दो दशक तक प्रतिबंध झेलने के पश्चात दक्षिण अफ्रीका ने वर्ष 1991 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की और वर्ष 1992 में विश्वकप सेमीफाइनल तक पहुँची। वर्षा से दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम की शत्रुता इसी मैच में सबको पता चली। डकवर्थ लुइस नियम का शिकार होकर Proteas को इस विश्वकप से बाहर होना पड़ा।
1996 में दक्षिण अफ्रीका विश्वकप की सर्वश्रेष्ठ टीम थी, लीग स्तर पर इसने अपने सभी पाँच मैच जीते थे पर क्वार्टरफाइनल में इस टीम के सामने आए ब्रायन चार्ल्स लारा। ब्रायन के बल्ले से निकली विश्वकप इतिहास की महान पारियों में से एक ने टूर्नामेंट की अबतक की सर्वश्रेष्ठ टीम को विश्वकप से बाहर कर दिया।
1999: दक्षिण अफ्रीका के पास एक बार फिर से एक शक्तिशाली टीम थी। गैरी कर्स्टन, हर्शल गिब्स, जैक कैलिस, हैंसी क्रोनिए, जोंटी रोड्स, मार्क बाउचर, शॉन पॉलक, लैंस क्लूज़नर और ऐलन डॉनल्ड जैसे खिलाड़ी। दक्षिण अफ्रीका 5 में से 4 मैच जीतकर ग्रुप A में शीर्ष पर रही, Super Six में दक्षिण अफ्रीका ने 5 में से 3 मैच जीते और सेमीफाइनल में पहुँची।
13 जून 1999 को Headingley में हुए Super Six के आखिरी मैच में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 273 रनों का लक्ष्य रखा। हर्शल गिब्स ने शतक बनाया था और लैंस क्लूजनर ने अंतिम ओवरों में 21 गेंदों में 36 रन बनाए थे। रन चेज के दौरान ऑस्ट्रेलिया 12वें ओवर में ही 48 पर 3 विकेट गँवा कर संकट में थी। नम्बर 5 पर आए स्टीव वॉ। स्टीव वॉ ने कई बार ऑस्ट्रेलिया को संकट की स्थिति से उबारा था, आज पुनः उनके पास यही दायित्व था। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह एक Must Win मैच था सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए। स्टीव वॉ ने रिकी पॉन्टिंग के साथ चौथे विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी की। पारी के 31वें ओवर में स्टीव वॉ ने क्लूज़नर की गेंद को मिडविकेट की ओर फ्लिक किया। हर्शल गिब्स ने गेंद को पकड़ तो लिया पर सेलिब्रेट करने के लिए गेंद को हवा में उछालने की जल्दी में गेंद उनके हाथ से निकल गई।
टेलीविजन कॉमेंट्री में David Gower: “That’s out.”
Tony Greig: “Oh he’s dropped it, it’s unbelievable. He was throwing it up. He thought he had it. It was a little lolly-pop.”
ऐसी बातें सुनी जाती हैं कि स्टीव वॉ ने गिब्स से कहा, “You’ve just dropped the World Cup son.”
इस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 152 पर 3. स्टीव वॉ ने इसके आगे दक्षिण अफ्रीका को कोई अवसर नहीं दिया और 110 गेंदों में 120 नॉट आउट रन बनाए और 50वें ओवर में 273 का लक्ष्य प्राप्त कर लिया। इस समय किसी को अनुमान नहीं रहा होगा कि इस मैच में स्टीव वॉ का कैच छोड़ना दक्षिण अफ्रीका को कितना भारी पड़ेगा। 4 दिन बाद 17 जून को एजबेस्टन में सबको पता चल गया।
17 जून 1999, एजबेस्टन: विश्वकप सेमीफाइनल। दक्षिण अफ्रीका vs ऑस्ट्रेलिया। SuperSix में ऑस्ट्रेलिया से पराजित होने के उपरांत भी दक्षिण अफ्रीका की टीम इस सेमीफाइनल में फेवरेट थी। हैंसी क्रोनिए ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का निर्णय लिया। शॉन पॉलक ने पहले ही ओवर में मार्क वॉ को 0 पर आउट कर दिया। 17वें ओवर की समाप्ति पर जब ऑस्ट्रेलिया 68 रन पर 4 विकेट खो चुकी थी।

क्रोनिए का पहले गेंदबाजी का निर्णय एकदम सही लग रहा था। स्टीव वॉ ने एक बार फिर टीम को संभाला और माइकल बेवन के साथ 5वें विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी की। स्टीव ने 76 गेंदों में 58 और बेवन ने 101 गेंदों में 65 रन बनाकर जैसे तैसे स्कोर को 213 तक पहुँचाया।


शॉन पॉलक ने 9.2 ओवरों में 36 रन देकर 5 और ऐलन डॉनल्ड ने 10 ओवरों में 32 रन देकर 4 विकेट लिए।

SuperSix में स्टीव वॉ का कैच छोड़ने वाली त्रुटि सुधारने उतरे हर्शल गिब्स ने दक्षिण अफ्रीका को बढ़िया शुरुआत दी। उन्होंने गैरी कर्स्टन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़ लिए। अब लगने लगा था कि 4 दिन पहले Headingley में उन्होंने सिर्फ कैच ड्रॉप किया था, वर्ल्ड कप नहीं।
Shane Warne: The Magician.
3 वर्ष पूर्व 1996 में मोहाली में हो रहे विश्वकप सेमीफाइनल जब वेस्ट इंडीज़ 208 रनों का पीछा करते हुए 165 पर 2 थी, तब स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न की चमत्कारी गेंदबाजी के आगे वेस्ट इंडीज़ टीम टिक नहीं पाई। वॉर्न 4 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच रहे।
1999 विश्वकप सेमीफाइनल में भी शेन वॉर्न ने यही किया। 13वें ओवर में गेंदबाजी पर आए वॉर्न ने पहले ही ओवर में हर्शल गिब्स को बोल्ड कर दिया। लेग स्टंप की लाइन के बाहर पिच हुई इस गेंद ने गिब्स को पूरी तरह से नचाते हुए ऑफ स्टंप को हिट किया। शेन वॉर्न की गेंदों को मिलती “Drift” को देखकर यह स्पष्ट हो चला था कि यह रन चेज दक्षिण अफ्रीका के आसान नहीं होने वाली।

वॉर्न ने अगले ओवर की पहली गेंद पर स्वीप शॉट खेलते गैरी कर्स्टन को बोल्ड किया और उसी ओवर में कप्तान हैंसी क्रोनिए को पहली स्लिप में मार्क वॉ के हाथों कैच कराकर मैच की दिशा ही परिवर्तित कर दी। (हालाँकि Replay से पता लगा कि गेंद बल्ले पर लगी नहीं थी, पर अंपायर डेविड शेफर्ड के त्रुटिपूर्ण निर्णय ने दक्षिण अफ्रीका को तीसरा झटका दे दिया।) 14 गेंदों में दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 48/0 से 53/3 हो चुका था, जो थोड़ी देर बाद डैरिल कलीनन के रन आउट होने पर 61/4 हो गया।
5वें विकेट के लिए जैक कैलिस और जोंटी रोड्स ने 84 रन जोड़े। जोंटी के आउट होने के बाद कैलिस ने शॉन पॉलक के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 44 ओवर के बाद 161 तक पहुँचाया। अभी 5 विकेट शेष थे, टूर्नामेंट के हीरो लैंस क्लूजनर का आना शेष था। कैलिस और पॉलक आराम से खेल रहे थे, ऐसा लगने लगा था कि जो 1992 और 1996 में न हो सका वो 1999 में अवश्य होगा।
45वें ओवर में गेंद एक बार पुनः शेन वॉर्न के हाथों में आई। शेन वॉर्न के अबतक के आँकड़े थे– 9 ओवर, 4 मेडन, 14 और 3 विकेट। उनकी पहली ही गेंद पर पॉल राइफल में कैलिस का न सिर्फ कैच छोड़ा, बल्कि 3 रन भी दे दिए। अगली गेंद पर शॉन पॉलक ने बाहर निकलकर Long On के ऊपर से एक लम्बा छक्का लगा दिया। तीसरी गेंद पर पॉलक की इनसाइड आउट कवर ड्राइव से चार रन आए और चौथी गेंद पर सिंगल। इन चार गेंदों में शेन वॉर्न ने इतने रन दे दिए थे जितने उन्होंने अपने पिछले 9 ओवर में दिए थे। मैच की दिशा परिवर्तित करने के लिए अभी भी उनके पास दो गेंदें थीं। ओवर की 5वीं गेंद पर वॉर्न ने कैलिस को कवर में खड़े स्टीव वॉ के हाथों कैच करा दिया। अपने हिस्से के 10 ओवर पूरे करने के बाद उनके आँकड़े थे, 10-4-29-4.
The collapse: कैलिस के विकेट के अगले ओवर में ही शॉन पॉलक भी डेमियन फ्लेमिंग की गेंद पर बोल्ड हो गए। 49वें ओवर में ग्लेन मक्ग्रा ने मार्क बाउचर का मिडिल स्टम्प उखाड़ दिया।

इसी ओवर की चौथी गेंद पर क्लूज़नर को स्ट्राइक देने के प्रयास में दूसरा रन लेते स्टीव एल्वर्दी के रन आउट होने के साथ स्कोर 198 पर 9 हो गया।

The Lance Klusener Show: 9वाँ विकेट गिरने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 8 गेंदों में 16 रनों की आवश्यकता थी। नम्बर 8 पर बल्लेबाजी करने आए लैंस क्लूजनर ने इस विश्वकप में अबतक 7 पारियों में 250 रन बनाए थे। टूर्नामेंट में एक बार फिर मैच जीताने का दायित्व क्लूजनर पर था। 49वें ओवर में मक्ग्रा की पाँचवीं गेंद को क्लूज़नर ने Long On के ऊपर से सीमारेखा के बाहर भेजना चाहा। Long On पर खड़े पॉल राइफल ने न सिर्फ कैच छोड़ा बल्कि गेंद उनके हाथ से लगकर 6 रन के लिए चली गई, क्लूज़नर ने अंतिम गेंद पर सिंगल लिया और स्ट्राइक अपने पास रखी। कई लोगों ने पॉल राइफल के लिए अवश्य कहा होगा, “You’ve just dropped the World Cup son.”
अंतिम ओवर में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में पहुँचने के लिए 9 रन चाहिए थे। डेमियन फ्लेमिंग के हाथों में गेंद थी। पहली गेंद, Fleming to Klusener: “That’s a tremendous shot for four.” पूरा कॉमेंट्री बॉक्स जोश में था। क्लूज़नर की कवर ड्राइव ने बाउंड्री पर खड़े फील्डर को कोई अवसर नहीं दिया। स्कोर 209 पर 9. 5 गेंदों में 5 रनों की आवश्यकता। अगली गेंद Fleming to Klusener: “Tremendous blow again and that’s four more. What a stroke from Klusener. What can you say about it.” एक बार फिर उसी दिशा में क्लूज़नर के दूसरे चौके ने स्कोर बराबर कर दिए। क्लूज़नर जब क्रीज पर आए थे तो दक्षिण अफ्रीका को 31 गेंदों में 39 रन बनाने थे, इनमें से 31 रन लैंस क्लूज़नर मात्र 14 गेंदों में बना चुके थे।

स्कोर 213 पर 9, फाइनल में पहुँचने के लिए 4 गेंदों में 1 रन की आवश्यकता। टाई की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया फाइनल में। स्टीव वॉ ने सभी फील्डरों को सर्कल में बुला लिया।
The disappointment: तीसरी गेंद पर क्लूजनर का शॉट मिड ऑन की ओर गया, Non Striker End पर ऐलन डॉनल्ड रन आउट होने से बचे। अगली गेंद पर ऐसा न हो सका। क्लूजनर ने गेंद को सामने खेला और दौड़ पड़े। डॉनल्ड थोड़े सोच में पड़कर रुक गए, शायद उन्हें लगा कि गेंदबाज फ्लेमिंग अपने फॉलो थ्रू में ही गेंद को पकड़ लेंगे, उन्होंने वापस घूमकर अपनी क्रीज में बैट रखा। क्लूज़नर उनसे दौड़ने को कहते रहे। डॉनल्ड के दौड़ना आरम्भ करने से पूर्व ही क्लूजनर उनके पास आ चुके थे। दोनों के दोनों बल्लेबाज Non Striker End पर एक साथ। लैंस क्लूज़नर समझ चुके थे कि डॉनल्ड ये रन पूरा नहीं कर पाएंगे। क्लूजनर क्रीज में घुसने के बाद आगे बढ़ते चले गए, बिना पीछे देखे पवेलियन की ओर बढ़ने लगे। डॉनल्ड अपना बैट Non Striker End पर क्रीज में ही छोड़कर भागे। मिड ऑफ़ से दौड़कर आए मार्क वॉ का थ्रो गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग के पास आया और जिसे फ्लेमिंग ने विकेटकीपर ऐडम गिलक्रिस्ट को भेज दिया । डॉनल्ड के आधी पिच क्रॉस करते करते गिलक्रिस्ट ने स्टम्प बिखेर दिए थे। डॉनल्ड आधी पिच से ही वापस लौटने लगे। मैच टाई हो गया था। यह विश्वकप इतिहास का पहला टाई मैच था।


SuperSix में दक्षिण अफ्रीका से Head To Head मैच जीतने के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम फाइनल में पहुँच गई। दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर से फेवरेट होते हुए भी विश्वकप से बाहर हो गई। कप्तान हैंसी क्रोनिए को सब याद आ रहा होगा, Super Six में स्टीव वॉ का कैच छूटना, क्रोनिए का स्वयं डेविड शेफर्ड ने गलत निर्णय का शिकार होना और डॉनल्ड का रन आउट होना।
आज भी इस मैच “Greatest ODI of all time.” माना जाता है।
मैन ऑफ द मैच शेन वॉर्न ने अपने प्रदर्शन को तीन वर्ष पूर्व मोहाली में सेमीफाइनल के प्रदर्शन से बेहतर बताया। शेन वॉर्न ने फाइनल में फाइनल में पाकिस्तान के विरुद्ध भी 9 ओवर में 33 रन देकर 4 विकेट लिए और फाइनल में भी मैन ऑफ द मैच रहे। शेन वॉर्न इस टूर्नामेंट में 18.05 की औसत से सर्वाधिक 20 विकेट लिए।
लैंस क्लूज़नर 16 गेंद में 31 पर नॉट आउट रह गए थे। पूरे टूर्नामेंट में 122+ की स्ट्राइक रेट से 281 रन बनाने और 17 विकेट लेने के कारण उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार दिया गया।