ऋषभ पंत: भारतीय क्रिकेट टीम के तरुण, तेजस्वी और अपरिमित क्षमता के धनी विकेटकीपर बल्लेबाज। इंडियन प्रीमियर लीग 2020 में ऋषभ पंत का प्रदर्शन वर्णन योग्य नहीं था, ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है पर बुरी बात यह थी कि वे ओवरवेट हो गए थे और इसी कारण ऑस्ट्रेलिया जाने वाली सीमित ओवरों के भारतीय दल में चयनित नहीं हुए। टेस्ट दल में ऋषभ को स्थान मिला परंतु प्रथम टेस्ट की एकादश में ऋद्धिमान साहा को उनपर वरीयता दी गई। जिन्हें श्रृंखला के प्रथम टेस्ट की एकादश में स्थान दिये जाने योग्य नहीं समझा गया था वे ऋषभ पंत बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए खेली जा रही श्रृंखला में भारतीय दल के नायक सिद्ध हुए थे।

“India incredible. Rishabh Pant is the star. India win the test. They win the series and they win the hearts and minds of cricket fans all around the world. Test Cricket’s heart is beating hard, it’s beating true. One of the most incredible sporting performances ever seen on Australian soil. They were down, they were out and India have risen.” — ब्रिस्बेन के गैबा में चतुर्थ और निर्णायक टेस्ट में ऋषभ पंत के विजयी चौके के उपरांत ये शब्द थे फॉक्स क्रिकेट के कॉमेंटेटर मार्क हावर्ड के।
टेस्ट क्रिकेट अपने आप में जीवन है। न मात्र यह सर्वोच्च कौशल का खेल है, प्रत्युत यह खिलाड़ी की तितिक्षा, धैर्य और जटिल परिस्थितियों में ढलने की योग्यता की परीक्षा भी है। प्रत्येक सत्र, प्रत्येक दिन के साथ परिवर्तित होता खेल। आप लहरों पर तभी चल सकते हैं जब आपमें चक्रवात से लड़ने की दृढ़ता हो।
“The Gabbattoir”
ऐडिलेड, मेलबर्न और सिडनी के बाद श्रृंखला ब्रिस्बेन पहुँची थी। भारतीय दल ने अबतक इस श्रृंखला में जो प्राप्त किया था। उसे देखते हुए यह उपयुक्त था कि वे इस परीक्षा का समापन सबसे कठिन मैदान ऑस्ट्रेलिया के अभेद्य दुर्ग गैबा में करें। नवम्बर 1988 के पश्चात ऑस्ट्रेलिया गैबा में कभी पराजित नहीं हुई थी और भारत को यहाँ कभी विजय नहीं मिली थी। [1988 में विव रिचर्ड्स की वेस्ट इंडीज़ ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से पराजित किया था, उस टीम के तेज गेंदबाज थे, मैल्कम मार्शल, पैट्रिक पैटरसन, कर्टली ऐम्ब्रोस, कर्टनी वॉल्श। जिन्होंने मैच में 17 विकेट लिए थे।]
जब यह समाचार आया कि क्वीन्सलैंड राज्य के कठोर क्वारन्टीन नियमों के कारण भारतीय टीम ब्रिस्बेन के लिए यात्रा नहीं करना चाहती तो ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने बिना विलंब यह घोषित कर दिया कि भारतीय दल गैबा से भयाक्रांत है।
चोट के कारण भारतीय दल के पास गैबा के लिए एकादश बनाना भी दुष्कर कार्य था। अश्विन, बुमरा, शमी, ईशांत, उमेश, जडेजा जैसे गेंदबाज चोटिल होकर बाहर थे। विराट कोहली के अतिरिक्त हनुमा विहारी भी बाहर थे।
पैट कमिन्स, जॉश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क और नेथन लायन से सुसज्जित ऑस्ट्रेलियाई दल के गेंदबाजी आक्रमण के पास 1013 टेस्ट विकेट थे और भारतीय दल के पास मात्र 13. नेट के गेंदबाजों के रूप में ऑस्ट्रेलिया गए नवदीप सैनी और वॉशिंगटन सुंदर ने इस मैच में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। शार्दूल ठाकुर का भी लगभग पदार्पण ही माना जाए क्योंकि इससे पहले उन्होंने 2017 में एक टेस्ट खेला था और दो ओवर में ही चोटिल होकर बाहर हो गए थे। नवदीप सैनी का पदार्पण सिडनी में तृतीय टेस्ट में हुआ था और सिराज का मेलबर्न में द्वितीय टेस्ट में। इस आक्रमण के साथ उतरी भारतीय टीम यदि पराजित भी हो जाती तो भारतीय समर्थक संतोष कर लेते।
फास्ट फॉरवर्ड: 5वाँ दिन, 19 जनवरी 2021: गैबा में अंतिम दिन भारत को 98 ओवरों में 324 रनों की आवश्यकता थी। सभी विकेट सुरक्षित थे। 1975 के बाद गैबा में किसी भी टीम ने चौथी पारी में दो सौ से ऊपर का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया था। भोजनावकाश तक स्कोर 38 ओवर में 83 पर 1, मेलबर्न में अपना टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले शुभमन गिल 64 पर खेल रहे थे। दूसरे सत्र में ड्रिंक्स से ठीक पूर्व शुभमन 91 रन बनाकर आउट हो गए। 57वें ओवर में ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने आए तब स्कोर था, 167/3, कप्तान अजिंक्या रहाणे 24 रन बनाकर तुरंत आउट हुए थे। चायकाल तक स्कोर हो गया, 63 ओवर में 184/3, अंतिम सत्र के 37 ओवरों में 145 रनों की आवश्यकता। श्रृंखला का अंतिम सत्र था और अभी भी परिणाम कुछ भी हो सकता था। इस रोमांचक श्रृंखला के समापन के लिए इससे बढ़िया पटकथा क्या हो सकती थी !


ऋषभ पंत आक्रमण कर सकते हैं, इस तथ्य से संपूर्ण क्रिकेट समुदाय अवगत था परंतु अभी तक वे अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए स्वभाव के विपरीत खेल रहे थे और 48 गेंद में 16 पर थे। 71वें ओवर में लायन की अंतिम गेंद को उन्होंने आगे निकलकर लॉन्ग ऑन और मिडविकेट के बीच से 6 रनों के लिए दर्शक दीर्घा में भेज दिया और भारत का स्कोर 200 के पार चला गया। यह शॉट ऋषभ के साहस का परिचय दे रहा था, क्योंकि पिछली ही गेंद पिच की दरारों पर गिरकर पहली स्लिप की ओर गई थी। लायन के पिछले ओवर में भी आगे बढ़कर शक्तिशाली प्रहार के प्रयास में पंत स्टंप होने से बचे थे।
Exuberance of youth:
ऋषभ पंत की बात करते हुए रवि शास्त्री कहते हैं, 22-23 वर्ष की आयु में आप भयमुक्त होकर क्रिकेट खेलते हैं। जैसे जैसे करियर बढ़ता जाता है, बैगेज और बाहरी दबाव बढ़ने लगता है, हर मैच में प्रदर्शन करने की अपेक्षा होने लगती है। यहाँ वास्तविक जीवन आरम्भ होता है।
80 ओवर के बाद स्कोर 228/3, अंतिम 20 ओवरों में 100 रनों की आवश्यकता, 7 विकेट हाथ में। ऋषभ पंत 84 गेंद में 34 पर। दूसरे छोर पर उपस्थित थे 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय विजय के नायक चेतेश्वर पुजारा। 5वें दिन उन्होंने शरीर के लगभग हर भाग से ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों को खेला। हेलमेट, पसली समेत शरीर के उपरार्ध के अतिरिक्त उन्होंने उंगली पर भी चोट खाई पर डटे रहे। दूसरी नई गेंद का समय। श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पैट कमिन्स के हाथ में गेंद। दूसरी ही गेंद “Nip Backer” चेतेश्वर पुजारा के बल्ले के अंदरूनी किनारे को पीछे छोड़ती हुई पैड पर।
“After heroics of Sydney he’s the main man here at the Gabba”
अब मैच का परिणाम ऋषभ पंत के प्रदर्शन पर निर्भर करता था। क्या एक और भारतीय बल्लेबाजी कोलैप्स देखने को मिलने को मिलने वाला था ? नहीं… ऋषभ पंत आज ऐसा होने की अनुमति कैसे दे सकते थे ! हेजलवुड के अगले ओवर में उन्होंने एक सुंदर कवर ड्राइव और कमिन्स के अगले ओवर में स्क्वेयर ड्राइव से चौके प्राप्त किए। 84वें ओवर की अंतिम गेंद पर ऋषभ ने अपना अर्धशतक पूर्ण कर लिया।
श्रृंखला के अंतिम ड्रिंक्स ब्रेक का समय। स्कोर 259/4, 15 ओवरों में 69 रनों की आवश्यकता। अगले 7 ओवरों में कमिन्स और लायन ने मात्र 19 रन दिए और मयंक अग्रवाल का विकेट गिरा। 93वें ओवर में सुंदर ने कमिन्स को आत्मविश्वास से भरा अद्भुत हुक शॉट लगाया, 6 रन। सुंदर ने पहली पारी में भी शार्दूल ठाकुर के साथ उत्कृष्ट बल्लेबाजी की थी और 7वें विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी द्वारा भारत को कठिन परिस्थिति से निकाला था।

राउंड द विकेट से नेथन लायन। ऋषभ ने ठान ली थी कि इस ओवर के बाद एक ही परिणाम सम्भावित बचना चाहिए, भारत की विजय। दूसरी गेंद, ऑफ स्टम्प के बाहर, ऋषभ ने लैप स्वीप/स्कूप खेला और चौका प्राप्त किया। तीसरी गेंद को ऑफ स्टंप के बाहर से उठाकर एक शक्तिशाली स्वीप, एक और चौका। नेथन लायन के इस ओवर से 15 रन (4 बाई सहित) आए। हेजलवुड के अगले ओवर में लेग बाई से चौका सहित 9 रन आए और अब 5 ओवरों में मात्र 15 रनों की आवश्यकता, 5 विकेट हाथ में। लायन के अगले ओवर में 5 रन बने और सुंदर का विकेट गिरा। 4 ओवर में 10 रनों की आवश्यकता। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज श्रान्त- क्लान्त हो चुके थे।
97वाँ ओवर, जॉश हेजलवुड: ऋषभ ने कुछ मिनट पूर्व Falling Scoop खेला था, अब Falling Pull की बारी थी। लेग साइड की ओर शॉर्ट गेंद। भँवर की भाँति घूमकर ऋषभ पंत का “Swivel Pull” और चार रन। आवश्यक रनों की संख्या अब एक अंक में आ गई थी। दूसरी गेंद पर एक रन, तीसरी पर शार्दूल ठाकुर ने दो रन लिए और चौथी गेंद शार्दूल के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई थी। पिच पर ऋषभ और शार्दूल एक दूसरे को पार कर चुके थे। नेथन लायन ने एक आसान कैच लिया पर अब ऋषभ स्ट्राइक पर थे।

The Proverbial Fortress has been conquered.
विजयी शॉट: गैबा के लौकोक्तिक दुर्ग को ध्वस्त करने हेतु 19 गेंदों में 3 रनों की आवश्यकता। ओवर द विकेट से जॉश हेजलवुड, यॉर्कर के प्रयास में नीचे रही फुलटॉस, ऋषभ का पुश, मिड ऑफ पर कोई क्षेत्ररक्षक नहीं। गेंद सीमारेखा की ओर जाती हुई, ऋषभ और नवदीप सैनी दूसरे रन के लिए दौड़ते हुए, गेंद सीमारेखा के बाहर। रन के बीच ही दोनों खिलाड़ी बल्ला उठाकर विजयघोष करते हुए। ऋषभ पंत अविजित 89 रन।

“टूटा है गाबा का घमंड” सोनी के हिंदी कॉमेंट्री बॉक्स में विवेक राजदान के शब्द अविस्मरणीय हो गए।
संध्याकाल था, सूर्यदेव अस्ताचलगामी थे और ऑस्ट्रेलिया के “सनशाईन स्टेट” में भारतीय क्रिकेट के नए सूर्य का उदय हो रहा था।
रवि शास्त्री ने एक प्रेस वार्ता में कहा था कि उन्होंने ऋषभ पंत को स्पष्ट शब्दों में अवगत कराया था कि क्रिकेट का खेल सम्मान चाहता है और ऋषभ द्वारा खेल को और सम्मान दिये जाने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट श्रृंखला में ऋषभ के प्रदर्शन ने सिद्ध किया कि उन्होंने कोच की बात को आत्मसात कर लिया था। फिटनेस पर उन्होंने जो परिश्रम किया वह उनकी विकेटकीपिंग में भी दिखाई पड़ा।

ऋषभ पंत, स्मितमुख, आँखों में हर्ष के अश्रु लिए हुए, भारतीय ध्वज को उठाए अपने साथियों के साथ विजय फेरी पूर्ण कर रहे थे।

एक मास पूर्व ऐडिलेड ओवल में 36 पर ऑल आउट होने के पश्चात भारतीय टेस्ट दल ने 2-1 से श्रृंखला जीतकर ऑस्ट्रेलिया को स्तब्ध कर दिया था। टेस्ट क्रिकेट इतिहास की महानतम श्रृंखला का समापन एक ऐतिहासिक विजय के साथ।
लोकोक्ति है- “The Night is darkest just before the dawn.” —– But what sky is ever really dark with a star like Rishabh.
अगले दिन सभी प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई समाचारपत्रों के मुखपृष्ठ इस भारतीय उपलब्धि की प्रशंसा से भरे हुए थे।
The Herald Sun ने लिखा था “India’s Gabba Miracle: Aussies get Pantsed.”
“The day when Fortress Gabba was stormed by a group of cavalier raiders who kicked down the drawbridge, stole the crown jewels and raced off into the late afternoon sunshine towards hysterical fans who will cherish this memory forever. Take it all India. You deserve it…Australia are no longer bully boys of the game. They have been stared down by the impeccable forces of an Indian team.”
The Sydney Morning Herald ने लिखा “A staggering innings from Rishabh Pant steered India to an unlikely series win over Australia at the Gabba yesterday.”
The Daily Telegraph ने लिखा, “India embarrass our Cricket stars in incredible victory.”
The Australian ने लिखा, “Posterity wins ‘a great day of Test Cricket'”
The Mercury ने लिखा, “When all the world thought India was terrified about visiting Fortress Gabba it hatched a cunning plan…. to storm it!”
भगवान को धन्यवाद दें कि आप इस क्षण के साक्षी रहे। आप ऐसे क्षणों की प्रतीक्षा करते हैं, जब अकल्पनीय सफलता प्राप्त हो जाती है। जब नए नायक बनते हैं और इतिहास लिखा जाता है। यह अविश्वसनीय था, कल्पनातीत था, स्वप्नों से परे था। इस मैच ने भारतीय क्रिकेट को जो स्मृतियाँ दी हैं, उन्हें जीवनपर्यंत नहीं भुलाया जा सकता।
4 अक्टूबर को ऋषभ पंत 24 वर्ष के हो रहे हैं। उन्हें जन्मदिन की अग्रिम शुभकामनाएँ। भगवान से प्रार्थना है कि ऋषभ भारतीय क्रिकेट समर्थकों को हर्षित होने के अवसर प्रदान करते रहें।
#HappyBirthdayRishabhPant
साभार:
1. ESPN Cricinfo Commentary.
2. ESPN Cricinfo पर संबित बल का लेख “India have created the greatest moment in their Test history.”
चित्र: Getty Images