The Ashes 2005-06: Greatest Ashes Series of all Time.Part-4

Look, the mighty Aussies are celebrating a draw with England: इंग्लैंड के खिलाड़ियों और मीडिया ने ऑस्ट्रेलिया को Old Trafford में टेस्ट ड्रॉ कराकर जश्न मनाते देखा था। अंतिम गेंद के बाद कप्तान माइकल वॉन ने अपने साथियों को एकत्रित करके कहा, “देखो ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम की बालकनी की ओर, वे इंग्लैंड के विरुद्ध एक टेस्ट ड्रॉ करके कितने हर्षित हो रहे हैं, क्या तुमने पहले कभी उन्हें ऐसा करते देखा है ?”

Is Cricket the new football? : इस ऐशेज सीरीज ने इंग्लैंड में क्रिकेट की लोकप्रियता को एक नवीन शिखर पर पहुँचा दिया था। एजबेस्टन में 2 रन से इंग्लैंड की विजय ने पूरे देश को क्रिकेटमय कर दिया था। ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट के अंतिम दिन स्टेडियम तो हाउसफुल था ही, बाहर कम से कम 20 हज़ार लोग खड़े थे, जो स्टेडियम में प्रवेश नहीं पा सके थे। कई किलोमीटर तक सड़कों पर लोग जमा थे। लगभग 8 मिलियन लोगों ने ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट के अंतिम दिन का खेल टेलीविजन पर देखा। पब, क्लब, प्ले-ग्राउंड हर जगह ऐशेज़ क्रिकेट पर चर्चा हो रही थी। समाचारपत्रों में, पत्रिकाओं में, न्यूज़ चैनलों पर क्रिकेट का खेल छाया हुआ था, हेडलाइन बन रही थीं, “Is Cricket the new football?”

ऐडम गिलक्रिस्ट की बल्लेबाजी के साथ साथ विकेटकीपिंग पर भी प्रश्न उठ रहे थे। ओल्ड ट्रैफर्ड में माइकल वॉन का कैच छोड़ना बहुत भारी पड़ा था ऑस्ट्रेलिया को। माइकल वॉन से जबरदस्त मार पड़ने के बाद जेसन गिलेस्पी का बाहर होना लगभग निश्चित माना जा रहा था। गिलेस्पी के स्थान पर 22 वर्षीय तेज गेंदबाज शॉन टेट को स्थान मिला। ग्लेन मक्ग्रा की कोहनी चोटिल होने के कारण माइकल कैस्प्रोविच को एक बार फिर ऐशेज़ टेस्ट खेलने का अवसर प्राप्त हुआ।

Game Day- 25 अगस्त 2005: ऐशेज़ क्रिकेट का कारवाँ बढ़ता हुआ रॉबिन हुड के शहर नॉटिंघम आ पहुँचा था। जहाँ ट्रेंट ब्रिज में सीरीज का चौथा टेस्ट खेला जाना था। इंग्लैंड की टीम लगातार चौथा टेस्ट बिना किसी बदलाव के खेल रही थी। यह बात सबको पता थी कि ट्रेंटब्रिज में गेंद स्विंग होती है, आकाश में बादल भी थे, वर्षा की संभावनाएँ भी। विकेट अच्छी थी, अतः माइकल वॉन ने टॉस जीतकर एक बार फिर बैटिंग करने का निर्णय लिया। तीसरे और चौथे टेस्ट के बीच 9 दिनों का ब्रेक था, अतः खिलाड़ियों को थकान से उबरने के लिए पर्याप्त समय मिला था।

History: ऑस्ट्रेलिया ने पिछली बार 1988 में कराची में पाकिस्तान के विरुद्ध फॉलोऑन खेला था, उसके पश्चात यह ऑस्ट्रेलिया का 191वाँ टेस्ट मैच था। उस समय ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की वर्तमान टीमों में से किसी भी खिलाड़ी का करियर आरम्भ नहीं हुआ था।

England’s 1st Innings: ब्रेट ली और माइकल कैस्प्रोविच ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का आरम्भ किया। गेंद स्विंग हो रही थी। मार्कस ट्रेसकॉथिक पहली 20 गेंदों में एक रन भी नहीं बना पाए थे। 5वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर स्क्वेयर लेग पर चौके के साथ ट्रेसकॉथिक ने खाता खोला। रिकी पॉन्टिंग ने दिन के 11वें ओवर के लिए शॉन टेट को गेंद सौंपी। टेट के दूसरे ओवर में ही मार्कस ट्रेसकॉथिक ने लगातार दो चौके लगाकर टेस्ट क्रिकेट में टेट का स्वागत किया।

It’s Edgbaston all over again: 21वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर रन लेकर ट्रेसकॉथिक ने 77 गेंदों में अपने पचास रन पूरे किए और इसी ओवर में ब्रेट ली की हाफ वॉली पर चौका लगाकर ट्रेसकॉथिक ने इंग्लैंड के 100 रन और स्ट्राउस के साथ शतकीय साझेदारी भी पूरी की। यह सीरीज में दोनों के बीच दूसरी शतकीय साझेदारी थी। 109 रन की साझेदारी के बाद अगले ओवर में शेन वॉर्न की गेंद को स्वीप करने के प्रयास में गेंद ऐन्ड्रू स्ट्राउस के बल्ले से लगकर उनके बूट पर लगी और फर्स्ट स्लिप में खड़े मैथ्यू हेडेन के हाथों में चली गई। 25वें ओवर में अराउंड द विकेट से फेंकी गई ब्रेट ली की एक गेंद ट्रेसकॉथिक के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर स्टंप्स पर लगी, ब्रेट ली सेलिब्रेट करने के लिए अपने साथियों की ओर दौड़ते रहे, उन्हें यह आभास नहीं था कि अंपायर अलीम डार ने नो-बॉल का इशारा किया है। ओल्ड ट्रैफर्ड में माइकल वॉन भी ग्लेन मक्ग्रा की गेंद पर बोल्ड हुए थे और वह भी नो-बॉल निकली थी, वॉन उस समय पचास पर भी नहीं थे और इसका लाभ उठाकर उन्होंने 166 बनाए। ट्रेंट ब्रिज में ब्रेट ली की नो-बॉल कितनी भारी पड़नी थी, यह पता लगना शेष था। अगली गेंद फिर से नो बॉल, इसपर ट्रेसकॉथिक का पुल और चौका।

ये पूरा सेशन एजबेस्टन टेस्ट की याद दिला रहा था। नम्बर 3 पर आए इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने पहली ही गेंद पर शेन वॉर्न को चौका लगाकर खाता खोला और लंच के ठीक पहले वाले ओवर में ब्रेट ली को एक सुंदर स्ट्रेट ड्राइव लगाई। लंच तक इंग्लैंड का स्कोर हो गया 27 ओवर में 129/1. (एजबेस्टन में पहले दिन लंच के समय स्कोर था 27 ओवर में 132/1।) ऑस्ट्रेलिया ने इस सत्र में 18 नो बॉल फेंकी थी। लंच के बाद तेज वर्षा हुई और खेल देरी से आरम्भ हुआ। आरम्भ होने के 3 ओवर बाद पुनः वर्षा और चायकाल तक खेल अवरुद्ध।

जब खेल आरम्भ हुआ तो गेंद स्विंग हो रही थी। पारी का 31वाँ और शॉन टेट का 7वाँ ओवर, पाँचवीं गेंद, तेज इनस्विंगर, मार्कस ट्रेसकॉथिक का बल्ला गेंद के आसपास भी नहीं और क्लीन बोल्ड। 22 वर्षीय शॉन टेट का पहला टेस्ट विकेट। मार्कस ट्रेसकॉथिक 65 रन बनाकर वापस लौट रहे थे।

Number 300 for Adam Gilchrist: 35वें ओवर की पहली गेंद, शॉन टेट की सुंदर आउटस्विंग, गेंद इयन बेल के बल्ले का बाहरी किनारा ले गई और ऐडम गिलक्रिस्ट ने डाइव लगाकर एक अच्छा कैच पकड़ा। यह विकेट के पीछे ऐडम गिलक्रिस्ट का 300वाँ शिकार था।

Michael Vaughan turning it on: इंग्लैंड की पारी की रन रेट 4 से ऊपर थी और कप्तान माइकल वॉन एक बार फिर अच्छे टच में दिख रहे थे। 45वें ओवर में उन्होंने ब्रेट ली को एक दर्शनीय कवर ड्राइव लगाई। फ्रंट फुट आगे निकला, गेंद की पिच तक गए और गेंद बल्ले के स्वीट स्पॉट से लगी। किसी भी फील्डर को हिलने की भी आवश्यकता नहीं। “Michael Vaughan at his best.” वॉन ने ब्रेट ली को 49वें ओवर में दो और चौके लगाए और अपना अर्धशतक पूरा किया।

Skipper gets skipper: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग किसी भी तरह विकेट चाहते थे। उन्होंने स्वयं को आक्रमण पर लगाया। उनके सारे गेंदबाज चार से ऊपर की रेट से रन दे रहे थे। पॉन्टिंग ने अपने पहले चार ओवर में मात्र चार रन दिए। पाँचवें ओवर की दूसरी गेंद, शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ, हल्की सी बाहर निकलती हुई, वॉन ने इसे खेलने का प्रयास किया, गेंद बल्ले के किनारे को स्पर्श करती हुई ऐडम गिलक्रिस्ट के पास चली गई। रिकी पॉन्टिंग ने 6 वर्ष के बाद टेस्ट क्रिकेट में कोई विकेट लिया था और यह बहुमूल्य विकेट था। इंग्लिश कप्तान शानदार फॉर्म में थे और एक बार फिर शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे।

It’s that man again: नम्बर 6 पर बल्लेबाजी के लिए आए स्टार ऑलराउंडर ऐन्ड्रू “फ्रेडी” फ्लिंटॉफ। पॉन्टिंग के उसी ओवर में चौके के साथ उन्होंने खाता खोला। एजबेस्टन टेस्ट में यही जोड़ी थी जिसने पाँचवे विकेट की शतकीय साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया को पस्त कर दिया था। केविन पीटरसन और ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ। पहले दिन का खेल समाप्त होने पर स्कोर था 60 ओवर में 228/4.

दूसरे दिन का आरम्भ फ्लिंटॉफ ने दिन की पहली ही गेंद पर ब्रेट ली को चौका लगाकर किया। ब्रेट ली ने दिन के 5वें ओवर में एक Away Swinger द्वारा पीटरसन को गिलक्रिस्ट के हाथों कैच कराया और 19 ओवर के परिश्रम के बाद मैच में अपना पहला विकेट प्राप्त किया। स्कोर 241/5.

विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स ने इस ऐशेज़ सीरीज में बल्ले से कोई विशेष प्रदर्शन नहीं किया था। उनका उच्चतम स्कोर था 42 जो ओल्ड ट्रैफर्ड में आया था। ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ के बल्ले से चौके आते जा रहे थे। 76वें ओवर में शेन वॉर्न को चौका लगाकर फ्लिंटॉफ ने साझेदारी को 50 के पार कर दिया।

80वें ओवर में शेन वॉर्न की अंतिम गेंद पर फ्रेडी फ्लिंटॉफ ने एक बार फिर टांग रखकर स्क्वेयर लेग के ऊपर से छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। 81वें ओवर में रिकी पॉन्टिंग ने दूसरी नई गेंद ली और अपने दोनों सबसे तेज गेंदबाजों को आक्रमण पर लगा दिया। रेडक्लिफ रोड छोर से शॉन टेट और पवेलियन छोर से ब्रेट ली। 83वें ओवर में फ्लिंटॉफ ने टेट को तीन चौके लगाए, पहला शॉट मिडविकेट के ऊपर से पुल, दूसरा कवर ड्राइव और तीसरा एक और शक्तिशाली पुल शॉट। दूसरे दिन लंच तक इंग्लैंड का स्कोर 89 ओवर में 344/5.

ओवर संख्या 93. माइकल कैस्प्रोविच को फ्रेडी फ्लिंटॉफ के बल्ले से तीन चौके पड़े। पहला स्क्वेयर लेग की दिशा में पुल, दूसरा कवर-पॉइंट से ऊपर से कट और तीसरा फुलर लेंथ की गेंद पर कवर ड्राइव। इसी के साथ फ्लिंटॉफ 90s में आ पहुँचे। विकेटकीपर बल्लेबाज गेरेन्ट जोन्स बहुत महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभा रहे थे। अगले ओवर में उन्होंने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।

101वें ओवर में शेन वॉर्न की गेंद पर सिंगल के साथ ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने अपने करियर का 5वाँ और ऐशेज़ में अपना पहला शतक पूरा कर लिया था। यह शतक 121 गेंदों में आया था।

तीन ओवर बाद शॉन टेट की एक तेज इनस्विंगर को आड़े बल्ले से खेलने के प्रयास में फ्लिंटॉफ के बल्ले का गेंद से संपर्क नहीं हुआ, गेंद पैड पर लगी और अंपायर स्टीव बकनर की उंगली उठ गई। फ्लिंटॉफ ने विकेटकीपर जोन्स के साथ पाँचवें विकेट के लिए 177 रन जोड़े थे। 14 चौके और 1 छक्का लगाकर लौट रहे फ्लिंटॉफ ने अपनी टीम को इस अति महत्वपूर्ण टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुँचाने के साथ साथ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। डेब्यु कर रहे शॉन टेट का यह तीसरा विकेट था।

इंग्लैंड का स्कोर हो चुका था 450/6 और गेरेन्ट जोन्स भी अपने शतक की बढ़ रहे थे। 113वें ओवर में कैस्प्रोविच की गेंद जोन्स के बल्ले का किनारा लेकर उठ गई। कैस्प्रोविच ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा और 30 ओवर की गेंदबाजी के बाद इस मैच में अपना पहला विकेट प्राप्त किया। शेन वॉर्न ने आखिरी तीनों विकेट जल्दी निकाल लिए और इंग्लैंड की पहली पारी 123.1 ओवर में 477 पर समाप्त हो गई। यह लगातार तीसरा टेस्ट मैच था, जहाँ इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार सौ से अधिक स्कोर बना दिया था। दूसरे दिन के चायकाल की घोषणा कर दी गई। ऑस्ट्रेलिया के चार प्रमुख गेंदबाजों में से तीन ने 100 से अधिक रन दिए। शॉन टेट ने 97 रन देकर 3 विकेट लिए और शेन वॉर्न ने 102 रन देकर 4.

Australia’s 1st Innings: ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेंटबिज में स्विंग का लाभ भले न उठाया पर इंग्लैंड के मैथ्यू हॉगार्ड स्विंग के बहुत अच्छे गेंदबाज थे। पारी के दसवें ओवर में हॉगार्ड की इनस्विंगर को मैथ्यू हेडेन पढ़ नहीं पाए, गेंद ऑफ स्टम्प की लाइन में पड़कर पैड पर लगी और अंपायर अलीम डार की उंगली उठ गई। ज्योफ्री बॉयकॉट ने कहा, “It’s as plumb as you’ll get. Missing off. Missing leg. That’s knocking middle out half way up.” हॉक आई ने बॉयकॉट की बात की पुष्टि कर दी।

साइमन जोन्स ने ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट की पहली पारी में रिकी पॉन्टिंग को मात्र 7 रन पर आउट किया था। ट्रेंट ब्रिज में भी उन्होंने यही किया। 11वें ओवर में जोन्स की इनस्विंगर ऑफ स्टंप की लाइन में पॉन्टिंग के फ्रंट फुट पर घुटने के नीचे लगी। स्टीव बकनर के मन में कोई संदेह नहीं। हॉक आई से स्पष्ट हुआ कि यह गेंद भी मिडिल स्टंप पर लग रही थी। रिकी पॉन्टिंग मात्र 1 रन पर वापस। स्कोर 21/2.

What can go wrong will go wrong: डेमियन मार्टिन की किस्मत खराब चल रही थी। एक तो उनकी फॉर्म खराब थी, ऊपर से अंपायर भी उनके विरुद्ध मोर्चा खोले दिखाई पड़ रहे थे। ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट की दूसरी पारी में अंपायर स्टीव बकनर ने पहले बल्ले का अंदरूनी किनारा लगने के बाद भी उन्हें LBW आउट दे दिया। ट्रेंट ब्रिज में अलीम डार ने भी उनके साथ यही किया। 12वें ओवर में मैथ्यू हॉगार्ड की पहली गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारे से लगकर मार्टिन के पैड पर लगी पर अंपायर ने उन्हें LBW दे दिया। 10 गेंदों में ऑस्ट्रेलिया अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गँवा चुकी थी। 22/3.

नम्बर 5 पर आए माइकल क्लार्क ने जस्टिन लैंगर के साथ साझेदारी बनानी आरम्भ की। दोनों ने 36 रन जोड़े, 20वें ओवर में हॉगार्ड की गेंद लैंगर के ग्लब्स से लगकर हवा में उठी, फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े इयन बेल ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा। माइकल क्लार्क ने कुछ अच्छे शॉट खेले, साइमन कैटिच के साथ अगले 11 ओवर में उन्होंने 41 रन जोड़े। 31वें ओवर में स्टीफन हार्मिसन की एक गेंद पड़ने के बाद अंदर आई और क्लार्क के पैड पर लगी। यह इस पारी का चौथा LBW था। स्कोर 99/4 और दूसरे दिन का खेल समाप्त।

Is it Adam Gilchrist’s day ?
33वें ओवर में ऐडम गिलक्रिस्ट ने फ्लिंटॉफ को एक कवर ड्राइव से चौका लगाया, 36वें ओवर में उन्होंने हॉगार्ड की पहली गेंद को मिडविकेट के ऊपर से उठा दिया। ये एकदिवसीय क्रिकेट वाला स्लॉग था। अगली गेंद को गिलक्रिस्ट ने हॉगार्ड के सिर के ऊपर से उठा दिया 6 रन के लिए। गिलक्रिस्ट अच्छे टच में दिखाई दे रहे थे और अपना नैचुरल गेम खेल रहे थे। प्रश्न था, क्या आज उनका दिन होगा ? 38वें ओवर में हॉगार्ड की गेंद को पॉइंट बाउंड्री के बाहर भेजकर गिलक्रिस्ट ने 5वें विकेट की साझेदारी के 50 रन पूरे कर दिए। साइमन कैटिच के बल्ले से भी पिछले 3 ओवरों में 4 चौके आ चुके थे।

40वें ओवर में कप्तान माइकल वॉन ने साइमन जोन्स को गेंद सौंपी। तीसरे दिन यह जोन्स का पहला ओवर था। ओवर की दूसरी गेंद,ऑफ स्टंप के काफी बाहर, फुलर लेंथ गेंद, कैटिच का शॉट गली में खड़े ऐन्ड्रू स्ट्राउस के हाथों में चला गया। साइमन जोन्स के ओवर की तीसरी गेंद, पटकी हुई गेंद, शेन वॉर्न ने इसे रोकने का प्रयास किया गेंद बल्ले का किनारा लेकर हवा में उठ गई और कवर में खड़े इयन बेल के हाथों में चली गई। शेन वॉर्न ने पिछले मैच की पहली पारी में 90 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन के संकट से उबारा था, पर ट्रेंट ब्रिज में वह ऐसा नहीं कर सके और पहली गेंद पर ही वापस लौट गए। “Simon Jones on a hattrick.” चार स्लिप्स, एक गली और कई फील्डर बल्ले के आसपास। ब्रेट ली स्ट्राइक पर। ब्रेट ली ने इस गेंद को सुरक्षात्मक ढंग से बल्ले के बीचो बीच रोका।

Unbelievable catch from Andrew Strauss: महान क्रिकेट फोटोग्रफर Patrick Eager ने अपने कई दशक लम्बे करियर में कई ऐतिहासिक घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया है। उनका लिया हुआ है एक चित्र है ऐन्ड्रू स्ट्राउस द्वारा अपनी बाईं ओर फुल लेंथ डाइव लगाकर एक हाथ से लिया गया ऐडम गिलक्रिस्ट का कैच। किसी भी कैच का इतना बढ़िया चित्र बहुत कम ही लिया गया होगा। इस चित्र में फ्लिंटॉफ अपने फॉलो थ्रू में हैं, गिलक्रिस्ट गेंद की ओर देख रहे हैं, ऐन्ड्रू स्ट्राउस किसी पक्षी की भाँति हवा में हैं और गेंद उनके बाएँ पंजे में। ऐसा लग रहा था मानो स्ट्राउस गेंद से कह रहे हों, “Where the hell are you going?” 43वें ओवर में ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने अराउंड द विकेट से शॉर्ट ऑफ गुडलेंथ गेंद की। गिलक्रिस्ट ने बल्ला लगाया, बाहरी किनारा लगा और गेंद दूसरी स्लिप में खड़े ऐन्ड्रू स्ट्राउस के बाईं ओर गई। कॉमेंट्री बॉक्स से आवाज़ आई, “Oh what a catch ! What a catch from Andrew Strauss. Full length diving away to his left and he’s plucked one out of the air to get rid of Adam Gilchrist.”

Brett Lee goes berserk: पिछले दो टेस्ट मैचों की अंतिम पारियों में सूझ बूझ से बल्लेबाजी करने वाले ब्रेट ली ने अब सम्भलकर खेलने का विचार छोड़ दिया था। अगले ओवर में साइमन जोन्स की गेंद पर माइकल कैस्प्रोविच के बोल्ड होने के बाद ब्रेट ली ने “Long Handle” के प्रयोग का निर्णय ले लिया। इसी ओवर में जोन्स को एक आकर्षक ऑन ड्राइव लगाया, ये बिल्कुल “Stand and deliver” शॉट था। अगले ओवर (45th) में स्टीफन हार्मिसन की गुडलेंथ से उठी गेंद पर ब्रेट ली ने बहुत तेज बल्ला चलाया, गेंद बाउंड्री के बाहर बहुत दूर जाकर गिरी। इसके अगले ओवर (46th) में साइमन जोन्स की गेंद को ब्रेट ली ने Long On के ऊपर से एक और छक्के के लिए उठा दिया। एक बार फिर “Stand and Deliver.” “He is a strong boy.”

49वें ओवर में स्टीफन हार्मिसन की गेंद पर आया इस मैच का सबसे लंबा छक्का। लेंथ बॉल, ब्रेट ली ने अपनी समस्त शक्ति लगाकर इस गेंद को मिडविकेट के ऊपर से उठा दिया, इस बार गेंद स्टेडियम के सबसे ऊँचे स्टैंड को पार करती हुई सड़क पर। “That’s gone many a mile.” जोन्स के अगले ओवर में ब्रेट ली थर्डमैन बाउंड्री पर कैच हुए और इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया 218 पर ऑल आउट हो गई। यह साइमन जोन्स का इस पारी में पाँचवाँ विकेट था। उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में भी पहली पारी में 6 विकेट लिए थे। ब्रेट ली ने 44 गेंदों में 47 रन बनाकर इस पारी में ऑस्ट्रेलिया के टॉप स्कोरर रहे।

Warnie needs some sleep:
इंग्लैंड को 259 रनों की बढ़त मिली थी। माइकल वॉन ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलने को कहा। इतने भारी अंतर से पिछड़ने के बाद फॉलोऑन खेलना, यह पढ़कर आपको क्या याद आता है? जी हाँ, 2001, ईडन गार्डन्स, कोलकाता टेस्ट। शेन वॉर्न के मन में भी कुछ ऐसे ही विचार आ रहे थे। उन्होंने अपनी आत्मकथा “No Spin” में लिखा है कि जब वे पहली गेंद पर आउट हुए तो उसकी पिछली रात वो जागते रहे थे अतः आउट होने के बाद सोच रहे थे, काश फॉलोऑन मिल जाए तो कुछ नींद पूरी की जा सके। No Spin में शेन वॉर्न के शब्द हैं, “I just sort of sat there thinking, ‘Please make us follow on, Vaughany, I need some sleep. And if you do, and we bat better second time round, I promise to all Australia I will win us the game.’ He did, he put us back in! The first two things I thought were phew and Kolkata.”

ऑस्ट्रेलिया ने फॉलोऑन खेलना आरम्भ किया। तीसरे दिन लंच तक का समय दोनों ओपनरों ने सुरक्षित निकाल लिया। स्कोर 5 ओवर में 14/0. हेडेन और लैंगर ने 14वें ओवर में पचास रनों की साझेदारी पूरी कर ली पर एक बार फिर मैथ्यू हेडेन सेट होने के बाद लम्बी पारी नहीं खेल सके और 26 रन बनाकर ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ की गेंद पर आउट हो गए। नम्बर तीन पर आए कप्तान रिकी पॉन्टिंग और जस्टिन लैंगर के स्कोर को सौ के पार पहुँचाया। चायकाल से पहले लैंगर ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 28वाँ अर्धशतक पूरा किया। यह पारी जस्टिन लैंगर के साहस और संकल्प का उदाहरण थी। फ्रेडी फ्लिंटॉफ की गेंद पर पुल शॉट से लगाए छक्के से दिख रहा था कि रिकी पॉन्टिंग भी अच्छी फॉर्म में हैं। चायकाल तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 115/1. चायकाल के बाद माइकल वॉन ने अपने स्पिनर Ashley Giles को गेंद सौंपी। Giles की एक गेंद ऑफ़ स्टम्प के बाहर पिच हुई, लैंगर ने अपना फ्रंट फुट आगे निकालकर इसे डिफेंड करने का प्रयास किया, गेंद में उछाल था, गेंद लैंगर के दस्ताने को स्पर्श करते हुए पैड से लगकर हवा में उठी और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े इयन बेल ने अपने बाईं ओर डाइव लगा कर कैच पकड़ लिया। ढाई घण्टे के परिश्रम के बाद जस्टिन लैंगर 111 गेंदों में 65 रन बनाकर लौट रहे थे। ऑस्ट्रेलिया अभी भी इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर से 130 रन पीछे थी।

Controversy regarding substitute fieldsmen: इंग्लैंड ने इस पूरी सीरीज में अबतक “Substitute Rule” का पूरा लाभ उठाया था, जब भी तेज गेंदबाजों को आराम की आवश्यकता होती थी, उनके स्थान पर काउंटी क्रिकेट के स्पेशलिस्ट फील्डर लगा दिए जाते थे। ऑस्ट्रेलिया फॉलोऑन खेल रही थी उस समय स्टीफन हार्मिसन मैदान से बाहर गए और उनके स्थान पर इंग्लैंड में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ फील्डर Trevor Penny को लगाया गया। सीरीज के आरम्भ से ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस बात से समस्या रही थी और उन्होंने इस विषय में अंपायरों से भी बात की थी।

England’s unlikely Ashes HERO : तीसरे दिन चायकाल के बाद Gary Pratt 12वें खिलाड़ी के रूप में ड्रेसिंग रूम से बाहर आए। साइमन जोन्स की एड़ी में चोट आई थी और वे स्कैन के लिए अस्पताल में थे। Gary Pratt डरहम काउंटी के लिए खेलते थे और आज उनके करियर का सबसे अच्छा दिन होने वाला था। स्कोर 44 ओवर में 155/2. रिकी पॉन्टिंग पूरी तरह सेट थे और 89 गेंदों में 48 रन पर खेल रहे थे। तीसरे टेस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को पराजय से बचाया था, यहाँ भी वह ऐसा ही करने की ओर बढ़ते दिख रहे थे।

45वें ओवर में फ्लिंटॉफ की पहली गेंद, डेमियन मार्टिन ने इसे एक्स्ट्रा कवर की ओर खेला और दौड़ पड़े। Gary Pratt ने दौड़कर गेंद को रोका, उठाया और सीधे स्टम्प्स की ओर थ्रो कर दिया। “Direct Hit” इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने Pratt को चारों ओर से घेर लिया। रिची बेनो कह रहे थे, “Quick.. quick… Oh… He’s gone, I think. What a pick up and throw.” रिकी पॉन्टिंग समझ चुके के थे कि वे समय पर क्रीज में नहीं पहुँचे पर वे तीसरे अंपायर के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पवेलियन लौटने से पूर्व अंपायर अलीम डार से एक बार फिर Substitute Fielder को लेकर शिकायत की। टेलीविजन स्क्रीन पर दिखाई पड़ा कि पवेलियन की सीढ़ियां चढ़ते समय पॉन्टिंग ऊपर देखते हुए बालकनी में खड़े इंग्लैंड के कोच डंकन फ्लेचर को कुछ कहते जा रहे थे। उन्होंने क्या कहा यह सुनाई तो नहीं पड़ा, पर निश्चित रूप से यह “प्रभु स्तुति” नहीं रही होगी। (यूट्यूब लिंक कॉमेंट बॉक्स में है)

पॉन्टिंग ने बाद में क्षमा माँगी। Gary Pratt ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक मैच भी नहीं खेला लेकिन वे ऐशेज़ हीरो बन चुके थे। एक घण्टे और रिकी पॉन्टिंग का क्रीज पर टिकना यह मैच और सीरीज दोनों पलट सकता था। मार्क निकलस कह रहे थे, “That is a gigantic moment. Not just in the day or in the game but may be in the series.” स्कोर 155/3.

दो ओवर बाद फ्लिंटॉफ की गेंद डेमियन मार्टिन के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर जोन्स के हाथों में चली गई। स्कोर 161 पर 4. नम्बर 5 पर आए ऑस्ट्रेलिया के भविष्य के कप्तान 25 वर्षीय माइकल क्लार्क और नम्बर 6 पर साइमन कैटिच। ऑस्ट्रेलिया को अभी भी इंग्लैंड की पहली पारी की लीड उतारने के लिए 98 रनों की आवश्यकता थी। तीसरे दिन के खेल में 20 से अधिक ओवर शेष थे, क्लार्क और कैटिच ने इस दिन अब और कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक स्कोर था 67 ओवर में 222 पर 4. माइकल वॉन ने ड्रेसिंग रूम की ओर लौटते समय ऐशेज़ में इंग्लैंड के नए हीरो Gary Pratt से टीम का नेतृत्व करने को कहा।

Rearguard Action from Clarke and Katich: Day 4, 83वें ओवर में Giles की गेंद पर दो रन लेकर माइकल क्लार्क ने 133 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। मार्क निकलस ने कहा, “Mere fact that it has taken 133 balls and two and a half hours is a measure of how much he’s put in to the innings. Very important effort.” अगले ओवर में माइकल वॉन ने दूसरी नई गेंद ले ली। क्लार्क और कैटिच ने नई गेंद को सम्भलकर खेला और इंग्लैंड की पहली पारी की लीड समाप्त कर दी। दोनों ने 48 ओवरों में 100 रनों की साझेदारी करके स्कोर को 261/4 तक पहुँचा दिया था। ऑस्ट्रेलिया को दो रन की लीड मिल चुकी थी। लंच में अभी दो ओवर शेष थे। दो युवा बल्लेबाजों के अथक प्रयास के बाद ऑस्ट्रेलिया मैच में वापसी करती दिख रही थी, इंग्लैंड के पास एक गेंदबाज भी कम था, क्योंकि साइमन जोन्स आज फील्ड पर नहीं आए थे। इसके बाद फिर वही हुआ जो सीरीज में अबतक होता आ रहा था। 95वें ओवर में मैथ्यू हॉगार्ड की गुड लेंथ पर गिरी गेंद बाहर निकलती हुई, क्लार्क ने बल्ला लगाया, किनारा लगा और विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स ने कोई गलती नहीं की। माइकल क्लार्क ने पारी में अनेकों बार इस प्रकार की गेंदों को छोड़ा था पर इस बार उनसे गलती हो गई। साढ़े तीन घण्टे बल्लेबाजी और 170 गेंदें खेलने के बाद माइकल क्लार्क 56 रन बनाकर वापस लौट रहे थे।

लंच के बाद ऐडम गिलक्रिस्ट इस सीरीज में एक बाद फिर असफल रहे और मात्र 11 रन बनाकर हॉगार्ड की गेंद पर LBW हो गए ऑस्ट्रेलिया के पास मात्र 18 रन की लीड थी और मात्र 4 विकेट शेष थे। साइमन कैटिच ने 101वें ओवर में हॉगार्ड को चौका लगाकर 160 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।

Warnie has caught some sleep and he’s looking good: पहली पारी से पहले रात भर जागने वाले शेन वॉर्न की नींद आज पूरी थी, यह उनकी बल्लेबाजी से भी पता लग रहा था। 106वें ओवर में वॉर्न ने फ्लिंटॉफ को 3 चौके लगाए। ऐसे शॉट जो किसी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज को लज्जित कर दें। पहला चौका स्क्वेयर लेग की ओर पुल शॉट से आया, दूसरा पॉइंट क्षेत्र में कट शॉट से और तीसरा जो ओवर का सबसे दर्शनीय स्ट्रोक था। इस फुलर लेंथ की गेंद को शेन वॉर्न ने घुटने पर बैठ कर ड्राइव कर दिया कवर बाउंड्री की ओर।

ऑस्ट्रेलिया के 300 रन और 50 रनों की लीड पूरी हो चुकी थी। टेलीविजन स्क्रीन पर एक आश्चर्यजनक आँकड़ा दिखाया जा रहा था। 6ठा विकेट गिरने के बाद इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के अंतिम चार विकेटों की बल्लेबाजी औसत थी 92.57 रन। ऑस्ट्रेलियाई टीम के समर्थकों को यह आँकड़ा राहत दे रहा होगा।

Was that fing out ?: दो ओवर बाद स्टीफन हार्मिसन की गेंद पर अंपायर अलीम डार ने साइमन कैटिच को LBW घोषित किया। कैटिच इस निर्णय से बहुत असंतुष्ट थे। गेंद लेग स्टम्प की लाइन के बाहर पिच हुई थी और बहुत ऊपर लगी थी। शेन वॉर्न ने No Spin में लिखा है, कैटिच ने लौटते हुए नॉन स्ट्राइकर एंड पर उनसे पूछा था, “Was that fing out?” वॉर्न ने कहा, “‘Er, no, don’t think so mate. It pitched outside leg and was too high.” कैटिच अंपायर की ओर देखकर “F**k you.” कहते हुए लौट गए। 4 घण्टे 20 मिनट की बल्लेबाजी और 183 गेंद खेलकर 59 रन बनाने के बाद इस प्रकार आउट दिए जाने पर क्रोध आना स्वाभाविक है। स्कोर 313/7.

कोई विशेषज्ञ बल्लेबाज शेष न देखकर शेन वॉर्न ने आक्रमण का विचार किया और क्रीज से बाहर निकलकर Ashley Giles को छक्के लगाने आरंभ किए। शेन वॉर्न के छक्के सीमारेखा से काफी दूर ज़ाक़र गिर रहे थे। वॉर्न का दूसरा छक्का टेस्ट क्रिकेट में Giles की गेंदों पर लगा 50वाँ छक्का था। किसी भी इंग्लिश गेंदबाज को इतने छक्के नहीं पड़े थे। ऑस्ट्रेलिया की लीड 80 के पार जा चुकी थी। Giles ने अगली ही गेंद पर वॉर्न को स्टंप कराकर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों को एक और झटका दे दिया। शेन वॉर्न ने 42 गेंदों पर 45 रन बनाए और सीरीज में एक बार फिर बल्ले से बहुमूल्य योगदान दिया। स्कोर 342/8. ब्रेट ली ने नाबाद 26 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया की पारी 387 पर 128 की लीड के साथ समाप्त हुई। इस पारी में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने कुछ न कुछ योगदान दिया था।

सीरीज में 2-1 की बढ़त लेने के लिए इंग्लैंड को 129 रन बनाने थे। समय की कोई कमी नहीं थी। मार्कस ट्रेसकॉथिक ने आते ही चौके लगाने शुरू कर दिए। पहले पाँच ओवरों के बाद स्कोर 32/0. ट्रेसकॉथिक 21 गेंद में 27.

Shane Warne does it again for Australia:
रनों का प्रवाह थमता न देख रिकी पॉन्टिंग के धैर्य का बांध टूट गया और उन्होंने 6ठे ओवर में ही गेंद टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को सौंप दी। ज्योफ्री बॉयकॉट ने कहा, “If Shane Warne is coming in now then Ricky Ponting is obviously not happy with his seamers.” अराउंड द विकेट से शेन वॉर्न की पहली गेंद ऑफ स्टंप के बाहर गिरी, ट्रेसकॉथिक ने फॉरवर्ड डिफेंस का प्रयास किया और पैड से लगकर बल्ले का किनारा लेती हुई गेंद सिली पॉइंट पर कप्तान रिकी पॉन्टिंग के हाथों में चली गई। स्कोर 32/1. शेन वॉर्न के अगले ओवर की पहली गेंद ओवर द विकेट से। शेन वॉर्न की चिर परिचित “Drift” के साथ गेंद लेग स्टम्प की लाइन के बाहर पिच हुई, माइकल वॉन ने इसे लेग साइड की ओर खेलना चाहा, गेंद टर्न हुई और बल्ले का लीडिंग एज लेकर पहली स्लिप में मैथ्यू हेडेन के पास चली गई। स्कोर 36/2. “That’s great bowling, fantastic cricketer this guy is.” इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन 0 पर वापस। मात्र 7 गेंदों में शेन वॉर्न ने इंग्लिश ड्रेसिंग रूम को भयभीत कर दिया होगा। मार्क निकलस कह चुके थे, “Warne has two and butterflies are suddenly in England’s camp.”

13 ओवर के बाद स्कोर हो चुका था 57/2. इंग्लैंड को जीत के लिए 72 रनों की आवश्यकता। बल्लेबाज के चारों ओर चार फील्डर स्लिप, लेग स्लिप, सिली पॉइंट और बैकवर्ड शॉर्ट लेग। 14वें ओवर में शेन वॉर्न ने अराउंड द विकेट से एक बार फिर गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी, स्ट्राउस ने इसे फाइन लेग की ओर खेलना चाहा और लेग स्लिप में माइकल क्लार्क ने जमीन से कुछ सेंटीमीटर पूर्व कैच पकड़ा। Game On. शेन वॉर्न के एक स्पेल ने ऑस्ट्रेलिया को मैच में वापस ला दिया था।

अगले ओवर में ब्रेट ली की पहली गेंद, बढ़िया बाउंसर, इयन बेल ने हुक करने का प्रयास किया और फाइन लेग पर माइकल कैस्प्रोविच ने कैच पकड़ा। स्कोर 57 पर 4. प्रश्न “Are England crumbling under pressure ?”

अब क्रीज पर इंग्लैंड के दो युवा सुपरस्टार एक साथ थे। केविन पीटरसन और ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ। दोनों ने साझेदारी बनानी आरम्भ की, बीच बीच में चौके आते रहे और आवश्यक रन अब 50 से कम रह गए थे। 23वें ओवर में शॉन टेट की फुलटॉस गेंद केविन पीटरसन के पैड की ओर, इसपर चौके के साथ इंग्लैंड का स्कोर सौ के पार हो गया। शेन वॉर्न के पहले स्पेल के झटके झेलने के बाद इंग्लैंड की टीम अब एक आसान जीत की ओर बढ़ती दिख रही थी।

Final throw of the dice and Brett Lee strikes: स्कोर 103/4. रिकी पॉन्टिंग एक बार फिर अपने सुपरफास्ट गेंदबाज ब्रेट ली को आक्रमण पर लगाया। ब्रेट ली की पहली गेंद, Away Swing, KP ने ड्राइव का प्रयास किया, बाहरी किनारा और ऐडम गिलक्रिस्ट ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा। ली के अगले ओवर की चौथी गेंद, Fast and furious और ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ का ऑफ स्टंप टेढ़ा हो गया। स्कोर 111/6. ब्रेट ली के दो ओवरों ने इंग्लैंड के दोनों सेट बल्लेबाजों को वापस भेज दिया था और इंग्लैंड को अभी भी 18 रनों की आवश्यकता थी।

विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स ने पहली पारी में महत्वपूर्ण 85 रन बनाए थे, यहाँ उन्होंने शेन वॉर्न की एक गेंद को आगे निकलकर उड़ाने का प्रयास किया, गेंद बल्ले पर सही नहीं आई और Long Off पर माइकल कैस्प्रोविच ने एक आसान कैच पकड़ा। स्कोर 116/7. यह शेन वॉर्न का चौथा विकेट था, गेरेन्ट जोन्स को ड्रेसिंग रूम में कप्तान और कोच ने कितनी शाबाशी दी होगी इसकी कल्पना नहीं की जा सकती। सीरीज में बढ़त लेने के लिए 13 रन चाहिए, चार विकेट हाथ में और आप क्रिकेट इतिहास के महानतम गेंदबाज की गेंद पर ऐसे मजाक कर रहे हैं। इंग्लैंड को अभी भी 13 रन चाहिए थे और मात्र 3 विकेट शेष थे। “Ashes Cricket at it’s best.”

Giles and Hoggard seal a thrilling victory for England: अब इंग्लैंड के पास कोई विशेषज्ञ बल्लेबाज शेष नहीं था। ब्रेट ली 92-94 मील प्रति घण्टे की गति से गेंदबाजी कर रहे थे। जाइल्स और हॉगार्ड एक एक रन जुटाते रहे। 31वें ओवर में यॉर्कर के प्रयास में ब्रेट ली ने फुलटॉस फेंक दी ऑफ स्टंप के काफी बाहर और मैथ्यू हॉगार्ड ने इसे कवर बाउंड्री के बाहर भेज दिया। इसके दो गेंद बाद एक डबल आया।अब इंग्लैंड को मात्र दो रनों की आवश्यकता थी। इंग्लैंड के दर्शकों और Barmy Army ने अपने गाने आरम्भ कर दिए थे।

32वें शेन वॉर्न की तीसरी गेंद, इस फुलटॉस को जाइल्स ने लेग साइड में खेला और ये शॉर्टलेग पर खड़े साइमन कैटिच के पैर पर लगी। बालकनी में खड़े माइकल वॉन का कलेजा मुँह में आ गया था। अगली गेंद पर जाइल्स बोल्ड होने से बचे। इंग्लिश ड्रेसिंग रूम की बालकनी में सबकी साँसें एक बार फिर थम गईं। 5वीं गेंद को जाइल्स ने लेग साइड में खेलकर इंग्लैंड को ऐशेज़ में 2-1 की बढ़त दिला दी। हॉगार्ड और जाइल्स गले मिल रहे थे वहीं बालकनी में वॉन, फ्लिंटॉफ और पीटरसन भी एक दूसरे को गले लगाते दिख रहे थे।

एजबेस्टन के मैन ऑफ द मैच ऐन्ड्रू “फ्रेडी” फ्लिंटॉफ ट्रेंट ब्रिज में भी मैन ऑफ द मैच हुए। सर इयन टेरेंस बोथम के बाद इंग्लैंड को पहली बार ऐसा ऑल राउंडर मिला था।

Devastating end of Simon Jones’ career: इस ऐशेज़ में इंग्लैंड के गेंदबाजी साइमन जोन्स का टेस्ट करियर ट्रेंटबिज़ टेस्ट के बाद समाप्त हो गया। दूसरी पारी में उन्होंने मात्र 4 ओवर किए थे और एड़ी में चोट के कारण अस्पताल चले गए थे। इस ऐशेज़ में साढ़े तीन टेस्ट मैचों में उन्होंने 18 विकेट लिए थे, 21 रन प्रति विकेट की औसत से। 5वाँ टेस्ट न खेलने के बाद भी वे सीरीज में सबसे अधिक विकेट लेने वालों की सूची में 5वें नम्बर पर थे और इंग्लैंड की ओर से दूसरे नम्बर पर।

ऑस्ट्रेलियाई टीम यह टेस्ट मैच अवश्य हारी थी पर फॉलोऑन खेलने के बाद उन्होंने जो फाइट दी और इंग्लैंड को 129 के छोटे से लक्ष्य की प्राप्ति में भी नाकों चने चबवा दिए। यह एक और उदाहरण है यह बताने के लिए कि क्यों यह टीम एक दशक से विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर थी, पर आज का दिन इंग्लैंड का था। इंग्लैंड की इस युवा टीम ने लगातार तीसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था और खेल के हर क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ी थी।

अब सीरीज का एक मात्र टेस्ट शेष था जो ओवल में खेला जाना था, यह टेस्ट दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला था। ऑस्ट्रेलिया इसे जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर कर सकती थी और ऐशेज़ ट्रॉफी Retain कर सकती थी, वहीं इंग्लैंड इसे ड्रॉ कराकर या जीतकर ऐशेज़ ट्रॉफी 18 वर्ष बाद अपने नाम कर सकती थी।

To be continued.

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