Flashback: Brian Lara returns to form to stun the Aussies.

सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी 1998-99 के दूसरे टेस्ट में सिक्का उछालने से पूर्व ब्रायन चार्ल्स लारा ने स्टीव वॉ से कहा, “This could be the last time I’ll be doing this.” वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड (WICB) और कप्तान ब्रायन लारा के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। बोर्ड ने उन्हें श्रृंखला के 4 में से पहले दो 2 टेस्ट मैचों के लिए ही कप्तान बनाया था और कहा था कि उन्हें अपनी नेतृत्व क्षमता में बड़े सुधार करने की आवश्यकता है।

1998 में वेस्ट इंडीज़ 5 टेस्ट और 7 एकदिवसीय मैचों के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने वाली थी। दक्षिण अफ्रीका पर से अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटने के उपरांत यह वेस्ट इंडीज़ का पहला दक्षिण अफ्रीका दौरा था, इस कारण यह ऐतिहासिक भी था।

“Cricket’s Greatest” नामक डॉक्यूमेंट्री सीरीज में कर्टली ऐम्ब्रोस कहते हैं कि इस समय WICB और वेस्ट इंडीज़ के खिलाड़ियों के बीच मैच फीस और कॉन्ट्रैक्ट राशि को लेकर विवाद चल रहा था। लारा और उनकी टीम London में एक होटल में रुकी थी और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जबतक ये विवाद चल नहीं होते तबतक खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं निकलेंगे। विवाद इतना बढ़ चुका था कि WICB ने लारा को कप्तानी से हटाकर एक वैकल्पिक टीम दक्षिण अफ्रीका भेजने का विचार कर लिया था पर अंत में खिलाड़ियों के विद्रोह की आशंका से यह बोर्ड को पीछे हटना पड़ा।

Disastrous SA Tour:
दक्षिण अफ्रीका ने वेस्ट इंडीज़ को टेस्ट श्रृंखला में 5-0 से वाइटवॉश और एकदिवसीय मैचों में 6-1 से पराजित किया। लारा ने 5 टेस्ट मैचों में 31 की औसत से मात्र 310 रन बनाए थे। उनकी कप्तानी संकट में थी।

वापस आते हैं सर फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी पर। इस श्रृंखला में टेस्ट क्रिकेट की दो महान टीमें अपनी अपनी Dynasty के इतिहास के विपरीत ध्रुवों पर खड़ी थीं, अर्थात टेस्ट क्रिकेट में वेस्ट इंडीज़ के “Glory Years” समाप्त हो रहे थे तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के आरम्भ हो रहे थे। पोर्ट ऑफ स्पेन में हुए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट इंडीज़ को 312 रनों से पराजित किया, अंतिम पारी में वेस्ट इंडीज़ मात्र 51 पर ऑल आउट हो गई थी। ऐसा लग रहा था इस श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया पूरी तरह भारी रहेगी।

जमैका में हो रहे दूसरे टेस्ट में ब्रायन लारा ने सिक्का उछाला और चैन की सांस ली कि वे ये काम अंतिम बार कर रहे हैं। स्टीव वॉ ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया, ऑस्ट्रेलिया 256 पर ऑल आउट हो गई, लेकिन शाम तक वेस्ट इंडीज़ के 4 विकेट 37 रन पर गिर चुके थे। नाइट वॉचमैन पेड्रो कॉलिंस के साथ ब्रायन लारा 7 रन पर नॉट आउट वापस लौट रहे थे और टॉस के समय स्टीव वॉ से कही गई बात सत्य होने की सम्भवनाएँ प्रबल हो गईं थीं।

14th March 1999: पेड्रो कॉलिंस दूसरे दिन कुछ देर तक लारा के साथ खेले पर ग्लेन मक्ग्रा की गेंद पर रिटायर्ड हर्ट होकर उन्हें वापस जाना पड़ा। इसके बाद जब लारा ने जिमी ऐडम्स के साथ मिलकर ग्लेन मक्ग्रा और जेसन गिलेस्पी के स्पेल निकाल लिए तब कप्तान स्टीव वॉ ने लेग स्पिनर स्टुअर्ट मैक्गिल को लगाया। मैक्गिल की पहली गेंद फुलटॉस थी, लारा ने उपहार को सहर्ष स्वीकार किया और मिडविकेट बाउंड्री के बाहर भेज दिया। इसके बाद मैक्गिल की ऑफ स्टंप के बाहर की गई फ्लाइटेड गेंद को घुटनों पर बैठकर कवर ड्राइव कर दिया।

शेन वॉर्न गेंदबाजी आक्रमण पर लगाए जा चुके थे। वॉर्न की गेंद को मिडविकेट पर खेलकर लारा ने 140 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। अबतक वो बहुत सम्भलकर खेल रहे थे, पर अर्धशतक पूरा होने के बाद उन्होंने आगे निकलकर वॉर्न की गेंद को Cow Corner के ऊपर से 6 रनों के लिए भेज दिया। यह इस पारी में उनका पहला आक्रामक शॉट था। लारा की लय में वापसी के संकेत मिलने लगे थे और लारा ने वॉर्न की लय बिगाड़ने का निश्चय कर लिया था। गिलेस्पी की शॉर्ट गेंद को पॉइंट और कवर के बीच से उठाकर खेला और इसी के साथ टेस्ट क्रिकेट में अपने 5 हज़ार रन पूरे कर लिए, ऐसा करने वाले वे वेस्ट इंडीज़ के 8वें बल्लेबाज बने।

Brian Lara at his imperious best:
60वें ओवर में स्टुअर्ट मैक्गिल की फ्लाइटेड गेंद को लारा ने पुनः कवर बाउंड्री के बाहर भेज दिया। यह टिपिकल ब्रायन लारा कवर ड्राइव थी। हाई बैकलिफ्ट, अगला पैर थोड़ा सा आगे, शक्तिशाली प्रहार और सुंदर फॉलो थ्रू। पुराने ब्रायन लारा वापस आ चुके थे और आज उन्हें रोकने की क्षमता किसी गेंदबाज में नहीं थी। मैक्गिल के इस ओवर में 3 चौके आए और लारा नाइंटीज में जा पहुँचे।

गिलेस्पी की गेंद पर सिंगल लेकर लारा ने अपना 11वाँ टेस्ट शतक पूरा किया। नॉन-स्ट्राइकर छोर पर जस्टिन लैंगर की डायरेक्ट हिट लगी, मामला तीसरे अंपायर तक गया पर उससे पहले ही सबाएना पार्क में उपस्थित दर्शक मैदान में घुस आए और लारा को बधाई देने लगे। सुरक्षाकर्मियों को बहुत प्रयास करना पड़ा, उन्हें वापस दर्शक दीर्घा में पहुँचाने में। उधर तीसरे अंपायर का निर्णय आया, 7 टेस्ट मैचों से चल रहा ब्रायन लारा के शतकों का सूखा समाप्त हो चुका था।

महान कॉमेंटेटर टोनी कोजियर लिखते हैं, “Lara was seemingly touched by some magic wand that transformed the timidity one had seen in South Africa into the assertive self-belief that had been his hallmark.”

Brain Lara show just goes on:
चायकाल तक वेस्ट इंडीज़ का स्कोर था 227/4 और लारा 113 पर खेल रहे थे। चायकाल के बाद लारा ने और आक्रामक रूप धारण किया। ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर (256) को पार उन्होंने स्टुअर्ट मैक्गिल को आगे निकलकर दो लगातार छक्के लगाए। पहला लॉन्ग ऑन और दूसरा मिडविकेट के ऊपर से। मैक्गिल की ही गेंद पर एक रन के साथ उन्होंने अपने 150 रन पूरे किए।

लारा के बल्ले से निकली गेंदें मैदान की हर दिशा में बाउंड्री के लिए जा रही थीं। कप्तान स्टीव वॉ ने ग्लेन मक्ग्रा को आक्रमण पर लगाया। लारा पूरी तरह तैयार थे। मक्ग्रा की एक गेंद को उन्होंने स्लिप और गली के बीच से रास्ता दिखा दिया और उसी ओवर में एक आगे फेंकी हुई गेंद पर मैच का सबसे दर्शनीय शॉट खेला, कवर ड्राइव, ऑन द राइज़। कॉमेंट्री कर रहे डेविड हुक्स के शब्द थे, “That’s probably the most stunning piece of batting we have seen today. Glenn McGrath can only shake his head and wonder.”

Stunning Double Hundred:
ग्रेग ब्लूवेट को लगातार चार चौके लगाकर ब्रायन लारा 183 से 199 पर जा पहुँचे। चारो चौके मैदान के अलग अलग हिस्सों में, पहला चौका मिडविकेट की ओर, दूसरा थर्डमैन की ओर, तीसरा मिड ऑफ के ऊपर से और चौथा बिल्कुल सीधा, अंपायर के बगल से। 199 पर आकर शेन वॉर्न की गेंद को लारा ने कलाइयों का प्रयोग करते हुए मिड ऑन और मिडविकेट के बीच से निकाला और रन के लिए दौड़ पड़े। गेंद बाउंड्री के बाहर पहुँचने ही वाली थी कि दर्शक पुनः मैदान में घुस गए, एक ने तो गेंद को बाउंड्री पार करने से पूर्व ही उठा लिया और सभी लारा को शाबाशी देने के लिए दौड़ पड़े। बिचारे लारा को शतक पूरा करने के बाद हुई घटना याद थी, वे भी सरपट ड्रेसिंग रूम की ओर भागने लगे लेकिन दर्शकों ने उन्हें बाउंड्री के पास घेर लिया और पर्याप्त बधाई देने के बाद ही छोड़ा।

स्टम्प्स के समय वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 105 ओवर में 377/4, दिन के खेल में 340 रन बने थे बिना किसी विकेट के। लारा 212 और जिमी ऐडम्स 88 पर खेल रहे थे। लारा इस पारी में अबतक 29 चौके और 3 छक्के लगा चुके थे। अपनी टीम को संकट से निकालने के साथ साथ उन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था।

जो मैच एक दिन पहले पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में था, लारा की इस पारी ने उसे वेस्टइंडीज़ के पाले में डाल दिया था। अगले दिन लारा अपने स्कोर में मात्र 1 रन जोड़कर आउट हो गए और वेस्ट इंडीज़ 175 रनों की बढ़त के साथ 431 पर ऑल आउट हो गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम मात्र 177 रन बना सकी और वेस्ट इंडीज़ को 3 रनों का लक्ष्य मिला जिसे मात्र 3 गेंदों में पूरा करके 10 विकेट से यह मैच जीत लिया।

ब्रायन लारा ने बारबेडस में हुए अगले टेस्ट में चौथी पारी में 153 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली जो रन चेज में क्रिकेट की महानतम पारी मानी जाती है (जिसपर चर्चा कभी और), पर जमैका में खेली गई 213 रनों की यह पारी उनकी निजी फेवरेट है, क्योंकि इस मैच में उनपर जैसा दबाव था वैसा दबाव वेस्ट इंडीज़ के किसी कप्तान ने नहीं झेला।

Mike Coward ने अपनी Wisden रिपोर्ट में लिखा: “Lara seduced the people of a bankrupt nation, resurrected his career as a batsman of rare gifts and reignited cricket throughout the Caribbean.”

(चित्र: Getty Images)

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