The Ashes 2005-06: Greatest Ashes Series of all Time.Part-5

History: 1882 में ऑस्ट्रेलिया एक मात्र टेस्ट खेलने इंग्लैंड आई थी। London के ओवल में हो रहा यह टेस्ट एक Low Scoring मैच था। 29 अगस्त 1882, मैच के दूसरे ही दिन इंग्लैंड को विजय के लिए 85 रनों का लक्ष्य मिला था, एक समय 51/2 से इंग्लैंड 77 रन पर ऑल आउट हो गई। यह इंग्लैंड की अपनी जमीन पर पहली पराजय थी और ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड में इंग्लैंड पर पहली विजय। अगले दिन “The Sporting Times” ने इंग्लिश क्रिकेट की Obituary छाप दी। लिखा गया था इंग्लिश क्रिकेट की मृत्यु हो चुकी है और उसका अंतिम संस्कार करके उसकी “राख” (Ashes) ऑस्ट्रेलिया ले जाई जाएगी। “The body will be cremated and the ashes taken to Australia” इस हेडलाइन ने स्पोर्ट्स देखने वालों को आकर्षित किया।

History: इंग्लैंड की टीम ऐशेज़ 1950 में 1-4 से हार गई थी। ऐशेज़ 1953 में पहले चारों टेस्ट ड्रॉ हुए थे और पाँचवाँ टेस्ट ओवल में जीतकर इंग्लैंड ने ऐशेज़ ट्रॉफी पुनः अपने नाम कर ली।

The Oval- 2005-06: London में लॉर्ड्स से आरम्भ हुई ऐशेज़ 2005-06 की यह यात्रा बर्मिंघम, मैनचेस्टर और नॉटिंघम होते हुए एक बार फिर London आ पहुँची थी, इस बार मैदान था ओवल। इंग्लिश Summer का अंतिम टेस्ट परंपरागत रूप से ओवल में ही खेला जाता रहा है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ऐशेज़ इतिहास में संभवत सबसे अधिक प्रतीक्षित टेस्ट मैच था। पिछले चारों टेस्ट मैचों की भाँति यहाँ भी स्टेडियम हाउसफुल।

इंग्लैंड की टीम में मात्र एक परिवर्तन था। साइमन जोन्स की इंजरी के कारण पॉल कॉलिंगवुड को उनका पहला ऐशेज़ टेस्ट खेलने का अवसर मिला। ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी एक ही परिवर्तन था, ग्लेन मक्ग्रा की वापसी हो गई थी।

माइकल वॉन ने लगातार तीसरा टॉस जीता और बल्लेबाजी का निर्णय किया। विकेट बिल्कुल फ्लैट। मार्कस ट्रेसकॉथिक ने लगातार चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को ठोस शुरुआत दी। साढ़े चार की रन रेट के साथ खेलते हुए ट्रेसकॉथिक और ऐन्ड्रू स्ट्राउस की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 17.3 ओवर में 82 रन जोड़ लिए। शेन वॉर्न की गेंद पर मैथ्यू हेडेन ने पहली स्लिप में एक अद्भुत कैच लिया और ट्रेसकॉथिक को वापस भेजा।

इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन मात्र 11 रन बनाकर एक शॉर्ट पिच गेंद को सीधे शॉर्ट मिडविकेट के हाथ में मार बैठे। इयन बेल को वॉर्न ने 0 पर आउट किया और केविन पीटरसन शेन वॉर्न की एक फ्लाइटेड गेंद पर बीट हुए, गेंद उनके बैट के पास से निकलती हुई ऑफ स्टम्प पर लगी। इंग्लैंड का स्कोर 33.3 ओवर में 4 विकेट पर 131 रन। पहला घण्टा इंग्लैंड के नाम रहने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पिछले 16 ओवरों में 49 रन पर 4 विकेट निकाल लिए थे।

Strauss and Flintoff stitching a partnership: ओपनर ऐन्ड्रू स्ट्राउस अभी भी डटे हुए थे और अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे। नम्बर 6 पर उनका साथ देने आए थे सीरीज में इंग्लैंड के हीरो ऐन्ड्रू फ्रेडी फ्लिंटॉफ। फ्लिंटॉफ के बल्ले से बैकफुट कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव और कवर ड्राइव निकलने लगे। चायकाल तक का समय इन दोनों ने अब और कोई विकेट गिरे बिना निकाल दिया। इंग्लैंड का स्कोर 55 ओवर में 213/4.

तीसरे सत्र के दूसरे ही ओवर (57वें) में ब्रेट ली की गेंद पर पॉइंट क्षेत्र में चौका लगाकर स्ट्राउस 97 पर जा पहुँचे। 58वें ओवर में फ्लिंटॉफ ने शेन वॉर्न को तीन चौके लगातार लगाए। पहले दो शक्तिशाली स्वीप शॉट और तीसरा गेंदबाज के पास से स्ट्रेट ड्राइव। दूसरे चौके से ही फ्लिंटॉफ का अर्धशतक भी पूरा हो गया था और साझेदारी के 100 रन भी। अगले ओवर (59वें) में ब्रेट ली की दूसरी गेंद पर ऑन ड्राइव से चौका लगाकर ऐन्ड्रू स्ट्राउस ने सीरीज का दूसरा और अभीतक मात्र 19 मैचों के अपने टेस्ट करियर का 7वाँ शतक पूरा कर लिया।

71वें ओवर में ग्लेन मक्ग्रा की पहली गेंद पर फ्रेडी फ्लिंटॉफ पहली स्लिप में शेन वॉर्न द्वारा कैच कर लिए गए और इस प्रकार फ्लिंटॉफ और स्ट्राउस के बीच 5वें विकेट लिए 143 रनों की साझेदारी का अंत हुआ। फ्लिंटॉफ ने 72 रन बनाए। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को इस अंतिम टेस्ट में संकट से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया था। थोड़ी देर बाद 80वें ओवर में 129 रन की पारी खेलने के बाद ऐन्ड्रू स्ट्राउस इस पारी में शेन वॉर्न के 5वें शिकार बने। इस पारी में उन्होंने 17 चौके लगाए।

दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 88 ओवर में 7 विकेट पर 319 रन बना लिए थे।

इस फ्लैट पिच पर भी पहले दिन शेन वॉर्न ने 34 ओवर गेंदबाजी करके 5 विकेट निकाल लिए। अन्य गेंदबाज़ो से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया। अगले दिन 106वें ओवर में शेन वॉर्न ने इंग्लैंड की पहली पारी 373 पर समाप्त कर दी।

Australian Response:
मैथ्यू हेडेन ने अभी तक इस सीरीज में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया था। उन्हें टीम से बाहर करने की माँग उठने लगी थी। 5वें टेस्ट से पहले उन्होंने एक अभ्यास मैच में Assex काउंटी के विरुद्ध 150 रन बनाए। जस्टिन लैंगर की फॉर्म ठीक थी पर उनके बल्ले से भी कोई शतकीय पारी नहीं आई थी। इस Must Win मैच में दोनों ओपनरों का चलना बहुत आवश्यक था। इस मैच में अच्छा प्रदर्शन करने का दृढ़संकल्प करके उतरे मैथ्यू हेडेन ने बहुत धीमी शुरुआत की। छठे ओवर में लैंगर के बल्ले से ऑस्ट्रेलियाई पारी का पहला चौका आया। क्लासिक कवर ड्राइव, अच्छा फुटवर्क, सीधा बल्ला और गेंद बल्ले के बीचों बीच। 19वें ओवर में माइकल वॉन ने Ashley Giles को गेंद सौंपी। ओवर की दूसरी ही गेंद पर जस्टिन लैंगर ने कदमों का प्रयोग किया और जाइल्स की गेंद को Long On बाउंड्री के ऊपर से 6 रनों के लिए भेज दिया। चौथी गेंद पर लैंगर ने मिडविकेट के ऊपर से एक बार फिर जाइल्स को छक्का लगा दिया। इसी ओवर में उन्होंने अपने 50 रन भी पूरे कर लिए। हेडेन इस समय मात्र 13 पर थे। लैंगर के बल्ले से रन आते रहे और हेडेन दूसरे छोर पर मजबूती से खड़े रहे। दूसरे दिन चायकाल तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 33 ओवर में 112/0. इसके बाद वर्षा ने दूसरे दिन खेल आगे नहीं बढ़ने दिया।

Justin Langer goes past Sir Donald Bradman with a fantastic hundred: वर्षा के कारण आउटफील्ड गीला रहा और तीसरे दिन के खेल का आरम्भ भी देरी से हुआ। 7 ओवर का ही खेल हुआ था और वर्षा एक बार फिर पधारी। वर्षा के बाद खेल पुनः आरम्भ हुआ और उसके बाद 137 गेंदों में हेडेन ने इस सीरीज में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। तीसरे दिन लंच तक का स्कोर 47 ओवर में 157/0, जस्टिन लैंगर 91 पर आ चुके थे। लंच के बाद लैंगर ने स्टीफन हार्मिसन की गेंद पर चौका लगाया और इस सीरीज में अपना पहला और अपने करियर का 22वाँ शतक पूरा किया। इसी के साथ वे करियर में 6996 रनों तक जा पहुँचे। यह टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज सर डॉनल्ड ब्रैडमैन के टेस्ट क्रिकेट में बनाए कुल रनों की संख्या थी, जो ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट में बहुत पवित्र आँकड़ा है।

अगले चौके के साथ लैंगर इस संख्या से आगे निकले और 7000 टेस्ट रनों तक जा पहुँचे। लैंगर और हेडेन के बीच 185 रन जोड़े जा चुके थे और यह इस सीरीज में किसी भी विकेट के लिए अबतक की सबसे बड़ी साझेदारी थी।

Light Meters are out:
दो गेंद बाद लैंगर के बल्ले का किनारा लगकर गेंद स्टाम्प पर लगी और 53वें ओवर में इंग्लैंड को पहली सफलता मिली। जस्टिन लैंगर जाते हुए बहुत निराश इसलिए दिख रहे थे क्योंकि इसी ओवर में बूंदाबांदी हो रही थी और अंपायरों ने खेल रोका नहीं था। जले पर नमक इस बात से छिड़का गया और कि उनके आउट होते ही वर्षा के कारण खेल रोक दिया गया बिना एक और गेंद फेंके। चायकाल तक खेल रुका रहा और दिन के खेल में 30 ओवर का नुकसान हो चुका था।

Hayden finally gets his ton: चायकाल के बाद हेडेन और पॉन्टिंग ने पारी को आगे बढाना आरम्भ किया। 65वें ओवर में हेडेन ने फ्लिंटॉफ को चौका लगाकर इस सीरीज में अपना पहला और अपने करियर का 21वाँ शतक पूरा कर लिया। यह पारी मैथ्यू हेडेन के बल्लेबाजी के स्वभाव के बिल्कुल विपरीत थी, हेडेन आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे, पर यहाँ उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दूसरा पक्ष भी दिखाया। इसी पारी में हेडेन ने अपने टेस्ट करियर के 6000 रन भी पूरे किए।

स्कोर 265/1. हेडेन 106 और पॉन्टिंग 35 पर खेल रहे थे। अभी आधा मैच शेष था और ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर से मात्र 108 रन पीछे, 9 विकेट शेष। यहाँ 73वें ओवर में फ्लिंटॉफ की गेंद पर रिकी पॉन्टिंग के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद गली में खड़े स्ट्राउस के हाथ में चली गई। यह ऑस्ट्रेलिया के लिए बहुत बड़ा झटका था। इससे आगे तीसरे दिन के खेल में मात्र 6 ओवर और हुए और अंपायरों ने लाइट मीटर बाहर निकाल लिया और खराब रौशनी के कारण दिन का खेल समाप्त। दिन में तीन बार वर्षा के कारण खेल बाधित हुआ था पर Crowd में कमी नहीं आई। स्कोर 77.4 ओवर में 277/2. मैच एक बोरिंग ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था।

चौथे दिन डेमियन मार्टिन फिर जल्दी आउट हुए। 93वें ओवर में फ्लिंटॉफ की गेंद हेडेन के पैड पर लगी और अंपायर की रूडी कोर्टजन की उंगली सुपर स्लो मोशन में ऊपर उठ गई। 303 गेंदों की इस मैराथन पारी में हेडेन ने 138 रन बनाए थे। स्कोर 324/4. फ्लिंटॉफ ने अपने अगले ओवर में कैटिच को भी आउट करके स्कोर 325/5 कर दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए इसके बाद कोई और साझेदारी नहीं बन पाई और पूरी टीम 367 रनों पर ऑल आउट हो गई। इंग्लैंड को 6 रन की बढ़त। अंतिम 5 विकेट मात्र 11 रनों के भीतर गिर गए। बल्ले से 72 रन बनाने वाले ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने 34 ओवरों में 78 रन पर 5 विकेट लिए।

England’s 2nd Innings: इंग्लैंड को सीरीज जीतने के लिए मात्र ड्रॉ चाहिए था जबकि ऑस्ट्रेलिया को यह सीरीज ड्रॉ करने के लिए मैच जीतना था। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह काम एक ही व्यक्ति कर सकता था… शेन वॉर्न। 3 ओवर के खेल के बाद रोशनी फिर खराब हुई और दोनों अंपायरों ने रिकी पॉन्टिंग से कहा कि यदि ब्रेट ली गेंदबाजी करेंगे तो गेंद दिखाई नहीं पड़ेगी और खेल रोकना होगा। पॉन्टिंग ने शेन वॉर्न को गेंद दे दी। वॉर्न ने अपने पहले ओवर की चौथी गेंद पर ही ऐन्ड्रू स्ट्राउस का विकेट ले लिया। स्कोर 1 विकेट पर 2 रन। कप्तान माइकल वॉन और ट्रेसकॉथिक ने 13.3 ओवर में स्कोर को 34 तक पहुँचाया और खेल दिन का खेल खराब रोशनी के कारण जल्दी समाप्त हो गया। इस दौरान मार्कस ट्रेसकॉथिक इस सीरीज में कुल 400 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाजे बने।

Last day of Ashes 2005-06: सीरीज का अंतिम दिन, 98 ओवर का खेल शेष और मौसम सही रहने का अनुमान। माइकल वॉन आज अच्छी फॉर्म में दिख रहे थे, उन्होंने ट्रेसकॉथिक के साथ मिलकर स्कोर को 22 ओवर में 67 पर पहुँचा दिया था। ग्लेन मक्ग्रा पारी का 23वाँ ओवर लेकर आए। वॉन के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गिलक्रिस्ट के डाइव लगाकर एक शानदार कैच पकड़ा। वॉन ने 45 रन बनाए। अगली गेंद ने इयन बल्ले के बल्ले का किनारा लिया और फर्स्ट स्लिप में शेन वॉर्न ने कैच पकड़ा। इंग्लैंड की लीड 73, 7 विकेट शेष, दिन के खेल में 88 ओवर शेष। यह मैच अभी भी किसी ओर जा सकता था।

Kevin Pietersen- The Hero England needed: 5वें दिन की सुबह ग्लेन मक्ग्रा के स्पेल के बाद इंग्लैंड का स्कोर था 67/3. लीड 73 रन. मैच में 80 से अधिक ओवर शेष। ऑस्ट्रेलिया वापसी कर चुकी थी। नम्बर 5 पर बल्लेबाजी करने आए इंग्लैंड के नए सुपरस्टार केविन पीटरसन। लॉर्ड्स में डेब्यु करने वाले केविन पीटरसन पर एक बार फिर इंग्लैंड को संकट से निकालने का दायित्व था। पिछले दो टेस्ट में उनके बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं हुआ था और “पारंपरिक” टेस्ट मैच बैटिंग के वकीलों ने उनपर प्रश्न उठाने आरम्भ शुरु कर दिए थे। फंकी हेयरस्टाइल, बॉडी पर टैटू वाले खिलाड़ी अकारण भी ऐसे निशाने पर रहते ही हैं। (आप भारतीय क्रिकेट में भी ऐसे उदाहरण देख चुके होंगे।)

आज केविन पीटरसन के टेस्ट करियर का अविस्मरणीय दिन होने वाला था।”Glenn McGrath on a hattrick.” खतरनाक बाउंसर, पीटरसन ने रोकने का प्रयास किया, गेंद बल्ले के पास से निकलते हुए कंधे से लगी और सेकेंड स्लिप में रिकी पॉन्टिंग ने उसे पकड़ा। जोरदार अपील पर नॉट आउट। थोड़ी देर बाद मक्ग्रा को पुल शॉट लगाकर KP ने अपना पहला चौका प्राप्त किया। ब्रेट ली की एक सीधी रही गेंद को KP ने पूरी शक्ति और कौशल के साथ गेंदबाज के पास से स्ट्रेट ड्राइव कर दिया। इसी ओवर में शेन वॉर्न ने पहली स्लिप में KP को वापस भेजने का एक “स्ट्रेट फॉरवर्ड” अवसर छोड़ दिया। इस ड्रॉप कैच का प्रभाव मैच, सीरीज और इतिहास तीनों पर पड़ना था।

शेन वॉर्न की गेंद पर KP ने घुटने पर बैठकर एक स्लॉग स्वीप खेली और गेंद मिडविकेट सीमारेखा के ऊपर से 6 रन के लिए चली गई, इसी के साथ इंग्लैंड के 100 रन पूरे हो गए। अगली गेंद पर भी वही शॉट और वही परिणाम। शेन वॉर्न ने एक खतरनाक लेग स्पिन हुई गेंद से मार्कस ट्रेसकॉथिक को आउट किया और इंग्लैंड का स्कोर हो गया 109/4.

ओवल के दर्शकों ने मैदान में आ रहे ऐन्ड्रू “फ्रेडी” फ्लिंटॉफ का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। फ्रेडी बहुत देर नहीं टिके और शेन वॉर्न को रिटर्न कैच देकर लौट गए स्कोर 126/5. ब्रेट ली की एक बाउंसर खेलने के प्रयास में गेंद KP के दस्ताने पर लगी और स्लिप में खड़े फील्डरों के ऊपर से निकल गई। केविन पीटरसन इस गेंद से बचने के क्रम में नीचे गिर पड़े। लंच तक स्कोर 39 ओवर में 127/5. लीड 133. सीरीज अभी भी जिंदा थी।

KP goes into BEASTMODE and defies conventional wisdom: लंच के बाद वाले स्पेल में ब्रेट ली बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे। 95 मील प्रति घण्टा। उन्होंने KP को बाउंसर मारना जारी रखा। KP ने भी आक्रमण करने का विचार कर लिया था। 41वें ओवर में ब्रेट ली के बाउंसर को उन्होंने हुक शॉट द्वारा फाइन लेग सीमारेखा के पार 6 रन के लिए भेज दिया। ब्रेट ली के अगले ओवर (43वें) में KP ने ब्रेट ली के ओवर से 16 रन लिए, एक पुल शॉट डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से 6 रन और अगली दो गेंदों पर दो चौके, दूसरा चौका जिस गेंद पर आया उसकी गति थी 96.7 मील प्रति घण्टा। इंग्लैंड के डेढ़ सौ रन भी पूरे हो गए थे। इंग्लैंड को यह सीरीज जीतने के लिए मात्र ड्रॉ चाहिए था, यह विशेषज्ञ बल्लेबाजों की अंतिम जोड़ी थी, दूसरे छोर पर खड़े कॉलिंगवुड इस सीरीज में अपना पहला और करियर का तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे थे, ऐसी स्थिति केविन पीटरसन का यह रवैया पारंपरिक क्रिकेट के विरुद्ध ही माना जाता।

Baseball Shot: 45वें ओवर में ब्रेट ली की एक शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को केविन पीटरसन ने फ्लैट बैट से अंपायर के पास से खेल दिया चार रन के लिए, ये बिल्कुल बेसबॉल स्टाइल शॉट था। केविन पीटरसन पूरी तरह से One Day मोड में थे और क्रिकेट की मार्शल आर्ट्स का प्रदर्शन कर रहे थे।

Maiden Test Hundred for Kevin Pietersen: 57वें ओवर में बॉलिंग पर लाए गए शॉन टेट को KP ने दो चौके लगाए और इसी ओवर में 90s में पहुँचे। कॉलिंगवुड और गेरेन्ट जोन्स आउट हो चुके थे और KP के साथ थे Ashley Giles. लीड 205 रन और दिन में खेल में 55 ओवर शेष। ऑस्ट्रेलिया के पास अभी अवसर था अगले तीन विकेट जल्दी लेकर रन चेज का प्रयास करने का। केविन पीटरसन ऐसा होने देने वाले नहीं थे। 63वें ओवर में शॉन टेट की गेंद कर आक्रामक कवर ड्राइव से KP ने एक और चौका प्राप्त किया और इसी के साथ 124 गेंदों में उनके करियर का पहला टेस्ट शतक भी पूरा हुआ। मार्क निकलस ने कहा, “This is a fantastic batsman. A batsman who’s giving England another dimension altogether and Michael Vaughan knows it more than anybody. He’s an ‘in your face’ cricketer and he’s been right in the face of the Australians.”

पाँचवें दिन के चायकाल की घोषणा कर दी गई। स्कोर 63 ओवर में 221/7, लीड 227 और दिन के खेल में ओवर शेष। ऑस्ट्रेलिया के पास अब भी एक Outside Chance था। 71वें ओवर में ब्रेट ली की शॉर्ट गेंद को पीटरसन ने डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से दर्शक दीर्घा में भेज दिया, इसी के साथ इंग्लैंड की लीड ढाई सौ के पार। अगले ओवर में शेन वॉर्न की एक फ्लाईटेड गेंद को एक टांग बाहर निकालकर वॉर्न के सिर के ऊपर से ऊपर से उठा दिया 6 रनों के लिए। ड्रिंक्स ब्रेक के बाद पीटरसन ने 79वें ओवर में मक्ग्रा को भी दो चौके लगाए और 80वें ओवर में शेन वॉर्न की गेंद पर Long On के ऊपर से पीटरसन ने अपनी पारी का 7वाँ छक्का जड़ा और अगली गेंद पर कट शॉट से आए चौके से केविन पीटरसन के 150 रन पूरे हो गए। ज्योफ्री बॉयकॉट ने कहा “England under severe pressure and he’s played the innings of his life.”

158 रन (187 गेंदों में) बनाकर पीटरसन मक्ग्रा की गेंद पर बोल्ड हुए, इस समय तक वे मैच, सीरीज और इतिहास बदल चुके थे। मैच ड्रॉ कराने के लिए खेली गई इस पारी में 15 चौके और 7 छक्के थे। पीटरसन को Oval के दर्शकों से “Standing Ovation” मिली। इंग्लैंड का स्कोर था 308 पर 8, बढ़त 314 रन, मैच में मात्र कुछ ओवर शेष और ऑस्ट्रेलिया इस मैच से पूरी तरह बाहर। Ashley Giles ने भी 59 रन बनाए और इंग्लैंड 91.3 ओवर में 335 पर ऑल आउट। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले शेन वॉर्न ने दूसरी पारी में भी 6 विकेट लिए।

Regaining THE ASHES:
दिन के खेल में 5 ओवर शेष ऑस्ट्रेलिया के सामने 342 रनों का लक्ष्य। ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी के लिए उतरना एक औपचारिकता मात्र थी, पहली चार गेंद के बाद ही ये औपचारिकता समाप्त हो गई। खराब रौशनी के कारण खेल रुक गया और इसके बाद शुरु नहीं हुआ। अंपायर रूडी कोर्टजन ने जैसे ही खेल की समाप्ति की घोषणा के तौर पर गिल्लियाँ हटा दीं वैसे ही स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों के शोर ने पूरे शहर को गुंजायमान कर दिया। “England have regained the Ashes” Michael Atherton के स्वर में प्रसन्नता और संतुष्टि दोनों थी। अपने 100 टेस्ट से अधिक के करियर में उन्होंने कभी इंग्लैंड को ऐशेज़ जीतते नहीं देखा था, आज कॉमेंट्री बॉक्स से देख रहे थे।

Michael Vaughan and his mates enter history books: ऐशेज़ ट्रॉफी 18 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद पुनः इंग्लैंड के नाम हो चुकी थी। माइकल वॉन और उनके साथियों का नाम इंग्लिश क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाने वाला था। माइकल वॉन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, “We all aged a few years.”

End of Richie Benaud’s “Marvellous” commentary stint in England: क्रिकेट के महानतम कॉमेंटेटर Richie Benaud का भी एक कॉमेंटेटर के रूप में यह अंतिम इंग्लैंड दौरा था, वे Channel 4 के लिए कॉमेंट्री कर रहे थे। मैच के दौरान प्रशंसक उनके नाम और चित्र वाले पोस्टर लिए मैदान में दिखाई दिए। उन्होंने लगभग 42 वर्ष तक England में कॉमेंट्री की थी, वे क्रिकेट को निःशुल्क टेलिविजन पर दिखाए जाने के पक्षधर थे। इंग्लैंड में क्रिकेट के प्रसारण का अधिकार Channel 4 से British Sky Broadcasting के पास चला गया था। इस कारण Oval Test Richie Benaud का इंग्लैंड में अंतिम मैच था।

Series Heroes for England:
सीरीज में 40 की औसत से 402 रन बनाने वाले और 27 की औसत से 24 विकेट लेने वाले फ्रेडी फ्लिंटॉफ मैन ऑफ द सीरीज चुने गए। उन्हें Compton-Miller मेडल से सम्मानित किया गया। [Dennis Compton और Keith Miller इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दो महान खिलाड़ी] फ्लिंटॉफ का यह प्रदर्शन 1981-82 ऐशेज़ सीरीज में सर इयन बॉथम के प्रदर्शन की याद दिला रहा था।

ओवल टेस्ट में 158 रनों की पारी से ऑस्ट्रेलिया के सीरीज बराबर करने के अवसर समाप्त करने वाले केविन पीटरसन मैन ऑफ द मैच हुए और अपनी डेब्यु सीरीज में ही इंग्लैंड के ही नहीं बल्कि सीरीज के टॉप स्कोरर रहे। पीटरसन ने सीरीज में 52 की औसत से 473 रन बनाए।

मार्कस ट्रेसकॉथिक ने लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सीरीज के प्रत्येक मैच में इंग्लैंड को बहुत ठोस और आक्रामक शुरुआत दी, वे 431 रन बनाकर सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने में दूसरे स्थान पर रहे। ओवल टेस्ट न खेलने वाले साइमन जोन्स ने 21 की 🔥🔥 औसत से 18 विकेट लिए और इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने में दूसरे स्थान पर रहे। साइमन जोन्स की बड़ी विशेषता यह भी रही कि उन्होंने कई बार ऑस्ट्रेलिया की मजबूत साझेदारियाँ तोड़ी और इंग्लैंड के लिए द्वार खोले। ऐन्ड्रू स्ट्राउस ने सीरीज में 2 शतक लगाकर 393 रन बनाए और सीरीज के 5वें टॉप स्कोरर रहे। स्ट्राउस सीरीज में 1 से अधिक शतक लगाने वाले अकेले बल्लेबाज रहे। 5 में से 4 टॉप स्कोरर इंग्लैंड के थे, यह दर्शा रहा था कि इंग्लिश बल्लेबाजों ने सीरीज को किस प्रकार डॉमिनेट किया था।

Shane Warne: वॉर्न ने सीरीज के 5 मैचों में 40 विकेट लिए, 19.93 रन प्रति विकेट। वे ऑस्ट्रेलिया के अकेले ऐसे खिलाड़ी रहे जिसने इंग्लैंड को हर मैच में परेशान किया, गेंद से भी और बल्ले से भी। वॉर्न ने 9 पारियों में 249 रन भी बनाए और कई अच्छी पारियाँ खेलीं जब ऑस्ट्रेलिया संकट में थी। शेन वॉर्न को ऑस्ट्रेलियाई टीम का मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। यह शेन वॉर्न का अंतिम इंग्लैंड दौरा था, उन्होंने इसे अविस्मरणीय बनाया और अपने इस प्रदर्शन को अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन माना पर टीम को विजय न दिला पाने का उन्हें दुःख रहा। शेन वॉर्न ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि ऑस्ट्रेलिया यह ऐशेज़ जीत जाती तो वे रिटायरमेंट ले लेते पर नहीं जीती इसलिए उन्होंने रिटायरमेंट का विचार टाल दिया।

गिलक्रिस्ट, लैंगर, हेडेन, मक्ग्रा, वॉर्न, ली, मार्टिन का यह अंतिम इंग्लैंड दौरा था। वे यहाँ विजय नहीं प्राप्त कर सके थे पर 15 महीने बाद जब इंग्लैंड अगली ऐशेज़ सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुँची तो इन सभी के पास अवसर था हिसाब बराबर करने के लिए। इस अगली ऐशेज़ को Revenge Series कहा जा रहा था। हम इसकी कहानी भी आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

Ashes 2005-06 पर Cricket Tales की यह सीरीज यहीं समाप्त हुई। हम अपने सभी पाठकों का धन्यवाद करते हैं।

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