दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध लगने के कारण उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा कैंसिल हो गया और उसी की भरपाई के लिए वर्ल्ड XI की टीम 5 टेस्ट मैच खेलने आई थी। इस टीम के कप्तान थे गैरी सोबर्स। ब्रिस्बेन में पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था और दूसरे टेस्ट में पर्थ में डेनिस लिली की शानदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने पारी से विजय से प्राप्त की थी। पहली पारी में डेनिस लिली ने 29 रन देकर 8 विकेट लिए थे और वर्ल्ड XI को 14.1 ओवर में 59 पर ऑल आउट कर दिया था। गैरी सोबर्स लिली की बाउंसर पर शून्य पर वापस लौट गए थे।
(इस पोस्ट का शेष कन्टेन्ट http://www.cricketcountry.com पर छपे Arunabha Sengupta के लेख से लिया गया है)
3rd Test MCG: तीसरा टेस्ट मेलबर्न में खेला जा रहा था। वर्ल्ड XI की पहली पारी मात्र 184 पर सिमट गई। डेनिस लिली की बाउंसर ने गैरी सोबर्स को उनकी पहली ही गेंद पर पवेलियन भेज दिया था। लिली ने 5 विकेट लिए। शाम तक ऑस्ट्रेलिया ने 1 विकेट पर 58 रन बना लिए।
उस मैच के ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयन चैपल बताते हैं कि दिन के खेल की समाप्ति के बाद जब ऑस्ट्रेलियाई टीम रात को बोतल खोलकर बैठी थी। उसी समय सोबर्स ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में गए, उन्होंने इयन चैपल से कहा, “You’ve got a boy here called Lillee. Every time I have gone in, all I have got from him is bouncers. I want you to tell him that I can bowl quick too, and I can bowl bouncers. So watch out for me when he comes in”
अगले दिन ऑस्ट्रेलियाई नम्बर 11 डेनिस लिली बल्लेबाजी पर आए तो सोबर्स ने भी उन्हें बाउंसर फेंकी और कुछ देर उनकी ओर देखते रहे मानो कह रहे हों, “I can bowl bouncers too.” अगली गेंद पर लिली ने बड़ा शॉट लगाने का प्रयास किया और मिड ऑफ पर कैच हो गए। सोबर्स ने कुल 3 विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया की पारी 285 पर समाप्त हुई, 101 रन की लीड के साथ। दूसरे दिन की शाम वर्ल्ड XI का स्कोर था 42 रन पर एक विकेट। सोबर्स फिर ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में गए और इस बार इयन चैपल ने उनसे बताया कि डेनिस लिली ने कहा है, “मैंने उस लिटिल बास्टर्ड (सोबर्स) को अभी तेज गेंद डाली कहाँ है, अगली पारी में दिखाउंगा तेज गेंद क्या होती है।” सोबर्स ने चैपल को उत्तर दिया, “Well, he’s got the ball, I’ve got the bat. I’ve never met the one who can scare me before, and I don’t think that I will.”
5 जनवरी 1972: अगले दिन वर्ल्ड XI की दूसरी पारी में नम्बर 5 पर खेलने आए गैरी सोबर्स। इस समय स्कोर था 146 पर 3. वर्ल्ड XI के पास मात्र 45 रन की लीड थी और मैच अभी ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुका हुआ था। सोबर्स ने एक शक्तिशाली स्क्वेयर कट से शुरुआत की। इस शॉट ने इस पारी की टोन सेट कर दी। जब भी गेंद शॉर्ट और ऑफ स्टम्प के बाहर रही उन्होंने कट किया और जब गेंद आगे रही तो ड्राइव। जब गेंद उनके शरीर की ओर आई तो उन्होंने बैकफुट पर ज़ाक़र पुल और हुक किया। स्पिनर्स के विरुद्ध कदमों का बेहतरीन प्रयोग। डेनिस लिली, बॉब मैसी और टेरी जेनर के रूप में ऑस्ट्रेलिया के पास एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण था, इन सभी की गेंदों को सोबर्स ने MCG के हर क्षेत्र में भेजा।
स्टेडियम में उपस्थित हर व्यक्ति को पता था कि इस प्रकार का स्ट्रोक प्ले विश्व क्रिकेट में अन्य खिलाड़ियों की क्षमता और सोच से ऊपर का था और मात्र एक ही बल्लेबाज ऐसा कर सकने में सक्षम था।
लिली ने कहा कि उन्होंने ऑफ साइड में स्क्वेयर क्षेत्र में तीन फील्डर लगा रखे थे पर सोबर्स के ड्राइव और कट उनके बीच से निकल रहे थे।
दूसरी नई गेंद आते ही लिली ने एक तेज यॉर्कर ऑफ स्टंप पर फेंकी, सोबर्स ने इसे स्क्वेयर ड्राइव कर दिया और गेंद चौके के लिए गई। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी John Benaud ने कहा, कोई अन्य खिलाड़ी होता तो इस गेंद पर बोल्ड हो जाता पर इस आदमी के पास बल्ले का फेस खोलकर स्क्वेयर की ओर खेलने का भी समय था। तीसरे दिन की शाम तक सोबर्स 139 पर नॉट आउट थे और वर्ल्ड XI का स्कोर था 344/7.
शाम को इयन चैपल वर्ल्ड XI के ड्रेसिंग रूम में गए, वे और सोबर्स दोनों अपनी अपनी ड्रिंक के साथ कोने में बैठे थे। सोबर्स ने कहा, “Prue (सोबर्स की पत्नी) मुझे छोड़कर चली गई है.” चैपल ने कहा इस बात का गुस्सा हमारी टीम पर क्यों निकाल रहे हो, कहो तो फोन करूँ।
पीटर पॉलक के साथ सोबर्स ने 8वें विकेट के लिए 186 रन जोड़े। तीसरी नई गेंद के साथ आए लिली पर सोबर्स ने ऐसा आक्रमण किया कि कप्तान चैपल ने कुछ ही ओवर में लिली को गेंदबाजी से हटा दिया।
सोबर्स ने इस पारी में 254 रन बनाए। सोबर्स जब भी किसी Milestone (100, 150, 200, 250) पर पहुँचे तब तब दर्शकों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं। जब सोबर्स आउट हुए तो ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ी उनके पवेलियन में प्रवेश करने तक ताली बजाते रहे।
World XI की पारी 514 पर समाप्त हुई और ऑस्ट्रेलिया को 414 रनों का लक्ष्य दिया ऑस्ट्रेलिया की टीम 317 पर ऑल आउट जो गई और World XI ने यह मैच 96 रनों से जीता।
डेनिस लिली ने मैच के बाद गैरी सोबर्स से कहा, “I’ve heard about you and now I’ve got my tail cut properly.”
सर डॉनल्ड ब्रैडमैन दर्शक दीर्घा में बैठे थे, जिन्होंने कई महान पारियाँ खेली थीं और न जाने कितनी महान पारियाँ देखीं थीं। सर डॉन ने गैरी सोबर्स की इस पारी को ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सर्वश्रेष्ठ पारी बताया।
गैरी सोबर्स ने टेस्ट क्रिकेट में 93 मैचों में 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए, 26 शतक के साथ। वे टेस्ट क्रिकेट में 8 हज़ार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। उनका सर्वाधिक स्कोर 365 नाबाद रहा, यह उस समय विश्व रिकॉर्ड था जो 36 साल तक उनके पास रहा। ब्रायन लारा ने 1994 में 375 बनाकर यह रिकॉर्ड तोड़ा। सोबर्स ने 235 विकेट भी लिए। वे लेफ्ट आर्म स्पिन, चाइनामेन और तेज गेंदबाजी सब कर लेते थे। सोबर्स मैदान में किसी भी स्थान पर उच्च कोटि की फील्डिंग कर सकते थे। सर्कल में फील्डिंग हो या स्लिप में, स्लिप कैचिंग से लेकर बाउंड्री से शानदार थ्रो फेंकना, वे ये सब कर सकते थे।
सर गैरी सोबर्स को जन्मदिन की शुभकामनाएँ।