Thank You MS Dhoni.

Mahendra Singh Dhoni

Father Time is Undefeated. समय अजेय है। समय से कोई नहीं जीत पाता। कितना भी बड़ा एथलीट हो, एक समय आता है जब उम्र उसकी उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने की क्षमता पर प्रभाव डालने लगती है।

Railways की टीम के लिए ट्रायल देने गए MS धोनी को मात्र 3 गेंद कीपिंग कराने के बाद रिजेक्ट कर दिया था। वही MS धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाज हुए। अमेरिकन फुटबॉल 🏈 लेजेंड Peyton Manning ने अपनी रिटायरमेंट स्पीच में कहा था, “Football 🏈 has taught me not to be lead by obstructions and setbacks but instead to be lead by dreams.” स्पोर्ट्स आपको बाधाओं और असफलताओं से घबराकर पीछे हटना नहीं बल्कि सपनों के साथ आगे बढ़ना सिखाते हैं। हर सफल खिलाड़ी की भाँति महेन्द्र सिंह धोनी ने भी यही किया।

महेन्द्र सिंह धोनी ने क्रिकेट में सब कुछ देखा है, टीम में आने के लिए संघर्ष से लेकर पहली ही सीरीज के बाद बाहर होने का भय उसके बाद अगली सीरीज में अचानक से सुपरस्टार बन जाना और फिर पीछे मुड़कर न देखना। 2007 वर्ल्ड कप में टीम का बाहर होना अपने पोस्टर जलते देखना, 6 माह बाद ही वर्ल्ड T20 जीतकर वापस लौटना और क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवा लेना। तीनों फॉर्मेट की कप्तानी पा लेना और सचिन तेंदुलकर के बाद भारतीय क्रिकेट का सबसे ज्यादा सेलिब्रेटेड क्रिकेटर बन जाना। वन डे क्रिकेट में नम्बर 1 बल्लेबाज बनना। न्यूज़ीलैंड में टेस्ट और वन डे सीरीज जीतना। टेस्ट टीम को नम्बर 1 बनते देखना। 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम का कप्तान होकर सफलता के शिखर तक जाना और इसके बाद इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया में टीम का वाइटवॉश। इंग्लैंड के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज में पराजय के बाद भारतीय टीम द्वारा ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से वाइटवॉश करना। चैंपियंस ट्रॉफी की विजय और वर्ल्ड कप सेमीफाइनल। सफलता, असफलता, प्रशंसा, आलोचना, MS धोनी ने सब देखा है और सबसे सीखते हुए आगे बढ़े हैं। उन्होंने करियर में वह सब प्राप्त किया जो वे प्राप्त कर सकते थे।

एक कप्तान के रूप में महेन्द्र सिंह धोनी की बात होती है तो “Gut Feel” और “Intuition” जैसे शब्दों का प्रयोग बार बार होता है। प्रसिद्ध क्रिकेट पत्रकार और लेखक Jarrod Kimber ने इसे बकवास बताते हुए एक बड़ी रोचक तुलना की है। Kimber ने लिखा है, Dennis Rodman NBA बास्केटबॉल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ Rebounder थे। वे शूटर्स को गेंद शूट करते देखते थे और ध्यान रखते थे कि यदि शॉट मिस हो रहा है और बॉल Rim पर लग रही है तो कितनी उछल रही है, कितनी दूर जा रही है और Rebound कैच करने के लिए कितनी दूर खड़ा रहना होगा। Rodman का मानना था कि Rebounding का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट शूटर को रीड करना है। इसी प्रकार MS धोनी ने भी कप्तानी को सीखा है, Step by step. जो निर्णय उन्होंने फील्ड पर लिए हैं वो मात्र Gut Feel और Intuition के सहारे सम्भव नहीं हैं, अतः ऐसी बातें करना उनकी Intelligence और Game Sense का महत्व कम आँकने जैसा है। Kimber ने लिखा है, “Dhoni is less magical and more like an extreme pragmatist, a living cricket algorithm.” उनके निर्णय पिछले परिणामों और Memory Recall पर आधारित रहे हैं।

महेन्द्र सिंह धोनी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा नाम बनना और भारतीय टीम का रन चेज में एक उच्च स्तरीय टीम बनना यह दोनों साथ साथ हुए। नम्बर 3 पर MS के शानदार रिकॉर्ड के बाद भी राहुल द्रविड़ और ग्रेग चैपल को विश्वास रहा कि ये लड़का एक फिनिशर के रूप में ज्यादा बेहतर रहेगा। MS धोनी इस विश्वास पर खरे उतरे और वन डे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर बने। धोनी अपनी पीक पर भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए सुपरमैन की भाँति थे, जिसके विकेट पर रहते हुए विजय असंभव नहीं थी। हमेशा विश्वास रहता था, कभी कभी आवश्यकता से अधिक भी।

“मैं पल दो पल का शायर हूँ”, ये उनका फेवरेट गाना है। वे वर्तमान में रहना पसंद करते है। हर्ष भोगले कहते हैं, धोनी कभी इनसिक्योर नहीं रहे अपने स्थान या उपलब्धि को लेकर। 2007 वर्ल्ड टी ट्वेंटी विजय के बाद अपनी टी शर्ट एक बच्चे की ओर फेंकते हैं और फिर गायब। नाइंटीज किड्स ने 2003 में जो सपना टूटते देखा था वो 2011 में पूरा हुआ। 2011 की विश्वकप विजय के बाद मैदान पर सेलिब्रेशंस में MS दिखाई नहीं देते, कप्तान के रूप में नाम उनका ही आएगा पर उन्हें पता था कि ये मोमेंट सचिन तेंदुलकर का था। 2008 में नागपुर में जब सौरव गांगुली अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे थे तो अंतिम क्षणों में कप्तानी उनको सौंप दी। कोई इनसिक्योरिटी नहीं।

MS धोनी की बायोपिक में एक दृश्य है, जहाँ वे खड़गपुर में अपने दोस्तों के साथ रेलवे के क्वार्टर में 2003 का वर्ल्ड फाइनल देख रहे थे, सचिन के आउट होते ही चाय बनाने चले जाते हैं। एक दोस्त कहता है, “ई कैफ, मोंगिया, युवराज सब अपने महि के साथ के हैं न, सब वर्ल्ड कप खेल रहे हैं, पता नहीं महि का का होगा ?” वाकई किसी को पता नहीं रहा होगा कि महि (माही) अगले 8 साल में कहाँ पहुँचने वाला है.

महेंद्र सिंह धोनी के ट्रॉफी कैबिनेट में पड़ी ट्रॉफियाँ उन्हें निर्विवाद रूप से भारतीय क्रिकेट का महानतम कप्तान बनाती हैं। वन डे क्रिकेट में सबसे कम पारियों में दस हज़ार रन पूरे करने वाले बल्लेबाजों में महेंद्र सिंह धोनी छठे स्थान पर हैं। इस लिस्ट में धोनी इसलिए यूनीक हैं क्योंकि लिस्ट में उनसे ऊपर जितने भी बल्लेबाज हैं (विराट, सचिन, सौरव, पोंटिंग और कैलिस) सभी टॉप 3 (या तो ओपनर या वन डाउन) के बल्लेबाज हैं, जबकि धोनी ने अपनी 80% से अधिक पारियाँ नम्बर 5, 6, 7 पर खेली हैं। Sky Sports पर दो दिन पूर्व हुई Captaincy पर चर्चा में Shane Warne ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद लोग खिलाड़ी को उसके आँकड़ों से याद नहीं करते बल्कि याद करते हैं कि उसने Game को कैसे खेला, लोग उन Iconic मोमेंट्स से याद करते हैं जिनमें वह शामिल रहा। MS धोनी के करियर में कई ऐसे मोमेंट्स हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान निश्चित रूप से 2011 फाइनल में उनकी 91 रनों की नॉट आउट पारी रही। पूरे वर्ल्ड कप में बल्ले से उन्होंने कुछ बताने लायक प्रदर्शन नहीं किया था पर फाइनल में 114/3 होने के बाद उन्होंने नम्बर 5 पर आकर अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी खेली। महान 🏈 खिलाड़ी Shannon Sharpe के शब्दों में, “There are not many great players who can call upon their greatness on the biggest stage of the game when their team needs it the most”

अभी तो वे आईपीएल में दिखेंगे, पर जब खेल से पूरी तरह दूर होंगे और अपने Rearview Mirror में देखेंगे तो युवराज, रैना, सचिन के साथ साझेदारियाँ, अश्विन जडेजा की गेंदों पर स्टम्पिंग, विराट कोहली के साथ हुई वार्ताएँ अवश्य याद करेंगे। आप उनके इंस्टाग्राम वीडियो में देख ही चुके हैं कैसे हर प्रकार के पलों को उन्होंने सँजोकर रखा है !

“कल और आयेंगे नग्मों की खिलती कलियाँ चुननेवाले,
मुझसे बेहतर कहनेवाले, तुमसे बेहतर सुननेवाले” – धोनी के फेवरेट गाने की बड़ी सुंदर लाइनें है। धोनी के उत्तराधिकारी उनसे भी ज्यादा आगे बढ़ें, यही कामना करेंगे। MS धोनी ने जिन खिलाड़ियों में क्षमता देखी उन्हें पूरी तरह back किया। खिलाड़ी पर यह दबाव नहीं कि यदि इस मैच में अच्छा न किया तो टीम से बाहर। रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को back किया जाना (जब हर तरफ से इन्हें बाहर करने की आवाज़ें उठती थीं) टीम के Long Term हित में रहा।

Thank You MS Dhoni. Game of course goes on but take it from me without MS Dhoni it’s just not the same. Thank you for giving your team-mates and fans everything you had.

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