Rafael Nadal- The greatest competitor Tennis has ever seen.

टोनी नडाल ने अपने प्रिय भतीजे और शिष्य राफ़ा को बचपन से ही बताया था कि विम्बलडन टेनिस जगत का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और राफ़ा को यह जीतना ही है। 14 साल की उम्र से ही राफ़ा ने अपने दोस्तों से कहना शुरु कर दिया था कि एक दिन वह सेंटर कोर्ट पर खेलेगा और विम्बलडन जीतेगा।

2005 में राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन जीता। 2006 में वर्ल्ड नम्बर 1 रॉजर फेडरर को फ्रेंच ओपन फाइनल में हराकर करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम जीत लिया। महीने भर बाद वह सेंटर कोर्ट पर रॉजर फेडरर के सामने ही विम्बलडन फाइनल खेल रहे थे। विम्बलडन की घास पर रॉजर फेडरर का गेम फ्रेंच ओपन की लाल मिट्टी से बिल्कुल अलग था। उन्होंने नडाल को चार सेटों में हराकर अपना लगातार चौथा विम्बलडन जीत लिया। नडाल ने अपनी किताब “RAFA” में लिखा है कि इस हार का उन्हें को अधिक दुःख नहीं था। वे इस बात से संतुष्ट थे कि 20 वर्ष की उम्र में ही वे विम्बलडन में इतनी दूर तक पहुँचे थे। लेकिन 2007 में इसी सेंटर कोर्ट पर रॉजर फेडरर से पाँच सेटों में मिली पराजय ने उन्हें तोड़ दिया था। वे आधे घण्टे तक लॉकर रूम में रोते रहे।

“RAFA” में उन्होंने लिखा है कि इस मैच में पराजय का कारण उनकी क्षमता या उनके खेल की गुणवत्ता नहीं बल्कि उनका मस्तिष्क था। 5वें सेट में 5-2 के बाद 4 ब्रेक पॉइंट्स को न भुना पाना बहुत महँगा पड़ा। पाँचवें सेट में उनकी मानसिकता वही थी पहले सेट में होती है। नडाल ने यह माना कि यदि उन्होंने अंतिम सेट को पहले सेट की भाँति न खेलकर अंतिम सेट की भाँति खेला होता तो वे जीत सकते थे।

राफ़ा ने लिखा है उन्हें पता था कि एक प्रोफेशनल ऐथलीट का करियर कितना कम हो सकता है अतः वे एक स्वर्णिम अवसर गँवाकर बहुत दुःखी थे।

2006 और 2007 की तरह 2008 में भी राफ़ा ने फ्रेंच ओपन जीता और विम्बलडन फाइनल में पहुँचे। ये लगातार तीसरा वर्ष था जब रॉजर फेडरर और राफेल नडाल फ्रेंच ओपन और विम्बलडन के फाइनल में भिड़ रहे थे। पिछले दो फाइनल मैचों में रॉजर फेडरर फेवरेट माने गए थे। राफ़ा ने लिखा है, “This year I still felt I wasn’t the favorite. But there was a difference. I didn’t think that Federer was the favorite to win either.” राफ़ा ने अपनी आशाएँ 50-50 रखीं।

राफ़ा के अनुसार टेनिस अन्य खेलों की तुलना में मानसिक मजबूती की अधिक परीक्षा लेता है। जो खिलाड़ी मैच के दौरान होने वाले उतार चढ़ाव के बीच स्वयं को प्रेरित रखता है और पराजय के भय को स्वयं पर हावी नहीं होने देता, वह वर्ल्ड नम्बर 1 बनता है। पिछले तीन वर्षों से लगातार रैंकिंग में दूसरे स्थान पर चल रहे राफ़ा ने अपना लक्ष्य यही रखा था।

राफ़ा लिखते हैं कि उन्हें ये विचार आया करते थे कि वे कितने समय तक टेनिस के उच्चतम स्तर पर कम्पीट कर सकते हैं। यह भय सभी खिलाड़ियों को होता है, सिवाए रॉजर फेडरर के। रॉजर पैदा ही टेनिस खेलने के लिए हुए थे। उनकी शारीरिक रूप रेखा, उनका DNA ये सब टेनिस के लिए बना था। इस कारण उन्हें अन्य खिलाड़ियों की भाँति बड़ी इंजरी नहीं हुई। अन्य खेलों में भी इस प्रकार के खिलाड़ी होते हैं, जिनपर इंजरी के मामलों में दैव-कृपा अन्य से कुछ अधिक ही होती है। हालाँकि बड़ी इंजरी न होने के पीछे रॉजर फेडरर के खेलने का स्टाइल भी एक बड़ा कारण था और उनकी ट्रेनिंग भी।

अंकल टोनी ने राफ़ा को समझा दिया था कि प्रेशर आए भी तब भी गेम प्लान से हटना नहीं है। यदि लगातार 20 शॉट रॉजर के बैकहैंड पर खेलने हैं तो 20 ही खेलने हैं, 19 नहीं। कई बार ऐसा होगा जब एक विनिंग ड्राइव के 70% चांस होंगे, रैली में 5 शॉट और खेलने के बाद ये चांस 85% भी हो सकता है। अतः शीघ्रता नहीं करनी, दिमाग को स्थिर रखना है और उचित अवसर की प्रतीक्षा करनी है। “It means discipline, it means holding back when the temptation arises to go for broke.”

अगर नेट के पास जाएँ तो भूलकर भी रॉजर को ड्राइव करने के अवसर न दें जो उनका फेवरेट शॉट है। आप वो शॉट खेलें जिसे आप सबसे बढ़िया खेलते हैं और अपने प्रतिद्वंद्वी को वो शॉट खेलने पर विवश करें जो उसका सबसे कमजोर शॉट है। अर्थात राफ़ा की लेफ्ट हैंडेड ड्राइव रॉजर के राइट हैंडेड बैकहैंड की ओर। अंकल टोनी ने राफ़ा से कहा था कि टैलेंट के मामले में रॉजर फेडरर की बराबरी नहीं की जा सकती अतः उन्हें थकाना होगा। राफ़ा ने माना कि अंकल टोनी सही थे, रॉजर की Serve और Volley दोनों बेहतर थी, उनका फोरहैंड ज्यादा निर्णायक था, उनका बैकहैंड स्लाइस भी बेहतर था। किसी कारण से ही वो पिछले साढ़े चार साल से नम्बर एक थे और नडाल पिछले तीन साल से नम्बर दो।

अंकल टोनी के अनुसार एक ही उपाय था, वो यह कि फेडरर को मानसिक रूप से हराना होगा। एक एक पॉइंट के लिए उन्हें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर विवश करना होगा। मैच में कई ऐसे अवसर आ सकते हैं जब रॉजर ऐसी लय में दिखेंगे कि लगेगा इस खिलाड़ी को कैसे पराजित किया जा सकता है। ऐसे में धैर्य नहीं खोना और विश्वास रखना है कि वे ऐसी लय पूरे मैच में कायम नहीं रख सकेंगे। समस्या यह थी कि थोड़ी देर में ही रॉजर ने दिखाना आरम्भ कर दिया कि क्यों वे विश्व के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी हैं। पहले सेट का तीसरा गेम जीतकर नडाल ने रॉजर की Serve ब्रेक कर दी। अभीतक इस पूरे टूर्नामेंट में रॉजर की Serve सिर्फ दो बार ब्रेक हुई थी। यह तीसरा अवसर था। नडाल ने इसके बाद अपनी सभी Serve होल्ड की और पहला सेट 6-4 से जीत लिया।

दूसरे सेट के पहले ही गेम में रॉजर ने नडाल की Serve ब्रेक कर दी और जल्दी ही डबल ब्रेक करके 4-1 की लीड ले ली। नडाल ने लिखा है कि जब रॉजर फेडरर इस प्रकार का खेल दिखा रहे होते हैं तो आप एक ही काम कर सकते हैं, इस तूफान के शान्त होने का इंतज़ार। बिना हिम्मत गँवाए यह विश्वास रखना होगा कि रॉजर इस तरह का खेल पूरे मैच में नहीं दिखा सकते। हुआ भी यही, यह तूफान थमा और इसके लिए पूरी तरह से तैयार राफ़ा ने शीघ्र ही 4-4 से बराबरी कर ली। अब इस सेट में भी राफ़ा का पलड़ा भारी होने लगा था। 5-4 की लीड के बाद राफ़ा इस सेट के लिए Serve कर रहे थे। यह गेम दो बार Deuce (40-40) तक गया। तीन ब्रेक पॉइंट गँवाने के बाद रॉजर का एक बैकहैंड नेट में जा लगा और नडाल ने दूसरा सेट भी 6-4 से जीत लिया। अब वे अपने जीवन का सबसे बड़ा मैच जीतने से मात्र एक सेट दूर थे पर ये इतना आसान भी नहीं था। नडाल के अनुसार दूसरे सेट में 6-4 का स्कोर इस सेट में फेडरर के प्रदर्शन से न्याय नहीं कर रहा था, फेडरर ने इस सेट में अपने प्रतिद्वंद्वी से बेहतर खेल दिखाया था।

राफ़ा ने लिखा है, “The scoreboard said I was two sets to love up; but in my mind it was still 0–0.” राफ़ा का यह विचार गलत नहीं था। रॉजर फेडरर ने शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों सेट 7-6, 7-6 से टाई ब्रेकर में जीते।

“RAFA” में नडाल के साथी लेखक John Carlin बताते हैं कि जब RAFA मैच से पहले मसाज टेबल से उठता है फिर फिजियो से आवश्यक बैंडेज लगवाने के बाद माथे पर Bandanna बाँधता है और स्ट्रेचिंग के बाद मानो सिंहनाद कर रहा हो, ‘Vamos! Vamos!’ [‘Let’s go! Let’s go!’]. इस समय वह योद्धा की भाँति शोभायमान होता है। लॉकर रूम में यह दृश्य देखकर उसके प्रतिद्वंद्वी भयभीत हो सकते हैं और सोच में पड़ सकते हैं, “Oh, my God! This is Nadal, who fights for every point as if it were his last. Today I’m going to have to be at the very top of my game, I’m going to have to have the day of my life. And not to win, just to have a chance.” John Carlin आगे लिखते हैं, रॉजर फेडरर पर इन बातों का कोई प्रभाव नहीं था, निश्चित ही वह पत्थर के बने हैं।

चौथे सेट के टाईब्रेकर में सेंटर कोर्ट का क्राउड दो हिस्सों में बँट गया था, आधे लोग “Roger Roger” और आधे ही “Rafa Rafa” चिल्ला रहे थे। इस टाई ब्रेकर में नडाल ने 5-2 की बढ़त ले ली थी। वे विम्बलडन चैंपियन बनने से मात्र 2 पॉइंट दूर थे, पर जैसा 2007 वाले फाइनल में हुआ था, बात वही हुई, नडाल Nerves को नियंत्रित रखने का संघर्ष कर रहे थे। अगले दो शॉट्स कहाँ खेलने हैं इन विचारों ने उन्हें परेशान कर रखा था। नडाल ने लिखा है कि उन्हें इतना सोचना ही नहीं चाहिए था। जैसे ही उन्होंने Serve के लिए गेंद उछाली, उनके दिमाग में “Double fault Danger, don’t blow it” कौंध रहा था, हुआ भी Double Fault ही, उनकी 2nd Serve नेट में जा लगी।

“Fear of losing” के बारे में तो नडाल को पहले से पता था। आज पहली बार उन्हें पता चल रहा था कि “Fear of winning” क्या चीज़ है। Fear of Winning के बारे में नडाल ने कहा है कि यह वो स्थिति है जब आपको पता होता है कि आपको कौन सा शॉट खेलना है, पर आपका दिमाग और पैर साथ नहीं देते। Nerves उनपर हावी थी। यह Fear of losing नहीं था, क्योंकि मैच में एक बार भी नडाल को ऐसा नहीं लगा था कि वे यह मैच नहीं जीत सकते।

अब यह टाईब्रेकर 5-5 ही चुका था। राफ़ा सोच रहे थे भले ही उन्होंने कई अवसर गँवा दिए हैं इस मैच को जीतने के लेकिन अभी भी दो लगातार पॉइंट उन्हें विम्बल्डन चैम्पियन बना सकते हैं। Fear Of Winning उनके दिमाग से निकल चुका था। अब वो ऐसी स्थिति में थे, जिसकी उन्हें पहले से आदत थी, “Battling for the set.” स्कोर 7-7 फिर 8-7. राफेल नडाल के पास मैच पॉइंट था वो भी अपनी Serve पर, तभी आया रॉजर का एक जोरदार बैकहैंड और स्कोर 8-8. इससे अगला पॉइंट जीतकर फेडरर ने इस टाईब्रेकर में 9-8 की बढ़त ले ली थी। जो रॉजर फेडरर पहले दो सेट हार चुके थे, वो अब लगातार दो सेट जीतकर यह मैच बराबर करने से मात्र एक पॉइंट दूर थे। फेडरर की Serve को नडाल ठीक बसे रिटर्न नहीं कर पाए और 10-8 से यह टाईब्रेकर जीतकर रॉजर फेडरर ने मैच बराबर कर दिया। इस बात से दर्शक बड़े प्रसन्न थे। कोई नहीं चाहता था कि ये मैच खत्म हो। सभी पाँचवाँ सेट देखना चाहते थे।

पाँचवाँ सेट- राफेल नडाल ने चौथे सेट में विम्बलडन चैंपियन बनने का अवसर गँवा दिया था और उनके लिए इससे भी चिंता की बात यह थी कि रॉजर फेडरर पाँचवें और निर्णायक सेट में पहले Serve कर रहे थे। नडाल को बताया गया था कि सेट के पहले ही गेम में प्रतिद्वंद्वी की Serve ब्रेक करने से अधिक अगले गेम में अपनी Serve होल्ड करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अपनी Serve होल्ड न की तो अगले गेम में सेट का स्कोर 0-3 हो सकता है और यहाँ से सेट बचा पाना बहुत कठिन हो जाता है। इस मैच के पिछले 25 गेम में दोनों में से किसी खिलाड़ी ने अपनी Serve होल्ड की थी। इस सेट के पहले 6 गेम में भी यही हुआ, सेट का स्कोर था 3-3. सातवाँ गेम जीतकर रॉजर ने 4-3 की बढ़त ले ली। पाँचवें सेट में टाई ब्रेकर नहीं होते थे, अतः चैंपियन बनने के लिए प्रतिद्वंद्वी की Serve ब्रेक करनी तो अनिवार्य थी।

जब नडाल ने मैच के पहले दो सेट जीत लिए थे तो बहुत कम लोगों ने यह सोचा होगा कि मैच इस मोड़ तक आएगा। रॉजर फेडरर यदि यहाँ नडाल की Serve ब्रेक कर देते तो अगले गेम में इस सेट और विम्बलडन चैंपियनशिप के लिए Serve करते। आठवें गेम में रॉजर 40-30 से आगे थे और उनके पास एक ब्रेक पॉइंट था। नडाल ने कहा है कि इस ब्रेक पॉइंट को बचाने के लिए उन्होंने अपना सारा अनुभव और सामर्थ्य झोंक दिया और यह पॉइंट बचा लिया। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि इस समय उनके मन में विचार आया, “Concentrate every gram of energy and every cell in your brain and everything you’ve ever done in your life into holding this next point.”

10 गेम के बाद सेट का स्कोर 5-5 होने के बाद 11वें गेम में फेडरर Serve कर रहे थे और 15-40 से आगे थे। दो ब्रेक पॉइंट थे, लेकिन फेडरर की एक Ace और उसके बाद एक और काफी ताकतवर Serve. फेडरर ने ये गेम भी होल्ड किया। तीसरे सेट में 40-0 के बाद ब्रेक न कर पाना, चौथे में टाईब्रेकर में 5-2 की लीड के बाद सेट गँवा देना और अब पाँचवें सेट में दो ब्रेक पॉइंट गँवा देना। नडाल के लिए इस मैच की कहानी गँवाए हुए अवसरों की थी।

थोड़ी देर बाद पाँचवें सेट का स्कोर था 7-7. 15वें गेम में रॉजर serve कर रहे थे। 15-40 के बाद नडाल को फिर से दो ब्रेक पॉइंट मिले, फिर वही हुआ जो 11वें गेम में हुआ था। रॉजर फेडरर की एक Ace और इसके बाद एक ताकतवर Serve. फिर से Deuce (40-40) लेकिन तभी रॉजर फेडरर ने अपनी फोरहैंड पर लगातार दो Unforced Errors किए जिसके परिणामस्वरूप नडाल ने यह गेम जीत लिया और घंटों बाद रॉजर फेडरर की Serve ब्रेक हो गई।

पाँचवें सेट में 15वें गेम के बाद पहली बार राफेल नडाल विम्बलडन चैंपियनशिप के लिए Serve कर रहे थे। रॉजर फेडरर को हराने से पहले नडाल को स्वयं को हराना था।

40-30 से लीड करने के बाद राफेल नडाल के पास इस मैच का तीसरा मैच पॉइंट था। नडाल ने लिखा हैं, नडाल ने रॉजर के बैकहैंड की ओर एक तेज Serve की, जिसपर फेडरर की रिटर्न इतनी जोरदार थी कि नडाल उसे स्पर्श तक न कर सके। फिर से Deuce (40-40)। नडाल ने लिखा है, “This was Roger Federer, the greatest player of all time, and this was why, even now, no thought of victory, no suggestion of complacency, was allowed.”

राफेल नडाल को मैच का अबतक का सबसे बढ़िया आइडिया आया। अभीतक उनका प्रयास रॉजर के बैकहैंड की ओर Serve करने का रहा था। इस बार उन्होंने रॉजर के फोरहैंड की ओर एक बेहद तेज Serve की, फेडरर पूरा प्रयास करने के बाद भी उसे केवल रैकेट के बाहरी हिस्से से स्पर्श कर पाए। मैच का चौथा मैच पॉइंट राफेल नडाल के पास था। नडाल Serve करने में थोड़ा झिझके, कुछ मिनट पहले उनकी Serve पर रॉजर का बैकहैंड विनर उन्हें याद था। इस बार उन्होंने रॉजर के शरीर को टारगेट किया और Serve की। निशाना सही नहीं था और गेंद रॉजर के फोरहैंड की ओर थी, पर उनकी रिटर्न सही नहीं थी, उसमें ताकत नहीं थी। नडाल को आसान मौका मिला पर उनका शॉट भी अच्छा नहीं लगा। गेंद कोर्ट के बीच में गिरी। रॉजर आगे बढ़े पर उनका शॉट सीधा नेट के बीच में जा लगा।

नेट के उस पार राफेल नडाल सेंटर कोर्ट की घास पर लेट गए, दोनों मुट्ठियाँ बंदकर, दोनों भुजाएँ उठाकर उन्होंने विजय का उद्घोष किया। Fear of losing, Fear of Winning, Frustration, निराशा, मैच के बाद लॉकर रूम के शावर में फूट फूटकर रोने का भय, इन सब पर राफ़ा ने विजय प्राप्त कर ली थी। मैच का फाइनल स्कोर था 6-4, 6-4, 6-7, 6-7, 9-7. टोनी नडाल का सपना पूरा हो चुका था, उनका भतीजा और शिष्य आज विम्बलडन चैंपियन था और रैंकिंग में नम्बर 1 का स्थान रॉजर फेडरर से लेने वाला था।

राफेल नडाल ने अपने करियर में अबतक 19 ग्रैंड स्लैम, एक ओलंपिक स्वर्ण पदक (2008 बीजिंग) और 35 Masters 1000 टूर्नामेंट जीते हैं। 12 बार उन्होंने फ्रेंच ओपन जीता, ये रिकॉर्ड शायद ही कभी टूटे। जिन लोगों को लगता है कि नडाल केवल क्ले कोर्ट के खिलाड़ी हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने 7 ग्रैंड स्लैम दूसरे कोर्ट्स पर भी जीते हैं, John McEnroe जैसे महान खिलाड़ी ने 7 ग्रैंड स्लैम अपने पूरे करियर में जीते थे।

यह टेनिस का Warrior है। अनेकों इंजरी के बाद वापसी करना और उसके बाद भी टेनिस जैसे स्पोर्ट में (जिसमें फिजिकल फिटनेस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है) टूर्नामेंट पर टूर्नामेंट जीतना सबके बस की बात नहीं होती।

Rafael Nadal को जन्मदिन की शुभकामनाएँ।

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started