Novak Djokovic- The man’s journey and rivals.

US ओपन 2007 के फाइनल में वर्ल्ड नम्बर 1 रॉजर फेडरर के सामने था एक 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी जो रैंकिंग में नम्बर 3 पर था। मैच का परिणाम वही हुआ जिसकी सबको आशा थी। रॉजर ने ये मैच सीधे सेटों में जीता।

जनवरी 2008 में इसी खिलाड़ी ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन सेमीफाइनल में वर्ल्ड नम्बर 1 रॉजर फेडरर को सीधे सेटों में (7-6, 6-3, 7-6) हरा दिया, इसके बाद फाइनल में फ्रांस के जो-विल्फ्रेड सोंगा को पराजित किया। यह नोवाक जोकोविच के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम टाइटल था, लेकिन अगले तीन साल तक नोवाक को ऐसी कोई सफलता नहीं मिली।

सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुँचना और वहाँ हार जाना, 2010 तक यही चलता रहा। 2010 US ओपन फाइनल में नडाल के हाथों मिली हार के बाद अखबारों में आर्टिकल आने आरम्भ हो गए थे कि क्या नोवाक का करियर भी पूर्व वर्ल्ड नम्बर 1 मरात साफ़िन की राह पर है जिन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप सफलता नहीं मिली।

2011 वो वर्ष था जिसमें इस प्रकार की सभी आशंकाओं पर विराम लग गया। मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में Andy Murray को हराकर नोवाक ने करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम जीता और इसके बाद उन्हें कोई रोक नहीं पाया।

रॉजर फेडरर की Peak खत्म हो चुकी थी। हालाँकि वो अभी भी एक बेहतरीन टेनिस खिलाड़ी थे लेकिन अब वो खिलाड़ी नहीं रहे थे जो 2004 से 2008 के बीच लगातार 237 हफ्तों तक वर्ल्ड नम्बर 1 रैंकिंग पर रहा।

यहाँ से आरंभ हुई इस दशक की और टेनिस इतिहास की सर्वश्रेष्ठ राइवलरी। राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच। ये दोनों खिलाड़ी एक ही उम्र के थे, नडाल की Peak चल रही थी और नोवाक अपनी Peak पर आ रहे थे। 2010 में राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन, विम्बलडन और US ओपन तीनों जीत लिए थे। 2011 में जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन, विम्बलडन और US ओपन के रूप में तीन ग्रैंड स्लैम जीत लिए।

राफेल नडाल ने 2011 के फ्रेंच ओपन फाइनल में लाल मिट्टी पर अपनी पुरानी आदत कायम रखते हुए रॉजर फेडरर को हराया। इसके बाद अगले 4 ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जोकोविच और नडाल ही आमने सामने रहे। फ्रेंच ओपन 2011 के बाद तीन ग्रैंड स्लैम जोकोविच ने लगातार जीते। विम्बलडन 2011, US ओपन 2011 और ऑस्ट्रेलियन ओपन 2012. विम्बलडन 2011 के फाइनल में वर्ल्ड नम्बर 1 राफेल नडाल पर विजय प्राप्त करने के साथ ही जोकोविच ने करियर में पहली बार ATP रैंकिंग में नम्बई 1 स्थान पाया। 2011 में नडाल और जोकोविच 6 फाइनल्स में भिड़े और प्रत्येक मुकाबला नोवाक जोकोविच ने जीता।

2011 US ओपन सेमीफाइनल में 5वें सेट में नोवाक जोकोविच 5-3 से पीछे थे, रॉजर फेडरर के पास 2 मैच पॉइंट थे। रॉजर को सिर्फ एक शॉट की आवश्यकता थी। यहाँ से नोवाक ने वापसी की और यह सेट 7-5 से जीत लिया। नोवाक एक ही ग्रैंड स्लैम में रॉजर फेडरर और राफेल नडाल दोनों को हराने वाले गिने चुने खिलाड़ियों में हैं।

2012 की शुरुआत भी नोवाक के लिए 2011 जैसी ही थी। 6 घण्टों तक चले ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में उन्होंने राफेल नडाल को 5 सेटों में हराया। ये ऐसा मैच था जिसमें थोड़ी थोड़ी देर पर लीड एक्सचेंज होती रही। एक समय नडाल ने 5वें सेट के 6ठे गेम में नोवाक की सर्विस ब्रेक करके 4-2 की बढ़त बना ली थी, इस 5वें सेट के 7वें गेम में राफ़ा अपनी Serve पर 30-15 से आगे थे। उन्हें केवल अपनी Serve होल्ड करनी थी यह मैच जीतने के लिए। नोवाक जोकोविच के अतिरिक्त कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं था जो राफ़ा के सामने यहाँ से वापसी कर सके, एक बार मैच पकड़ में आ जाने के बाद राफेल नडाल आपको वापसी के अवसर नहीं देते, पर नोवाक ने वापसी की। 5-5 होने के बाद नोवाक ने नडाल की Serve ब्रेक की और इसके बाद कोई अवसर नहीं दिया। ये टूर्नामेंट फाइनल्स में नोवाक की नडाल पर लगातार 7वीं विजय थी।

2012 के फ्रेंच ओपन फाइनल में नडाल ने पराजयों का क्रम तोड़ा और नोवाक को 4 सेटों में पराजित किया। पेरिस में नडाल के दबदबे का अनुमान इस बात से लगा सकते हैं कि 2006 से लेकर 2019 तक उन्होंने 12 बार यह ग्रैंड स्लैम जीता और यहाँ सिर्फ 2 मैच हारे हैं।

यह नोवाक के करियर का पहला फ्रेंच ओपन फाइनल था और एकमात्र यही ग्रैंड स्लैम ऐसा था जो नोवाक ने नहीं जीता था। इसे जीतने के लिए अभी उन्हें प्रतीक्षा करनी थी।

2012 फ्रेंच ओपन से लेकर 2014 फ्रेंच ओपन तक जोकोविच 7 बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुँचे और सिर्फ 2 बार विजयी हुए। 2012 US ओपन में Andy Murray ने नोवाक को हराकर करियर का पहला ग्रैंड स्लैम जीता। 4 महीने बाद ही 2013 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में जोकोविच ने Andy को हराकर हिसाब बराबर करते हुए करियर का 6ठा ग्रैंड स्लैम जीत लिया। इसी साल विम्बलडन फाइनल में Andy Murray ने नोवाक को एक बार फिर से हराया और अपना दूसरा ग्रैंड स्लैम जीता।

2013 फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में नडाल और जोकोविच ने एक थ्रिलर मैच खेला, साढ़े चार घण्टे से अधिक चले इस मैच में नडाल पाँचवें सेट में 9-7 से जीते। 2013 US ओपन और 2014 फ्रेंच ओपन फाइनल में नोवाक को हराकर राफेल नडाल ने अपना वर्चस्व फिर से कायम कर दिया था और वर्ल्ड नम्बर 1 रैंकिंग भी प्राप्त कर ली थी।

2014 विम्बलडन से नोवाक जोकोविच की विजय यात्रा पुनः आरम्भ हुई। विम्बलडन फाइनल में रॉजर फेडरर को हराकर उन्होंने करियर का 7वाँ ग्रैंड स्लैम जीता।

2015 नोवाक के करियर का सर्वश्रेष्ठ वर्ष कहा जा सकता है इस वर्ष उन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले और 3 (Aus ओपन, विम्बलडन, US ओपन) जीते। दो बार फाइनल में रॉजर फेडरर को हराया। ग्रैंड स्लैम के अतिरिक्त टेनिस में हर वर्ष 9 Masters 1000 टूर्नामेंट होते हैं जिसमें से नोवाक ने 8 के फाइनल खेले और 6 जीते। वर्ल्ड टूर फाइनल भी जीता, टॉप 10 रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ उन्होंने इस साल 31 मैच जीते। अपने 3 सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों फेडरर, नडाल और ऐंडी मरे के खिलाफ उनका रिकॉर्ड 15-4 था। (नडाल के खिलाफ 4-0, मरे के खिलाफ 6-1 और फेडरर के खिलाफ 5-3). इस वर्ष उनका रिकॉर्ड 82-6 था।

इसी साल नोवाक फ्रेंच ओपन फाइनल में भी पहुँचे पर एक बार फिर असफलता ही हाथ लगी। ये असफलता इसलिए भी अधिक निराश करने वाली थी क्योंकि इस साल नोवाक ने क्वार्टरफाइनल में राफेल नडाल को भी हरा दिया था, वो भी सीधे सेटों में, जिसके बाद नोवाक का टूर्नामेंट जीतना लगभग तय माना जा रहा था। वे करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे, फाइनल में पहला सेट भी जीत चुके थे, लेकिन स्टैन वावरिंका ने अगले तीनों सेट जीतकर बहुत बड़ा उलटफेर किया। मैच हारने के बाद नोवाक जोकोविच के आँसू निकलते बहुत कम देखे जाते हैं लेकिन उस दिन आँसू निकले और बहुत निकले। ये उनका तीसरा फ्रेंच ओपन फाइनल और इसमें तीसरी पराजय थी।

नोवाक जोकोविच को हार मानने के लिए नहीं जाना जाता। उन्होंने फ्रेंच ओपन 2015 के बाद लगातार चार ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले। विम्बलडन 2015, US ओपन 2015, Aus Open 2016 जीत लिए, इन सबके बाद एक बार फिर सामने था फ्रेंच ओपन फाइनल 2016….. 2012, 2014 और 2015 में तीन फ्रेंच ओपन फाइनल हारने के बाद इस बार वो हारने को तैयार नहीं थे, पहला सेट हारने के बाद भी उन्होंने Andy Murray को लगातार तीन सेट हराए और करियर में पहली बार फ्रेंच ओपन जीत लिया और करियर स्लैम पूरा किया अर्थात अब ऐसा कोई ग्रैंड स्लैम नहीं था जो उनके पास नहीं था। इस विजय के साथ ही उन्होंने वह उपलब्धि प्राप्त की जो उनके किसी भी प्रतिद्वंद्वी ने प्राप्त नहीं की थी। यह उपलब्धि थी कैलेंडर स्लैम, अर्थात चारों ग्रैंड स्लैम लगातार जीत लेना। 60 के दशक में ऑस्ट्रेलियन रॉड लेवर के बाद किसी खिलाड़ी ने चारों मेजर टूर्नामेंट लगातार नहीं जीते थे।

नोवाक जोकोविच 12 ग्रैंड स्लैम जीत चुके थे। इस समय रॉजर फेडरर के 17 ग्रैंड स्लैम थे और नडाल के 14।

2016 फ्रेंच ओपन जीतने के बाद नोवाक की फॉर्म भी खराब हुई और इंजरी भी हुई। लगातार 2 वर्ष तक उन्होंने कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीता।

Return of Novak Djokovic

2017 में विम्बलडन के दूसरे राउंड में इंजरी के कारण मैच से रिटायर होने के बाद नोवाक ने 6 महीने का ब्रेक लिया।

विम्बलडन 2018 से पहले वह ATP रैंकिंग में 22वें स्थान पर थे। विम्बलडन सेमीफाइनल में उनका मुक़ाबला एक बार फिर से चिरप्रतिद्वंद्वी और वर्ल्ड नम्बर 1 राफेल नडाल से था। सवा 5 घण्टे तक चला यह मैच टेनिस इतिहास के सबसे क्लासिक मैचों में से एक था, पाँचवें सेट में 7-7 होने के बाद नडाल के पास दो ब्रेक पॉइंट थे, नोवाक ने दोनों बचाए और एक में तो उन्होंने Nadal के Cross Court Backhand के जवाब में अपना ट्रेडमार्क Passing Shot खेला और मैच में बने रहे। 5वें सेट के इस 15वें गेम में 5 Deuce (40-40) हुए और नोवाक ने कुल तीन ब्रेक पॉइंट सेव किए। अपनी सर्व पर 9-8 की लीड लेने के बाद उन्होंने नडाल की सर्विस ब्रेक की औऱ यह मैच जीतकर विम्बलडन फाइनल में जगह पक्की की। केविन ऐंडरसन के विरुद्ध फाइनल नोवाक के लिए एक बेहद आसान मैच रहा और सीधे सेटों में मामला निपट गया। नोवाक पिछले दो वर्षों का हिसाब एक साथ करने की तैयारी में थे और उन्होंने US ओपन भी आसानी से जीत लिया। 2018 के अंत में नोवाक जोकोविच एक बार फिर से रैंकिंग में नम्बर 1 थे। यह 5वीं बार था जब जोकोविच Year End World Number 1 थे। पीट सैम्प्रस सर्वाधिक 6 बार Year End World Number 1 रहे हैं।

2019 में ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में एक बार नडाल और जोकोविच आमने सामने थे। ये मैच बिल्कुल एकतरफा रहा और जोकोविच ने 6-3, 6-2, 6-3 से विजय प्राप्त की। पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में किसी ने राफेल नडाल को इस प्रकार डॉमिनेट किया था। इसी साल विम्बलडन फाइनल में जोकोविच और फेडरर के बीच एक और क्लासिक मैच हुआ। पाँचवें सेट में फेडरर 8-7 से आगे थे। अपनी सर्व पर उनके पास 2 चैंपियनशिप पॉइंट थे, इस समय यह मैच फेडरर के एक Ace से खत्म हो सकता था। लेकिन नोवाक जोकोविच की बात अलग है, उन्होंने वो दोनों मैच पॉइंट बचाए और एक बार फिर से अपना वही ट्रेडमार्क Passing shot खेला जो साल भर पहले विम्बलडन में ही नडाल के सामने खेला था। 12-12 होने के बाद ये सेट टाई-ब्रेकर तक पहुँचा और जिसे जीतकर जोकोविच ने करियर का 16वाँ ग्रैंड स्लैम और 5वाँ विम्बलडन टाइटल प्राप्त किया। जनवरी 2020 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में डॉमिनिक थीम को 5 सेटों में हराकर नोवाक ने अपना 8वाँ ऑस्ट्रेलियन ओपन और 17वाँ ग्रैंड स्लैम जीता।

नोवाक अब रॉजर फेडरर से बस तीन और नडाल से 2 ग्रैंड स्लैम दूर हैं। जोकोविच अकेले खिलाड़ी हैं जिन्होंने रॉजर को चारों ग्रैंड स्लैम में हराया है, इसी तरह रॉजर अकेले खिलाड़ी हैं जिन्होंने जोकोविच को चारों ग्रैंड स्लैम में हराया है। तीनों प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के विरुद्ध नोवाक का विनिंग रिकॉर्ड है। नडाल के विरुद्ध 29-26, फेडरर के विरुद्ध 27-23 और ऐंडी मरे के विरुद्ध 25-11…. ग्रैंड स्लैम फाइनल्स में रॉजर के विरुद्ध 4-1, ऐंडी मरे के विरुद्ध 5-2 और राफ़ा के विरुद्ध 4-4. इस प्रकार अपने 17 में से 13 ग्रैंड स्लैम फाइनल जोकोविच ने अपने 3 सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों से जीते हैं। 17 में से 13 ग्रैंड स्लैम फाइनल ऐसे रहे हैं जब उन्होंने उन खिलाड़ियों को हराया जिन्होंने पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीत रखे थे। जोकोविच ने 34 Masters 1000 टूर्नामेंट भी जीते हैं। सभी 9 Masters 1000 टाइटल जीतने वाले भी वो विश्व के अकेले खिलाड़ी हैं।

नोवाक जोकोविच ने मैच और टूर्नामेंट तो बहुत जीते लेकिन उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वो मानसिक रूप से सबसे मजबूत टेनिस खिलाड़ी हैं। इसीलिए वो किसी भी मैच सिचुएशन में हिम्मत नहीं हारते, 5 सेट तक गए मैचों में उनका रिकॉर्ड (31-10) अपने सभी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों से बेहतर है। उनको मिलने वाला क्राउड सपोर्ट रॉजर या राफ़ा के आसपास भी नहीं है। रॉजर फेडरर से हुए विम्बलडन फाइनल 2019 में क्राउड सपोर्ट लगभग एकतरफा था, रॉजर तो रॉजर, यहाँ तक कि वान मार्टिन डेल पोत्रो से हुए 2018 US ओपन फाइनल में भी ज्यादा क्राउड सपोर्ट डेल पोत्रो के पास था, लेकिन नोवाक को ऐसे मैचों में मजा आता है जहाँ क्राउड उनके खिलाफ हो।

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