Botham’s Ashes Part 3: Edgbaston 1981: “The Forgotten Miracle, An Overshadowed Masterpiece.”

एजबेस्टन 1981 सदैव ऐसे टेस्ट मैच के रूप में स्मरण किया जाएगा जिसे ऐशेज इतिहास के महानतम टेस्ट मैच (हेडिंग्ली 1981) के समीप (मात्र 9 दिन के अंतराल पर) घटित होने के कारण क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा अपेक्षाकृत कम भाव मिला। रोमांच के मापदंड पर दोनों टेस्ट मैच एक दूसरे से कड़ी प्रतियोगिता करते दिखते हैं, परंतु हेडिंग्ली टेस्ट की पृष्ठभूमि ऐसी थी कि वह टेस्ट आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के स्मृतिपटल पर अंकित है, वह इंग्लिश क्रिकेट इतिहास का ऐसा स्वर्णिम अध्याय है जिसकी चमक में एजबेस्टन टेस्ट कहीं खो सा गया।


हेडिंग्ली में एक सार्वकालिक महान प्रदर्शन के उपरांत एजबेस्टन में पहले तीन दिन इयन बोथम का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 29 (26+3) रन बनाए थे और पहली पारी में मात्र 1 विकेट लिया था। दूसरी पारी में अभी तक उन्होंने 9 ओवरों में मात्र 10 रन दिये थे पर विकेटहीन रहे थे।

स्कोर 114/5: ऑस्ट्रेलिया 151 के विजयलक्ष्य से मात्र 37 रन दूर थी। 5 विकेट शेष थे। मार्टिन केंट और विकेटकीपर बल्लेबाज रॉड मार्श पिच पर थे। इंग्लिश कप्तान माइक ब्रेयरली ने इयन बोथम को गेंद थमा दी।

तीन दिन पीछे चलते हैं।

हेडिंग्ली की दूसरी पारी में 75 गेंदों में 56 रनों की पारी खेलने वाले और इयन बोथम के साथ प्रत्याक्रमण से परिपूर्ण 117 रनों की अमूल्य साझेदारी करने वाले  ग्रैहम डिली को एकादश में स्थान नहीं मिला था। उनके स्थान पर दाएँ हाथ के ऑफ स्पिनर जॉन एम्ब्युरी को एकादश में लाया गया। कारण यह था कि एजबेस्टन की पिच द्वारा स्पिन गेंदबाजों से मित्रवत व्यवहार की आशा थी।

माइक ब्रेयरली ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का निर्णय लिया था। हेडिंग्ली में क्रमांक 3 पर खेलने वाले ब्रेयरली ज्योफ्री बॉयकॉट के साथ पारी का आरम्भ करने आए। डेविड गावर 3 पर आए और अबतक ओपनर रहे ग्रैहम गूच 4 पर खेले।

डेनिस लिली को पिच से विशेष सहायता नहीं मिल रही थी पर टेरी ऑल्डरमन ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की और 42 रन देकर 5 विकेट लिए। इंग्लैंड की पहली पारी 189 पर सिमट गई। माइक ब्रेयरली 48 रन बनाकर सर्वोच्च स्कोरर रहे। यह इस मैच का सर्वोच्च निजी स्कोर रहा। (ब्रेयरली के 39 टेस्ट के  करियर में यह एकमात्र अवसर रहा जब वे मैच के सर्वोच्च स्कोरर रहे।)

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 69 रनों की बढ़त के साथ 258 पर समाप्त हुई। दूसरी पारी में जब बोथम के रूप में इंग्लैंड का 6ठा विकेट मात्र 115 के स्कोर पर गिरा तब बढ़त मात्र 46 रन थी। यहाँ से माइक गैटिंग के 39, क्रिस ओल्ड के 23 और ऑफ स्पिनर जॉन एम्ब्युरी के अविजित 37 रन के महत्वपूर्ण योगदानों के बलपर इंग्लैंड ने 150 रनों की बढ़त ली। ऑस्ट्रेलिया के समक्ष 151 रनों का लक्ष्य। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 9 रन पर 1 विकेट।

2 अगस्त 1981, चौथा दिन, Super Sunday: अबतक हुए टेस्ट मैचों में तीसरे दिन के उपरांत एक दिन का विश्राम होता था परंतु उस टेस्ट में विश्राम न लिया गया। निर्णय हुआ कि रविवार के दिन का खेल अन्य दिनों की अपेक्षा कुछ विलंब से आरम्भ हो।

एजबेस्टन में उपस्थित अंग्रेज दर्शक हेडिंग्ली की पुनरावृत्ति की संभावनाओं का विचार करते हुए प्रफुल्लित हो रहे थे परंतु कप्तान माइक ब्रेयरली आज इतने आशावादी नहीं थे। उन्होंने कहा है,  “I was more doubtful; lightning doesn’t, does it, strike twice?” यद्यपि हेडिंग्ली की तुलना में इंग्लैंड के पास 21 रन अधिक थे पर ब्रेयरली की चिंता का कारण थी एजबेस्टन की पिच जो अभी भी बल्लेबाजी हेतु अनुकूल थी।

हेडिंग्ली के दूसरे नायक बॉब विलिस ने पहली पारी में कोई सफलता प्राप्त नहीं की थी और कई नो बॉल फेंकी थीं। (जिसके लिए वे कुख्यात थे।) चौथे दिन के प्रथम सत्र में विलिस ने हेडिंग्ली का स्मरण कराया एवं ओपनर जॉन डाइसन और कप्तान किम ह्यूज्स को पवेलियन वापस भेजते हुए ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 29/3 कर दिया। एजबेस्टन पूर्णतः उत्साहित। भविष्य के कप्तान ऐलन बॉर्डर और ग्रैहम यैलप ने सम्भलकर खेलते हुए भोजनावकाश तक और कोई विकेट नहीं गिरने दिया, स्कोर 62/3.

“Get your bowling boots on”:
इयन बोथम ने अभी तक कुछ ओवर फेंके थे और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी। अब वे आत्मसंशय में थे और आगे गेंदबाजी करने के इच्छुक नहीं थे। भोजनावकाश के पश्चात जब टीमें मैदान में लौट रही थीं तब विकेटकीपर बॉब टेलर ने देखा कि बोथम अपने “बॉलिंग बूट्स” नहीं बल्कि “नाइकी टेनिस शूज” पहन रहे हैं। कप्तान ब्रेयरली ने इसका कारण पूछा तो बोथम ने कहा, “You’re all right captain. You don’t want me to bowl.” यह कहकर बोथम जूते पहनने लगे, वे वास्तव में गेंदबाजी करने से हिचक रहे थे। कप्तान ब्रेयरली की आवाज़ बदल गई, उन्होंने आदेशात्मक स्वर में कहा, “Get your bowling boots on.” बॉब टेलर कहते हैं, कोई अन्य कप्तान होता तो बोथम से दब जाता और इसके बाद बोथम को कोई समस्या भी नहीं झेलनी पड़ती, पर ब्रेयरली अन्य से भिन्न थे।

भोजन के कुछ समय पश्चात ऑफ स्पिनर जॉन एम्ब्युरी ने ग्रैहम यैलप को बोल्ड कर दिया और कुछ ही समय बाद उन्होंने एक भयानक उछाल लेती हुई गेंद से ऐलन बॉर्डर का विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई दल की आशाओं पर तुषारापात कर दिया। स्कोर 105 पर 5. (105 पर 5, यह इंग्लिश क्रिकेट में एक बहुत महत्त्वपूर्ण आँकड़ा है। हेडिंग्ली में जब इयन बोथम बल्लेबाजी के लिए आए थे तब इंग्लैंड का स्कोर 105 पर 5 ही था। इसके पश्चात जो घटित हुआ, वह ऐतिहासिक था।) बॉर्डर ने 175 गेंदों में 40 रन बनाए और उनके विकेट के साथ “Floodgates” खुलने की आशंका में वृद्धि हुई।

Still strangely dissident:
माइक ब्रेयरली विचार कर रहे थे कि एम्ब्युरी का साथ देने के लिए दूसरे छोर से किसे गेंद दी जाए। इयन बोथम आश्चर्यजनक रूप से अभी भी आत्मसंशय में थे और चाहते थे कि अन्य लोग गेंदबाजी करें। बोथम इस समय आत्मविश्वासहीन थे, संभवतः इस मैच में अबतक के अपने प्रदर्शन के कारण। उन्होंने कप्तान को सुझाव दिया कि पीटर विली जो उपयोगी ऑफ स्पिन करा लेते हैं, उन्हें दूसरे छोर से लगाया जाए।

माइक ब्रेयरली इस प्रकार का कोई भी सुझाव मानने वाले नहीं थे। बोथम कहते हैं, “Brears (Brearley) played one of his hunches and tossed me the ball.”  इसके पश्चात जो हुआ वह अविश्वसनीय था। अगले 5 ओवरों में इयन बोथम ने 1 रन देकर 5 विकेट ले लिए।

बोथम की गेंद को लेग साइड में खेलने के प्रयास में रॉड मार्श का मिडिल स्टम्प उखड़कर बाहर हो गया। एजबेस्टन सहस्रों दर्शकों के कोलाहल से व्याप्त। माइक्रोफोन पर रिची बेनो, “The crowd has gone noisily berserk.” रॉड मार्श आज भी अपने इस शॉट को भूल नहीं पाये हैं।

अगली गेंद नीची रही और रे ब्राइट एलबीडबल्यू। डेनिस लिली ने हैट्रिक तो रोक ली पर शीघ्र ही ड्राइव लगाने के प्रयास में वे विकेट के पीछे पकड़े गए, गेंद इतनी दूर थी कि यदि लिली इस गेंद को छोड़ देते तो ये वाइड हो सकती थी।

मार्टिन केंट अंतिम ख्यातिप्राप्त बल्लेबाज थे। ब्रेयरली उन्हें एक रन देकर रॉडनी हॉग को स्ट्राइक पर लाना चाहते थे। केंट ने गेंद को लेग साइड में क्लिप करने का प्रयास किया पर गेंद उनके पैड को स्पर्श करते हुए ऑफ स्टंप पर लगी।

इस श्रृंखला पर लिखी अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “Phoenix From The Ashes” में माइक ब्रेयरली ने लिखा है, “With the sense of flair that makes him a great cricketer, he sensed his chance and grabbed it. Each time he took a wicket his arms reached up, his chest filled, waist drawn in.”

नम्बर 11 टेरी ऑल्डरमन अंतिम विकेट बनने के लिए क्रीज पर आ चुके थे। पहली गेंद पर उन्होंने ड्राइव का प्रयास किया, गेंद बल्ले के आंतरिक किनारे के पास से निकली। दूसरी गेंद पर भी यही प्रयास, इस बार गेंद बाहरी किनारे के पास से निकली। तीसरी गेंद, स्टंप की लाइन में, ऑल्डरमन गति से परास्त हुए और गेंद स्टंप पर जा लगी। ऑस्ट्रेलिया 121 ऑल आउट। इंग्लैंड 29 रनों से विजयी।

बोथम एक स्टम्प उखाड़कर मैदान में दौड़े आ रहे दर्शकों से बचते हुए ड्रेसिंग रूम की ओर भागे।  यह स्पेल:  5 ओवर, 4 मेडन, 1 रन और 5 विकेट। ऑस्ट्रेलिया के अंतिम 7 विकेट 34 रनों, अंतिम 6 विकेट 16 रनों और अंतिम 5 विकेट मात्र 7 रनों के अंदर गिरे। (87 पर 3, 105 पर 4 और 114 पर 5 से 121 ऑल आउट)

“Just keep it tight for Embers.” ब्रेयरली ने इस स्पेल के लिए बोथम को गेंद थमाते हुए यह बात कही थी, जिसका ध्वन्यार्थ था कि जॉन एम्ब्युरी विकेट लेंगे, तुम दूसरे छोर से रन मत देना। बोथम ने अपने कप्तान की बात मानने के साथ साथ बचे हुए सभी विकेट भी ले लिए। निश्चित रूप से ब्रेयरली जानते थे कि बोथम का कौन सा तार कब छेड़ना है।

साढ़े तीन बजे ऑस्ट्रेलियाई टीम एक सरल विजय की ओर बढ़ रही थी। एक घण्टे के अंदर इंग्लिश खिलाड़ी एजबेस्टन की बालकनी में विजयोत्सव मना रहे थे।

इंग्लिश टीम में मैन ऑफ द मैच के पुनः दो प्रतियोगी थे। ऑफ स्पिनर जॉन एम्ब्युरी जिन्होंने पहली पारी में मात्र 43 रन देकर 4 विकेट लिए और ऑस्ट्रेलियाई बढ़त को 69 पर सीमित करने के पश्चात इंग्लैंड की दूसरी पारी में 37 रनों का महत्त्वपूर्ण योगदान देते हुए इंग्लिश बढ़त को 150 तक पहुँचाया। तदोपरांत अंतिम पारी में बॉर्डर और यैलप के रूप में मध्यक्रम के दो महत्त्वपूर्ण विकेट लिए। सबसे बड़ी बात यह कि चौथे विकेट की 58 रनों की साझेदारी को तोड़ा, जो मैच को इंग्लैंड से दूर लेकर जा रही थी। एम्ब्युरी का योगदान बहुमूल्य था परंतु इयन बोथम ने जिस प्रकार अपने 5 ओवर के स्पेल में मैच का परिणाम पूर्ण रूप में परिवर्तित कर दिया, इस कारण उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

ग्रैहम गूच ने कहा, “He plucked that game from nowhere. He won it with sheer magnetism. He got into the Australians minds again.”

बोथम भी इस बात से सहमत दिखे, “They didn’t lose the game because I bowled brilliantly. They lost because they were mentally shot.”

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान किम ह्यूज्स ने स्वीकार किया, “We fell apart under pressure. I’ll have to think how I can lift the team.” (वे ऐसा करने में अक्षम रहे)

जो दर्शक यह मैच टेलीविजन पर देख रहे थे, उन्हें प्रतीक्षा करनी पड़ी क्योंकि BBC TV ने टेस्ट मैच का प्रसारण मध्य में ही रोककर “British Motorcycling Grand Prix” का प्रसारण आरम्भ कर दिया था। चकित और निराश क्रिकेटप्रेमी दर्शक से श्रोता बनकर “Test Match Special” की रेडियो कॉमेंट्री से संतोष करने को विवश थे। जबतक BBC TV एजबेस्टन की ओर मुड़ा तबतक टेस्ट मैच समाप्त हो चुका था।

साभार:

1. The Guardian में जुलाई 2013 में प्रकाशित John Ashdown का लेख, “Edgbaston 1981: The Forgotten Miracle.”

2. ESPN Cricinfo पर जुलाई 2015 में प्रकाशित मार्टिन विलियमसन का लेख “Beefy’s 28-ball Ashes broadside.”

3. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का यूट्यूब वीडियो “Botham’s Bullring.”

4. माइक ब्रेयरली की पुस्तक “Phoenix from the Ashes”

5. BBC की डॉक्यूमेंट्री “Botham’s Ashes”

चित्र: Getty Images

5वाँ टेस्ट ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में था। यहाँ बोथम की एक और अद्भुत शतकीय पारी आई, जिसके बल पर इंग्लैंड ने ऐशेज में 3-1 की निर्णायक बढ़त ले ली। इसपर विमर्श अगले भाग में।

To be continued…..

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