
Kerry Packer ऑस्ट्रेलिया में चैनल-9 के मालिक थे और चाहते थे कि में ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट के प्रसारण का अधिकार उनके पास हो। इस समय यह अधिकार ABC (Australian Broadcasting Corporation) के पास था। 1975-76 सीजन में क्रिकेट बोर्ड और ABC के बीच का ये कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो रहा था।
Packer के लिए यह सही अवसर था, उन्होंने क्रिकेट बोर्ड से बात की और तीन साल के एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट के बदले $1.5 मिलियन का प्रस्ताव रखा। इतनी अधिक धनराशि किसी ब्रॉडकास्टर ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड को ऑफ़र नहीं की थी। ये राशि क्रिकेट बोर्ड के वार्षिक Surplus के बराबर थी। लेकिन मीटिंग में Packer को यह पता लग चुका था कि ABC और बोर्ड के बीच एक साठगाँठ हैं और Packer को प्रसारण अधिकार नहीं मिलेंगे।
Kerry Packer ने JP स्पोर्ट्स के John Cornell और Austin Robertson से संपर्क स्थापित किया। इनके साथ मीटिंग में Packer ने स्पष्ट कर दिया था कि वो विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर्स और ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर्स के बीच मैच कराना चाहते हैं। Packer की यह पहल World Series Cricket (WSC) के नाम से प्रसिद्ध हुई।
JP स्पोर्ट्स के Austin Robertson ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयन चैपल से बात शुरु की। चैपल को 12 हफ्तों के लिए $20,000 से $30,000 तक ऑफर किए गए। चैपल ने पिछले सीजन कुल मिलाकर क्रिकेट से $5,000 ही कमाए थे। अतः वे मान गए। इन सब बातों की अभी बोर्ड को बिल्कुल भनक नहीं थी। चैपल ने एक लिस्ट बनाई जिसमें उन खिलाड़ियों के नाम थे, जो WSC में खेल सकते थे। पैकर की चेकबुक और चैपल की लिस्ट के सहारे खिलाड़ियों को WSC में लाने की प्रक्रिया आरम्भ हुई। Rod Marsh, Dennis Lillee, Rick McCosker, Ian Davies, Len Pascoe, David Hookes, Greg Chappell समेत 18 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को साइन किया गया।
दक्षिण अफ्रीका उस समय वहाँ की सरकार की रंगभेद की नीति के कारण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से बहिष्कृत थी लेकिन वहाँ के क्रिकेटर इंग्लैंड में काउंटी और ऑस्ट्रेलिया में शेफ़ील्ड शील्ड में खेलने आया करते थे। इयन चैपल जब दक्षिण अफ्रीका घूमने गए थे तो उन्होंने वहाँ के क्रिकेटर्स से WSC की बात बताई। दक्षिण अफ्रीकी ग्रैम पॉलॉक ने अपने हमवतन माइक प्रॉक्टर से कहा कि ऑस्ट्रेलिया में अभी कोई नया कॉन्ट्रैक्ट साइन मत करना, वहाँ कुछ ऐसा होने वाला है जो तुम्हें बहुत आकर्षित करेगा। दक्षिण अफ्रीका के चार खिलाड़ी Barry Richards, Mike Protor, Eddie Barlow और Graeme Pollock World Series Cricket के लिए तैयार थे।
अब बारी थी वेस्ट इंडीज़ की। कप्तान क्लाइव लॉयड 3 वर्षों के लिए $90,000 का कॉन्ट्रैक्ट सुनकर चौंक गए थे। उन्हें पता था कि Barbaros की करेंसी पर भले ही पूर्व कप्तान सर फ्रैंक वॉरेल की फोटो हो पर आजतक कोई वेस्ट इंडियन खिलाड़ी क्रिकेट खेलकर अमीर नहीं बना था। गॉर्डन ग्रीनिज को ज्ञात हो गया था कि $20,000 प्रतिवर्ष की राशि कैरेबियाई देशों की प्रति व्यक्ति आय की 40 गुना थी। एन्टीगा के दोनों सुपरस्टार विव रिचर्ड्स और ऐंडी रॉबर्ट्स ने भी कॉन्ट्रैक्ट स्वीकार कर लिए थे। वेस्ट इंडियन लेखक और कॉमेंटेटर Tony Cozier ने कहा, “When you put the fee in front of them, their first reaction would have been: THAT’S IMPOSSIBLE”. माइकल होल्डिंग की एकमात्र शर्त यह थी कि यदि उन्हें किसी ऐसे दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी के साथ रूम शेयर करना पड़ा जो काउंटी क्रिकेट में नहीं है तो उन्हें जमैका के प्रधानमंत्री Michael Manley से आज्ञा दिलवानी पड़ेगी। पैकर इस बात के लिए भी तैयार थे।
ऑस्ट्रेलियन विकेटकीपर रॉड मार्श उन दिनों क्रिकेट खेलने के अतिरिक्त Realty Development Corporation के कर्मचारी भी थे। उनकी वार्षिक आय $ 12,000 थी। (जबकि उनके भाई ग्राहम मार्श जो प्रोफेशनल गॉल्फर थे, उनकी वार्षिक आय US $120, 354 थी।) डेनिस लिली की वार्षिक कमाई $8,000 थी। Rick McCosker क्रिकेट खेलने के अतिरिक्त एक बैंक में काम करते थे। 1975 में एक टेस्ट मैच की फीस $200 से बढ़ाकर $400 की गई थी पर क्रिकेट खिलाड़ी क्रिकेट की कमाई से अपना काम नहीं चला सकते थे। इसलिए Kerry Packer का ऑफर ठुकरा पाना इनके लिए असंभव था।
ऐसा भी था कि ऑस्ट्रेलिया के जिन तेज गेंदबाजों ने कम टेस्ट मैच खेले थे, वे WSC में शामिल होने को लेकर डेनिस लिली की भाँति अधिक उत्सुक नहीं थे। उन्हें लगता था टेस्ट क्रिकेट अधिक महत्वपूर्ण है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के Wayne Clark ने कहा कि WSC में पैसा अच्छा था और वे बहुत धनी भी नहीं थे लेकिन उसी समय ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने उन्हें सूचित किया था कि उनके टेस्ट क्रिकेट के खेलने की 95% संभावना है। विक्टोरिया के Alan Hurst ने कहा “The offer would have been unbelievable really” लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए कम से कम एक टेस्ट खेलने का अवसर वो खोना नहीं चाहते थे।
ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया था कि जो भी खिलाड़ी WSC में हिस्सा लेगा वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट नहीं खेल सकेगा। इसके बाद भी 18 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी WSC का हिस्सा बन चुके थे। इनके अतिरिक्त 17 विदेशी खिलाड़ी भी WSC के लिए साइन कर चुके थे। तीन टीमें बननी थीं। WSC Australia, WSC West Indies और WSC World. इंग्लिश कप्तान टोनी ग्रेग को भी $90,000 में WSC के लिए तैयार कर लिया गया था। इंग्लैंड के Allan Knott, Derek Underwood पाकिस्तान के Imran Khan, Majid Khan जैसे खिलाड़ी WSC World XI का हिस्सा थे।

तीन टीमों के लिए खिलाड़ी जुटाए जा चुके थे। अब प्रश्न था कि यह World Series Cricket खेली कहाँ जाएगी। ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट ग्राउंड जैसे MCG और SCG चलानेवालों ने अपने क्रिकेट ग्राउंड देने से मना कर दिया था। Packer ने VFL (Victorian Football League) के Boss Allen Aylett से बात की और VFL पार्क जो मेलबर्न शहर से 25 किलोमीटर की दूरी पर था, उसे तीन वर्षों के लिए $8,25,000 में प्राप्त कर लिया। इसी तरह से सिडनी, पर्थ और एडिलेड में भी क्रिकेट ग्राउंड की व्यवस्था की गई।
अब बात थी पिच तैयार करने की। ग्रेग चैपल ने Queensland के John Maley का नाम सुझाया। Austin Robertson ने Maley से संपर्क किया और $50,000 में 3 वर्ष तक क्रिकेट पिच बनाने के लिए तैयार कर लिया।
अंपायरों को WSC का हिस्सा बनने के लिए तैयार करना भी सरल नहीं था। प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियन अंपायर Lou Rowan एवं Max O’Connell और इंग्लिश अंपायर Dickie Bird और David Constant सबने WSC के लिए मना कर दिया था। रिटायर्ड मैच रेफरियों Gary Duperouzel, Peter Enright, Jack Collins और Douglas Sang Hue को इस काम के लिए मनाया गया।
2 दिसम्बर 1977 वो दिन था जिसके लिए इतने समय से तैयारी चल रही थी। इसी दिन VFL पार्क में WSC Australia और WSC West Indies के बीच पहला “Supertest” आरम्भ हुआ। इसी दिन ऑस्ट्रेलिया और बिशन सिंह बेदी की भारतीय टीम के बीच ब्रिस्बेन में 5 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट खेला जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया के लगभग सभी रेगुलर टेस्ट खिलाड़ी WSC में जा चुके थे, अतः कप्तानी का भार 10 साल पहले रिटायर हो चुके Bobby Simpson को मिला था।
World Series Cricket जिसके बारे में यह कहा गया था कि यह हो पाना असंभव है। Guardian के John Arlott ने इसे “Packer Circus” का नाम दिया था। कहा गया कि खिलाड़ी छोड़कर चले जाएंगे, लेकिन यह World Series Cricket अब वास्तव में हो रही थी।
To be continued.
(प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट पत्रकार और लेखक Gideon Haigh की किताब “The Cricket War” से)