History: Old Trafford, Manchester में कई अविस्मरणीय और ऐतिहासिक ऐशेज़ टेस्ट हुए हैं। जैसे, 1902 में ऐशेज़ का चौथा टेस्ट जहाँ विक्टर ट्रम्पर ने एक शानदार शतक बनाया था। Hugh Trumble और Jack Sounders ने इंग्लैंड को 123 का लक्ष्य भी प्राप्त नहीं करने दिया था और 86 पर ऑल आउट करके ऑस्ट्रेलिया को विजय दिलाई थी। 1956 का चौथा टेस्ट जहाँ इंग्लिश गेंदबाज जिम लेकर ने 19 विकेट लिए थे, पहली पारी में 9 और दूसरी में दस और इंग्लैंड को पारी से जीत दिलाई थी। 1993 में इसी मैदान पर शेन वॉर्न ने अपने करियर के पहले एशेज टेस्ट की पहली गेंद पर “Ball of Century” द्वारा माइक गैटिंग को आउट किया था। 1997 में सीरीज के तीसरे टेस्ट में स्टीव वॉ ने दोनों पारियों में शतक लगाया था और ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाकर 1-1 से सीरीज बराबर की थी।
शेन वॉर्न ने अपनी ऑटोबायोग्राफी “No Spin” में लिखा है, 1989 से 2003 तक ऐशेज़ में ऑस्ट्रेलिया इतने भारी अंतर से जीत रही थी कि ऐशेज़ के परिणाम का पूर्वानुमान लगाना कठिन नहीं था। “We knew we’d win, they knew we’d win.” पहली बार वे ऐसी इंग्लिश टीम को देख रहे थे, जो ये सोच रही थी कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम को पराजित कर सकती है। “For the first time that I’d known, they definitely thought they could beat us.”

एजबेस्टन टेस्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि इंग्लैंड की यह टीम ऐशेज़ जीतने में सक्षम है।
सीरीज 1-1 से बराबर थी। तीसरा टेस्ट Old Trafford, Manchester में खेला जा रहा था। यह भी एक बढ़िया बैटिंग विकेट थी। पिछले दो टेस्ट मैचों में टॉस हार चुके इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने इस बार टॉस जीता और उन्होंने वह गलती नहीं की, जो रिकी पॉन्टिंग ने एजबेस्टन में की थी। माइकल ने कहा, “we’re gonna have a bat.” इंग्लिश टीम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। ऑस्ट्रेलियाई टीम में मात्र एक परिवर्तन हुआ माइकल कैस्प्रोविच ने इंजरी से लौटे ग्लेन मक्ग्रा के लिए जगह खाली की।
पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर मार्कस ट्रेसकॉथिक ने ग्लेन मक्ग्रा को एक बैकफुट कवर ड्राइव लगाई और पारी का पहला चौका प्राप्त किया। Richie Benaud ने कहा, “It gives us a good idea about the pace of the ball, over the outfield.”

150 for Brett Lee: पारी के आठवें ओवर में ब्रेट ली की एक तेज बाउंसर स्ट्राउस के हेलमेट पर लगी। इस बाउंसर से ब्रेट ली अपने अगले ओवर की तैयारी कर चुके थे, अगले ओवर में उन्होंने एक बेहतरीन स्लोअर यॉर्कर डाली, ऐन्ड्रू स्ट्राउस भाँप नहीं पाए और यह गेंद उनका ऑफ स्टम्प ले उड़ी। यह टेस्ट क्रिकेट में ब्रेट ली का 150वाँ विकेट था।

Skipper under pressure:
नम्बर 3 पर आए इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन। अबतक इस सीरीज में वॉन के स्कोर थे 3, 4, 24, 1. कॉमेंट्री बॉक्स में मार्क निकलस कह रहे थे, “He knows it. We know it. Michael Vaughan needs runs. All sorts of opinions offered about his technique from all over the world.”
जेसन गिलेस्पी के पहले ओवर में वॉन के बल्ले से दो चौके आए। दोनों में से एक भी बल्ले के बीच से नहीं आया था। कुछ देर बाद माइकल वॉन के खेल में आत्मविश्वास दिखाई पड़ने लगा, 20वें ओवर में उन्होंने जेसन गिलेस्पी की गेंद पर एक बैकफुट कवर ड्राइव खेली, Michael Atherton ने कहा, “That’s just about Michael Vaughan at his very best.” गिलेस्पी के अगले ओवर में वॉन ने फिर से दो चौके लगा दिए। पहला कट शॉट जो गली के पास से गया और दूसरी एक सुंदर बैकफुट कवर ड्राइव। 28वें ओवर में मार्कस ट्रेसकॉथिक ने भी गिलेस्पी को स्ट्रेट ड्राइव से चौका लगाकर अपना 26वाँ अर्धशतक पूरा कर लिया।

Captain gets lucky: 29वें ओवर में ग्लेन मक्ग्रा की गेंद पर ऐडम गिलक्रिस्ट ने माइकल वॉन का कैच छोड़ दिया, इस पारी में यह गिलक्रिस्ट द्वारा दूसरा कैच ड्रॉप था, इससे पहले वो मक्ग्रा की ही गेंद पर ट्रेसकॉथिक का कैच छोड़ चुके थे। ड्रॉप कैच को भुलाकर मक्ग्रा ने अगली गेंद फेंकी और माइकल वॉन का ऑफ स्टम्प उखड़कर बाहर, बिल्कुल एजबेस्टन टेस्ट की दूसरी पारी की तरह, पर अंपायर स्टीव बकनर का इशारा नो बॉल। माइकल वॉन को भाग्य का जो साथ चाहिए था वह उन्हें इस ओवर में मिल चुका था। उन्होंने इसके बाद किसी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज को कोई अवसर नहीं दिया। मक्ग्रा के इसी ओवर में वॉन ने 61 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए। 35वें ओवर में वॉन के बल्ले से मक्ग्रा को 2 चौके पड़े। फुलर लेंथ की गेंद को भी वॉन ने बैकफुट पर रहकर ही ड्राइव कर दिया कवर बाउंड्री की ओर।

Number 600 for the Wizard:
वॉन और ट्रेसकॉथिक के बीच दूसरे विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी हुई। 43वाँ ओवर, स्कोर 163/1, शेन वॉर्न की फुल लेंथ गेंद। ट्रेसकॉथिक ने स्वीप करने का प्रयास किया गेंद उनके बैट पैड ग्लब सब को स्पर्श करते हुए ऐडम गिलक्रिस्ट के पैर पर लगी और उछली, गिलक्रिस्ट ने इसे कैच कर लिया और कॉमेंट्री बॉक्स से मार्क निकलस की आवाज़ आई, “Yesss.. out.. Six Hundred Test Match Wickets for Shane Warne.” शेन वॉर्न टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 600 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। लॉर्ड्स में ग्लेन मक्ग्रा के 500वाँ टेस्ट विकेट बनने के बाद ओल्ड ट्रैफर्ड में शेन वॉर्न के 600वाँ टेस्ट विकेट बने ट्रेसकॉथिक ने 63 रन बनाए।

चायकाल के समय इंग्लैंड का स्कोर हो चुका था 54 ओवर में 195/2.

It’s Michael Vaughan Show at Old Trafford: 56वें ओवर में शेन वॉर्न की गेंद पर चौका लगाकर माइकल वॉन 99 पर जा पहुँचे। 57वें ओवर में ग्लेन मक्ग्रा की गेंद पर तीन रन लेकर उन्होंने अपने करियर का 15वाँ शतक पूरा किया। यह एक कप्तान के रूप में उनका 6ठा और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध चौथा शतक था। यह ऐशेज़ 2005-06 में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाया गया पहला शतक था।
पारी के 64 ओवर पूरे हो चुके थे। जेसन गिलेस्पी के अबतक के आँकड़ें थे, 11-2-47-0. 12वें ओवर में गिलेस्पी ने माइकल वॉन को एक शॉर्ट गेंद फेंकी। वॉन का पुल शॉट, गेंद मिडविकेट बाउंड्री के बाहर 6 रन। “Michael Vaughan at his best.” अगली गेंद पर चौका। गिलेस्पी को इसके बाद हर ओवर में वॉन के बल्ले से चौके पड़ रहे थे। पारी का 70वाँ ओवर जो गिलेस्पी का 15वाँ था, पहली तीन गेंदों पर माइकल वॉन के बल्ले से तीन चौके निकले। पहली गेंद हाफ वॉली गेंदबाज के बगल से स्ट्रेट ड्राइव, चार रन। दूसरी गेंद पर मिड ऑन और मिडविकेट फील्डर के बीच से ऑन ड्राइव। इसी के साथ माइकल वॉन के 150 रन पूरे। तीसरी गेंद शॉर्ट, वॉन का पुल और चौकों की हैट्रिक। गिलेस्पी के पिछले चार ओवरों में 42 रन आ चुके और अब उनके आँकड़े थे, 15-2-89-0.
Against the run of play: स्कोर 290/2. 75वें ओवर में पार्ट टाइम स्पिनर साइमन कैटिच की फुलटॉस गेंद को बाउंड्री पार कराने के प्रयास में माइकल वॉन का शॉट Long On पर ग्लेन मक्ग्रा के हाथों में चला गया। साइमन कैटिच ने पहले भी ऐसी गेंदों पर विकेट ली थी। डेढ़ साल पहले उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 195 रन बना चुके वीरेन्द्र सेहवाग को ऐसी ही फुलटॉस पर आउट किया था। सेहवाग भी छक्का लगाने के प्रयास में Long On पर ही कैच हुए थे। 215 गेंदों में 166 रन बनाकर लौटने से पहले माइकल वॉन इंग्लैंड को इस टेस्ट और इस सीरीज में एक मजबूत स्थिति में पहुँचा चुके थे। वॉन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी किया था और 20 चौके और एक छक्का लगाया था।
इयन बेल ने 59, पिछले मैच के हीरो ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने 46 और विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स ने 42 रन बनाए और इंग्लैंड की पारी 444 पर समाप्त हुई। जनवरी 1995 के बाद से ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहले बल्लेबाजी करते हुए किसी भी टीम का चौथा सबसे बड़ा स्कोर था। ब्रेट ली और शेन वॉर्न दोनों ने चार चार विकेट लिए।
Australia’s 1st Innings: जस्टिन लैंगर और मैथ्यू हेडेन ने अच्छी शुरुआत की। पहले विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी होने के बाद लैंगर 31 रन बनाकर Ashley Giles की गेंद पर आउट हुए। फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर इयन बेल का शानदार कैच।
Simon Jones becomes an Ashes Hero: तेज गेंदबाज साइमन जोन्स ने अपने चौथे ओवर की पहली गेंद शॉर्ट लेंथ पर की, गेंद ने खतरनाक उछाल लिया। शॉर्ट पिच बॉलिंग के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक रिकी पोंटिंग ने इसे रोकने का प्रयास किया। गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगी और हवा में उठ गई। गली में खड़े इयन बेल ने एक आसान सा कैच पकड़ा। माइक पर Michael Atherton की आवाज़, “What a start after tea. Simon Jones has found the shoulder of Australian captain’s bat.” ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रमुख बल्लेबाज और कप्तान मात्र 7 रन पर वापस पवेलियन में।

Aussie Collapse and Shane Warne’s brilliance, this time with the bat: 58 पर 0 से ऑस्ट्रेलिया अगले 20 ओवरों के खेल के बाद 129 पर 5 हो गई। लेफ्ट आर्म स्पिनर Ashley Giles 3 विकेट ले चुके थे। (11-2-36-3)। नम्बर 7 पर आए शेन वॉर्न ने ऐडम गिलक्रिस्ट के साथ 53 रनों की साझेदारी की। यहाँ साइमन जोन्स की एक गेंद पर गिलक्रिस्ट का कैच विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स ने पकड़ा। 197 के स्कोर पर साइमन जोन्स की गेंद पर माइकल क्लार्क के रूप में 7वाँ विकेट गिरने के साथ ऑस्ट्रेलिया पर फॉलोऑन का संकट मंडराने लगा था। फॉलोऑन बचाने के लिए अभी भी 48 रन बनाने थे और मात्र 3 विकेट शेष थे। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर शेन वॉर्न 45 रन पर खेल रहे थे और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 56 ओवर में 210/7. तीसरे दिन शेन वॉर्न ने तेज गेंदबाजों को तो सम्भलकर खेला पर Ashley Giles की गेंदों पर बाउंड्री लेते रहे। 59वें ओवर में उन्होंने Giles की गेंद पर सिंगल के साथ 70 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए। 64वें ओवर में Giles को दो चौके लगाकर शेन वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 245/7 कर दिया और फॉलोऑन का संकट समाप्त कर दिया। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 70 ओवर में 264/7. तीसरे दिन वर्षा के कारण मात्र 14 ओवर का खेल हो सका था। चौथे दिन शेन वॉर्न अपने पहले टेस्ट शतक की ओर बढ़ रहे थे। वे 90 पर थे और गिलेस्पी के साथ 90 रन की साझेदारी भी कर चुके थे। जिसमें बस 13 रन गिलेस्पी के थे। साइमन जोन्स ने एक बार फिर से साझेदारी तोड़ी, उनकी शॉर्टपिच गेंद पर हुक करने के प्रयास में शेन वॉर्न बाउंड्री पर कैच हो गए। साइमन जोन्स ने इसके बाद अगले दो विकेट भी जल्दी निकाल लिए और ऑस्ट्रेलिया 84.5 ओवर में 302 पर ऑल आउट हो गई। साइमन जोन्स ने 53 रन देकर 6 विकेट लिए थे।

England’s 2nd Innings: 142 रन की लीड के साथ उतरी इंग्लैंड को मार्कस ट्रेसकॉथिक ने फिर से तेज शुरुआत दी, पहले विकेट की 64 की साझेदारी में ट्रेसकॉथिक ने 41 रन बनाए। दूसरे ओपनर ऐन्ड्रू स्ट्राउस ने पिछली पाँच पारियों में कुछ खास नहीं किया था, यहाँ उन्होंने शतक लगाया और 106 रनों की पारी खेली। पिछले दो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले केविन पीटरसन को मक्ग्रा ने पहली गेंद पर आउट कर दिया। इयन बेल ने दूसरी पारी में भी अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 65 रन बनाए। गेरेन्ट जोन्स ने 62वें ओवर में ग्लेन मैक्ग्रा को दो छक्के और एक चौके के साथ 4 गेंदों में 16 रन ठोक दिए और इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 61.5 ओवर में 280/6 पर घोषित कर दी।

ऑस्ट्रेलिया के सामने दो विकल्प थे, 108 ओवरों में 423 रन चेज करे या 108 ओवर में ऑल आउट न हो और मैच ड्रॉ करे। चौथे दिन की शाम ऑस्ट्रेलिया को 35 मिनट तक खेलना था। हेडेन और लैंगर ने यह समय सुरक्षित निकाल लिया। चौथे दिन की समाप्ति पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 10 ओवर में 24/0. अंतिम दिन 98 ओवरों में 399 रनों की आवश्यकता।
Captain Courageous: अंतिम दिन के दूसरे ओवर में ही मैथ्यू हॉगार्ड ने जस्टिन लैंगर का विकेट लेकर दिन की शानदार शुरुआत की। कप्तान रिकी पॉन्टिंग क्रीज पर आए। अभी तक उनके बल्ले से इस सीरीज की 5 पारियों में मात्र 1 अर्धशतक आया था। अबतक उनके स्कोर थे- 9, 42, 61, 0, 7. आज उनके पास अवसर था। इंग्लैंड की पहली पारी में माइकल वॉन ने शतक लगाकर फॉर्म में वापसी की थी, उसी तरह ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में पराजय से बचाने के रिकी पॉन्टिंग को कप्तानी पारी खेलनी थी। पॉन्टिंग ने अपना पहला चौका मैथ्यू हॉगार्ड की गेंद पर ऑन ड्राइव से लगाया।

महान बल्लेबाजों के ट्रेडमार्क शॉट होते हैं, जिनसे कई बार यह भी पता चलता है कि बल्लेबाज फॉर्म में है या नहीं। रिकी पॉन्टिंग का पुल शॉट ऐसे ही ट्रेडमार्क शॉट्स में से एक है। क्रिकेट इतिहास में उनसे बेहतर पुल करने वाला खिलाड़ी कोई नहीं हुआ। 20वें ओवर की तीसरी गेंद, फ्लिंटॉफ की शॉर्ट गेंद, पॉन्टिंग के शरीर की ओर, शरीर का भार बैकफुट पर डालकर पॉन्टिंग ने इसे पुल कर दिया, स्क्वेयर लेग बाउंड्री के ऊपर से 6 रन. ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम और दर्शकों ने अपने कप्तान का यह शॉट देखकर चैन की साँस ली होगी कि आज शायद ये फॉर्म में हैं। हेडेन और पॉन्टिंग सम्भलकर खेलते रहे और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बढाते रहे। दोनों के बीच 18 ओवर में 71 रन जोड़े जा चुके थे। ड्रिंक्स ब्रेक के कुछ देर बाद ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने मैथ्यू हेडेन को क्लीन बोल्ड कर दिया। पॉन्टिंग और मार्टिन ने लंच तक और कोई विकेट गिरने नहीं दिया और स्कोर हुआ 38 ओवर में 121/2. डेमियन मार्टिन एक बार पुनः असफल रहे और लंच के थोड़ी देर बाद ही 19 रन बनाकर आउट हो गए।
रिकी पॉन्टिंग ने 46वें ओवर में साइमन जोन्स की गेंद पर 3 रन लेकर 104 गेंदों में अपना अर्धशटक पूरा किया। जाइल्स के अगले 2 ओवरों में पॉन्टिंग ने 3 चौके लगाए। चौथे विकेट के लिए कैटिच के साथ एक अच्छी साझेदारी बननी शुरू हुई ही थी कि फ्लिंटॉफ ने कैटिच को भी पवेलियन भेज दिया। रिकी पॉन्टिंग एक ओर डटे हुए थे और दूसरी ओर से विकेट गिरते जा रहे थे। 57वें ओवर में ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने जब ऐडम गिलक्रिस्ट को आउट किया तो स्कोर था 182 पर 5.
माइकल क्लार्क नम्बर 7 पर आए और अपने कप्तान के साथ साझेदारी बनानी आरम्भ कर दी। चायकाल की घोषणा से ठीक पहले सिंगल के साथ रिकी पोंटिंग 90 पर पहुँचे और चाय के बाद स्टीफन हार्मिसन को कवर ड्राइव से चौका लगाकर उन्होंने अपने करियर का 23वाँ और इंग्लैंड के विरुद्ध 5वाँ शतक पूरा किया।

75 ओवर के बाद स्कोर 263/5. 33 ओवर शेष थे। ऑस्ट्रेलिया को 160 रन चाहिए थे और इंग्लैंड को 5 विकेट। इंग्लैंड का पलड़ा अब भी भारी था क्योंकि यह विशेषज्ञ बल्लेबाजों की अंतिम जोड़ी थी। ऑस्ट्रेलिया भी मैच से बाहर नहीं कही जा सकती थी क्योंकि रिकी पॉन्टिंग 111 और माइकल क्लार्क 39 पर खेल रहे थे।

Blunder from Michael Clarke and breakthrough for England: 76वें ओवर में साइमन जोन्स की गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर गिरने के बाद अंदर आई। अविश्वसनीय रिवर्स स्विंग। क्लार्क ने सोचा था, यह बाहर निकलेगी, उन्होंने गेंद छोड़ दी और ऑफ स्टम्प उखड़कर बाहर। माइकल क्लार्क हतप्रभ होकर देख रहे थे। महान कॉमेंटेटर रिची बेनो कह रहे थे, “What a great piece of reverse swing.” इंग्लैंड के सारे खिलाड़ी साइमन जोन्स को घेरकर खड़े हो गए। अगले ओवर में हॉगार्ड ने गिलेस्पी को 0 पर आउट कर दिया, स्कोर 264/7. अब ऑस्ट्रेलिया के पास मैच जीतने का प्रयास करने का विकल्प नहीं रह गया था। अब बस मैच बचाना था।
Operation Rescue Australia: इंग्लैंड के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह थी कि “Second New Ball” मात्र 3 ओवर दूर थी। 81वें ओवर में माइकल वॉन ने मैथ्यू हॉगार्ड को नई गेंद दे दी। अभी 28 ओवर का खेल शेष था और इंग्लैंड की विजय निश्चित लग रही थी। इंग्लैंड के रास्ते में सबसे बड़ा अवरोध बनकर खड़े थे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी थॉमस पॉन्टिंग। 83वें ओवर में माइकल वॉन ने दोनों छोर से अपने दोनों सबसे तेज गेंदबाजों को आक्रमण पर लगा दिया, ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ और स्टीफन हार्मिसन। पॉन्टिंग और शेन वॉर्न ने नई गेंद को सावधानी से खेला और अगले 15 ओवर सुरक्षित निकाल लिए। 98वें ओवर में साइमन जोन्स की पहली गेंद पर पॉन्टिंग ने दो रन लेकर अपने 150 रन पूरे कर लिए। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर हो चुका था, 98 ओवर में 340/7. पॉन्टिंग और वॉर्न के बीच 21 ओवरों में 76 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। अब मैच में दस ओवर शेष रह गए थे।
It’s that man again: एजबेस्टन टेस्ट के हीरो फ्रेडी फ्लिंटॉफ अपने होम ग्राउंड पर खेल रहे थे। अभी तक इस पारी में वो तीन विकेट ले चुके थे। 99वें ओवर की दूसरी गेंद पर फ्लिंटॉफ ने शेन वॉर्न को विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स के हाथों कैच करा दिया। एजबेस्टन टेस्ट में भी ऐसे ही एक महत्वपूर्ण अवसर पर फ्लिंटॉफ ने शेन वॉर्न का विकेट लिया था। पहली पारी में 90 रन बनाने वाले शेन वॉर्न ने दूसरी पारी में भी 69 गेंदें खेलकर 34 रन बनाए।

रिकी पॉन्टिंग का साथ देने ब्रेट ली मैदान में आए। ब्रेट ली ने एजबेस्टन टेस्ट में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की थी और ऑस्ट्रेलिया को विजय द्वार तक ले गए थे, बस द्वार खोल नहीं पाए थे। ली ने फ्लिंटॉफ के इस ओवर की शेष पाँच गेंदें रोक लीं। अगले ओवर में पॉन्टिंग ने 5 गेंदें खेली, पाँचवीं पर उन्होंने सिंगल लिया था। इसके अगले ओवर में पॉन्टिंग ने फ्लिंटॉफ की सभी 6 गेंदें खेल लीं। फ्लिंटॉफ का अगला ओवर भी पॉन्टिंग ने पूरा खेल लिया। पारी में 103 ओवर का खेल हो चुका था, अब मैच में मात्र 5 ओवर शेष थे। स्कोर 350/8.
Heartbreak for Ricky Ponting: स्टीफन हार्मिसन की तीसरी गेंद पर पॉन्टिंग ने स्क्वेयर लेग पर फ्लिक के द्वारा चौका लगाया, स्कोर 354/8. 104वें ओवर की अंतिम गेंद, शॉर्ट पिच गेंद, पॉन्टिंग ने इसे लेग साइड में खेलने का प्रयास किया, गेंद उनके ग्लब्स को स्पर्श करते हुए विकेटकीपर जोन्स के हाथों में चली गई। जोरदार अपील और अंपायर बिली बाउडेन ने उंगली उठा दी। “Ricky Ponting cannnot believe it. He cannot believe that he’s touched it. But he has and England are on the brink.” रिकी पॉन्टिंग को पता था उनके विकेट का अर्थ, अभी दिन के खेल में 4 ओवर शेष थे, ऑस्ट्रेलिया के पास मात्र एक विकेट था। पॉन्टिंग बहुत देर तक क्रीज पर खड़े रहे। 411 मिनट बल्लेबाजी करके 275 गेंदें खेलकर 156 रन बनाने के बाद भी डर यह था कि क्या यह पारी बर्बाद हो जाएगी। पूरा स्टेडियम जोश में, इंग्लैंड के दर्शक खिलाड़ी सभी हर्षोल्लास में मग्न, मानो अब तो टेस्ट मैच जीत लिया। रिकी पॉन्टिंग धीमे कदमों से पवेलियन लौट रहे थे और कॉमेंट्री बॉक्स से आवाज़ आ रही थी, “What an innings, standing ovation from this Old Trafford crowd.”
Lee and McGrath save the day for Australia: नम्बर 11 ग्लेन मक्ग्रा क्रीज पर आए। स्ट्राइक ब्रेट ली के पास थी। ली ने फ्लिंटॉफ का पूरा ओवर स्वयं खेला। अगले ओवर में इंग्लैंड के स्ट्राइक बॉलर स्टीफन हार्मिसन बनाम ऑस्ट्रेलियाई नम्बर 11 ग्लेन मक्ग्रा। दोनों पक्षों के समर्थकों की साँसें अटकी हुईं। मक्ग्रा ने ये ओवर पूरा खेल लिया। फ्लिंटॉफ का अगला ओवर ब्रेट ली को. ली ने पहली तीन गेंदे रोक लीं। अब गेंदें सिंगल डिजिट में थीं। ओवर की अंतिम गेंद पर चौका आया।

मैच का अंतिम ओवर, Stephen Harmison to Glenn McGrath. पहली गेंद डॉट, दूसरी गेंद डॉट, तीसरी पर सिंगल और ब्रेट ली स्ट्राइक पर। ब्रेट ली ने अगली दो गेंदों को डिफेंड किया। स्टीफन हार्मिसन के पास एक गेंद थी इंग्लैंड को सीरीज में 2-1 की बढ़त दिलाने के लिए। ब्रेट ली को अपना विकेट बचाना था, पराजय से बचने के लिए। अंतिम गेंद, यॉर्कर के प्रयास में फुलटॉस। ली ने इसे स्क्वेयर लेग की ओर खेल दिया और अपनी मुट्ठी हवा में उठा ली, गेंद चौके के लिए गई पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैच ड्रॉ हो चुका था। ब्रेट ली जो काम एजबेस्टन में नहीं कर पाए थे, वह उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में कर दिखाया।

चौथी पारियों की महानतम पारियों में से एक खेलने वाले रिकी पॉन्टिंग मैन ऑफ द मैच हुए। उन्होंने कहा, “We were outplayed for the first four days. We dug in deep on the last day.”
To be continued.