मैचों में 3 शतक लगाए और श्रृंखला की 10 पारियों में 85 की औसत से 765 रन बनाए।

श्रृंखला 2-2 से बराबर रही। वेस्ट इंडीज़ में कोई भी इससे संतुष्ट नहीं था क्योंकि लम्बे समय से वेस्ट इंडियन लोगों ने अपनी टीम द्वारा इंग्लैंड को प्रत्येक श्रृंखला में पराजित होते देखा था। रिची रिचर्डसन से कप्तानी लेकर ब्रायन लारा को दिए जाने के स्वर अब और मुखर हो गए।स्वयं लारा के मेंटोर Joey Carew ने यह बात उठाई और अगले दौरे के कप्तान के रूप में लारा का नाम प्रस्तावित कर दिया।

अगला दौरा नवम्बर 1995 में ऑस्ट्रेलिया का था। इंग्लैंड दौरे पर उभरे अनुशासनात्मक विषयों की पड़ताल के लिए बनाई गई कमिटी ने 4 खिलाड़ियों कर्टली ऐम्ब्रोस, केनी बेंजामिन, कार्ल हूपर और ब्रायन लारा को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया और इंग्लैंड दौरे के पारितोषिक का 10% अर्थदण्ड लगाया। लारा इस बात से आहत थे कि उनका नाम वास्तविक दोषियों के साथ जोड़कर उन्हें दंडित क्यों किया जा रहा है। उनका मानना था कि 4 माह पूर्व जब बोर्ड अध्यक्ष के साथ बैठक में उन्होंने विवाद सुलझा ही लिया था तो अब कमिटी के इस निर्णय का क्या अर्थ है!

वेस्ट इंडीज़ टीम जब ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान करने को थी उससे 2 दिन पूर्व लारा ने दौरे से अपना नाम वापस ले लिया। इससे बहुत बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ और लारा की कटु आलोचना हुई। बाहरी लोगों को लगा कि लारा का यह कृत्य एक उद्दंड बालक द्वारा अनुशासित किए जाने के विरोध में दी जाने वाली प्रतिक्रिया है।

लारा वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को प्रिय नहीं थे, यह बात तो स्पष्ट थी परंतु उन्हें यह भी पता था ब्रायन लारा वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट के भविष्य हैं और एकमात्र खिलाड़ी हैं जो वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट को पुनः शिखर पर ले जाने में सक्षम हैं। मध्यमार्ग अपनाया गया। बारबेडस के हिल्टन होटल में बैठक हुई। लारा को दौरे से नाम वापस लेने के लिए चेतावनी मिली और लारा ने स्वयं को 1996 विश्वकप टीम में चयन के लिए उपलब्ध घोषित किया।

29 फरवरी 1996: विश्वकप में वेस्ट इंडीज़ केन्या के 166 के उत्तर में 93 पर सिमट गई। एक सप्ताह के भीतर रिची रिचर्डसन ने घोषित कर दिया कि यह कप्तान के रूप में उनका अंतिम टूर्नामेंट है। मोहाली में हुए सेमीफाइनल में वेस्ट इंडीज़ सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारकर विश्वकप से बाहर हो गयी।

रिचर्डसन का उत्तराधिकारी कौन होगा इसपर चर्चाएँ आरम्भ हो गई थीं। ब्रायन लारा सबसे बड़े प्रतियोगी थे परंतु वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड उन्हें और शक्ति देना नहीं चाहता था, क्योंकि बोर्ड के लोग जानते थे कि वे लारा को नियंत्रित नहीं कर सकते। 34 वर्षीय कोर्टनी वॉल्श को कप्तान बनाया गया। लारा को उपकप्तानी भी नहीं मिली। तेज गेंदबाज इयन बिशप को उपकप्तान बनाया गया।

वॉल्श की कप्तानी में पहली श्रृंखला न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध थी, वेस्ट इंडीज़ ने 1-0 से विजय प्राप्त की। लारा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, उनका उच्चतम स्कोर 74 रहा। उन्होंने कहा कि छोटी टीमों का गेंदबाजी आक्रमण उन्हें अच्छा स्कोर करने के लिए प्रेरित नहीं कर पाता। उनका ध्यान अब ऑस्ट्रेलिया में और उसके बाद प्रथम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने का रहेगा।

लारा ऑस्ट्रेलिया में कुछ विशेष नहीं कर सके। उन्होंने पर्थ टेस्ट में अपना एकमात्र शतक लगाया। वेस्ट इंडीज़ ने यह टेस्ट जीता पर श्रृंखला 3-2 से गँवा दी।

भारत के विरुद्ध 5 टेस्ट मैचों की श्रृंखला विश्व क्रिकेट के दो सबसे बड़े बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा के बीच द्वंद्व के रूप में प्रचारित की गयी थी। वेस्ट इंडीज़ ने यह श्रृंखला 1-0 से जीती। (लारा ने 49 की औसत से एक शतक सहित 391 रन बनाए)। बारबेडस में हुए तीसरे टेस्ट में वॉल्श की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण लारा ने कप्तानी की और कप्तान के रूप में अपना पहला टेस्ट जीतने वाले वेस्ट इंडीज़ के छठे कप्तान बन गए।

पाकिस्तान दौरे के लिए टीम की घोषणा से पूर्व लारा और वॉल्श के बीच विवाद के अपुष्ट समाचार आने आरम्भ हो गए। चयनकर्ताओं ने ब्रायन को कप्तान बनाने की अनुशंसा की परंतु बोर्ड ने इसे अस्वीकार कर दिया। इस दौरे पर वेस्ट इंडीज़ सभी अभ्यास मैचों समेत तीनों टेस्ट मैचों में पराजित हुई (दो में तो पारी से)। 69 वर्षों में यह प्रथम अवसर था, जब वेस्ट इंडीज़ श्रृंखला के सभी टेस्ट मैचों में पराजित हुई थी। लारा की औसत मात्र 21.5 और उच्चतम स्कोर 37 था। वॉल्श के देश जमाएका में यह बातें आरंभ हो गईं थीं कि लारा जानबूझकर वॉल्श की कप्तानी में अच्छा नहीं खेल रहे हैं। कोच मैल्कम मार्शल ने इन समाचारों का खंडन किया।

Finally he’s the captain:
1998 में ब्रायन लारा को कप्तान बनाए जाने की माँग अपने चरम पर थी और बोर्ड के पास उन्हें कप्तान न बनाने के बहाने समाप्त हो चले थे। जनवरी 1998 में ब्रायन को कप्तान बनाए जाने की घोषणा से ठीक पूर्व ट्रिनिडाड के क्वीन्सपार्क क्रिकेट क्लब में अपने भाषण में महान वेस्ट इंडियन कॉमेंटेटर टोनी कोजियर ने कहा, “We now have to say Brian Lara, this is your time, you come forward and lead the West Indies Team.” इंग्लैंड 6 टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए वेस्ट इंडीज़ आने वाली थी। इससे मात्र 3 सप्ताह पूर्व जिस प्रकार वॉल्श को हटाकर लारा को कप्तान बनाया गया, इससे वॉल्श प्रसन्न नहीं थे। टीम जिन परिस्थितियों में थी, उसमें पाकिस्तान दौरे के अतिरिक्त एक कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड सम्मानजनक था। यहाँ तक कि वॉल्श के मन में क्रिकेट से सन्यास लेने तक का विचार आ गया था।

वॉल्श के देश जमाएका में लारा अलोकप्रिय हो चुके थे। श्रृंखला का प्रथम टेस्ट जमाएका के सबाइना पार्क में था। टेस्ट के पहले दिन स्टेडियम में लारा का विरोध होने की आशंका जताई गयी थी। वॉल्श ने यहाँ अपने अनुभव और परिपक्वता का प्रदर्शन करते हुए लारा के कंधे पर हाथ रखकर स्टेडियम में प्रवेश किया और दर्शक दीर्घा से लारा का विरोध होने की संभावना को विराम दे दिया। घातक उछाल के कारण मात्र एक घण्टे के खेल के उपरांत मैच को रद्द कर दिया गया। वेस्ट इंडीज़ ने यह टेस्ट श्रृंखला 3-1 से और इसके बाद एकदिवसीय श्रृंखला 4-1 से जीती। इस प्रकार वेस्ट इंडीज़ के कप्तान के रूप में ब्रायन लारा की यात्रा का शुभारंभ हुआ।

Heathrow Standoff:
नवम्बर 1998 में वेस्ट इंडीज़ टीम को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए निकलना था। पहली फ्लाइट वेस्ट इंडीज़ से लंडन और फिर वहाँ से दूसरी फ्लाइट लंडन से योहानेसबर्ग के लिए जाने वाली थी। इस दल के 9 खिलाड़ियों ने लंडन में रुककर WIPA (वेस्ट इंडीज़ प्लेयर्स असोसिएशन) की बैठक में भाग लेने का मन बनाया था। इनमें से 7 तो वेस्ट इंडीज़ से आए थे और दो (लारा और कार्ल हूपर) ढाका से। WIPA की इस बैठक में भुगतान और कॉन्ट्रैक्ट संबंधी विषयों पर चर्चा होनी थी। खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच भुगतान को लेकर विवाद लम्बे समय से चल रहा था और बोर्ड इसे सुलझाने में रुचि नहीं दिखा रहा था। इस बैठक के बाद इन 9 खिलाड़ियों ने लंडन के हीथ्रो एयरपोर्ट के Excesior होटल में हड़ताल कर दी और स्पष्ट कर दिया कि जबतक बोर्ड कॉन्ट्रैक्ट संबंधी विवाद नहीं सुलझाता तबतक वे दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं निकलेंगे। यह हड़ताल एक सप्ताह तक चल गई। वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड (WICB) ने लारा और हूपर को एन्टीगा में बैठक के लिए बुलाया। प्रत्युत्तर में इन दोनों में बोर्ड के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए लंडन आने का निमंत्रण दिया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे का प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया तब बोर्ड ने कप्तान लारा और उपकप्तान कार्ल हूपर को दौरे की टीम से बाहर कर दिया।

वेस्ट इंडीज़ का दक्षिण अफ्रीका दौरा एक क्रिकेट श्रृंखला के साथ साथ एक राजनीतिक और सामाजिक संदेश के लिए भी था। मीडिया कैमरों के सामने बहुत बड़ा तमाशा सा बन गया था। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड के प्रबंधन निदेशक डॉ अली बाकर लंडन आए और उन्होंने 9 विद्रोही वेस्ट इंडियन खिलाड़ियों को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का हस्ताक्षरयुक्त पत्र दिया, जिसमें मंडेला ने इन खिलाड़ियों से समस्या का समाधान ढूंढ़ने को प्रेरित किया था। WICB के अध्यक्ष पैट रुसौ भी हीथ्रो एयरपोर्ट पहुँचे और 19 घंटों तक चली वार्ता के बाद खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट में शुल्क संरचना और इंश्योरेंस संबंधी सुधार किए गए और भविष्य में बोर्ड की ओर से व्यवहार में सुधार का आश्वासन दिया गया। इन 9 खिलाड़ियों में से एक जिमी ऐडम्स कहते हैं कि ब्रायन लारा आलोचना का केंद्रबिंदु बने हुए थे पर वे यह काम टीम के लिए कर रहे थे।

Disastrous SA Tour:
दक्षिण अफ्रीका दौरा वेस्ट इंडीज़ टीम और ब्रायन लारा के लिए एक भयावह स्वप्न के समान था। टेस्ट श्रृंखला में 5-0 से वाईटवॉश (चार मैच तो बहुत भारी अंतर से) और एकदिवसीय श्रृंखला में 6-1 से पराजय। लारा ने 5 टेस्ट की 10 पारियों में 31 की औसत से 310 रन बनाए। उन्होंने टीम में एकता और आत्मविश्वास के अभाव को पराजय का प्रमुख कारण बताया और अपनी कप्तानी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे अभी कप्तानी सीख रहे हैं।

वेस्ट इंडियन मीडिया ने कोई नरमी नहीं दिखाई। लारा पर आरोप लगे कि वे बिल्कुल उदासीन और टीम को एक करने में अक्षम रहे हैं, अपने साथी खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर सके हैं। लारा को कप्तान बनाने के समर्थक रहे कॉमेंटेटर टोनी कोजियर [जो “वॉइस ऑफ वेस्ट इंडियन क्रिकेट” के रूप में प्रसिद्ध थे] ने कहा, “For too long he [Lara] has listened to sycophants and popularity seekers whose pandering has not prepared him for the responsibility of leadership.”

Arrival of the Mighty Aussies:
वेस्ट इंडीज़ टीम और ब्रायन लारा की लय में वापसी की संभावनाएँ क्षीण थीं क्योंकि नवनियुक्त कप्तान स्टीव वॉ की शक्तिशाली ऑस्ट्रेलिया 4 टेस्ट और 5 एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला हेतु कुछ ही दिनों बाद वेस्ट इंडीज़ पहुँच रही थी। [ऑस्ट्रेलिया ने 4 वर्ष पूर्व कैरेबियन में 2-1 से टेस्ट श्रृंखला जीती थी, उसके नायक स्टीव वॉ ही थे, जिन्होंने सर्वाधिक 429 रन बनाए थे।]

वेस्ट इंडीज़ पहुँचते ही ब्रायन ने स्वयं को एक कमरे में बंद कर लिया। वे अपनी बल्लेबाजी की वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे थे। अपनी त्रुटियों को जानने का प्रयास कर रहे थे और उन्हें सुधारने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो रहे थे।

वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड के पास अब ब्रायन लारा को कप्तानी से हटाने के पर्याप्त कारण थे परंतु किसी अन्य विकल्प की अनुपलब्धता ने लारा को एक और अवसर दिया। ब्रायन के पक्ष में खड़े होने वाले स्वर अब पहले जितने मुखर नहीं थे। बोर्ड की बैठक के उपरांत अध्यक्ष पैट रुसौ ने कहा कि उन्होंने ब्रायन को अपने नेतृत्व में महत्वपूर्ण सुधार करने को कहा है, उन्हें “Specific Performance Target” दिए गए हैं, जिनके आधार पर यह तय होगा कि उन्होंने अपने नेतृत्व, अनुशासन और खिलाड़ियों के साथ अपने संबंधों में सुधार किया है या नहीं। कोच और प्रबंधक के साथ उनकी बातचीत और नए खिलाड़ियों के विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। दूसरे टेस्ट के उपरांत बोर्ड यह निर्णय लेगा कि ब्रायन इन मानकों पर खरे उतरे हैं या नहीं और क्या शेष दो टेस्ट के लिए उन्हें कप्तानी दी जाए या नहीं।

किसी को ऐसे अपमानित करना और फिर कहना “गुड लक तुम्हारे पास 2 टेस्ट हैं”, अजीब बात थी पर जो था यही था। श्रृंखला का प्रथम टेस्ट लारा के देश ट्रिनिडाड ऐंड टोबैगो में था। क्वीन्स पार्क ओवल, पोर्ट ऑफ स्पेन में पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के 269 के उत्तर में वेस्ट इंडीज़ एक समय 149 पर 3 थी पर यहाँ ब्रायन लारा 62 रन बनाकर रन आउट हो गए और पूरी टीम 167 पर सिमट गयी। यदि यह बुरा था तो दूसरी पारी में बहुत बुरा होने वाला था, जहाँ वेस्ट इंडीज़ अपने क्रिकेट इतिहास के सबसे कम स्कोर 51 पर मात्र 19.1 ओवरों में ऑल आउट हो गई। ग्लेन मक्ग्रा ने मैच में 10 विकेट लिए और स्टीव वॉ ने अपनी कप्तानी का पहला टेस्ट जीत लिया।

दूसरे टेस्ट के लिए श्रृंखला लारा के देश से वॉल्श के देश जमाएका पहुँची। जहाँ लारा पहले से ही अलोकप्रिय थे। टॉस के लिए सिक्का उछलते समय ब्रायन लारा ने स्टीव वॉ से कहा, “This could be the last time I’ll be doing this.” इस समय यह कल्पना करना भी कठिन था कि कोई भी अन्य खिलाड़ी ब्रायन लारा से अधिक दबाव में हो सकता है। यह दबाव तब और बढ़ गया जब सबाइना पार्क में पहले दिन कप्तान स्टीव वॉ के शतक की सहायता से ऑस्ट्रेलिया ने 256 रन बनाए और संध्या तक 37 रन पर 4 विकेट वेस्ट इंडीज़ के 4 विकेट गिरा दिए। ब्रायन लारा 5वें ओवर में ही बल्लेबाजी के लिए आ गए थे जब स्कोर 5 रन पर 2 विकेट था।

The Dark Knight Rises:
खेल समाप्त होने तक ब्रायन लारा सात रन पर खेल रहे थे। उनका क्रिकेट करियर संकट में था। बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे, टीम एक के बाद एक टेस्ट में बड़े बड़े अंतरों से पराजित हो रही थी। पिछले 15 टेस्ट मैचों में उन्होंने शतक नहीं बनाया था। परंतु काँटों में राह बनाना महान खिलाड़ियों की पहचान रही है। भविष्य अंधकारमय दिख रहा था परंतु जहाँ लारा जैसा सूर्य विद्यमान हो क्या वहाँ कभी अंधकार हो सकता है?

दूसरे दिन रात्रि प्रहरी पेड्रो कॉलिन्स ने कुछ देर तक लारा का साथ दिया पर वे मक्ग्रा की गेंद पर चोटिल होकर लौट गए। ब्रायन लारा का साथ देने आए वामहस्त जिमी ऐडम्स, जो जूनियर क्रिकेट के समय से ही उनके साथी थे। ऐडम्स कहते हैं कि योजना बनी कि अधिक से अधिक समय तक खेला जाए। हर ओवर के उपरांत दोनों बल्लेबाज गणना कर रहे थे कि अभी दिन के इतने ओवर शेष हैं, भोजनावकाश तक इतने।

ब्रायन लारा ने अपना अर्धशतक 140 गेंदों में पूरा किया। लारा ऐसी स्ट्राइक रेट से खेलने के लिए नहीं जाने जाते थे पर अभी वे नींव बना रहे थे। ओवर गिनने के अतिरिक्त दोनों बल्लेबाज दूसरी योजना पर भी काम कर रहे थे। वह योजना थी कि ऐडम्स ग्लेन मक्ग्रा की गेंदों को रोकें और लारा दूसरे गेंदबाजों का सामना करें क्योंकि एक तो लारा का विकेट अधिक महत्वपूर्ण था, दूसरा यह कि लारा तीव्र गति से रन बनाने में सक्षम थे, विशेषकर स्पिन गेंदबाजों के विरुद्ध।

अर्धशतक पार करने के उपरांत ब्रायन लारा ने आक्रमण आरम्भ किया और शेन वॉर्न की गेंद को 6 रनों के लिए Cow Corner सीमारेखा के बाहर भेजा। 60वें ओवर में स्टुअर्ट मैक्गिल की फ्लाइटेड गेंद को लारा ने पुनः कवर बाउंड्री के बाहर भेज दिया। “Typical Brian Lara Cover Drive” ऊँची बैकलिफ्ट, अगला पैर थोड़ा सा आगे, शक्तिशाली प्रहार और सुंदर फॉलो थ्रू। पुराने ब्रायन लारा वापस आ चुके थे और आज उन्हें रोक पाने की क्षमता किसी गेंदबाज में नहीं थी। मैक्गिल के इस ओवर में 3 चौके आए और लारा 90 के पार जा पहुँचे। गिलेस्पी की गेंद पर एक रन लेकर ब्रायन लारा ने अपना 11वाँ टेस्ट शतक पूर्ण किया।

टोनी कोजियर लिखते हैं, “Lara was seemingly touched by some magic wand that transformed the timidity one had seen in South Africa into the assertive self-belief that had been his hallmark.”

इस पारी में ही ब्रायन लारा ने अपने टेस्ट करियर के पाँच हज़ार रन पूरे कर लिए थे। चायकाल तक वेस्ट इंडीज़ का स्कोर था 227/4 और लारा 113 पर खेल रहे थे। चायकाल के बाद लारा ने और आक्रामक रूप धारण किया। ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर (256) को पार करके उन्होंने स्टुअर्ट मैक्गिल को आगे निकलकर दो लगातार छक्के लगाए। पहला लॉन्ग ऑन और दूसरा मिडविकेट के ऊपर से। मैक्गिल की ही गेंद पर एक रन के साथ उन्होंने अपने 150 रन पूरे किए।

लारा के बल्ले से निकली गेंदें मैदान की हर दिशा में चौके छक्के के लिए जा रही थीं। कप्तान स्टीव वॉ ने ग्लेन मक्ग्रा को आक्रमण पर लगाया। लारा पूरी तरह तैयार थे। मक्ग्रा की एक गेंद को उन्होंने स्लिप और गली के बीच का मार्ग दिखा दिया और उसी ओवर में एक आगे फेंकी हुई गेंद पर मैच का सबसे दर्शनीय शॉट खेला, कवर ड्राइव, ऑन द राइज़। कॉमेंट्री कर रहे डेविड हुक्स के शब्द, “That’s probably the most stunning piece of batting we have seen today. Glenn McGrath can only shake his head and wonder.”

Stunning Double Hundred:
ग्रेग ब्लूवेट को लगातार चार चौके लगाकर ब्रायन लारा 183 से 199 पर जा पहुँचे। चारों चौके मैदान के अलग अलग भागों में, पहला चौका मिडविकेट की ओर, दूसरा थर्डमैन की ओर, तीसरा मिड ऑफ के ऊपर से और चौथा बिल्कुल सीधा, अंपायर के पास से। 199 पर आकर शेन वॉर्न की गेंद को लारा ने कलाइयों का प्रयोग करते हुए मिड ऑन और मिडविकेट के बीच से निकाला और रन के लिए दौड़ पड़े। गेंद बाउंड्री के बाहर पहुँचने ही वाली थी कि दर्शक पुनः मैदान में घुस गए, एक ने तो गेंद को बाउंड्री पार करने से पूर्व ही उठा लिया और सभी लारा को बधाई देने के लिए दौड़ पड़े। लारा सरपट ड्रेसिंग रूम की ओर भागने लगे लेकिन दर्शकों ने उन्हें सीमारेखा के पास घेर लिया और पर्याप्त बधाई देने के बाद ही छोड़ा।

दिन के खेल की समाप्ति के समय वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 105 ओवर में 377/4, आज 340 रन बने थे बिना किसी विकेट के। लारा 212 और जिमी ऐडम्स 88 पर खेल रहे थे। लारा इस पारी में अबतक 29 चौके और 3 छक्के लगा चुके थे। अपनी टीम को संकट से निकालने के साथ साथ उन्होंने दर्शकों का पर्याप्त मनोरंजन किया था।

ट्रिनिडाडियन लेखिका Vaneisa Baksh लिखती हैं कि इस मैच में उनके लिए भावुक करने वाले कई क्षण थे पर सबसे अधिक भावुक क्षण था जब मक्ग्रा की शॉर्ट गेंद लारा के सिर पर लगी और वे गिर पड़े। Vaneisa लिखती हैं, “It was numbing to all, but he rose. He rose from the blow and drove McGrath to cover for a four that resonated with the ring of steel.”

जो मैच एक दिन पहले पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में था, ब्रायन लारा की इस पारी ने उसे वेस्टइंडीज़ के पाले में डाल दिया था। अगले दिन लारा अपने स्कोर में मात्र 1 रन जोड़कर आउट हो गए और इसके साथ लारा और ऐडम्स के बीच 5वें विकेट की साझेदारी 322 रन जोड़कर समाप्त हुई। वेस्ट इंडीज़ 175 रनों की बढ़त के साथ 431 पर ऑल आउट हो गई। जिमी ऐडम्स ने 94 रनों का योगदान दिया। [लारा और ऐडम्स के बाद वेस्ट इंडीज़ की पारी में तीसरा बड़ा योगदान अतिरिक्त रनों (42) का था।] दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम मात्र 177 रन बना सकी और वेस्ट इंडीज़ को 3 रनों का लक्ष्य मिला जिसे मात्र 3 गेंदों में पूरा करके 10 विकेट से यह मैच जीत लिया। मैन ऑफ द मैच कौन होगा, यह कोई प्रश्न था ही नहीं।

13 वर्ष बाद जब ब्रायन लारा को ICC हॉल ऑफ फेम में सम्मिलित किया गया तब उन्होंने कहा कि सबाइना पार्क की 213 रनों की पारी उनकी महानतम पारी है। इस पारी में उन्होंने जिस मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया उसको ध्यान में रखते हुए उनके लिए अपनी किसी और पारी को इससे ऊपर रख पाना असंभव है।

वेस्ट इंडीज़ की विजय और ब्रायन लारा के इस प्रदर्शन के बीच इस बात पर किसी का ध्यान ही नहीं गया था कि अभी वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड ने अभी ये घोषित नहीं किया कि अगले 2 टेस्ट में लारा कप्तान होंगे या नहीं। लारा ने चुटकी लेते हुए कहा, “There were criteria set out by the board. I hope they were confidential.”

बारबेडस में तृतीय टेस्ट में स्टीव वॉ ने पुनः टॉस जीता और 199 रनों की अद्भुत पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को 490 रनों तक पहुँचा दिया। रिकी पॉन्टिंग ने भी शतक बनाया। ब्रायन लारा से पिछले मैच का प्रदर्शन दोहराने की आशा कर रहे वेस्ट इंडियन समर्थकों को झटका लगा जब जेसन गिलेस्पी की एक शॉर्ट गेंद लारा के दस्ताने से लगकर उठ गई। लारा ने मात्र 8 रन बनाए। कुछ समय बाद ही स्कोर 98/6 हो चुका था। ओपनर शेरविन कैम्पबेल और विकेटकीपर रिडली जैकब्स के बीच हुई 153 रनों की साझेदारी और पुछल्ले बल्लेबाजों के योगदान ने वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 329 तक पहुँचाया। कैम्पबेल ने 103 और जैकब्स ने 68 रन बनाए। अब भी ऑस्ट्रेलिया के पास 161 रनों की बढ़त थी।

वेस्ट इंडियन तेज गेंदबाजों ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के 7 विकेट मात्र 81 पर गिरा दिए। पॉन्टिंग और वॉर्न के बीच 53 रनों की साझेदारी की सहायता से ऑस्ट्रेलिया 307 की बढ़त के साथ 146 पर ऑल आउट हुई। वॉल्श ने 5 विकेट लिए। लक्ष्य बड़ा था पर फिर भी वेस्ट इंडियन समर्थकों के पास विजय की आशा रखने का एक कारण था- ब्रायन चार्ल्स लारा।

शेरविन कैम्पबेल और एड्रियन ग्रिफिथ ने 72 रनों की आरंभिक साझेदारी की पर शीघ्र ही यह स्कोर 78/3 हो गया। नम्बर 4 पर आए रात्रि प्रहरी पेड्रो कॉलिंस 0 पर आउट हो गए और ब्रायन लारा को बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक लारा 2 रन पर खेल रहे थे और स्कोर था 85 पर 3.

ऑस्ट्रेलियाई दल आत्मविश्वास से भरा हुआ था। जस्टिन लैंगर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के पास 3 योजनाएँ थीं। A- Get Lara out, B – Get Lara out और C- Get Lara out. जब उनसे पूछा गया, “What if Lara bats all day?” तो लैंगर का उत्तर था, “That’s not going to happen.”

The Greatest Knock in a Run Chase:
ट्रिनिडाड ऐंड टोबैगो के पूर्व टीम प्रबंधक Colin Borde कहते हैं कि वे अंतिम दिन के आरम्भ से पूर्व ब्रायन लारा को मैदान में देख रहे थे। लारा दोनों छोर से गार्ड ले रहे थे और “Shadow Batting” कर रहे थे। वे “Visualise” कर रहे थे जो वे मैच में करने वाले थे।

पाँचवें दिन का खेल 85/3 पर आरम्भ हुआ पर दिन के पहले ही घण्टे में जेसन गिलेस्पी के घातक स्पेल ने स्कोर को 105/5 कर दिया। ब्रायन लारा और जिमी ऐडम्स पुनः एक साथ क्रीज पर थे और लगातार दूसरे मैच में इतिहास बनाने का अवसर उनके पास था। भोजनावकाश तक लारा और ऐडम्स ने बिना किसी अतिरिक्त क्षति के स्कोर को 161/5 पर पहुँचाया।

अंतिम दो सत्र में 147 रनों की आवश्यकता। यदि वेस्ट इंडीज़ की पराजय होनी थी तो लारा यह सुनिश्चित करने वाले थे कि वह बिना संघर्ष के नहीं होगी। उन्होंने राउंड द विकेट से गेंदबाजी कर रहे शेन वॉर्न की एक शॉर्ट गेंद को पुल के माध्यम से मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से “ग्रीनिज ऐंड हेन्स” स्टैंड की छत पर पहुँचाकर 118 गेंदों में अपना अर्धशतक पूर्ण किया।

Lara vs McGrath:
सबाइना पार्क वाली पारी की भाँति केन्जिंगटन ओवल में भी अर्धशतक के पश्चात लारा ने गियर बदल लिया। पिछली 15 गेंदों में उनके बल्ले से 25 रन आ चुके थे और वेस्ट इंडीज़ का स्कोर फो सौ के पार चला गया था। इसी समय वे मक्ग्रा की एक शॉर्ट गेंद को पढ़ने में अक्षम रहे और गेंद उनके हेलमेट के पिछले भाग पर लगी। वे गिरकर उठे और एक लेग बाई के लिए दौड़े। दूसरे छोर पर लारा और मक्ग्रा के बीच कुछ शब्दों का आदान प्रदान हुआ। जिमी ऐडम्स लारा को अलग ले गए। अम्पायर एडी निकल्स को यह बात भले रुचिकर न लगी हो पर दर्शकों का उत्साह बढ़ गया था। स्टीव वॉ कहते हैं कि ब्रायन लारा स्वयं का उत्साहवर्धन करने के लिए इस विधा का प्रयोग करते रहते थे। यह विधा प्रभावी थी क्योंकि मक्ग्रा की अगली ही शॉर्ट गेंद को लारा ने मिडविकेट क्षेत्र में पुल करके चार रनों के लिए भेज दिया और इसी के साथ ब्रायन लारा और जिमी ऐडम्स की शतकीय साझेदारी पूर्ण हुई।

“The Prodigal Son turned Messiah.” एड्रेनलिन का प्रभाव अपने चरम पर था और ब्रायन लारा मक्ग्रा की प्रत्येक शॉर्ट गेंद को बाउंड्री के पार भेजना चाह रहे थे। दोनों के मध्य शब्दों का आदान प्रदान समाप्त नहीं हुआ था। वेस्ट इंडीज़ को अभी भी विजय हेतु पूरे सौ रन चाहिए थे और इस समय ब्रायन लारा का विकेट गिरना वेस्ट इंडीज़ की संभावनाओं के लिए भयावह हो सकता था। यही सोचकर माइकल होल्डिंग ने कॉमेंट्री बॉक्स में कहा कि कुछ समय तक मक्ग्रा का सामना जिमी ऐडम्स को करना चाहिए ताकि ब्रायन लारा एकाग्रचित्त होकर टीम के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें न कि मक्ग्रा के विरुद्ध निजी युद्ध जीतने पर। मक्ग्रा की अंतिम गेंद को जिमी ऐडम्स ने रोक लिया और इस प्रकार इस श्रृंखला का सबसे मनोरंजक ओवर समाप्त हुआ।

लारा अब नब्बे के पार थे। शेन वॉर्न के हाथ में गेंद, लारा आगे निकले और उन्होंने गेंद को मिड ऑन सीमारेखा के बाहर चौके के लिए भेजकर टेस्ट क्रिकेट में अपना 12वाँ और श्रृंखला का दूसरा शतक पूर्ण किया। कॉमेंटेटर टोनी कोजियर का अविस्मरणीय कथन, “The West Indies captain. The Prodigal Son turned Messiah.”

Disaster strikes:
विजय अब मात्र 70 रन दूर थी। इसी समय ग्लेन मक्ग्रा की गेंद अंदर आई और जिमी ऐडम्स के बल्ले को परास्त करती हुई ऑफ स्टम्प पर लगी। 133 रनों की साझेदारी का अंत हुआ। जिमी ऐडम्स ने 38 बहुमूल्य रन बनाए थे, पर उससे महत्त्वपूर्ण यह था कि वे 125 गेंदें खेले थे और ब्रायन लारा के साथ टिके रहे थे। ग्लेन मक्ग्रा ने एक बार पुनः ऑस्ट्रेलिया को मैच में वापस ला दिया था। चायकाल से पूर्व उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज रिडली जैकब्स और ऑफ स्पिनर नेहेमिया पेरी को लगातार गेंदों पर आउट करके वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 248/8 कर दिया। विजय अभी भी 60 रन दूर। दूसरे छोर पर ब्रायन लारा अपनी इस महान पारी को व्यर्थ जाता देख रहे थे। चायकाल की घोषणा 254/8, ब्रायन लारा अविजित 112. अंतिम सत्र में 54 रनों की आवश्यकता।

जिमी ऐडम्स कहते हैं कि जब वे आउट होकर पवेलियन पहुँचे तो उन्हें पता चला कि जितना तनाव पिच पर था उससे कहीं अधिक बालकनी में था। टीम प्रबंधक क्लाइव लॉयड ने तो टोटकों का आश्रय ले लिया था और सबको आदेश दे दिया था कि जबतक ब्रायन बल्लेबाजी कर रहे हैं तब तक कोई भी अपने स्थान से हिलेगा नहीं। पेड्रो कॉलिंस शौचालय जाने के लिए छटपटा रहे थे पर क्लाइव ने आज्ञा नहीं दी।

कर्टली ऐम्ब्रोस ने पहली पारी में भले ही 28 रन बनाए थे पर उनकी बल्लेबाजी पर कोई विश्वास नहीं कर सकता था। अतः ब्रायन लारा ने शेष रन स्वयं ही बनाने के साथ ऐम्ब्रोस को सुरक्षित रखने हेतु यथासंभव स्ट्राइक अपने पास ही रखने का निर्णय ले लिया था।

लारा ने आगे निकलकर शेन वॉर्न की गेंद को मिडविकेट और मिड ऑन के बीच से ऑन ड्राइव करके सीमारेखा के बाहर भेजा। वॉर्न ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी। लारा ने घुटनों पर बैठकर एक अद्भुत कवर ड्राइव लगाई। आवश्यक रनों की संख्या अब 20 से नीचे आ गई थी।

लारा स्ट्राइक क्यों अपने पास रख रहे थे, ऐम्ब्रोस ने यह बात समझाने का प्रयास किया। मक्ग्रा की शॉर्ट गेंद ऑफ स्टम्प के बहुत बाहर, ऐम्ब्रोस ने बल्ला अड़ाया। भाग्यशाली रहे कि गेंद गली और तीसरी स्लिप के बीच से चार रनों के लिए निकल गयी।

एक एक रन आते गए, स्कोर तीन सौ के पास जा पहुँचा था और अब मात्र 6 रनों की आवश्यकता थी। गिलेस्पी की गेंद को थर्डमैन की ओर खेलने का प्रयास करते समय लारा के बल्ले का किनारा लेकर गेंद विकेट के पीछे गई। विकेटकीपर इयन हीली ने अपने बायीं ओर डाइव लगाई, गेंद उनके बाएँ हाथ में लगी पर वे कैच पकड़ने में असफल रहे। लारा भाग्यशाली रहे पर ऐम्ब्रोस का भाग्य अब और साथ देने वाला नहीं था। गिलेस्पी की ऑफ स्टम्प के बाहर गेंद पर पुनः बल्ला अड़ाने के प्रयास में गेंद तीसरी स्लिप में मैथ्यू एलियट के हाथों में चली गई। स्कोर 302/9, कर्टली ऐम्ब्रोस ने 39 गेंदों में 12 रन की पारी खेलकर मैच में दूसरी बार बल्ले से बहुमूल्य योगदान दिया था।

ब्रायन लारा सोच रहे होंगे कि क्यों उन्होंने ऐम्ब्रोस को ओवर में 4 गेंदें शेष रहते स्ट्राइक दी पर अब क्या किया जा सकता था।

केन्जिंगटन ओवल में उपस्थित वेस्ट इंडीज़ समर्थकों को जिस बात का भय सबसे अधिक था, वही दृश्य अब सामने था। नम्बर 11 पर आने वाले खिलाड़ियों की एकादश में भी जिन्हें 11वाँ क्रमांक मिले, टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने के कीर्तिमानधारी कोर्टनी वॉल्श बल्लेबाजी करने आ रहे थे। तनाव कम करने के लिए वॉल्श ने दिन का खेल बालकनी में बैठे अपने साथियों से दूर ड्रेसिंग रूम में टेलीविजन स्क्रीन पर देखा था पर नियति ने उन्हें पिच पर पहुँचा ही दिया। विश्व के सर्वश्रेष्ठ और सबसे घटिया बल्लेबाज, वर्तमान कप्तान और पूर्व कप्तान अब एक साथ थे।

गिलेस्पी के ओवर में अभी भी तीन गेंदें शेष थीं। वॉल्श स्ट्राइक पर, पहली गेंद ऑफ स्टम्प से बाहर। वॉल्श ने गेंद को सुरक्षित ढंग से छोड़ दिया पर ये नो बॉल निकली, एक रन तो मिला पर वॉल्श को अभी भी 3 गेंदों का सामना करना था। वॉल्श ने तीनों गेंदों को रोक दिया। उनके प्रत्येक ब्लॉक के साथ दर्शक दीर्घा में हर्ष बढ़ता जा रहा था।

5 रनों की आवश्यकता, लारा स्ट्राइक पर। मक्ग्रा की पहली गेंद लारा के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की दिशा में गई। पहली स्लिप में खड़े वॉर्न ने डाइव लगाई पर गेंद उनसे दूर थी, दो रन आए। 3 रनों की आवश्यकता। इस समय दबाव इतना अधिक था कि ग्लेन मक्ग्रा जैसे गेंदबाज ने ऑफ स्टम्प के बाहर वाइड फेंक दी। स्टीव वॉ चुपचाप देख रहे थे। लारा ने अगली गेंद पर हुक किया, गेंद फाइन लेग सीमारेखा से पहले रोकी गयी पर लारा दूसरे रन के लिए वापस न आ सके।

स्कोर बराबर हो गए थे, ब्रायन लारा ने दोनों भुजाएँ उठाकर पवेलियन में उपस्थित अपने साथियों को आश्वस्त किया और वॉल्श को गले लगाया।

कोर्टनी वॉल्श को मक्ग्रा की अंतिम गेंद रोकनी थी। तीन स्लिप, दो गली, एक लेग गली, एक फॉरवर्ड शॉर्ट लेग। ओवर द विकेट से ग्लेन मक्ग्रा। ऑफ स्टम्प के बाहर रही इस गेंद को वॉल्श ने सुरक्षित ढंग से छोड़ दिया। 0*(5) यह वॉल्श के करियर की सबसे महत्त्वपूर्ण पारी थी। अब मैच का परिणाम क्या होगा इसमें कोई शंका नहीं रह गयी थी।

Marshalling his troops to Victory:
149 पर अविजित ब्रायन लारा अब गिलेस्पी के सामने स्ट्राइक पर थे। फ़िल्म बनती तो कदाचित यह दिखाया जाता कि लारा के मस्तिष्क में पिछले कुछ महीने का घटनाक्रम चल रहा है। गिलेस्पी ओवर द विकेट से, ऑफ स्टम्प के बाहर हाफ वॉली, ब्रायन लारा की चिर परिचित विस्फोटक कवर ड्राइव, गेंद सीमारेखा की ओर अग्रसर। लारा एक स्टम्प उखाड़कर दौड़ पड़े। दोनों भुजाएँ उठाए हुए, एक में बल्ला दूसरे में एक स्टम्प। दर्शक और वेस्ट इंडियन खिलाड़ी भी मैदान में दौड़ पड़े और ब्रायन लारा को कंधों पर उठा लिया।

विज्डन ने लिखा “He guided his men to victory as though leading the infirm through a maze”

कोई संदेह नहीं था कि यह टेस्ट इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई महानतम पारी थी। यदि सबाइना पार्क के 213 ने वेस्ट इंडीज़ को श्रृंखला में पुनर्जीवित किया था तो इस पारी ने लगभग हारे हुए मैच में विजयी बनाकर इस श्रृंखला में वेस्ट इंडीज़ को 2-1 की बढ़त दिला दी थी।

ब्रायन लारा ने बाद में रहस्योद्घाटन करते हुए कहा कि 5वें दिन का खेल आरम्भ होने से पहले वे जो “Shadow Batting” कर रहे थे, उसकी प्रेरणा उन्हें उनके स्कूल के मित्र निकलस गोमेज से मिली थी। जिन्होंने उन्हें बास्केटबॉल के महानतम खिलाड़ी माइकल जॉर्डन की पुस्तक “For the love of the game: my story” दी थी। जिसमें जॉर्डन ने “Visualisation” की तकनीक के विषय में बताया था। लारा कहते हैं, पुस्तक में एक पूरा पृष्ठ था जिसमें जॉर्डन बताते हैं कि कैसे वे कल्पना में देखते हैं कि मैच में क्या होने वाला है और उस स्थिति में वे क्या कर रहे होंगे।

एन्टीगा में हुए चतुर्थ और अंतिम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के 303 रनों के उत्तर में वेस्ट इंडीज़ ने 20 रन पर 2 विकेट गँवा दिए। ब्रायन लारा ने क्रमांक 4 पर आकर मात्र 82 गेंदों में एक विस्फोटक शतक लगाया परंतु अन्य बल्लेबाजों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और वेस्ट इंडीज़ मात्र 211 पर सिमट गई। (तीसरे विकेट की 115 रनों की साझेदारी में 100 रन लारा के थे) अंत में 176 रनों से मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली। चूँकि ऑस्ट्रेलिया ने इन दोनों टीमों के बीच हुई पिछली श्रृंखला 3-2 से जीती थी अतः “सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी” ऑस्ट्रेलिया के पास ही रही।

2-2 से बराबरी वेस्ट इंडीज़ के लिए बहुत अच्छा परिणाम था। श्रृंखला से पूर्व वेस्ट इंडीज़ टीम जिस स्थिति में थी, उसमें 0-4 की पराजय भी चकित नहीं करती और ब्रायन लारा के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बिना स्कोर कदाचित 0-4 ही होता।

ब्रायन लारा ने श्रृंखला में 91 की औसत से सर्वाधिक 546 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज रहे। श्रृंखला से पूर्व रैंकिंग में वे पाँचवें स्थान पर थे और श्रृंखला के पश्चात प्रथम स्थान पर आ गए। [विपक्षी कप्तान स्टीव वॉ जो श्रृंखला से पूर्व रैंकिंग में प्रथम स्थान पर थे, उन्होंने भी अद्भुत बल्लेबाजी की थी और 409 बनाए पर वे दूसरे स्थान खिसक गए।]

ग्लेन मक्ग्रा ने 4 मैचों में 34 विकेट लिए, जिसमें 3 बार उन्होंने लारा को आउट किया परंतु लारा ने भी अपने 546 में से 125 रन मक्ग्रा के विरुद्ध बनाए। 2007 में एक साक्षात्कार में ब्रायन लारा ने कहा कि यह उनके जीवन की सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला थी।

Via-

  1. James Fuller की पुस्तक “Brian Lara- An Unauthorised Biography”
  2. 1999 सर फ्रैंक वॉरेल श्रृंखला की यूट्यूब हाइलाइट

प्रिंस ऑफ ट्रिनिडाड ब्रायन चार्ल्स लारा कल 53 वर्ष के हो जाएंगे। उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

चित्र- Getty Images

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