Never ever count out Novak Djokovic.
11 जून 2021- कोर्ट फिलिप शैत्रिए (Phillipe Chatrier) पर हो रहे दूसरे Roland Garros सेमीफाइनल में जब राफेल नडाल ने पहले सेट में 5-0 की बढ़त ले ली तब 8 महीने पहले इसी कोर्ट पर फाइनल में उनके द्वारा नोवाक जोकोविच पर प्राप्त की गई एकतरफा विजय (6-0, 6-2, 7-5) की पुनरावृत्ति की सम्भावनाएँ दिखने लगी थीं पर दूसरे सेट में नोवाक ने शानदार वापसी की।
मैच का तीसरा सेट टेनिस इतिहास में ऐतिहासिक सेटों में गिना जाएगा। डेढ़ घण्टे से ऊपर चले इस सेट में दो सुपर-ह्युमन खिलाड़ी एक एक पॉइंट के लिए जान लड़ा रहे थे, कोर्ट का एक एक इंच कवर कर रहे थे। दोनों द्वारा अद्भुत बॉल स्ट्राइकिंग। नोवाक ने पहले ब्रेक किया पर अगले ही गेम में नडाल ने ब्रेक करते हुए सेट का स्कोर 3-3 कर दिया। दोनों खिलाड़ी अबतक इस मैच में 84-84 पॉइंट जीत चुके थे। कुछ मिनट बाद 5-4 की लीड के साथ नोवाक इस सेट के लिए सर्व कर रहे थे, नडाल ने फिर से सर्व ब्रेक की और अगले गेम में अपनी सर्व होल्ड करके 6-5 की लीड ले ली।
Absolute Gladiatorial Stuff:
इस सेट के बारहवें गेम में आया मैच का “You have got to be kidding me” मोमेंट। एडवांटेज नडाल, सेट पॉइंट… नडाल का फोरहैंड रिटर्न, नोवाक ने बैकहैंड ड्रॉप शॉट खेला और नडाल की रिटर्न थोड़ी वाइड रह गई. Unreal Clutchness. (ऐसी परिस्थिति में ये शॉट ट्राई करना नोवाक के साहस और आत्मविश्वास का परिचय दे रहा था।) ड्यूस. एक पॉइंट के बाद एडवांटेज जोकोविच, नडाल का शॉट नेट में जा लगा। स्कोर 6-6, तीसरा सेट अब टाई-ब्रेकर में जा रहा था। ये टाई ब्रेकर यदि नडाल जीत जाते तो फिर यहाँ से जोकोविच के लिए उन्हें हराना बहुत कठिन हो जाता।
इस टूर्नामेंट में टाई ब्रेकर में जोकोविच का रिकॉर्ड अच्छा नहीं था। चौथे राउंड में इटैलियन खिलाड़ी लॉरेन्जो मुसेटी से दो टाई ब्रेकर हार चुके थे। क्वार्टरफाइनल में बेरेटिनी से भी एक टाई ब्रेकर हारे थे। राफ़ा के विरुद्ध भी वे 3-4 से आगे चल रहे थे, यहाँ राफ़ा ने एक आसान वॉली मिस कर दी और ब्रेक करने का अवसर गँवा दिया। अब इस सेट के लिए जोकोविच को बस 2 सर्विस गेम जीतने थे। एक Ace से उन्होंने स्कोर 6-4 किया और इसके बाद नडाल के ड्रॉप शॉट पर बहुत तेजी से आगे आकर गेंद को नडाल के फोरहैंड से काफी वाइड खेला। नडाल ये शॉट रिटर्न करने की पोजीशन में नहीं आ सके और उनका फोरहैंड शॉट लाइन से काफी बाहर चला गया। नोवाक जोकोविच ने 7-4 से यह टाई ब्रेकर जीत लिया था और इसी के साथ और तीसरा सेट भी।
पेरिस में रात के 11 बज चुके थे और नाइट कर्फ्यू का समय हो चुका था पर स्टेडियम में उपस्थित लगभग पाँच हज़ार दर्शकों में से शायद ही कोई यह मैच छोड़कर घर जाना चाहता होगा। अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक मैच को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को रुकने की आज्ञा दे दी। (तीन वर्ष पहले विम्बलडन सेमीफाइनल में नाइट कर्फ्यू के कारण राफ़ा और नोवाक का मैच तीसरे सेट के बाद स्थगित करना पड़ा था।)
चौथे सेट के पहले ही गेम में 13 बार के फ्रेंच ओपन चैंपियन राफेल नडाल ने जोकोविच की सर्व ब्रेक कर दी और दूसरे गेम में सर्व होल्ड करते हुए 2-0 की बढ़त ले ली थी। जोकोविच ने तीसरे गेम में लव-होल्ड के साथ स्कोर 2-1 किया और अगले गेम में ब्रेक वापस पाते हुए स्कोर 2-2. जोकोविच अब एक अलग ज़ोन में थे और इसके बाद उन्होंने राफ़ा को कोई अवसर नहीं दिया। सेट में तीसरी बार राफ़ा की सर्व ब्रेक करते हुए जोकोविच ने डिफेंडिंग चैम्प पर विजय प्राप्त की। 3-6, 6-3, 7-6, 6-2. [यह 8वीं बार (Open Era में सर्वाधिक) था जब जोकोविच ने ग्रैंड स्लैम में डिफेंडिंग चैंपियन को हराया।]
नोवाक के अनुसार यह Roland Garros में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और उनके टॉप 3 मैचों में से एक। स्पोर्ट्स में सबसे कठिन चुनौती है राफेल नडाल को Roland Garros में हराना। जोकोविच की उपलब्धि का अनुमान इस बात से लगाइए कि इस मैच से पूर्व Roland Garros में राफ़ा का रिकॉर्ड 105-2 था और Roland Garros सेमीफाइनल में 13-0.
क्ले कोर्ट के महानतम खिलाड़ी से चार घण्टे से अधिक का मैच खेलने के बाद 40 घण्टे के अंदर जोकोविच के सामने एक और बड़ी चुनौती थी। कोर्ट फिलिप शैत्रिए पर फाइनल मैच में नोवाक के सामने थे टेनिस की अगली पीढ़ी के एक चमकते सितारे ATP रैंकिंग में नम्बर 5 पर स्थित 22 वर्षीय ग्रीक खिलाड़ी Stefanos Tsisipas, जो अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे। स्टेफानोस पिछले वर्ष इसी कोर्ट पर जोकोविच को सेमीफाइनल में 5 सेट तक ले गए थे। पहला सेट टाईब्रेक में जीतने के बाद स्टेफ ने अगले सेट में नोवाक जोकोविच की सर्व दो बार ब्रेक करके 6-2 से सेट जीत लिया। जोकोविच के लिए अब हर सेट डू ऑर डाई था।
जोकोविच ने अपने करियर में इससे पहले 5 बार पहले दो सेट गँवाने के बाद वापसी करके मैच जीता था। ग्रैंड स्लैम “फाइनल” में उन्होंने अबतक 5 फाइव सेटर मैच खेले थे, 4 जीते थे और मात्र 1 बार हारे थे, ऐंडी मरे के विरुद्ध 2012 US ओपन फाइनल में। इस मैच में भी वे पहले दो सेट हारे थे, अर्थात पहले 2 सेट गँवाने के बाद उन्होंने ग्रैंड स्लैम “फाइनल” कभी नहीं जीता था।
इतिहास की बात करें तो आजतक मात्र 5 बार ऐसा हुआ था जब ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहले 2 सेट गँवाने के बाद कोई खिलाड़ी मैच जीत गया हो। इन 5 में से 4 बार ये कार्य Roland Garros में ही सम्पन्न हुआ।
इतिहास की बात हो ही रही है तो इस बात का उल्लेख करना भी आवश्यक है कि आजतक जिसने भी राफेल नडाल को फ्रेंच ओपन में हराया था, उसे फाइनल में हार ही मिली थी, 2009 में रॉबिन सोडरलिंग को फाइनल में रॉजर फेडरर ने हराया था, वहीं 2015 में नोवाक जोकोविच को फाइनल में स्टैन वावरिंका से पराजय मिली थी।
महान खिलाड़ी असम्भव सी परिस्थितियों को सफल होने के लिए अवसर के रूप में देखते हैं। जोकोविच का पूरा करियर ऐसे मैचों से भरा पड़ा है जहाँ उन्होंने एकदम हारा हुआ मैच वापस खींच लिया हो। “Calamities create warriors.”
तीसरे सेट में चौथे गेम में ब्रेक करते हुए नोवाक ने 3-1 की बढ़त ले ली और मैच में अपनी वापसी की घोषणा कर दी। 11 मिनट तक चले इस गेम में स्टेफानोस ने 4 ब्रेक पॉइंट बचाए पर सर्व होल्ड करने में असफल रहे। 6-3 से तीसरा सेट जीतने के बाद चौथे सेट में भी जोकोविच ने दो बार स्टेफानोस की सर्व ब्रेक की और अपनी प्रत्येक सर्व होल्ड करते हुए यह सेट भी 6-2 से जीतते हुए मैच को निर्णायक सेट में पहुँचा दिया। (चौथे सेट में जोकोविच ने अपनी “फर्स्ट सर्व” पर 86% प्रतिशत पॉइंट जीते।)
Decider: स्टेफानोस के लिए यह महत्वपूर्ण था कि तीसरे और चौथे सेट की तरह वे नोवाक जोकोविच को जल्दी ब्रेक करने का अवसर न दें पर इस बार भी सेट के तीसरे ही गेम में नोवाक ने स्टेफ की सर्व ब्रेक करके 2-1 की बढ़त ले ली। अंतिम सेट के 7वें गेम में स्टेफानोस ने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर सर्व होल्ड की पर वे एक बार जोकोविच की सर्व ब्रेक नहीं कर सके और वर्ल्ड नम्बर 1 ने 5वाँ सेट 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया। पूरे ग्रैंड स्लैम करियर में यह 6ठी बार और ग्रैंड स्लैम “फाइनल” में पहली बार था जब नोवाक ने पहले 2 सेट गँवाने के बाद वापसी करके मैच जीता हो।
यह नोवाक जोकोविच का 19वाँ ग्रैंड स्लैम था और दूसरा फ्रेंच ओपन। हर ग्रैंड स्लैम दो बार जीतने वाले वे Open Era के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 36 बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट जीते हैं और प्रत्येक मास्टर्स 1000 दो बार जीतने वाले वे विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। ग्रैंड स्लैम में यह उनकी 32वीं 5-सेटर जीत थी (रॉजर 30, सैम्प्रस 29)। यह मैच उनकी फिटनेस, आत्मविश्वास और मेंटल टफनेस का एक और उदाहरण था। उन्होंने एक बार पुनः सिद्ध कर दिया है कि मैच में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, You can never ever count out Novak Djokovic.