When Faf Du Plessis stood like a rock in Australia’s way

Cricket Australia ने पिछले 20 साल में ऑस्ट्रेलिया में सर्वश्रेष्ठ 20 बल्लेबाजी प्रदर्शन की सूची निकाली है।

इन 20 को चुनने का आधार जो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बताया है वो है… बॉलिंग अटैक की गुणवत्ता, परिस्तिथियाँ, स्ट्राइक रेट, कितने समय तक बल्लेबाजी की गई, व्यक्तिगत स्कोर टीम के स्कोर का कितना प्रतिशत रहा, बल्लेबाजी करने आए तब स्थिति क्या थी… इनके साथ साथ खिलाड़ी का पूर्व रिकॉर्ड और उस समय तक का उसका अनुभव, उसके व्यक्तिगत प्रदर्शन का मैच और सीरीज पर क्या प्रभाव रहा… यह सब ध्यान में रखने के बाद ये 20 परफॉर्मेंस क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने चुनी हैं।

इसमें एडिलेड में राहुल द्रविड़ के 233, एडिलेड में ही विराट कोहली के दोनों पारियों में शतक 115 & 141, सिडनी में सचिन के 241, एडिलेड में लारा के 226, एडिलेड में चेतेश्वर पुजारा के 123, सिडनी में लक्ष्मण के 167, मेलबर्न में सेहवाग के 195, पर्थ में 414 की रन चेज में डिविलियर्स के 106, केविन पीटरसन के एडिलेड में 227, मेलबर्न में JP डुमिनी ने 166, पर्थ में हाशिम आमला के 196, ब्रिस्बेन में एलेस्टर कुक के 235, होबार्ट में संगाकारा के 192 ये सब शामिल हैं।

Number 1 पर जिस प्रदर्शन को रखा गया है, वो है 2012 एडिलेड टेस्ट में फैफ डु प्लेसी के पहली पारी में 78 और दूसरी पारी में नॉट आउट 110 रन। किस प्रकार एक अनजान सा खिलाड़ी एडिलेड की गर्मी में 120 ओवरों से अधिक समय तक ऑस्ट्रेलिया को विजय से दूर किए रहा।

नवम्बर 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 टेस्ट की सीरीज का दूसरा टेस्ट खेला जा रहा था। (ब्रिस्बेन में पहला टेस्ट ड्रॉ हो चुका था।)

ऑस्ट्रेलियन कप्तान माइकल क्लार्क ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी और ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही दिन दक्षिण अफ्रीका के स्टेन, मॉर्कल और इमरान ताहिर जैसे गेंदबाजों वाले आक्रमण का धागा खोल दिया। डेविड वॉर्नर ने मात्र 112 गेंद में 119 रन बना दिए। कप्तान माइकल क्लार्क का दोहरा शतक (230) उनका साल 2012 का चौथा और इस सीरीज का दूसरा दोहरा शतक था। इस पारी में क्लार्क का स्ट्राइक रेट 89 से भी अधिक था। माइकल क्लार्क को स्पिन के श्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता था इसका अप्रतिम उदाहरण उन्होंने इस पारी में प्रस्तुत किया। (क्लार्क की यह पारी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की इस सूची में 9वें स्थान पर है।) इमरान ताहिर को 23 ओवरों में 7.82 की औसत से 180 रन पड़े, बिना मेडेन और बिना किसी विकेट के। माइकल हसी ने भी बहती गंगा में हाथ धोया और 137 गेंद पर 103 बना दिए।

पहले दिन का खेल समाप्त होने पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 482/5, 86.5 ओवर में. ऑस्ट्रेलिया की पारी 550 पर खत्म हुई। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ग्राएम स्मिथ के 122 और डुप्लेसी के 78 के बल पर 388 रन तक पहुँची। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 268 रन बनाकर पारी घोषित की और दक्षिण अफ्रीका को चौथी पारी में 430 रनों का लक्ष्य दिया। अभी मैच में डेढ़ दिन शेष थे।

चार साल पहले दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया में ही 414 रन चेज किए थे चौथी पारी में, लेकिन इस बार ऐसा कुछ होता दिख नहीं रहा था। पहली पारी में शतक बनाने वाले कप्तान ग्राएम स्मिथ 0 पर आउट हो गए और जल्द ही स्कोर हो गया 45/4.

अब क्रीज पर थे दो दोस्त, एब्राहम बेंजामिन डिविलियर्स और फैफ डुप्लेसी. मैच जीतने की कोई संभावना नहीं थी, इसलिए दोनों ने मैच ड्रॉ करने के लिए खेलना शुरु किया। चौथे दिन का खेल खत्म होने पर स्कोर था 77/4, 50 ओवर में। AB 12 और फैफ 19 पर खेल रहे थे। पाँचवे दिन हर कोई यह मानकर चल रहा था कि दक्षिण अफ्रीका मैच बचा नहीं सकती।

5वें दिन लंच तक का समय दोनों ने सुरक्षित निकाल दिया। इस दौरान अंपायर बिली बाउडेन ने माइकल क्लार्क की गेंद दो बार पर फैफ को LBW करार दिया पर फैफ ने DRS लिया और बच गए। पहली बार गेंद स्टम्प के बाहर पिच हुई थी और दूसरी बार तो पैड पर लगी ही नहीं थी। स्कोर था 85 ओवर में 126/4. फैफ 49 और AB 31.

Aussie कप्तान माइकल क्लार्क ने दूसरी नई गेंद 80 ओवर पूरे होते ही ले ली थी। उन्हें विकेट के लिए बहुत देर प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। 89वें ओवर में पीटर सिडल की एक गेंद पर AB के स्टम्प बिखेर गई। AB ने अपने 33 रनों के लिए 220 गेंदे खेली थीं। उनके जैसे आक्रामक बल्लेबाज द्वारा अपने स्टाइल के विपरीत खेलना टीम की आवश्यकता थी।

अब क्रीज पर आए जैक कैलिस.

फैफ ने 181 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए। दक्षिण अफ्रीका ने 200 रन 115वें ओवर में पूरे हुए। फैफ और कैलिस ने चायकाल तक का समय निकाल दिया। चायकाल के समय फैफ 94 पर थे और कैलिस 38 पर और स्कोर था 117 ओवर में 212/5. 94 पर ही उन्हें जीवनदान भी मिला जब तेज गेंदबाज बेन हिल्फ़ेनहाउस की गेंद पर विकेटकीपर मैथ्यू वेड ने फैफ का कैच छोड़ दिया। चाय के बाद फैफ ने 310 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। 129वें ओवर में जैक कैलिस 110 गेंद में 46 रन बनाकर आउट हो गए। अभी भी लगभग 20 ओवर का खेल शेष था और एकमात्र विशेषज्ञ बल्लेबाज फैफ शेष थे। डेल स्टेन ने 0 पर आउट होने से पहले 28 गेंदे खेली और लगभग 10 ओवर तक फैफ के साथ खड़े रहे। अभी भी दस ओवर का खेल बाकी था और मात्र 3 विकेट शेष थे। 8वाँ विकेट 144 वें ओवर में गिरा। साउथ अफ्रीकन ड्रेसिंग रूम की चिंताएँ चरम पर थीं, राहत की बात सिर्फ इतनी थी कि फैफ डुप्लेसी अभी भी क्रीज पर थे।

पारी का 148वाँ ओवर पीटर सिडल फेंक रहे थे। यह इस मैच का आखिरी ओवर था, मॉर्ने मॉर्कल ने इस ओवर की आखिरी गेंद को रोक लिया। फैफ 110 रन पर नॉट आउट थे, इसके लिए उन्होंने 376 गेंदों का सामना किया था। 21वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए फैफ 148वें ओवर के अंत तक भी ऑस्ट्रेलिया और विजय के बीच एक पर्वत की तरह स्थित रहे। दक्षिण अफ्रीका की पारी के कुल ओवरों के 42% फैफ ने खेले थे। अपने डेब्यु टेस्ट में ऐसा प्रदर्शन वो भी ऑस्ट्रेलिया में, ये बहुत बड़ी बात थी।

इस मैच के बाद पीटर सिडल की एक फोटो जिसमें वो मैदान में सिर पकड़े बैठे हुए हैं, वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी वेबसाइट पर डाली है। सिडल ने इस पारी में 33 ओवर किए थे, 15 मेडेन और 65 रन देकर 4 विकेट। सिडल और अपने बीच संघर्ष का वर्णन करते हुए फैफ कहते हैं कि ये हाई स्कूल बार में चल रही लड़ाई की तरह था।

दक्षिण अफ्रीका ने पर्थ में तीसरा टेस्ट जीतकर सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। पर्थ टेस्ट में हाशिम आमला की 196 रनों की पारी भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की इस सूची में है पर एडिलेड में फैफ डूप्लेसी के योगदान के बिना यह सीरीज विजय असंभव थी।

यही कारण है कि फैफ की यह पारी इस सूची में Number 1 पर है।

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started