When Viv Richards destroyed English hopes with the G.O.A.T ODI knock.

31st May 1984.

वेस्ट इंडीज़ के इंग्लैंड दौरे का पहला वन डे Old Trafford, Manchester में खेला जा रहा था। अच्छी विकेट पर टॉस जीतकर क्लाइव लॉयड ने बैटिंग चुनी। उनके दोनों ओपनर गॉर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स बॉब विलिस का सामना करने के लिए मैदान में आ चुके थे। थोड़ी देर के बाद ही लॉयड का निर्णय गलत सा लगने लगा था, ऐसा भी नहीं था कि पिच अचानक से गेंदबाजी के लिए बेहतर हो गई थी।

गॉर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स दोनों 11 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। नम्बर 3 पर आए युवा बल्लेबाज रिची रिचर्डसन सिर्फ 6 रन बनाकर बॉब विलिस को रिटर्न कैच थमा बैठे, उनके बाद आए लैरी गोम्स मात्र 4 रन बना सके और जब कप्तान क्लाइव लॉयड 8 रन बनाकर आउट हुए तो वेस्ट इंडीज़ का स्कोर मात्र 89 रन था 5 विकेट पर। विकेटकीपर बल्लेबाज जेफरी डूजॉन खाता भी नहीं खोल सके। ऑलराउंडर ऐल्डाइन बैप्टिस्ट जब क्रीज पर आए तो स्कोर था 102 पर 7. इन सात में से किसी बल्लेबाज ने दहाई का आँकड़ा भी नहीं छुआ था। वेस्ट इंडीज़ के विरुद्ध सीरीज में इंग्लैंड के दर्शक इससे बढ़िया आरम्भ की आशा नहीं कर सकते थे।

वेस्ट इंडीज़ के लिए आशा की एकमात्र किरण थी। नम्बर 4 पर आए विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज Isaac Vivian Alexander Richards अभी भी क्रीज पर थे। वे 65 रन बना चुके थे और किसी भी परिस्थिति में अकेले ही मैच की दिशा बदलने की क्षमता रखते थे।

विव ने एल्डाइन बैप्टिस्ट के साथ आठवें विकेट के लिए 59 रन जोड़कर स्कोर को 150 के पार पहुँचाया। बैप्टिस्ट 26 रन बनाकर इयन बॉथम की गेंद पर आउट हो गए। उनके बाद आए जोएल गार्नर भी मात्र 3 रन बना कर लौट गए। स्कोर था 166 पर 9, विव का स्कोर 90 से ऊपर था पर उनका साथ देने के लिए केवल नम्बर 11 माइकल होल्डिंग रह गए थे जबकि पारी में अभी 14 ओवर शेष थे।

इयन बॉथम की गेंद पर मिडविकेट पर चौका लगाकर विव ने 112 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, अब चुनौती थी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक ले जाने की। विव ने हर एक ओवर में 4-5 गेंदे खेलनी शुरू कर दीं और होल्डिंग को आख़िरी 1-2 गेंद रोकने के लिए कहा।

The Guardian ने लिखा है कि विव अपने Duncan Fearnley Magnum बल्ले का प्रयोग तलवार की भाँति कर रहे थे। विव रिचर्ड्स ऐसी लय में थे कि इस समय उन्हें कोई नहीं रोक सकता था। इयन बॉथम की गेंद को फ्लिक के सहारे स्क्वेयर लेग बाउंड्री के पार करने के बाद विव ने तेज गेंदबाज नील फोस्टर का नम्बर का लगाया। लेग साइड की बाउंड्री पूरी तरह से पैक कर दी गई थी, लेकिन विव एक असाधारण स्ट्रोक प्लेयर थे, विव ने तीनों स्टंप खुली छोड़कर रूम बनाया और गेंद को Long Off बाउंड्री के पार कर दिया। थोड़ी देर बाद तेज गेंदबाज डेरेक प्रिंगल की ओवरपिच गेंद Long On बाउंड्री के बाहर 6 रन के लिए पहुँचा दी गई। 49वें ओवर में प्रिंगल की गेंद पर ही Long Off के ऊपर से छक्का लगाकर विव ने अपने 150 रन पूरे किए। इंग्लैंड के सबसे तेज गेंदबाज बॉब विलिस ने सबसे बढ़िया गेंदबाजी की पर उन्हें भी कवर के ऊपर से छक्का पड़ा।

विव और माइकल होल्डिंग के बीच आखिरी विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। होल्डिंग ने एक इंटरव्यू में कहा, हर ओवर के बाद दोनों पिच के बीच में आकर सलाह करते थे, उनकी बातें क्रिकेट के अलावा अन्य विषयों पर भी होती थीं। “He just kept me calm and he blasted the ball all over the park.”

55वें ओवर (ये मैच 55 ओवर का था) की आखिरी गेंद पर स्ट्रेट बाउंड्री पर चौके के साथ होल्डिंग और विव के बीच 106 रनों की साझेदारी हो चुकी थी, मात्र 84 गेंदों में। इसमें से 93 अकेले विव रिचर्ड्स के थे 57 गेंदों पर। माइकल होल्डिंग ने भी इस साझेदारी में 12 रन बनाए 27 गेंदों पर। उनके रनों से अधिक महत्वपूर्ण बात यह रही कि वो अंत तक विव के साथ खड़े रहे।

विव ने 170 गेंदों पर कुल 189 रन (नॉट आउट) बनाए, इस पारी में 21 चौके और 5 छक्के लगे। अंतिम 58 गेंदों पर विव ने 86 रन बनाए (9 चौके और 5 छक्के). यह बात T20 युग से तीन दशक पहले की है। विव का यह स्कोर 13 वर्ष तक वन डे क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा।

वेस्ट इंडीज़ का फाइनल स्कोर था 272/9. इसमें से 69.48% रन अकेले विव के थे, जो आज भी विश्व कीर्तिमान है। इंग्लैंड की टीम 50 ओवरों में मात्र 168 पर ऑल आउट गई हो गई और वेस्ट इंडीज़ ने ये मैच 104 रनों से जीत लिया, महत्वपूर्ण बात यह है कि वेस्ट इंडीज़ की आखिरी विकेट की साझेदारी ने 106 रन जोड़े थे।

Wisden ने फरवरी 2002 में वन डे क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ पारियों की सूची निकाली थी, उसमें Sir Vivian Richards की यह पारी नम्बर 1 पर थी। आज भी इसे वन डे इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारी माना जाता है।

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