History: 5 टेस्ट की सीरीज में 0-2 से पीछे होने पर टेस्ट क्रिकेट इतिहास में मात्र एक टीम ने वापसी करके सीरीज जीती थी, वह टीम थी सर डॉनल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया, जिसने ऐशेज़ 1936-37 में ब्रिस्बेन में 322 रन से और सिडनी में पारी और 22 रन से सीरीज के पहले दो टेस्ट हारने के बाद अगले तीन टेस्ट लगातार जीतकर ऐशेज़ सीरीज में 3-2 से विजय प्राप्त कर ली। सीरीज के तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में सर डॉनल्ड ब्रैडमैन ने 270 रनों की सीरीज पलट देने वाली पारी खेली जिसे Wisden ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारी माना है।
Edgbaston 2005: इंग्लैंड के लिए सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच बहुत महत्वपूर्ण था, यहाँ पराजय होने का अर्थ था सीरीज में 0-2 से पीछे हो जाना और फिर सीरीज जीतना लगभग असंभव हो जाता। लॉर्ड्स में पहला टेस्ट 239 रनों से जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम बर्मिंघम पहुँची। सीरीज का दूसरा टेस्ट यहाँ एजबेस्टन में खेला जाना था।
टॉस के कुछ समय पहले लॉर्ड्स टेस्ट के हीरो ग्लेन मक्ग्रा का पैर वॉर्म अप के दौरान एक गेंद पर पड़ गया और उनकी एड़ी में मोच आ गई। उनकी जगह माइकल कैस्प्रोविच को टीम में रखा गया।

Blunder by Ricky Ponting: एजबेस्टन जैसी बैटिंग विकेट पर टॉस जीतकर सदैव बैटिंग ली जाती है, यदि कोई विशेष कारण न हो तो, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। शेन वॉर्न ने कुछ दिन पूर्व दिए एक इंटरव्यू में इसे बहुत खराब निर्णय बताया और कहा, “मैं सोचता था 2002-03 ऐशेज़ में ब्रिस्बेन में नासिर हुसैन ने जो टॉस जीतकर गेंदबाजी का निर्णय लिया था, वो अबतक का सबसे खराब निर्णय था, पर ब्रिस्बेन में पहले दिन कम से कम गेंद स्विंग तो होती है, एजबेस्टन तो बिल्कुल पाटा विकेट थी।”

रिकी पॉन्टिंग का ये निर्णय मैच के पहले सत्र में ही गलत सिद्ध हो गया जब मार्कस ट्रेसकॉथिक ने इंग्लैंड को धमाकेदार शुरुआत दे दी। ट्रेसकॉथिक और ऐन्ड्रू स्ट्राउस साढ़े चार रन प्रति ओवर की गति से बल्लेबाजी कर रहे थे। 24 ओवर के बाद स्कोर था 111/0. शेन वॉर्न को 6 ओवरों में 37 रन पड़ चुके थे। लंच से कुछ मिनट पूर्व पारी के 26वें ओवर में शेन वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया को पहली सफलता दिलाई, जब उन्होंने ऐन्ड्रू स्ट्राउस को बोल्ड किया। 27वाँ ओवर इस सत्र का आखिरी ओवर था। Brett Lee to Marcus Trescothick. मार्कस ने इस ओवर में 3 चौके और 1 छक्का लगाकर ये सत्र समाप्त किया। 27 ओवर 132 रन पर 1 विकेट। रन रेट 4.88 प्रति ओवर।
33वें ओवर में लंच के बाद मार्कस ट्रेसकॉथिक 90 रन बनाकर माइकल कैस्प्रोविच की गेंद पर आउट हो गए। इसी ओवर में इयन बेल के विकेट के बाद स्कोर 170 पर 3 हो गया।
Counter-attack by KP and Freddie: अपने पहले ही टेस्ट में दोनों पारियों में टीम के टॉप स्कोरर रहे केविन पीटरसन नम्बर 5 पर आए। 37वें ओवर में कप्तान माइकल वॉन के आउट होने के बाद स्कोर हो गया 187/4 और नम्बर 6 पर आए ऑलराउंडर ऐन्ड्रू “फ्रेडी” फ्लिंटॉफ। मैच अभी बराबरी पर चल रहा था, इंग्लैंड की रन रेट अवश्य 5 से ऊपर पर पिछले 23 रनों में 3 विकेट गिर चुके थे। यहाँ से एक और विकेट ऑस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत कर देता। फ्लिंटॉफ बल्ले के साथ लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में असफल रहे थे। फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी की चौथी गेंद पर वॉर्न को एक इनसाइड आउट कवर ड्राइव लगाई और अपना पहला चौका प्राप्त किया।

पारी के 42वें ओवर में शेन वॉर्न को उन्होंने Long On के ऊपर से छक्का लगाया। 44वें ओवर में उन्होंने टांग रखकर शेन वॉर्न की गेंद को मिडविकेट के ऊपर से दर्शक दीर्घा में भेज दिया। अद्भुत शक्ति प्रदर्शन। 49वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर फ्लिंटॉफ का शॉट, हाफ पुल हाफ हुक, पता नहीं क्या ? पर गेंद स्क्वेयर लेग बाउंड्री के बाहर 6 रन। 50वें ओवर में शेन वॉर्न ने गेंद को थोड़ी ज्यादा फ्लाइट दी, ऑफ स्टम्प की लाइन के बाहर पड़ी इस गेंद को फ्रेडी फ्लिंटॉफ ने Long Off के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया, शेन वॉर्न की गेंदों पर फ्लिंटॉफ का ये तीसरा छक्का था। वॉर्न के अगले ओवर की पहली गेंद पर चौके के साथ फ्रेडी ने 48 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इस सत्र के सेकेंड लास्ट ओवर में ब्रेट ली से फ्लिंटॉफ ने 14 रन लिए, दो चौके और एक छक्का। आखिरी गेंद पर आए चौके के साथ फ्लिंटॉफ और पीटरसन के बीच 5वें विकेट के लिए मात्र 96 गेंदों में शतकीय साझेदारी पूरी हो गई। इसमें 68 रन फ्लिंटॉफ के थे (55 गेंदों में)।
चायकाल के समय इंग्लैंड का स्कोर था 54 ओवर में 289/4. 5.35 रन प्रति ओवर। शेन वॉर्न के आँकड़ें हो चुके थे, 17 ओवर में 1 मेडेन, 89 रन और एक विकेट। सवा पाँच की इकॉनमी रेट। ब्रेट ली का हाल और बुरा था, उनके आँकड़ें थे 11-1-72-1, साढ़े छः की इकॉनमी। दिन के दूसरे सत्र में इंग्लैंड ने 27 ओवरों में 157 रन बनाए थे, लगभग 6 की रन रेट से।

चायकाल के तुरन्त बाद फ्लिंटॉफ जेसन गिलेस्पी की गेंद पर आउट हो गए। यह जेसन गिलेस्पी का टेस्ट क्रिकेट में 250वाँ विकेट था। इसके बाद अबतक सहायक भूमिका निभा रहे केविन पीटरसन ने आक्रमण संभाला। 63वें ओवर में KP ने ब्रेट ली को तीन चौके लगाए। 67वें ओवर में ब्रेट ली ने शॉर्ट गेंद की, KP का पुल शॉट… Shot of the match. 6 रन। ब्रेट ली के इसी ओवर में KP ने एक और छक्का लगाना चाहा पर डीप स्कवेयर लेग पर साइमन कैटिच ने कैच पकड़ लिया। 76 गेंद में 71 रन बनाकर केविन पीटरसन 8वें विकेट के रूप में आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के स्कोर था 348/8. इंग्लैंड के आखिरी दो विकेट ने 59 रन जोड़े और पारी 79.2 ओवर में 407 पर समाप्त हुई। रन रेट 5 से ऊपर। दिन के खेल में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह किसी भी इंग्लिश टीम की सबसे तेज रन रेट थी। इंग्लिश बल्लेबाजों ने अपना काम कर दिया था।
ब्रेट ली: 17-1-111-1 (ER 6.52)
Australian Response: मैथ्यू हेडेन का विकेट तो 0 के स्कोर पर ही गिर गया, नम्बर 3 पर आए कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने काउंटर अटैक किया, ऑस्ट्रेलिया ने 9वें ओवर में 50 रन पूरे कर लिए। रिकी पॉन्टिंग और लैंगर के बीच 88 रनों की साझेदारी गई। पॉन्टिंग ने 76 गेंदों में 61 रन बनाए। लॉर्डस टेस्ट की दूसरी पारी में 91 रन बनाने वाले माइकल क्लार्क एजबेस्टन में भी अच्छी फॉर्म में दिख रहे थे। 44 ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 194 पर 3 था। पहली पारी में इंग्लैंड की स्थिति भी कुछ कुछ ऐसी ही थी। यहाँ Ashley Giles की गेंद पर माइकल क्लार्क के 40 रन पर आउट होने से इंग्लैंड को फिर एक अवसर मिला। 62वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर हो चुका था 262/5. जस्टिन लैंगर 82 और ऐडम गिलक्रिस्ट 25 पर खेल रहे थे और ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी। एक घण्टे इस जोड़ी के खेल जाने का अर्थ माइकल वॉन को अच्छे से पता था। युवा गेंदबाज साइमन जोन्स ने जस्टिन लैंगर का विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को फिर से नीचे बिठा दिया। इस पारी में जब भी ऐसा लगा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी मैच पर पकड़ बनाने की ओर अग्रसर है। कोई न कोई इंग्लिश गेंदबाज Break Through दिला देता। चाहे 88/1 हो, 194/3 हो या 262 पर 5 हो। ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाज इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाजों की भांति योगदान भी नहीं दे पाए और टीम 308 पर ऑल आउट हो गई। ऐडम गिलक्रिस्ट 49 पर नॉट आउट रहे। बल्ले से 68 रन बनाने वाले फ्रेडी फ्लिंटॉफ ने गेंद से भी बढ़िया प्रदर्शन किया और 3 विकेट लिए।
Magic from Warne and Aussies strike back: इंग्लैंड की टीम 99 रनों की लीड के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी। ऑस्ट्रेलिया के “Never say die” ऐटिट्यूड का एक और उदाहरण यहाँ देखने को मिला। 6 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर था 25/0. दूसरे दिन का अंतिम ओवर शेष था। कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने गेंद अपने सबसे विश्वसनीय गेंदबाज के हाथों में सौंपी। Shane Warne to Andrew Strauss. Around the Wicket. शेन वॉर्न ने गेंद ऑफ स्टम्प के बहुत बाहर फेंकी। स्ट्राउस ने अपना फ्रंट फुट ऑफ साइड की ओर बाहर निकाला और पैड लगाने का प्रयास किया, गेंद ने खतरनाक स्पिन लेते हुए पैड को बीट किया और एंड्रू स्ट्राउस के नज़रों के सामने से गुजरते हुए लेग स्टम्प पर जा लगी। माइकल स्लेटर जोश में आ गए, “Bowled him… How about it. Absolutely brilliant from Shane Warne.” पूर्व इंग्लिश कप्तान Michael Atherton ने कहा, “He’s made a few batsmen look a bit foolish over the years. There’s is no disgrace in Andrew Strauss looking a bit foolish.”

पहली पारी में ब्रेट ली को बहुत मार पड़ी थी, दूसरी पारी में वे हिसाब बराबर करने के मूड में थे। तीसरे दिन के अपने तीसरे ओवर में उन्होंने मार्कस ट्रेसकॉथिक और माइकल वॉन को आउट कर दिया। माइकल वॉन के विकेट का वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर घूमता रहता है। 90 मील प्रति घण्टे की ये गेंद वॉन के डिफेंस को परास्त करते हुए ऑफ स्टम्प पर लगी और स्टम्प उखड़कर Cartwheel करता हुआ पीछे। अगले ओवर में ब्रेट ली ने पिछले दिन के नाइट वॉचमैन मैथ्यू हॉगार्ड का विकेट लेकर इंग्लैंड का स्कोर 31/4 कर दिया।


सीरीज में लगातार 3 अर्धशतक लगा चुके केविन पीटरसन ने शेन वॉर्न को दो छक्के लगाकर फिर से खतरनाक मूड में होने का संकेत दिया पर इस बार वॉर्न ने उन्हें मात्र 20 रन पर आउट कर दिया। इंग्लैंड का स्कोर था 72/5 और लीड 171. ऑस्ट्रेलिया को वापसी की उम्मीद दिखाई पड़ने लगी थी। तीसरे दिन लंच तक इंग्लैंड का स्कोर था 95/6. टोनी ग्रेग कह चुके थे, “Boy this is trouble.” लंच के बाद ब्रेट ली ने यह स्कोर 101/7 कर दिया और 45वें ओवर में शेन वॉर्न ने दो विकेट लेकर इसे 131/9 कर दिया।
It’s that man again: फ्रेडी फ्लिंटॉफ एक बार फिर से इंग्लैंड की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आए। उनके इर्द गिर्द विकेट गिरते रहे पर उन्होंने रन बनाना जारी रखा। पिछली पारी की फॉर्म वो साथ लेकर आए थे। 135/9 होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को एक सुनहरा अवसर मिल गया था लीड को 240 के अंदर सीमित करने का। फ्लिंटॉफ ने ऐसा होने नहीं दिया। 46वें ओवर में उन्होंने माइकल कैस्प्रोविच को मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया। दो गेंद बाद पुनः वही शॉट और गेंद पुनः दर्शक दीर्घा में। इसी शॉट के साथ फ्लिंटॉफ का अर्धशतक पूरा हो गया।

50वें ओवर में ब्रेट ली की एक स्लोअर गेंद। फ्लिंटॉफ क्रीज में अंदर गए, अगला पैर सामने से हटाया और long on के ऊपर से गेंद को स्टेडियम के सबसे ऊपरी हिस्से में भेज दिया। यह इस मैच का सबसे लंबा छक्का था। अगली गेंद पर फ्लिंटॉफ का कट और चौका। ब्रेट ली की अगली गेंद ओवरपिच की हुई, फ्लिंटॉफ़ ने दो गेंद पहले खेला गया शॉट फिर खेला और एक और छक्का। यह फ्लिंटॉफ का इस पारी का चौथा और इस मैच में उनका 9वाँ छक्का था। आखिरी विकेट के लिए फ्लिंटॉफ ने साइमन जोन्स के साथ 51 रन जोड़ दिए, जिसमें 35 उन्होंने स्वयं बनाए। 53वें ओवर में शेन वॉर्न वॉर्न की गेंद को आगे निकलकर बाउंड्री पार कराने में प्रयास में फ्लिंटॉफ चूके और शेन वॉर्न को इस पारी का 6ठा विकेट मिल गया। यह शेन वॉर्न के टेस्ट करियर का 599वाँ विकेट था। शेन वॉर्न ने 23.3 ओवर में 46 रन देकर 6 विकेट लिए थे। फ्लिंटॉफ ने 86 गेंदों में 73 रन बनाए थे और इंग्लैंड की लीड को 281 तक पहुँचा दिया था।
The Run-Chase: 282 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलिया ने ठोस शुरुआत की और 12 ओवरों में बिना विकेट के 47 रन बना लिए। कप्तान माइकल वॉन ने इस मैच के हीरो ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ को गेंद सौंपी। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के आखिरी दोनों विकेट फ्लिंटॉफ ने लगातार दो गेंदों पर लिए थे। इस पारी की अपनी पहली गेंद फेंकते समय वे हैट्रिक पर थे। हैट्रिक तो नहीं मिल सकी पर फ्लिंटॉफ ने अपनी दूसरी गेंद पर जस्टिन लैंगर को बोल्ड कर दिया।

Flintoff to Ponting: नम्बर 3 पर आए कप्तान रिकी पॉन्टिंग। फ्लिंटॉफ के ओवर में अभी चार गेंदें शेष थीं। पहली गेंद पर LBW की जोरदार अपील, दूसरी पर पॉन्टिंग के बल्ले का बाहरी किनारा लगकर गेंद गली में। कॉमेंटेटर बात कर रहे थे कि इस ओवर में अभी कुछ न कुछ होगा। तीसरी गेंद ऑफ स्टम्प की लाइन के बाहर टप्पा खाकर तेजी से अंदर आई और पैड पर लगी। फ़िर से LBW की जोरदार अपील पर अंपायर बिली बाउडेन ने कहा “नॉट आउट”. ओवर की आखिरी गेंद ऑफ स्टम्प ऑफ स्टम्प के काफी बाहर, रिकी पॉन्टिंग ने इसे खेलने का प्रयास नहीं किया, पर यह नो-बॉल निकली, जिसका अर्थ ये कि फ्लिंटॉफ को इस ओवर में एक गेंद और करनी होगी। यह एक अतिरिक्त गेंद “Blessing in disguise” सिद्ध हुई। एजबेस्टन में उपस्थित इंग्लैंड के सारे समर्थक फ्लिंटॉफ का उत्साह बढाते हुए, अंतिम गेंद, 142.1 KPH, गुडलेंथ पर टप्पा खाकर बाहर निकलती हुई, पॉन्टिंग के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर गेरेन्ट जोन्स के दस्तानों में। ऑस्ट्रेलियाई रिकी पॉन्टिंग शून्य पर पवेलियन वापस। बल्ले से मैच बदलने वाले फ्लिंटॉफ अब गेंद से भी चमत्कार कर रहे थे।

Aussie Collapse: मैथ्यू हेडेन और डेमियन मार्टिन ने स्कोर को 82 तक पहुँचाया। अब जीत के लिए 200 रन चाहिए थे और 8 विकेट हाथ में थे। समय की कोई कमी नहीं, अभी तीसरे दिन का दूसरा सत्र ही चल रहा था। साइमन जोन्स की आउटस्विंगर पर कवर ड्राइव लगाने के प्रयास में मैथ्यू हेडेन के बल्ले का किनारा लगा और पहली स्लिप में खड़े मार्कस ट्रेसकॉथिक ने बाईं ओर डाइव लगाते हुए शानदार कैच पकड़ लिया।

कोई बड़ी साझेदारी बन नहीं रही थी, 25, 27 ऐसी ही साझेदारियाँ बन रही थीं। 107 पर चौथा (डेमियन मार्टिन) और 134 पर (साइमन कैटिच) 5वाँ विकेट गिरा। 136 रन पर छठे विकेट के रूप में ऐडम गिलक्रिस्ट के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पास एक मात्र विशेषज्ञ बल्लेबाज शेष था माइकल क्लार्क के रूप में। 137 पर 7वाँ विकेट भी गिर गया जेसन गिलेस्पी के रूप में। अब प्रश्न “If” नहीं “When” का था। लगने लगा था यह टेस्ट मैच तीसरे दिन ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि अभी दिन के खेल में कम से कम 10 ओवर शेष थे।
Stephen Harmison’s Staggering Gamble: माइकल क्लार्क और शेन वॉर्न के बीच एक साझेदारी पनपनी आरम्भ हुई। 43 ओवर बाद स्कोर जा पहुँचा 174/7. दिन का अंतिम ओवर कर रहे थे स्टीफन हार्मिसन। क्लार्क ने तीन गेंदे सम्भलकर खेल ली थीं। हार्मिसन की चौथी गेंद, स्लोअर गेंद और क्लार्क बोल्ड। कॉमेंट्री में मार्क निकलस की आवाज़ आई, “Oh Stephen Harmison. With the slower ball. One of the great balls. Given the moment, given the match and given the batsman. That is a staggering gamble.” तीसरे दिन का खेल यहीं समाप्त और स्कोर 175/8.

My name is Warne, Shane Warne: दूसरी पारी में 6 और मैच में 10 विकेट लेने वाले शेन वॉर्न 7वाँ विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आए थे। तीसरे दिन उन्होंने Ashley Giles को 2 छक्के भी लगाए थे। चौथे दिन का खेल आरम्भ होने पर किसी को ऐसा नहीं लगता होगा कि ये मैच ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत सकती है। ऑस्ट्रेलिया को 107 रन चाहिए थे और इंग्लैंड को मात्र 2 विकेट। ऑस्ट्रेलियाई टीम हार मानने के लिए जानी नहीं जाती। शेन वॉर्न 20 रन पर खेल रहे थे। वॉर्न और ली ने 9वें विकेट की साझेदारी शुरू कर दी। दिन की पहली 28 गेंदों में दोनों ने 38 रन जोड़ दिए और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 200 के पार कर दिया। 52 ओवर के बाद स्कोर हो चुका था 220/8. साझेदारी हो चुकी थी 45 रन की और अब इंग्लिश खेमे में भी चिंताएँ बढ़ने लगी थीं। शेन वॉर्न 42 पर खेल रहे थे और ब्रेट ली 18 पर।
जैसा इस मैच में अबतक होता आया था एक बार फिर वही हुआ। जैसे ही ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें जागनी आरम्भ हुईं, फ्रेडी फ्लिंटॉफ की गेंद शेन वॉर्न के लेग स्टम्प पर जा लगी। Back and Across मूवमेंट के दौरान वॉर्न ने लेग स्टम्प पूरी खुली छोड़ दी थी। यह फ्लिंटॉफ का इस पारी में चौथा और मैच में 7वाँ विकेट था।
Last Wicket Stand: 220/9. अभी भी 62 रनों की आवश्यकता। 55वें ओवर में 9 और 56वें में 13 रन आए, इस दौरान 4 चौके लगे। स्कोर 249/9, ऑस्ट्रेलिया को 33 रनों की आवश्यकता। इंग्लैंड की टीम अभी भी फेवरेट थी पर यह मैच Nail Biting होता जा रहा था। 59वें ओवर में 7 रन आने के साथ ऑस्ट्रेलिया को अब मात्र 20 रन चाहिए थे। 61वें ओवर में ब्रेट ली ने हार्मिसन को एक चौका लगाया और 62वें ओवर में ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ ने एक गेंद लेग स्टम्प के इतने बाहर फेंकी कि विकेटकीपर के पास कोई अवसर न रहा। इस ओवर में 9 रन आए। स्कोर 276/9. आवश्यक रन अब सिंगल डिजिट में आ चुके थे। 63वें और 64वें ओवर में एक एक रन आए और अब ऑस्ट्रेलिया को मात्र 4 रन चाहिए थे।
The End: 65वाँ ओवर स्टीफन हार्मिसन कर रहे थे। पहली गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर फुलटॉस, ब्रेट ली की स्क्वेयर ड्राइव, एक रन। गेंद बड़ी तेजी से फील्डर की ओर गई। शेन वॉर्न ने अपनी ऑटोबायोग्राफी “No Spin” में लिखा है, “A couple of yards either way and it would have been over.”
ओवर की तीसरी गेंद, माइकल कैस्प्रोविच स्ट्राइक पर, शॉर्ट गेंद, कैस्प्रोविच ने Duck करने का भी प्रयास किया और गेंद को रोकने का भी, दोनों प्रयास अधूरे. गेंद दस्ताने पर लगी, कीपर गेरेन्ट जोन्स ने लेग साइड की ओर डाइव लगाई और कैच पकड़ा। अंपायर बिली बाउडेन ने उंगली उठा दी और इंग्लैंड ने यह टेस्ट मैच दो रन से जीत लिया।
माइकल कैस्प्रोविच निराश होकर क्रीज के बाहर बैठ गए, दूसरे छोर पर ब्रेट ली का हाल भी यही था। ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ द्वारा ब्रेट ली को सान्त्वना देने वाली फोटो सबने देखी है। शेन वॉर्न ने अपनी किताब में लिखा है, “These days, DRS would have overturned it because the glove the ball hit was just off the handle.”


मैच की चारों पारियों में बल्ले और गेंद दोनों से ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले ऐन्ड्रू फ्लिंटॉफ मैन ऑफ द मैच घोषित हुए। फ्लिंटॉफ ने कहा, “We’ve got to believe we can go on and win the Ashes.” इंग्लिश समर्थकों में लॉर्ड्स टेस्ट के बाद छाया निराशा का वातावरण समाप्त हो गया था।
सीरीज 1-1 से बराबर हो चुकी थी और ओल्ड ट्रैफर्ड, ट्रेंट ब्रिज और ओवल टेस्ट शेष थे।
To be continued.